टाटा पंच फेसलिफ्ट में कदम रखते ही आपको जाना-पहचाना सा अनुभव होगा, लेकिन यह पहले से कहीं अधिक रिफाइंड है। टाटा ने समझदारी से मूल डैशबोर्ड लेआउट को बरकरार रखा है, जिसका मतलब है कि केबिन पहली नज़र में एकदम नया नहीं लगता। हालांकि, छोटे अपडेट और बेहतर डिटेलिंग इसे ज्यादा क्लीन, फ्रैश और टाटा के लेटेस्ट प्रोडक्ट के अनुरूप बनाते हैं।

पहला बड़ा अपडेट है नया ट्विन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, जिस पर टाटा का लोगो रोशनी से जगमगाता है। यह फीचर पहले केवल बड़े और प्रीमियम टाटा मॉडलों में ही मिलता था। यह मॉर्डन दिखता है, पकड़ने में अच्छा लगता है और हर बार गाड़ी चलाते समय एक खास अनुभव देता है।

स्टीयरिंग पर लगे कंट्रोल व्यवस्थित हैं और स्टीयरिंग व्हील से हाथ हटाए बिना आसानी से उपयोग किए जा सकते हैं। हालांकि, पियानो-ब्लैक, ग्लास जैसी फिनिशिंग पर धूल और धब्बे आसानी से लग जाते हैं, जिससे इसे साफ रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

मैटेरियल क्वालिटी के मामले में, पंच अभी भी सेफ विकल्प चुनता है। केबिन में हार्ड प्लास्टिक का दबदबा है, लेकिन कीमत के हिसाब से क्वालिटी संतोषजनक है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे अच्छी तरह से असेंबल किया गया है। पैनलों की फिटिंग पहले के टाटा मॉडलों की तुलना में बेहतर लगती है, और कोई भी ऐसी खामी या असमानता नजर नहीं आती है जो ड्राइविंग अनुभव को खराब करे। हालांकि सॉफ्ट-टच मैटेरियल बेहतर होते, लेकिन इस सेगमेंट और कीमत को देखते हुए उनका ना होना समझ में आता है।

टॉप वेरिएंट में उपलब्ध टच-बेस्ड क्लाइमेट कंट्रोल पैनल एक ऐसा अपडेट है जिस पर ग्राहकों की राय अलग-अलग हो सकती है। देखने में यह मॉर्डन लगता है, खासकर रात में। हालांकि, फंक्शनेलिटी के लिहाज से यह पारंपरिक नॉब और बटन जितना बेहतर नहीं है। सही बटन दबाने के लिए आपको अक्सर सड़क से नज़र हटानी पड़ती है, जो रोज़मर्रा के ट्रैफिक में सुविधाजनक नहीं है। अच्छी बात यह है कि यह सिस्टम केवल टॉप वेरिएंट में ही उपलब्ध है, जबकि लोअर वेरिएंट में फिजिकल कंट्रोल दिए गए हैं, जो सिंपल, फुर्तिले और प्रैक्टिकल उपयोग के लिए कहीं बेहतर हैं।
कुल मिलाकर, पंच फेसलिफ्ट का केबिन फैमिलेरिटी और मॉर्डेनिटी के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाता है। यह भले ही उतना तड़कता भड़कता न लगे, लेकिन इसे सोच-समझकर अपडेट किया गया है, यह पहले से थोड़ा ज्यादा प्रीमियम है और 2026 में इस सेगमेंट के ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुरूप है।
आगे की सीटें
अब सीटों को प्रीमियम दिखने वाले ग्रे और ब्लैक कलर के फैब्रिक से डेकोरेट किया गया है। ये सीटें प्रीमियम लुक देती हैं और टाटा सिएरा में देखी गई सीटों के कलर और फिनिशिंग से मिलती-जुलती हैं, जिससे केबिन को और भी रिफाइंड रूप मिलता है। 90 डिग्री तक खुलने वाले चौड़े दरवाजों के कारण अंदर आना-जाना बेहद आसान है, जो परिवार के बुजुर्गों के लिए एक बड़ा फायदा है। इसकी ड्राइविंग सीट सीधी है, जिससे चारों ओर अच्छी विजिबिलिटी मिलती है, हालांकि मोटे ए-पिलर्स जंक्शनों पर थोड़ा ब्लाइंड स्पॉट बन सकते हैं।

सीट का कंफर्ट इसकी एक बड़ी खूबी है। आगे की सीटें चौड़ी और कंफर्टेबल हैं, और नए अपडेट में जांघों के नीचे एक्सट्रा सपोर्ट देकर इसे और भी बेहतर बनाया गया है, जो लंबे ड्राइवरों को विशेष रूप से पसंद आएगा। हेडरेस्ट और आगे का आर्मरेस्ट आराम को और बढ़ाते हैं, हालांकि आर्मरेस्ट की ऊंचाई को एडजस्ट किया जा सकता था।

पीछे की सीटें
इस साइज की कार के हिसाब से पीछे की सीट पर काफी जगह मिल जाती है। आगे की सीट को मेरी बैठने की स्थिति के अनुसार एडजस्ट करने पर, सिर, घुटनों और पैरों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है, यहां तक कि लगभग छह फीट लंबे पैसेंजर्स के लिए भी। मेरी ऊंचाई 5 फीट 10 इंच है। जांघों के नीचे का सपोर्ट अच्छा है, बैकरेस्ट का एंगल रोज़ाना के सफर के लिए आरामदायक है, और टाटा द्वारा थाई के नीचे अतिरिक्त सपोर्ट देने से पीछे की सीट का कंफर्ट वाकई बढ़ जाता है।

पीछे की सीट पर तीन वयस्कों के लिए जगह कम ही रहेगी, इसलिए पंच को चार सीटों वाली कार के रूप में इस्तेमाल करना ही बेहतर है। पीछे की ओर लगे एयर कंडीशनर वेंट और आर्मरेस्ट पीछे बैठे यात्रियों के कंफर्ट को काफी हद तक बढ़ाते हैं।

स्टोरेज और प्रैक्टिकेलिटी
पंच अपनी रोजमर्रा की उपयोगिता से प्रभावित करना जारी रखती है। आगे की तरफ कई छोटे-छोटे स्टोरेज स्पेस दिए गए हैं, जिनमें स्टीयरिंग कॉलम और सेंटर कंसोल के पास स्मार्ट स्टोरेज शामिल है। ग्लवबॉक्स ठंडा, बड़ा और प्रैक्टिकल है, जिसमें यूजर मैनुअल के लिए एक अलग कम्पार्टमेंट दिया गया है, और डोर पॉकेट में एक लीटर की बोतलें आसानी से रखी जा सकती हैं।

गियर लीवर कंसोल में दो अलग-अलग साइज के कप होल्डर के साथ-साथ छोटी-मोटी चीज़ें और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें रखने के लिए एक छोटा स्टोरेज स्लॉट भी दिया गया है।
हालांकि, पीछे की सीटों के पीछे स्टोरेज और बेहतर हो सकता था। सीट के पीछे पॉकेट और एक छोटा फोन स्लॉट तो दिया गया है, लेकिन पीछे के आर्मरेस्ट में कप होल्डर अभी भी मौजूद नहीं हैं।
कुल मिलाकर, पंच का केबिन काफी प्रैक्टिकल है और इसमें दैनिक उपयोग के सामानों के लिए सोच-समझकर पर्याप्त स्टोरेज स्पेस उपलब्ध कराए गए हैं।
चार्जिंग विकल्प
आगे बैठे यात्रियों के लिए 2 यूएसबी टाइप-सी पोर्ट दिए गए हैं, जिनमें से एक 65 वॉट का फास्ट यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट है और एक 12 वोल्ट सॉकेट भी दिया गया है। पीछे बैठने वालों के लिए इसमें 15 वॉट का यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। साथ ही, आगे की तरफ एक वायरलेस फोन चार्जर भी दिया गया है, जो फीचर पैकेज को पूरा करता है, हालांकि हमारी टेस्ट कार में यह ड्राइव के दौरान बीच-बीच में कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होता रहा।
फीचर्स
नए अपडेट के साथ, पंच अब इस सेगमेंट की किसी भी कार से अपेक्षा से कहीं अधिक प्रीमियम महसूस होती है। बुनियादी फीचर्स भी इसमें बखूबी मौजूद हैं जिनमें कीलेस एंट्री, पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप, क्रूज़ कंट्रोल, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, ऑटोमैटिक हेडलाइट्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स शामिल है जो सभी टॉप मॉडल्स में उपलब्ध हैं। ये ऐसे फीचर्स हैं जो वास्तव में रोजमर्रा के उपयोग को बेहतर बनाते हैं, न कि केवल ब्रोशर भरने के लिए।

इंटीरियर में सबसे ध्यान खींचने वाला नया बदलाव 7 इंच का पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जिसने पुराने सेमी-डिजिटल यूनिट की जगह ले ली है। हालांकि इससे केबिन को मॉर्डन बनाने में मदद मिलती है, लेकिन ग्राफिक्स और कलर के चुनाव के कारण ड्राइविंग के दौरान यह थोड़ा नीरस लगता है। फिर भी, डिस्प्ले साफ और फीचर्स से भरपूर है, हालांकि थोड़े बड़े फॉन्ट होने से इसे एक नज़र में पढ़ना आसान हो जाता है।

इंफोटेनमेंट स्क्रीन का साइज पहले जैसा ही है, लेकिन इस 10.25 इंच की टचस्क्रीन में अब पतले बेज़ल दे दिए गए हैं, जिससे यह ज़्यादा साफ़ और मॉर्डन दिखती है। इसमें शार्प ग्राफ़िक्स, बेहतर रिस्पॉन्स टाइम और इस्तेमाल में आसान इंटरफ़ेस मिलता है। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले बिना किसी रुकावट के काम करते हैं, और कार के इस्तेमाल के दौरान हमें कनेक्टिविटी से जुड़ी कोई समस्या नहीं हुई। एक उपयोगी फ़ीचर है स्क्रीन पर दिखने वाला छोटा विजेट, जिससे आप क्लाइमेट कंट्रोल सेटिंग्स को तुरंत देख सकते हैं, जो चलते-फिरते काफ़ी काम आता है।

पंच एसयूवी की ऑडियो क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ है। 8-स्पीकर वाला साउंड सिस्टम अच्छी क्लैरिटी और संतुलित आउटपुट प्रदान करता है, जिससे संगीत, पॉडकास्ट और फोन कॉल को उच्च वॉल्यूम पर भी बिना किसी विकृति के आसानी से सुना जा सकता है। 360-डिग्री कैमरे के जुड़ने से रोजमर्रा की सुविधा और भी बढ़ जाती है। हालांकि इसका रिज़ॉल्यूशन बेहतर हो सकता था, लेकिन इस कीमत पर यह कोई बड़ी कमी नहीं है, और रिवर्स कैमरे के डायनामिक गाइडलाइन्स से तंग जगहों पर पार्किंग करना आसान हो जाता है।

इस कार की विशेषताओं में एम्बिएंट लाइटिंग और इलेक्ट्रिक सनरूफ जैसे कंफर्ट बढ़ाने वाले एलिमेंट्स शामिल हैं, जो केबिन को अधिक जगमग, वेंटिलेटेड और अधिक प्रीमियम महसूस कराने में मदद करते हैं।

इसमें एक बड़ी कमी वेंटिलेटेड सीटों का न होना है, खासकर तब जब पंच ईवी में ये पहले से ही मौजूद हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि टाटा ने जानबूझकर इस अपग्रेड को रोक रखा है, शायद इसलिए कि वे कॉम्पिटशन में मौजूद अन्य कंपनियों द्वारा इसे पेश किए जाने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पंच फेसलिफ्ट में इसे शामिल कर सकें। हमारी रिपोर्ट जरूर पढ़ें, जिसमें हमने नई पंच और पंच ईवी के बीच अंतर का विस्तार से वर्णन किया है।
इन सभी फीचर्स के कारण पंच फेसलिफ्ट अपनी कीमत के हिसाब से कहीं बेहतर परफॉर्म करती है।