किआ सेल्टोस vs फोक्सवैगन टाइगन: कीमत,फीचर्स,स्पेसिफिकेशन कंपेरिजन
किआ सेल्टोस और फॉक्सवैगन टैगुन कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में दो बिल्कुल ही अलग डिजाइन की कारें हैं
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किआ सेल्टोस के जनरेशनल अपडेट के साथ, कोरियाई कारमेकर ने इसकी स्टाइलिंग में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है, और यह बदलाव अपकमिंग हुंडई क्रेटा में भी देखने को मिलेगा। किआ सेल्टोस के डेवलमेंट के बारे में इस आर्टिकल को पढ़ें।
दूसरी ओर, जर्मन ब्रांड फोक्सवैगन ने भी अपनी टाइगन कॉम्पैक्ट एसयूवी को अपडेट किया है, लेकिन ये बदलाव क्रांतिकारी नहीं बल्कि क्रमिक विकास हैं।
इस आर्टिकल में, हम दोनों एसयूवी के स्टाइल में अंतर देखेंगे और साथ ही उनके फीचर्स और इंजन विकल्पों की तुलना भी करेंगे।
किआ सेल्टोस Vs फोक्सवैगन टाइगन: एक्सटीरियर डिज़ाइन
न्यू जनरेशन किआ सेल्टोस और फेसलिफ्टेड फोक्सवैगन टाइगन का डिज़ाइन बिल्कुल अलग है। कोरियाई एसयूवी का दमदार लुक सड़क पर एक अलग ही छाप छोड़ता है, जबकि जर्मन एसयूवी का आकर्षण उसके सादेपन के लिए जानी जाती है।
आगे का डिजाइन
दोनों एसयूवी के डिज़ाइन में अंतर सामने से साफ नज़र आता है। किया सेल्टोस अपने सपाट फ्रंट डिज़ाइन और लगभग पूरी चौड़ाई में फैली चौड़ी ग्रिल के साथ काफी दमदार दिखती है। ग्रिल में ही हेडलाइट्स भी इंटीग्रेटेड हैं, जबकि आकर्षक एलईडी डीआरएल बिल्कुल किनारे पर लगे हैं। सेल्टोस का बंपर भी काफी मजबूत दिखता है, जिसमें हॉरिजॉन्टल एयर इनलेट के दोनों ओर चौकोर बॉडी-कलर के इंसर्ट लगे हैं, जो इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। फ्रंट लिप पर सिल्वर फिनिश ब्लैक इंसर्ट के साथ हल्का कंट्रास्ट पैदा करती है।


दूसरी ओर, टाइगन देखने में बिल्कुल भी दमदार नहीं लगती। इसमें आकर्षक हेडलाइट्स दी गई हैं, जो नई एलईडी डीआरएल से जुड़ी हैं और इल्युमिनेटेड फोक्सवैगन लोगो पर मिलती हैं। एलईडी डीआरएल के पीछे एक आकर्षक ग्रिल दी गई है, लेकिन मुख्य एयरफ्लो नीचे की ओर रखे गए हैं, जिसे अलग-अलग वेरिएंट के अनुसार क्रोम या ब्लैक इंसर्ट वाले पैनल द्वारा विभाजित किया गया है। जीटी प्लस वेरिएंट में, आपको ऊपरी ग्रिल पर जीटी का बैज भी मिलता है।
साइड का डिजाइन
साइड से देखने पर, किआ सेल्टोस में कई आकर्षक डिज़ाइन एलिमेंट्स नजर आते हैं, वहीं फोक्सवैगन टाइगन का डिज़ाइन काफी सिंपल है। किआ में आपको व्हील आर्क के चारों ओर भारी और आकर्षक पियानो ब्लैक इंसर्ट, बॉडी पर कट और क्रीज़, और साइड सिल्स पर मिक्सड क्लैडिंग देखने को मिलेगी। इसमें 18 इंच के अलॉय व्हील लगे हैं (ट्रिम के आधार पर ड्यूल-टोन/ब्लैक फिनिश में), जिन पर कई दिलचस्प ज्योमैट्रिक शेप्स बनी हैं। अन्य डिज़ाइन डिटेल्स में रूफ रेल, मोटराइज्ड फ्लश डोर हैंडल और सी-पिलर ग्लास से दिखने वाला फ्लोटिंग इफ़ेक्ट शामिल हैं।


दूसरी ओर, टाइगन दिखने में बिल्कुल साधारण है। इसमें कोई भारी-भरकम क्लैडिंग या बड़े-बड़े व्हील आर्क नहीं दिए गए हैं। इसमें 17 इंच के अलॉय व्हील लगे हैं (वेरिएंट के अनुसार ड्यूल-टोन/ब्लैक फिनिश), पारंपरिक डोर हैंडल और रूफ रेल दी गई है। वेरिएंट के आधार पर, डोर हैंडल और रूफ रेल पर क्रोम या ब्लैक इंसर्ट के साथ-साथ फेंडर पर जीटी बैज भी मिलता है।
कुल मिलाकर, दोनों कारों के साइज में अंतर भी स्पष्ट है, क्योंकि सेल्टोस अपने सेगमेंट की सबसे बड़ी कार है और टाइगन से 239 मिलीमीटर लंबी है।
पीछे का डिजाइन
दोनों कारों की रियर स्टाइलिंग काफी हद तक एक जैसी है, जिसमें कनेक्टेड एलईडी टेल लाइट्स, रूफ-माउंटेड स्पॉयलर, शार्क फिन एंटीना और बंपर पर कंट्रास्टिंग इंसर्ट्स शामिल हैं। हालांकि, टाइगन में एक इल्युमिनेटेड लोगो भी दिया गया है जो रात में बेहद आकर्षक लगता है, वहीं सेल्टोस का प्रीमियम लुक इसके कंट्रास्टिंग पियानो ब्लैक एलिमेंट्स से झलकता है। ये देखने में तो अच्छी लगती हैं, लेकिन लंबे समय तक इनकी देखभाल करना मुश्किल होगा, इसलिए हम आपको इनकी लंबी उम्र के लिए पीपीएफ कोटिंग करवाने की सलाह देंगे।


किआ सेल्टोस Vs फोक्सवैगन टाइगन: इंटीरियर डिज़ाइन
किआ सेल्टोस और फोक्सवैगन टाइगन के केबिन में कदम रखते ही डिज़ाइन में ज़बरदस्त अंतर नज़र आता है। फेसलिफ्ट के बाद भी टाइगन के इंटीरियर में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ है। इसमें एक साधारण लेयर्ड डैशबोर्ड डिज़ाइन दिया गया है, जो वेरिएंट के आधार पर डुअल-टोन या ऑल-ब्लैक फ़िनिश में उपलब्ध है। इसमें टच-सेंसिटिव एसी कंट्रोल पैनल के साथ कुछ बटन दिए गए हैं और सीटें लेदरेट अपहोल्स्ट्री से सजी हैं। इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम बीच में अलग से दिया गया है, जबकि ड्राइवर का डिस्प्ले एक अलग पैनल में है। तीन स्पोक वाला स्टीयरिंग व्हील फोक्सवैगन की अन्य कारों में भी मिलता है। नॉन-जीटी प्लस वेरिएंट क्लासी लगता है, जबकि जीटी प्लस वेरिएंट में ऑल-ब्लैक थीम, ब्रेक पैडल पर एल्युमिनियम फ़िनिश और रेड एम्बिएंट लाइटिंग इसे स्पोर्टी लुक देती है।


तुलना करें तो, किआ सेल्टोस का इंटीरियर काफी भरा-भरा और कुछ हद तक डल भी लगता है, खासकर डैशबोर्ड पर ग्रे कलर की फिनिश के कारण। आपको ड्यूल-टोन ट्रीटमेंट सिर्फ स्टीयरिंग व्हील, डोर पैड, सीटों और सेंट्रल आर्मरेस्ट पर ही देखने को मिलता है। यहां भी डिज़ाइन लेयर्ड है, लेकिन टाइगन के मुकाबले, इसमें रोज़मर्रा के इस्तेमाल के सभी फीचर्स के लिए फिजिकल बटन और टॉगल दिए गए हैं। एक और अंतर यह है कि इंफोटेनमेंट और ड्राइवर की स्क्रीन एक ही पैनल पर हैं, और एयर कंडीशनिंग सेटिंग्स को कंट्रोल करने के लिए एक छोटी 5-इंच की अलग स्क्रीन भी दी गई है।
कुल मिलाकर, फोक्सवैगन टाइगन और किआ सेल्टोस के इंटीरियर को लेकर दृष्टिकोण काफी अलग है, और केवल डिज़ाइन के आधार पर कोई राय देना मुश्किल है। दोनों की अपनी-अपनी खूबियां और बारीकियां हैं जो अलग-अलग लोगों को पसंद आएंगी।
फीचर्स
कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट ने फीचर के मामले में काफी प्रगति की है, और इस सेगमेंट की ज्यादातर कारों में इतने इक्विपमेंट्स मौजूद हैं कि कुछ एंट्री-लेवल लग्जरी कारों को भी मात दे देते हैं। किआ सेल्टोस निश्चित रूप से उन कारों में से एक है जिसने लगातार सेगमेंट की सीमाओं को आगे बढ़ाया है, वहीं फोक्सवैगन टैगुन एक प्रैक्टिकल कार बनी हुई है जो दिखावटी फीचर्स के बजाय उपयोगी फीचर्स पर अधिक ध्यान केंद्रित करती है।


दोनों कारों में कुछ कॉमन फीचर्स मौजूद हैं, जिनमें कीलेस एंट्री, पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप, ऑटो हेडलाइट्स, रेन सेंसिंग वाइपर्स, पैनोरमिक सनरूफ, पावर और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट, वायरलेस फोन चार्जिंग, एम्बिएंट लाइटिंग और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल शामिल हैं। दोनों कारों में डिजिटल स्क्रीन हैं, लेकिन जहां टाइगन में 10.1 इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है, वहीं किआ सेल्टोस में इंफोटेनमेंट और ड्राइवर दोनों के लिए 12.3 इंच का बड़ा टचस्क्रीन दिया गया है। इसके अलावा, इसमें एसी सेटिंग्स के लिए 5 इंच का टचस्क्रीन भी मिलता है।
सेल्टोस में सिर्फ स्क्रीन ही बड़ी नहीं हैं, बल्कि इसमें आपको बेहतर सुविधाएँ भी मिलती हैं। इसमें मेमोरी फंक्शन के साथ 10-वे पावर एडजस्टमेंट और ड्राइवर के लिए लम्बर एडजस्टमेंट (टाइगन में सिर्फ 6-वे एडजस्टमेंट), ऑटो-डिपिंग ओआरवीएम, 6 स्पीकर के बजाय 8 स्पीकर वाला बोस साउंड सिस्टम और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल दिया गया है।
इसलिए, जहां टाइगन में आपकी सभी ज़रूरतें पूरी हो जाएंगी, वहीं सेल्टोस एक कदम आगे बढ़कर आपको और भी बेहतर अनुभव और सुविधाएं देगी।
सेफ्टी
फोक्सवैगन टाइगन और किआ सेल्टोस दोनों में 6 एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, आईएसओफिक्स माउंट और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं। खास बात यह है कि टाइगन में रियर डिफॉगर, वाइपर और वॉशर जैसे महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स भी स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं, जबकि सेल्टोस में ये फीचर्स सिर्फ एचटीके वेरिएंट में ही मिलते हैं।

हालांकि, टॉप-स्पेक वेरिएंट में सेल्टोस का सेफ्टी किट और भी दमदार है, जिसमें लेवल-2 ऑटोनॉमस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस), साइड पार्किंग सेंसर और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स शामिल हैं।

जहां सेल्टोस को भारत एनकैप से पांच स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग मिली है, वहीं टाइगन का भारत एनकैप द्वारा क्रैश टेस्ट नहीं किया गया है, लेकिन इसे 2022 में ग्लोबल एनकैप से 5 स्टार रेटिंग मिली थी।
किआ सेल्टोस vs फोक्सवैगन टाइगन: पावरट्रेन
| स्पेसिफिकेशन |
2026 फोक्सवैगन टाइगन |
किआ सेल्टोस |
|||
| इंजन |
1-लीटर टर्बो पेट्रोल |
1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल |
1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल |
1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल |
1.5-लीटर डीजल |
| सिलेंडर |
3 |
4 |
4 |
4 |
4 |
| पावर |
115 पीएस
|
150 पीएस |
115 पीएस |
160 पीएस |
116 पीएस |
| टॉर्क |
178 एनएम |
250 एनएम |
144 एनएम |
253 एनएम |
250 एनएम |
| ट्रांसमिशन |
6-स्पीड मैनुअल / 8-स्पीड एटी^ |
7-स्पीड डीसीटी* |
6-स्पीड मैनुअल/सीवीटी^ |
6-स्पीड आईएमटी** / 7-स्पीड डीसीटी* |
6-स्पीड मैनुअल / 6-स्पीड एटी^^ |
*डीसीटी - ड्यूल-क्लच ट्रांसमिशन, ^= कंटीन्यूअस वेरिएबल ट्रांसमिशन, ^^एटी - टॉर्क कन्वर्टर आॅटोमैटिक ट्रांसमिशन, **= क्लचलेस मैनुअल ट्रांसमिशन


जहां फोक्सवैगन टाइगन केवल टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध है, वहीं किआ सेल्टोस में कई इंजन विकल्प मिलते हैं जिनमें नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, टर्बो-पेट्रोल और यहां तक कि एक डीजल इंजन शामिल है।
टाइगन के दोनों टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के विकल्प के साथ आते हैं और शहर और हाईवे दोनों पर ड्राइविंग के लिए अच्छी परफॉर्मेंस देते हैं। मैनुअल ट्रांसमिशन का विकल्प केवल छोटे इंजन के साथ उपलब्ध है।
सेल्टोस में, सभी इंजन ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध हैं, हालांकि अलग-अलग प्रकार के। नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल और डीजल इंजन के साथ आपको एक प्रॉपर मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है। टर्बो-पेट्रोल इंजन में क्लचलेस मैनुअल ट्रांसमिशन (आईएमटी) दिया गया है।
किआ सेल्टोस vs फोक्सवैगन टाइगन: कीमत
| फोक्सवैगन टाइगन |
किआ सेल्टोस |
|
| कीमत (एक्स-शोरूम) |
11 लाख रुपये से लेकर 19.30 लाख रुपये |
10.99 लाख रुपये से लेकर 19.99 लाख रुपये |
किआ सेल्टोस और फोक्सवैगन टाइगन की कीमतें लगभग एक जैसी हैं। सबसे महंगे मॉडल की बात करें तो, सेल्टोस की कीमत किआ सेल्टोस से 69,000 रुपये ज्यादा है।


निष्कर्ष
किआ सेल्टोस और फोक्सवैगन टाइगन दो बेहद अलग कॉम्पैक्ट एसयूवी हैं, न सिर्फ डिज़ाइन में, बल्कि इनमें मिलने वाले अलग-अलग कंफर्ट, सेफ्टी टेक्नोलॉजी और इंजन विकल्पों में भी।
अगर आप परिवार के साथ सफर करना चाहते हैं, तो सेल्टोस का बड़ा साइज और उससे मिलने वाले एक्सट्रा स्पेस चार या उससे अधिक लोगों को ज्यादा आराम से बैठा सकती है। यहां तक कि फीचर्स, सेफ्टी और इंजन जैसी स्पेसिफिकेशंस के मामले में भी, सेल्टोस आपको ज्यादा फीचर्स और विकल्प प्रदान करती है, जिससे यह विभिन्न आवश्यकताओं के अनुरूप एक बेहतरीन विकल्प बन जाती है।
हालांकि, फोक्सवैगन टाइगन की खूबियां ऐसी हैं जिन्हें सिर्फ ब्रोशर में बयां नहीं किया जा सकता। इस कीमत पर मिलने वाली कार में आपको जो भी बेसिक फीचर्स चाहिए होते हैं, वे सब इसमें मौजूद हैं, साथ ही कुछ बेहतरीन फीचर्स भी मिल जाते हैं। लेकिन ड्राइविंग का रोमांच बनाए रखते हुए पैसेंजर्स को कंफर्ट देने का इसका तरीका ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। दोनों कारों का असल कंपेरिजन के बाद ही सही फैसला लिया जा सकेगा, इसलिए हमारे साथ बने रहिए। फिलहाल, कागजों पर देखें तो किआ सेल्टोस बेहतर साबित होती है।
अन्य विकल्प:
हुंडई क्रेटा: कई इंजन विकल्पों के साथ एक कंफर्टेबल ऑल-राउंडर, जो इसे लगभग हर ज़रूरत के लिए उपयुक्त विकल्प बनाता है। आइए देखते हैं कि यह नई किआ सेल्टोस के कंपेरिजन में कैसी है।
रेनो डस्टर: पूरे सेगमेंट में बेहतरीन राइड और हैंडलिंग डायनैमिक बैलेंस वाली कारों में से एक, साथ ही मजबूत सेफ्टी और इंजन पैकेज। इसमें अभी तक डीजल या हाइब्रिड इंजन का विकल्प उपलब्ध नहीं है।
स्कोडा कुशाक: फोक्सवैगन टाइगन के समान खूबियों के साथ, यूरोपीय राइड और हैंडलिंग का अनुभव, बस अलग स्टाइल और डिज़ाइन में।
मारुति ग्रैंड विटारा/टोयोटा हाइराइडर: एक कॉम्पैक्ट एसयूवी जो कंफर्ट, प्रैक्टिकेलिटी और उपयोग में आसानी पर केंद्रित है। यह सबसे प्रीमियम या फीचर-लोडेड कार नहीं है, लेकिन अपने हाइब्रिड इंजन के साथ निश्चित रूप से इस सेगमेंट की सबसे अधिक फ्यूल-एफिशिएंट कारों में से एक है।
मारुति ग्रैंड विटारा और किआ सेल्टोस का कंंपेरिजन यहां पढ़ें।
यदि आप मारुति ग्रैंड विटारा जैसी खूबियों वाली, लेकिन ज्यादा मॉर्डन कार चाहते हैं, तो मारुति विक्टोरिस चुन सकते हैं और किआ सेल्टोस के साथ इसके अंतरों के बारे में यहां पढ़ें।
एमजी एस्टर: अपनी कीमत के हिसाब से सबसे प्रीमियम केबिन एक्सपीरियंस वाली कारों में से एक है, लेकिन फीचर्स या इंजन विकल्पों के मामले में इसमें ज्यादा कुछ नहीं मिलता।
होंडा एलिवेट: पर्याप्त स्पेस, प्रैक्टिकेलिटी और ड्राइविंग व हैंडलिंग के बीच बेहतरीन बैलेंस के साथ, इस सेगमेंट में एक सेफ, समझदार और भरोसेमंद विकल्प।
टाटा कर्व: कई इंजन विकल्प, दमदार फीचर्स और सेफ्टी पैकेज के साथ-साथ इसकी अनोखी एसयूवी-कूपे बॉडीस्टाइल इसे उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प बनाती है जो सबसे अलग दिखना चाहते हैं। हालांकि, यह सबसे प्रैक्टिकल या बड़ी एसयूवी नहीं है।
टाटा सिएरा: एक ऐसी एसयूवी जो अपने डिजाइन, फीचर्स और सेफ्टी किट के मामले में सेगमेंट की सीमाओं को आगे बढ़ाती है और इसमें चुनने के लिए कई इंजन विकल्प मिलते हैं। यहां टाटा सिएरा और किआ सेल्टोस का कंपेरिजन दिया गया है।