(5 में से 4)
| इंजन |
1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल |
1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल + सीएनजी |
1-लीटर टर्बो पेट्रोल |
| पावर |
90 पीएस |
77.5 पीएस |
100 पीएस |
| टॉर्क |
113 एनएम |
98.5 एनएम |
148 एनएम |
| ट्रांसमिशन |
5-स्पीड मैनुअल, 5-स्पीड एएमटी |
5-स्पीड मैनुअल |
5-स्पीड मैनुअल, 6-स्पीड ऑटोमैटिक |
| दावाकृत माइलेज |
21.5किलोमीटर प्रति लीटर (मैनुअल) / 20.1 किलोमीटर प्रति लीटर (ऑटोमैटिक) |
21.79किलोमीटर प्रति लीटर (मैनुअल) / 22.89किलोमीटर प्रति लीटर( एएमटी) |
28.5 किलोमीटर प्रति किलोग्राम |
मारुति फ्रॉन्क्स 2025 मॉडल में दो इंजन: 1.2 लीटर,4 सिलेंडर,नेचुरली एस्पिरेटेड और 1 लीटर,3 सिलेंडर,टर्बो इंजन के विकल्प दिए गए हैं। इसमें नेचुरली एस्पिरेटेड इंजन के साथ फैक्ट्री फिटेड सीएनजी किट दिया गया है।
1.2-लीटर पेट्रोल
ये नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन जांचा परखा और भरोसेमंद है। स्विफ्ट और डिजायर के पिछले जनरेशन मॉडल में यही इंजन दिया जाता था जो अपनी परफॉर्मेंस,माइलेज और रिफाइनमेंट का लोहा मनवा चुका था।
शहर में परफॉर्मेंस

शहर में इस्तेमाल करने के लिहाज से इसे इस तरह से ट्यून किया गया है कि ये स्मूद एक्सपीरियंस दे सके। इसकी परफॉर्मेंस उतनी स्पोर्टी नहीं है क्योंकि ये स्मूद तरीके से स्पीड पिकअप करता है। इसका एक्सलरेशन इतना पर्याप्त है कि सिटी में ठीक ठाक स्पीड में आप तुरंत ओवरटेक कर सकते हैं
शहर में भारी ट्रैफिक में इसका 5 स्पीड ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन सुविधाजनक है। हालांकि, कभी कभी तुरंत गियर बदलते वक्त ये अटकता है और खासतौर पर जब आप कार को तेज ड्राइव कर रहे हो तब। माइलेज को मेंटेन करने के लिए ये तुरंत से अपशिफ्ट भी हो जाता है जो धीमे ट्र्रैफिक में सही चीज है मगर बेहतर परफॉर्मेंस के लिए आपको ज्यादा थ्रॉटल भी देना पड़ता है।
इसलिए हम आपको फ्रॉन्क्स का मैनुअल मॉडल लेने की सलाह देंगे जो हल्के वजन के क्लच और अच्छे गियरबॉक्स के साथ इस्तेमाल करने में आसान है। मैनुअल के साथ आपको कार ड्राइव करने में मजा आएगा और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक पहुंचने से पहले आपको इसके इंजन से स्पोर्टी साउंड सुनाई देगा।

इस इंजन से आप करीब 12-14 किलोमीटर प्रति लीटर के माइलेज की उम्मीद कर सकते हैं।
हाईवे परफॉर्मेंस
हाईवे पर हमें इसकी परफॉर्मेंस काफी पर्याप्त लगी। जब तक आप इसको आराम से ड्राइव करते रहेंगे तब तक इससे आपको कोई कठिनाई नहीं आएगी और आप इसे 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच आराम से ड्राइव कर सकते हैं। हालांकि,इस स्पीड पर जल्दी से ओवरटेक करते समय आपको पावर की कमी महसूस होगी।

एएमटी से जुड़े अनुभव की बात करें तो से अटकता है क्योंकि जल्दी से ओवरटेक करने के लिए ये रिएक्ट और डाउनशिफ्ट होने में समय लगाता है। ये चीज मैनुअल के साथ आसान है क्योंकि गियर डाउन करने में ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती है।
हाईवे पर इससे 18 किलोमीटर प्रति लीटर के माइलेज की उम्मीद कर सकते हैं।
कुल मिलाकर ये इंजन पूरे सेगमेंट के सबसे अच्छे नेचुरली एस्पिरेटेड यूनिट्स में से एक है और यदि आपको आरामदायक और रिफाइंड ड्राइव एक्सपीरियंस चाहतेे हैं और आप ज्यादातर कार सिटी में ही ड्राइव करने वाले हैं तो आपको इसे चुनना चाहिए।
फ्रॉन्क्स सीएनजी
पेट्रोल वर्जन के मुकाबले पावर और टॉर्क में कमी के बावजूद ड्राइव एक्सपीरियंस में कोई ज्यादा अंंतर पता नहीं चला। शहर में धीमी स्पीड पर आपको एक्सलरेशन में कमी दिखाई देगी मगर ये ड्राइविंग के हिसाब से सही है।
हाईवे पर पावर की कमी ज्यादा महसूस होती है और आपको फुल पैसेंजर लोड या पहाड़ी इलाकों में पावर की कमी महसूस होगी। इसमें केवल मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है और ओवरटेकिंग के समय आपको गियर बदलने ही पड़ते हैं।
परफॉर्मेंस में कमी के बदले आपको शानदार माइलेज मिलता है और अगर आप कार को ज्यादा इस्तेमाल करने वाले हैं तो हम आपको फ्रॉन्क्स सीएनजी लेने की सलाह देंगे।
1-लीटर टर्बो-पेट्रोल
इस 3 सिलेंडर इंजन की परफॉर्मेस काफी दमदार है मगर ये नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन जितना रिफाइंड नहीं है और आपको फ्लोर बोर्ड पर थोड़ा वाइब्रेशन भी महसूस होगा। मगर इसका ओवरऑल नॉइस,वाइब्रेशन और हार्शनेस लेवल उम्मीद से बेहतर है।

शहर में परफॉर्मेंस
इस इंजन के साथ फ्रॉन्क्स को ड्राइव करने में मजा आता है। इसकी परफॉर्मेंस तब तक दमदार नहीं लगती जब तक टर्बो नहीं आ जाता।
नतीजतन,सिटी में ओवरटेकिंग करने में जोर नहीं लगता है और इसे कम स्पीड में ट्रैफिक में चलते रहने में जरूरत की पावर मिलती रहती है।

यदि आपको ज्यादा से ज्यादा परफॉर्मेंस और रोमांचक ड्राइविंग चाहिए तो इस इंजन के साथ मैनुअल गियरबॉक्स का कॉम्बिनेशन आपको ये काम कर करके दे देंगे। वहीं सुविधा के लिए आप टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक का विकल्प भी चुन सकते हैं। इससे आपको रोजाना स्मूद एक्सपीरियंस मिलेगा और जरूरत के समय फुर्तिलापन भी देखने को मिलेगा। ये सोनेट और वेन्यू जितना फुर्तिला तो नहीं है मगर बिना देरी के ये अपना काम कर देता है।
इसमें मैनुअल कंट्रोल के लिए पैडल शिफ्टर्स भी दिए गए हैं। इन पैडल शिफ्टर्स की फिनिशिंग उतनी खास नहीं है और हमें ऐसा महसूस हुआ कि इसमें चीप प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ है।
टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ फ्रॉन्क्स शहर में 11-13 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे देती है।
हाईवे परफॉर्मेंस

खुली सड़कों पर इस इंजन की असल परफॉर्मेंस नजर आती है। इसकी परफॉर्मेंस इतनी फुर्तिली है कि फ्रॉक्नस मारुति की अब तक टेस्ट की गई सबसे तेज कार महसूस हुई जो 10.38 सेकंड्स में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है।
100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के बाद इसकी परफॉर्मेंस में गिरावट नहीं आती है और ओवरटेकिंग के लिए आपको प्लानिंग की भी जरूरत नहीं होती है। इसका ऑटोमैटिक गियरबॉक्स बिना किसी परेशानी के डाउनशिफ्ट हो जाता है। मगर आपको बहुत जल्दी में किसी को ओवरटेक करना है तो आपको पैडल शिफ्टर की जरूरत पड़ सकती है।
माइलेज की बात करें तो फ्रॉन्क्स का टर्बो मॉडल हाईवे पर 17 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज दे सकता है।
कुल मिलाकर य इंजन उनके लिए है जो सिटी और हाईवे दोनों पर ही बराबर चलते हैं। ये ना सिर्फ मारुति के पोर्टफोलियो में बल्कि पूरे सेगमेंट में काफी रोमांचक इंजन है। यदि आप एफिशिएंसी और रिफाइनमेंट से समझौता किए बिना एक अच्छी परफॉर्मेंस वाला इंजन चाहते हैं तो यही वो इंजन है।