कार केयर टिप्स : मानसून सीजन में इन बातों का जरूर रखें ख्याल, कार रहेगी बिलकुल टिप-टॉप
हम जिस गाड़ी में सफर करते हैं, उसकी कंडीशन जिंदगी और मौत का मामला हो सकता है। क्या आपकी कार मानसून के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और तैयार है? आइए पता करते हैं :-
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मानसून की शुरुआत हो गई है और इसके साथ ही इससे जुड़ी नई चुनौतियां भी आ गई हैं। गीली सड़कें, लो विज़िबिलिटी और ना दिखने वाले गड्ढे। हममें से ज्यादातर लोग रोजाना काम पर जाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं और जब ड्राइविंग कंडीशन थोड़ी मुश्किल हो जाती है, तो हमें अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। अब आने वाले कुछ महीनों में जब तेज बारिश होगी, तब आप अपनी कार को बेहतर कंडीशन में रखने और एक बेहतर ड्राइवर बनने के लिए क्या कुछ कर सकते हैं? इसके लिए हमनें एक लिस्ट तैयार की है और उसके बारे में विस्तार से बताया है :-
अपनी कार को धोएं और पोंछें
बारिश आपकी कार को 'धो' देती है। अब आपके मन में सवाल आता होगा कि इसे दोबारा से क्यों धोएं? ऐसा करना बेहद जरूरी होता है। जमा हुआ पानी आपकी कार के लिए अच्छा नहीं है, और कार के नीचे जमी हुई मिटटी भी गाड़ी के लिए खराब रहती है। कार को खासकर चेसिस के नीचे से धोना बेहद जरूरी होता है ताकि मिट्टी बिलकुल भी जमा नहीं रहे। इससे कार में जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है। कार को रोजाना ठीक से धोने और सुखाने से इसे जंग से बचाया जा सकता है।
प्रो टिप: कार धोने के बाद थोड़ी देर इसे चलाएं ताकि निचले हिस्से में जमा पानी निकल जाए।
टायर और वाइपर चेक करें
अपनी कार की जनरल सर्विस या चेकअप जरूर करवाएं। गाड़ी से जुड़ी हर चीज की जांच करवाएं ताकि आपकी कार एकदम बढ़िया कंडीशन में रहे। आप बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि आप बारिश के बीच कहीं फंस जाएं या फिर खराब टायर के कारण कोई दुर्घटना हो जाए। यदि गाड़ी की सर्विस करवाना संभव ना हो पाता है, तो आप टायर की जांच जरूर करवाएं। टायर का वियर इंडिकेटर यह बताने में मदद करता है कि उन्हें बदलने का सही समय कब है। यह बात भी मायने रखती है कि आपकी गाड़ी में लगे टायर कितने साल पुराने हैं। 5-6 साल से ज्यादा पुराने टायर का इस्तेमाल ना करें। रबर की एक सीमित उम्र होती है, जिसके बाद वह हार्ड हो जाते हैं और आपको जरूरी ग्रिप नहीं दे पाते।

अगर आप ऐसी जगह रहते हैं जहां बहुत ज्यादा बारिश होती है, तो हर दो साल में वाइपर को बदलना भी जरूरी हो जाता है। चूंकि वाइपर रबर के बने होते हैं और समय के साथ रबर हार्ड हो जाता है और काम करना बंद कर देता है, इसलिए जरूरी है कि आप पुराने वाइपर को नए वाइपर से जरूर बदलवाएं।
गाड़ी की लाइट चेक करें
यह आपके और सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी चीज है। दिन की शुरुआत करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी गाड़ी की सभी लाइटें ठीक तरह से काम कर रही हैं या नहीं। इससे आपको अच्छी विजिबिलिटी मिल सकेगी क्योंकि बारिश के मौसम में साफ दिखाई देना सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी होता है।

| अगर कोई खतरा ना हो, तो हजार्ड लाइट का इस्तेमाल ना करें: यदि आप बारिश के मौसम में ड्राइव कर रहे हैं तो हजार्ड लाइट या ब्लिंकर्स को चालू करने से बचें। इसकी बजाए हेडलैंप्स को जलाएं। यही इनके इस्तेमाल का सही तरीका है। इससे उन लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जो सच में किसी परेशानी में हैं और सड़क के किनारे हजार्ड लाइट जलाकर रुके हुए हैं।... |
कार कवर हटाएं
यदि आप रोजाना कार का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो कवर लगाने से बचें। कार कवर अलग-अलग मौसम से बचाने के लिए बनाए जाते हैं जो कि अच्छी बात है। लेकिन, इनके नीचे नमी भी जमा हो जाती है।

इससे गाड़ी में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कहा जाता है कि कभी-कभी कार कवर को हटाकर दोबारा लगाएं, या फिर अगर कार शेड के नीचे खड़ी है तो कवर को पूरी तरह से हटा दें।
विंडस्क्रीन कोटिंग
विंडस्क्रीन के लिए मार्केट में कई तरह की कोटिंग और स्प्रे उपलब्ध हैं। यह बारिश के पानी को आसानी से बहने में मदद करती है और उसे विंडशील्ड पर चिपकने भी नहीं देती। अगर बारिश का पानी चिपक जाए तो रात में गाड़ी चलाते समय यह खतरनाक हो सकता है। इनमें से कुछ प्रोडक्ट्स विंडशील्ड पर पड़ने वाली चकाचौंध और रोशनी के फैलाव को कम करने में भी मदद करते हैं। ऐसे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अपनी लोकल कार डीटेलर शॉप पर यह कोटिंग करवाना बेहतर रहता है। हालांकि, यह कोटिंग गाड़ी में कुछ महीनों तक ही रहती हैं, लेकिन मॉनसून सीजन में यह बहुत अच्छा काम करती हैं।
एंटी-रस्ट कोटिंग
आजकल ज्यादातर कारें मैन्युफैक्चरिंग से ही एंटी-रस्ट कोटिंग के साथ आती हैं। इसलिए, नई कारों में इसकी जरूरत नहीं पड़ती। अगर आप किसी तटीय इलाके में रहते हैं जहां गाड़ियों में जल्दी जंग लगने का खतरा रहता है, तो आपको अपनी पुरानी कार में रस्ट कोटिंग की जरूरत पड़ सकती है।
जरूरी सामान साथ रखें
यह सुनिश्चित करें कि आपकी कार में जरूरी किट हमेशा साथ रखी हों। जैसे टायर इन्फ्लेटर, फर्स्ट-एड किट, फ्लैशलाइट और वॉर्निंग ट्राइएंगल। छाता और कोट जैसी बेसिक चीजें भी तैयार रखें। अगर आप घंटों तक ट्रैफिक में फंस जाते हैं, तो कार में कुछ स्नैक्स रखना फायदेमंद हो सकता है।
ड्राइविंग टिप्स :
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अगर आपके शहर में ज्यादा पानी भरा हुआ है, तो गाड़ी चलाते समय इंजन का आरपीएम ज्यादा और स्पीड कम रखें। अगर आप ऑटोमैटिक कार चला रहे हैं, तो गियर स्टिक को दाईं या बाईं तरफ मूव करें (मैन्यूफैक्चरर के हिसाब से) और सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी डी1 या पहले गियर में हो।

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आगे वाली गाड़ी से उचित दूरी बनाकर चलें। यह ड्राइविंग की सबसे जरूरी आदतों में से एक है! यह लगभग हर तरह की ड्राइविंग कंडीशन में काम आती है। इससे ड्राइविंग में सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ता है और आप एक बेहतर ड्राइवर बनते हैं। प्लानिंग और ब्रेकिंग के लिए खुद को ज्यादा स्पेस देना ड्राइविंग की एक ऐसी आदत है जिसे अक्सर कम आंका जाता है।
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घर से निकलने से पहले, मौसम और ट्रैफिक की स्थिति जानने के लिए लोकल न्यूज और मैप्स देखें। इससे आपको अपने सफर की बेहतर प्लानिंग करने में मदद मिलेगी।














