डिजाइन और क्वालिटी
डस्टर का केबिन फंक्शनल और प्रीमियम फीचर्स का सही मिश्रण है। पहले, ग्राहक प्लास्टिक की घटिया क्वालिटी, अपेक्षाकृत नीरस डिज़ाइन और फीचर्स की कमी की शिकायत करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। डिज़ाइन स्पष्ट रूप से ड्राइवर को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे डस्टर के केबिन को कॉकपिट जैसा अनुभव मिलता है। रेनो ने ज्यादातर गहरे रंग की थीम को चुना है। हालांकि यह स्पोर्टी दिखता है, लेकिन इससे केबिन में जगह का एहसास थोड़ा कम हो जाता है।

मैटेरियल और टेक्चर का चुनाव पुराने वर्जन से कहीं बेहतर है। यह इस सेगमेंट से अपेक्षित स्टैंडर्ड के अनुरूप है। डैशबोर्ड और डोर कार्ड के ऊपरी हिस्से पर क्रॉस-हैच पैटर्न, डैश पर कार्बन-फाइबर जैसी ट्रिम, मिडपैड पर लेदरेट रैप और कुछ प्रमुख स्टिचिंग केबिन के प्रीमियम स्तर को और भी बढ़ा देती है। साथ ही, इंडिकेटर/वाइपर स्टॉक्स, पावर विंडो स्विच और डैशबोर्ड के निचले हिस्से के लिए इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक की कुछ टिकाऊ लेकिन अप्रिय किस्में भी मौजूद हैं, जो बेहतर हो सकती थीं।

कुल मिलाकर, डस्टर शायद सेल्टोस या सिएरा जितनी शानदार या आलीशान न लगे। हालांकि, इसकी बिल्ड कवालिटी लंबे समय तक टिके रहने का अहसास कराती है, जो हमेशा एक अच्छी बात है।
आगे की सीटें
इसकी आगे की सीटें बड़ी हैं और बड़े साइज के लोगों के लिए भी कंफर्टेबल हैं। कंधे और कमर के निचले हिस्से को भरपूर सपोर्ट मिलता है। साइड के कुशन मोटे हैं, जो घाटों पर गाड़ी चलाते समय आपको मजबूती से टिकाए रखने में मदद करते हैं। कुशनिंग थोड़ी सख्त है, जो मुझे पसंद है। मैंने ड्राइवर की सीट पर 200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया और अंत तक मुझे थकान महसूस नहीं हुई।
ड्राइविंग की डिफ़ॉल्ट सेटिंग ऊंची रखी गई है, जिससे आपको बाहर का शानदार नज़ारा मिलता है। नए ड्राइवर इस बात की तारीफ करेंगे कि वे बोनट के किनारे को देख सकते हैं। दोनों आगे की सीटों में मैनुअल लम्बर एडजस्टमेंट के साथ-साथ 6 तरह से पावर एडजस्टमेंट की सुविधा भी मिलती है।
पीछे की सीटें
पीछे की सीट पर बैठने की जगह ठीक-ठाक है, असाधारण नहीं। मैं अपनी ड्राइविंग पोजीशन के पीछे आराम से बैठा था (मेरी लंबाई 5'11" है), लेकिन मेरे घुटने आगे की सीटों से बस हल्के से छू रहे थे। हालांकि, सिर, पैर और जांघों के नीचे सपोर्ट में कोई दिक्कत नहीं थी। कुछ लोगों को सीट का पिछला हिस्सा थोड़ा सीधा लग सकता है। अगर सीट का पिछला हिस्सा रिक्लाइनेबल योग्य होता, तो पीछे बैठने का अनुभव और भी बेहतर हो जाता।

हालांकि, डस्टर का केबिन बहुत चौड़ा नहीं है। इसलिए, लंबे सफर में तीन लोगों का एक साथ बैठना आरामदायक नहीं होगा। सीटों में आगे-पीछे बैठने वालों के लिए अच्छी कूूंटरिंग मौजूद हैं। यह उनके लिए तो ठीक है, लेकिन बीच में बैठे व्यक्ति के आराम में कमी आती है। बीच में बने ट्रांसमिशन टनल से पैरों के लिए जगह भी कम हो जाती है। फिर भी, बीच में बैठे व्यक्ति के लिए एडजस्टेबल हेडरेस्ट और थ्री-पॉइंट सीटबेल्ट की सुविधा दी गई है।

मैं आपको डस्टर को एक बेहद कंफर्टेबल 4-सीटर कार के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दूंगा।
प्रैक्टिकेलिटी और चार्जिंग विकल्प
नई रेनो डस्टर 2026 के चारों दरवाजों में पर्याप्त स्टोरेज स्पेस है। इसमें एक बहुत गहरा ग्लवबॉक्स और सेंट्रल टनल में भी कुछ अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस है। आगे की तरफ दो कप होल्डर और पीछे की सेंट्रल आर्मरेस्ट में दो कप होल्डर दिए गए हैं। इसके अलावा, सीट बैक पॉकेट और पीछे की आर्मरेस्ट में एक खास डिवाइस स्लॉट के रूप में भी कुछ उपयोगी स्टोरेज स्पेस उपलब्ध हैं।

आपके डिवाइस को चार्ज रखने के लिए, केबिन के आगे के हिस्से में 12 वोल्ट का चार्जिंग सॉकेट, 2 यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और एक वायरलेस चार्जर दिया गया है। मुझे वायरलेस चार्जिंग का क्यूआई2 फीचर पसंद आया, जिसमें चार्जिंग के दौरान फोन को अपनी जगह पर रखने के लिए मैग्नेट लगा है। ठीक ऊपर एक कूलिंग वेंट है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आपका फोन ज़्यादा गर्म न हो। वाकई बहुत ही बढ़िया और नया फीचर है!

पीछे बैठने वाले यात्रियों को दो यूएसबी टाइप-सी पोर्ट भी मिलते हैं।
फीचर्स
जिस सेगमेंट में यह कार आती है, उसमें डस्टर में सभी जरूरी और उपयोगी फीचर्स मौजूद हैं। मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:
- पैसिव कीलेस एंट्री
- पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप
- चारों खिड़कियों का ऑटोमैटिक ऊपर/नीचे होना
- ऑटोमैटिक हेडलाइट्स
- ऑटोमैटिक वाइपर्स
- ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम
- पैनोरमिक सनरूफ
- फ्रंट सीट वेंटिलेशन
- वायरलेस चार्जिंग
- पावर्ड टेलगेट
रेनो ने डस्टर में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव इसके इंफोटेनमेंट सिस्टम में किया है। डस्टर में 'ओपनआर लिंक' मल्टीमीडिया सिस्टम दिया गया है, जिसमें गूगल पहले से ही मौजूद है।
10.1 इंच की इंफोटेनमेंट स्क्रीन हाई-रेजोल्यूशन, शानदार ग्राफिक्स और आसानी से इस्तेमाल होने वाले इंटरफ़ेस के साथ आता है। इसमें वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले भी बिल्ट-इन है। हालांकि, स्क्रीन के एंड्रॉयड जैसे फंक्शन और ढेर सारे ऐप्स के साथ, आपको कॉल करने के अलावा शायद ही अपने स्मार्टफोन को इससे कनेक्ट करने की ज़रूरत पड़े। इसमें गूगल मैप्स और गूगल असिस्टेंट भी बिल्ट-इन हैं। तो आप बस 'हे गूगल!' कहकर कार से मदद ले सकते हैं। इंफोटेनमेंट यूनिट में गूगल प्ले स्टोर भी है, जिससे आप म्यूजिक स्ट्रीमिंग और गेमिंग ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं।

यह हाई-टेक स्क्रीन इस्तेमाल करने में बहुत बढ़िया है, लेकिन मुझे यह देखकर खुशी हुई कि स्क्रीन के ऊपर तीन फिजिकल बटन (पावर और वॉल्यूम बढ़ाने/घटाने के लिए) दिए गए हैं।
यह स्क्रीन 6 स्पीकर वाले ऑडियो सिस्टम के साथ आती है। आउटपुट के मामले में यह सबसे बेहतरीन तो नहीं है, लेकिन रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए ठीक है। अगर आप ऑडियो के शौकीन हैं, तो सिस्टम को अपग्रेड करने पर विचार करें। कम फ्रीक्वेंसी सिस्टम को प्रभावित करती हैं और केबिन में अप्रिय खड़खड़ाहट पैदा करती हैं।
एक और स्क्रीन है जो आपका ध्यान खींचती है। यह 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले है जो सिंपल इंटरफेस, सलेक्टेबल व्यू और ऑन-बोर्ड गूगल मैप्स प्रदान करता है। यह स्क्रीन सीधी धूप में भी साफ साफ से दिखाई देती है और आपको खाली होने तक की दूरी, टायर प्रेशर, माइलेज आदि जैसी कई जानकारियां देती है। ध्यान दें कि ऑथेंटिक वेरिएंट में 7 इंच का छोटा टीएफटी डिस्प्ले मिलता है।

टेक्नो वेरिएंट से आगे आपको कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी भी मिलती है। रिमोट लॉकिंग और अनलॉकिंग, व्हीकल ट्रैकिंग और मेंटेनेंस शेड्यूलिंग जैसे बेसिक फंक्शन इस पैकेज का हिस्सा हैं।