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6 कलर
होंडा सिटी
होंडा सिटी के प्रमुख स्पेसिफिकेशन
| इंजन | 1498 सीसी |
| पावर | 119.35 - 125 बीएचपी |
| टॉर्क | 145 एनएम - 253 एनएम |
| ट्रांसमिशन | ऑटोमेटिक / मैनुअल |
| माइलेज | 27.26 किमी/लीटर |
| फ्यूल | पेट्रोल |
होंडा सिटी प्राइस
City के 8 वेरिएंट हैं, शुरुआत ₹12L से, जो 1.5L i-VTEC Petrol (MT/CVT) और 1.5L i-MMD self-charging hybrid (e:HEV) में आते हैं। यह Honda की flagship सेडान है जो दशकों पहले प्रीमियम फील देती थी और आज भी देती है। SV (₹12L CVT) में बेसिक चीज़ें आती हैं, यानी 6 airbags, ESC, ABS, 20.32cm टचस्क्रीन (Android Auto + CarPlay के साथ), fabric सीट्स, projector halogen हेडलैम्प्स और 16-inch अलॉय व्हील्स। V (₹13.51L से) में single-pane सनरूफ, smart key push start, ऑटोमैटिक climate, electric folding ORVMs, रियर AC vents और फुल LED हेडलैम्प्स जुड़ जाते हैं। ZX (₹15.47L से) में LaneWatch blind-spot कैमरा, लेदर सीट्स, 8-speaker ऑडियो, paddle shifters, wireless चार्जर और one-touch turn signals मिलते हैं, यानी पूरा प्रीमियम पैकेज। ZX Plus (₹16.36L से) में Alexa connect, ambient lighting और rear seat reminder जुड़ते हैं। ZX Plus Hybrid (₹21.36L) सबसे ऊपर i-MMD e:HEV self-charging hybrid देता है जो 27.13 km/l का माइलेज, फुल Honda Sensing ADAS Level 2 और सिटी ट्रैफिक में EV-mode की silent crawl देता है। ज़्यादातर बायर्स ZX CVT (₹16.47L) पर आते हैं, जहाँ 6 airbags, लेदर, LaneWatch, सनरूफ, wireless CarPlay और CVT ऑटोमैटिक मिल जाते हैं, वो भी ZX Plus Hybrid के e:HEV (27.13 km/l) और Honda Sensing ADAS L2 के लिए ~₹4.89L एक्स्ट्रा दिए बिना।
| सिटी एसवी(बेस मॉडल)1498 सीसी, मैनुअल, पेट्रोल | ₹12 लाख* | ||
| सिटी वी1498 सीसी, मैनुअल, पेट्रोल, 17.8 किमी/लीटर | ₹13.51 लाख* | ||
| सिटी वी सीवीटी1498 सीसी, ऑटोमेटिक, पेट्रोल, 18.4 किमी/लीटर | ₹14.51 लाख* | ||
| सिटी जेडएक्स1498 सीसी, मैनुअल, पेट्रोल, 17.8 किमी/लीटर | ₹15.47 लाख* | ||
| सिटी जेडएक्स प्लस1498 सीसी, मैनुअल, पेट्रोल, 17.8 किमी/लीटर | ₹16.36 लाख* | ||
| सिटी जेडएक्स सीवीटी1498 सीसी, ऑटोमेटिक, पेट्रोल, 18.4 किमी/लीटर | ₹16.47 लाख* | ||
| सिटी जेडएक्स प्लस सीवीटी1498 सीसी, ऑटोमेटिक, पेट्रोल, 18.4 किमी/लीटर | ₹17.36 लाख* | ||
टॉप सेलिंग सिटी जेडएक्स प्लस हाइब्रिड(टॉप मॉडल)1498 सीसी, ऑटोमेटिक, पेट्रोल, 27.26 किमी/लीटर | ₹21.36 लाख* |
होंडा सिटी रिव्यू
ओवरव्यू
होंडा सिटी भारत में सबसे लंबे समय तक चलने वाले और सबसे सम्मानित ब्रांडों में से एक है। यह एक ऐसी सेडान है जिसे लोग अक्सर सोच-समझकर खरीदते हैं, लेकिन अंततः दिल से पसंद करने लगते हैं। इसने कभी भी दिखावटी हथकंडों या तड़कती भड़कती स्टाइलिंग का सहारा लेकर ध्यान आकर्षित नहीं किया। इसके बजाय, सिटी ने उन क्वालिटी के आधार पर अपनी प्रतिष्ठा बनाई है जो रोजमर्रा की जिंदगी में वास्तव में मायने रखते हैं जैसे कि कंफर्ट, रिफाइनमेंट, स्पेस, भरोसा और स्मूद ड्राइविंग अनुभव।

होंडा ने सिटी का फेसलिफ्ट लॉन्च कर दिया है, जिससे 2020 में लॉन्च हुई इसके जनरेशन 5 मॉडल को दूसरा मिड-साइकिल अपडेट मिला है। ये अपडेट सोच-समझकर, प्रैक्टिकल रूप से किए गए हैं और इनका मकसद सेडान को और भी फ्रेश, प्रीमियम और बेहतर फीचर्स से लैस बनाना है। साथ ही, होंडा ने यह भी स्वीकार किया है कि कॉम्पिटशन काफी बढ़ गया है। हुंडई वरना जैसी प्रतिद्वंद्वी कारें पहले ही अपडेट हो चुकी हैं, जबकि स्कोडा स्लाविया और फोक्सवैगन वर्टस को भी जल्द ही अपडेट मिलने की उम्मीद है।
एक्सटीरियर

होंडा सिटी फेसलिफ्ट के अपडेट सामने से ही तुरंत नजर आते हैं, जहां होंडा ने इस सेडान को एक शार्प और थोड़ा आक्रामक लुक देने की कोशिश की है (यहां पुरानी और नई सिटी का कंपेरिजन)। नई तरह से डिजाइन की गई ग्रिल अब पहले से ज्यादा चौड़ी और साफ दिखती है, जबकि स्मोक्ड-इफेक्ट एलईडी हेडलाइट्स और कनेक्टेड डीआरएल्स फ्रंट को एक मॉर्डन टच देते हैं। बड़े एयर इंटेक्स और स्पोर्टी निचले हिस्से वाला नया बम्पर भी सिटी को सड़क पर ज्यादा स्थिर बनाता है।

साइड से देखने पर भी सिटी अपनी जानी-पहचानी सिल्हूट को बरकरार रखती है। सेडान के सुडौल अनुपात आज भी उतने ही आकर्षक लगते हैं, खासकर ऐसे बाजार में जहां भारी-भरकम एसयूवी की भरमार है। नए डिजाइन के 16 इंच के अलॉय व्हील्स इसके लुक को और भी बेहतर बनाते हैं, वहीं इसकी साफ-सुथरी शोल्डर लाइन और लंबा व्हीलबेस कार को एक अच्छा रूप देते हैं।

पीछे की तरफ, बदलाव थोड़े कम हैं लेकिन फिर भी प्रभावी हैं। अपडेटेड एलईडी टेललैंप्स को अब एक नया लाइट सिग्नेचर मिल गया है, जबकि डिफ्यूजर जैसे एलिमेंट्स वाला अपडेटेड बम्पर स्पोर्टी लुक देता है। होंडा ने एक आकर्षक स्पॉइलर भी जोड़ा है और शार्क-फिन एंटीना को बरकरार रखा है, जिससे पीछे का लुक पहले से थोड़ा ज्यादा प्रीमियम और यंग दिखता है। नई होंडा सिटी को करीब से देखना चाहते हैं? हमारी डीटेल्ड इमेज गैलरी आपको इसके बारीक डिजाइन डिटेल्स को करीब से देखने का मौका देगी।
होंडा 2026 सिटी फेसलिफ्ट को 6 कलर विकल्प: क्रिस्टल ब्लैक पर्ल, प्लैटिनम व्हाइट पर्ल, रेडिएंट रेड मेटैलिक, ऑब्सीडियन ब्लू पर्ल, मेटियोरॉइड ग्रे मेटैलिक और लूनर सिल्वर मेटैलिक में उपलब्ध है। वेरिएंट के अनुसार कलर विकल्प और हर कलर में इस गाड़ी का लुक आप इस लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं।
इंटीरियर
नई होंडा सिटी जिसके बाहरी डिजाइन में सामने की तरफ़ बड़ा बदलाव हुअस है, वहीं अंदर की तरफ केबिन काफ़ी हद तक बदला नहीं गया है। हालांकि, केबिन की ओवरऑल थीम में एक बदलाव आया है, जो अब ब्लैक और ग्रे कलर की है और इसमें सफ़ेद लेदरेट सीटें दी गई हैं।

ये सीटें बेहद प्रीमियम दिखती हैं, और प्री-फेसलिफ्ट वर्जन की पुरानी बेज कलर की सीटें भी प्रीमियम दिखती थीं, लेकिन आपको व्हाइट सीटों के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि ये बहुत जल्दी गंदी हो सकती हैं।
थीम के अलावा, डैशबोर्ड का लेआउट, एसी वेंट का डिजाइन और पोजीशन, और स्टीयरिंग व्हील समेत बाकी सब कुछ पहले जैसा ही है। क्वालिटी की बात करें तो, डोर पैड, स्टीयरिंग व्हील और सेंटर आर्मरेस्ट पर सॉफ्ट टच मेटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। केबिन के सभी बटन मजबूत और इस्तेमाल में आसान लगते हैं, और प्लास्टिक भी स्मूद महसूस होता है।
कुल मिलाकर, केबिन पहले की तरह ही प्रीमियम लगता है और केबिन की क्वालिटी में कोई बड़ी कमी नहीं है। सिटी हमेशा से ही इंटीरियर के मामले में प्रीमियम कार रही है और यह बात फेसलिफ्ट के साथ भी सच है, लेकिन डिजाइन में कोई बदलाव न होने के कारण, सेडान अंदर से फेसलिफ्ट जैसी नहीं लगती।
आगे की सीटें
सीटों तक पहुंचने से पहले, आपको पहले सिटी के अंदर जाना होगा, और इसके लो स्टांस के कारण यह सबके लिए आसान नहीं है। सिटी के अंदर जाने के लिए आपकी पीठ थोड़ी लचीली होनी चाहिए, क्योंकि अंदर जाते समय आपको सिर टकराने से बचने के लिए झुकना पड़ता है। अधिकतर लोगों के लिए यह कोई चुनौती नहीं होगी, लेकिन पीठ दर्द से पीड़ित लोगों के लिए अंदर और बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।

अंदर बैठने के बाद, आपको अपनी आइडल ड्राइविंग पोजीशन ढूंढनी होगी, और इसके लिए दो चीजें गायब हैं। एक तो पावर से चलने वाली ड्राइवर सीट, जो कि इसके मुकाबले में मौजूद दूसरी कारों में मिलने लगी हैं, और दूसरी टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग व्हील एडजस्टमेंट, जो एक अनावश्यक कमी लगती है। आपको 6 तरह से मैन्युअल सीट एडजस्टमेंट मिलता है, इसलिए आप अपनी आइडल ड्राइविंग पोजीशन तक पहुंच सकते हैं, बस इसे समझने में थोड़ा अधिक समय लगेगा।
सीटों की बात करें तो, इनमें अच्छी कुशनिंग है, न ज्यादा नरम और न ज्यादा सख्त, इसलिए लंबी यात्राओं के दौरान आपको थकान महसूस नहीं होगी। जांघों के नीचे और बगल में बढ़िया सपोर्ट मिलता है, साथ ही पैरों के लिए भी पर्याप्त जगह मिल जाती है। हालांकि, अब इन सीटों में वेंटिलेशन की सुविधा होने के कारण, आप पहले से थोड़ा ऊपर बैठते हैं, जिससे हेडस्पेस कम हो जाता है, खासकर 5 फीट 10 इंच से ज्यादा लंबे यात्रियों के लिए।
पीछे की सीटें
अपनी चौड़ाई के कारण, सिटी में पीछे की सीट पर तीन यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह मिल जाती है, और कंधे आपस में ज्यादा टकराते नहीं हैं। बीच में बैठे यात्री को एक्स्ट्रा कंफर्ट के लिए एडजस्टेबल हेडरेस्ट भी मिलता है। यहां आपको घुटनों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है, अगर आगे की सीटें सबसे नीचे की स्थिति में न हों, तो पैरों के लिए भी जगह मिल जाती है, और जांघों के नीचे का सपोर्ट भी अधिकांश यात्रियों के लिए पर्याप्त होगा।

हालांकि, यहां हेडस्पेस सीमित है, यहां तक कि मेरी 5’8” की ऊंचाई के लिए भी। इसलिए लंबे लोगों को असहज महसूस न होने के लिए बहुत आराम से बैठना होगा। सेंटर आर्मरेस्ट भी एर्गोनॉमिक रूप से सही नहीं है क्योंकि यह बीच में नहीं रुकता जहां इसे रुकना चाहिए। इसके बजाय, यह पूरी तरह नीचे चला जाता है और सीट बेस को छूता है, जिसके नतीजतन आपके दोनों हाथ अलग-अलग ऊंचाई पर रखे जाते हैं। यह समस्या प्री-फेसलिफ्ट वर्जन में भी थी, और होंडा को इसे नए वर्जन में ठीक कर देना चाहिए था।
इसके अलावा, हालांकि होंडा ने रियर विंडशील्ड सनब्लाइंड का फीचर जोड़ा है, जो एक अच्छा बदलाव है, लेकिन पीछे की खिड़कियों पर भी सनब्लाइंड होते तो और भी बेहतर होता।
प्रैक्टिकेलिटी
स्टोरेज विकल्पों की बात करें तो, सिटी में आपको भरपूर सुविधाएँ मिलेंगी। चारों दरवाजों में बॉटल होल्डर दिए गए हैं, सेंटर कंसोल में दो कप होल्डर लगे हैं, आगे के आर्मरेस्ट के नीचे स्टोरेज दिया गया है, क्लाइमेट कंट्रोल पैनल के नीचे फोन रखने के लिए एक ट्रे दी गई है, उसके नीचे चाबियां या खुले पैसे रखने के लिए एक छोटी ट्रे है, और एक अच्छे साइज का ग्लवबॉक्स है।
पीछे बैठे यात्रियों को आर्मरेस्ट में दो कप होल्डर और सीटबैक पॉकेट भी मिलती हैं।
चार्जिंग विकल्प
चार्जिंग विकल्पों के लिए, आगे बैठे यात्रियों को एक यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, एक USB टाइप-A पोर्ट और एक 12वोल्ट सॉकेट मिलता है। पीछे बैठे यात्रियों को रियर एसी वेंट के नीचे दो USB टाइप-सी पोर्ट मिलते हैं। सिटी के हाइब्रिड वेरिएंट में फ्रंट आर्मरेस्ट के नीचे एक वायरलेस फोन चार्जर भी दिया गया है।

नॉन-हाइब्रिड वेरिएंट में, वायरलेस फोन चार्जर कपहोल्डर्स के पीछे दिया गया है और यह एक एक्सेसरी जैसा दिखता है क्योंकि इसे 12 वोल्ट सॉकेट में प्लग करना पड़ता है और उपयोग में न होने पर इसे हटाया जा सकता है।
बूट स्पेस
प्रैक्टिकेलिटी की बात करें तो, होंडा सिटी फेसलिफ्ट अपने बड़े 506 लीटर बूट स्पेस से प्रभावित करना जारी रखती है। सामान रखने की जगह न केवल कागज पर बड़ी दिखती है, बल्कि इसकी गहरी और सुव्यवस्थित बनावट के कारण असल जीवन में भी बेहद उपयोगी है।

इसमें आराम से सूटकेस का पूरा सेट, कुछ सॉफ्ट बैग और छोटे बैकपैक रखे जा सकते हैं। चौड़ी ओपनिंग और फ्लैट लोडिंग एरिया सामान को व्यवस्थित करना आसान बनाते हैं, खासकर लंबी पारिवारिक यात्राओं या एयरपोर्ट जाने के दौरान। आप सूटकेस को एक दूसरे के ऊपर करीने से रख सकते हैं, जिससे उपलब्ध स्पेस का बेहतर उपयोग होता है।
हालांकि, हाइब्रिड वेरिएंट में बैटरी पैक को नीचे की ओर रखने के कारण बूट स्पेस थोड़ा कम होकर 410 लीटर का हो जाता है। स्टैंडर्ड पेट्रोल वर्जन की तुलना में कुल कैपेसिटी में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन फिर भी उपलब्ध स्पेस ज्यादातर पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त है।
कम कैपेसिटी होने के बावजूद, हाइब्रिड मॉडल में छोटे, मीडियम और बड़े आकार के बैगों से युक्त पूरा सूटकेस सेट और एक या दो एक्सट्रा सॉफ्ट बैग आसानी से रखे जा सकते हैं। हालांकि, इसमें कुछ कमियां भी हैं। हाइब्रिड वर्जन में 60:40 अनुपात में बंटने वाली पीछे की सीटें नहीं दी गई हैं, जिससे बड़े सामान ले जाने में थोड़ी असुविधा होती है। साथ ही, इसमें फुल-साइज स्पेयर व्हील भी नहीं मिलता है।
फीचर्स
नई सिटी में तीन प्रमुख नए फीचर जोड़े गए हैं, और चलिए शुरुआत करते हैं नए 10.1 इंच के टचस्क्रीन से। यह नया सिस्टम उसी जगह लगाया गया है जहां पहले 8 इंच का टचस्क्रीन लगा था, और इसमें अपडेटेड यूजर इंटरफेस दिया गया है। यह स्क्रीन एकदम स्मूद तो नहीं है, लेकिन इसमें कोई लैग या गड़बड़ी नहीं है। आपको वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले भी मिलते हैं, जो दोनों ही स्मूद रूप से चलते हैं। यह स्क्रीन जेस्चर को भी सपोर्ट करती है, जिनका इस्तेमाल आप वॉल्यूम और गाने बदलने के लिए कर सकते हैं।

हालांकि, इसमें कुछ कमियां हैं। पहली है इसकी ब्राइटनेस, जो अधिकतम स्तर पर भी हार्श लाइट में कंटेंट को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त नहीं है। दूसरी है इसकी स्थिति, क्योंकि यह छत की ओर ऊपर की तरफ है, जिससे इसे पढ़ना और भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, चूंकि यह पुराने यूनिट के समान ही हाउसिंग में फिट होती है, इसलिए ऐसा लगता है कि इसे बाद में जोड़ा गया है, न कि पहले से सोची-समझी सुविधा के रूप में।
अगला फीचर है 360-डिग्री कैमरा, जो एक अच्छा फीचर है, लेकिन एक बार इस्तेमाल करने पर ही आपको अहसास होगा कि इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जाना चाहिए। फीड में कोई डेडिकेटेड 3डी मोड नहीं है जिसे आप हाथ से घुमा सकें, इसके बजाय आपको अलग-अलग कैमरा एंगल के लिए अलग-अलग बटन मिलते हैं।
इसके अलावा, सिटी की कीमत को देखते हुए कैमरे की क्वालिटी भी उतनी अच्छी नहीं है जितनी होनी चाहिए। वीडियो धुंधला दिखता है, रियर पार्किंग कैमरे से फीड धुंधली हो जाती है, और कम रोशनी में आसपास की चीजें ठीक से दिखाई नहीं देतीं। हमने इससे बेहतर कैमरा सिस्टम उन कारों में भी देखे हैं जिनकी कीमत सिटी की आधी है, और होंडा को इस पर काम करना चाहिए।
आखिरी बड़ा बदलाव वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स हैं। सिटी में यह फीचर बिना आवाज किए काम करता है, सीटों को जल्दी ठंडा करता है, और आपको बटन ढूंढने के लिए सीट या टचस्क्रीन पर हाथ-पैर मारने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसे सुविधा के लिए क्लाइमेट कंट्रोल पैनल पर ही रखा गया है।

बाकी फीचर्स रोजमर्रा के इस्तेमाल के हैं, जिनका जिक्र इस टेबल में किया गया है।
अन्य फीचर्स
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सेमी-डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वायरलेस फोन चार्जर
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सिंगल-पैनल सनरूफ, रियर एसी वेंट्स के साथ ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल
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पुश बटन स्टार्ट स्टॉप, इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल और फोल्डेबल ओर्वम बोर्ड्स
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8-स्पीकर साउंड सिस्टम, क्रूज कंट्रोल
सुरक्षा
ऊपर बताए गए 360-डिग्री कैमरे के अलावा, सिटी में 6 एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, हिल होल्ड असिस्ट और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकर जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

इसमें लेन-वॉच कैमरा भी दिया गया है जो बाएं मुड़ते समय या लेन बदलते समय आपके ब्लाइंड स्पॉट का फीड दिखाता है, और आपको लेवल 2 एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं।
राइड और हैंडलिंग
सिटी के इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह अभी भी पुराने मॉडल के दो इंजन विकल्पों के साथ ही उपलब्ध है। मैंने बेंगलुरु के बाहरी इलाके में सेडान के पेट्रोल और हाइब्रिड दोनों वर्जन का टेस्ट किया। इसे हमनें हाईवे और शहरी सड़कें दोनों शामिल थीं, जिससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि सिटी हमारे यहां की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करेगी।
| इंजन |
1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल |
1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल-हाइब्रिड |
| पावर |
121 पीएस |
98 पीएस (126 पीएस तक) |
| टॉर्क |
145 एनएम |
127 एनएम |
| गियरबॉक्स |
6-स्पीड एमटी / 7-स्टेप सीवीटी |
ई-सीवीटी |
1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पेट्रोल
शहर में परफ़ॉर्मेंस
हमने पहली ड्राइव में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन को चलाया और इसकी परफ़ॉर्मेंस आपको दोनों तरह के फ़ायदे देती है। यह 4-सिलेंडर वाला इंजन है जो काफ़ी स्मूद है, क्योंकि केबिन के अंदर आपको कोई वाइब्रेशन महसूस नहीं होता।
हाइब्रिड सिस्टम आपको इलेक्ट्रिक असिस्ट देता है, जिससे आप बिल्कुल रूके हुए होने की स्थिती से सीधे तेजी से रफ़्तार पकड़ सकते हैं। इसका मतलब यह भी है कि शहर में किसी गाड़ी को ओवरटेक करने के लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। शहर में तेज रफ़्तार तक पहुंचने के लिए इसमें काफ़ी पावर है और अगर आप आराम से गाड़ी चला रहे हैं, तो फ़्यूल बचाने के लिए कार ईवी मोड में चली जाती है।
शहर के अंदर, हाइब्रिड असिस्टेंस के साथ आपको आसानी से लगभग 19-20 किलोमीटर प्रति लीटर की फ़्यूल एफ़िशिएंसी मिल सकती है। बैंगलोर में मेरी ड्राइव के दौरान, जो लगभग 100 km की थी, फ़्यूल एफ़िशिएंसी भी इतनी ही रही।
हाईवे पर परफ़ॉर्मेंस
हाईवे पर गाड़ी चलाते समय, आपको वही इलेक्ट्रिक असिस्टेंस मिलता है जिससे आप ईवी मोड में आराम से गाड़ी चला सकते हैं, लेकिन इससे आपको अपने आस-पास की गाड़ियों को ओवरटेक करने की क्षमता भी मिलती है क्योंकि ज्यादा रेव्स (रेव्स) पर भी गाड़ी की रफ़्तार तेजी से बढ़ती है (एक्सेलरेशन अच्छा होता है)।
हालांकि, ई सीवीटीं के साथ आपको थ्रॉटल इनपुट को धीरे-धीरे बढ़ाना होगा, क्योंकि इसे इंजन और आपके थ्रॉटल के साथ तालमेल बैठाने में थोड़ा समय लगता है। डीसीटी वाले टर्बो-पेट्रोल इंजन के उलट, जहां आपको तुरंत तेज एक्सेलरेशन मिलता है, सिटी के पावरट्रेन के साथ आपको थोड़ा सब्र रखना पड़ता है।

जोर से एक्सेलेरेट करने पर इंजन की आवाज भी तेज हो जाती है और केबिन में इंसुलेशन कम होने के कारण यह आवाज अंदर सुनाई देती है।
लेकिन जब बात फ़्यूल एफ़िशिएंसी की आती है, तो इस स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सेटअप की मदद से आप आसानी से 23-24 किलोमीटर प्रति लीटर या उससे भी ज्यादा माइलेज पा सकते हैं।
1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल
शहर में परफॉर्मेंस
बिना हाइब्रिड सेटअप वाला यही इंजन उन लोगों के लिए है जो आराम से गाड़ी चलाना पसंद करते हैं। इसमें भी इंजन का रिफाइनमेंट लेवल वैसा ही है, इसलिए वाइब्रेशन की कोई दिक्कत नहीं होगी और शहर में आपको पावर की कमी महसूस नहीं होगी। कम पावर वाले इंजन के बावजूद, आप शहर में बिना सोचे-समझे आसानी से ओवरटेक कर सकते हैं।
हमारे छोटे से टेस्ट रूट पर, जिसमें ज्यादातर शहर जैसी ड्राइविंग कंडीशन्स थीं, हमें 12-13 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मिला।
हाईवे पर परफॉर्मेंस
जब इंजन के रेव्स (आरपीएम) ज्यादा होते हैं, तो यह इंजन कोई परेशानी नहीं देता और आप तेजी से ओवरटेक कर पाते हैं। हालांकि, उन रेव्स तक पहुंचने में समय लगता है क्योंकि मिड-रेंज में परफॉर्मेंस उतनी अच्छी नहीं है।
इसके साथ सीवीटीं और इंसुलेशन की कमी मिलकर ऐसा एहसास कराती है कि आप इंजन पर बहुत ज्यादा जोर डाल रहे हैं, लेकिन उतना तेज एक्सेलरेशन नहीं मिल रहा है। गियर बदलने पर कंट्रोल पाने के लिए आप मैनुअल चुन सकते हैं, लेकिन अगर आप आराम से और आसानी से गाड़ी चलाना पसंद करते हैं, तो सीवीटीं आपके लिए सही है।
हाईवे पर आपको लगभग 15-16 किलोमीटर प्रति लीटर की फ़्यूल एफ़िशिएंसी मिल सकती है।
राइड कंफर्ट
जब यात्रियों को आराम देने की बात आती है, तो सिटी को पता है कि यह कैसे करना है। जब आप शहर में गाड़ी चलाते हैं और टूटी-फूटी सड़कों, स्पीड ब्रेकर या गड्ढों से गुजरते हैं, तो सिटी का सस्पेंशन सेटअप ज्यादातर झटकों को सोख लेता है और आपको कंफर्टेबल राइड देता है।

और जब आप हाईवे पर तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाते हैं, तो आपको गाड़ी के जमीन से अच्छी तरह जुड़े होने का अहसास होता है, जिससे सड़क पर दरारों, ऊबड़-खाबड़ हिस्सों और एक्सपेंशन जॉइंट्स के बावजूद गाड़ी स्थिर महसूस होती है।
हैंडलिंग
यही स्टेबिलिटी तीखे कॉर्नर्स पर भी काम आती है, क्योंकि तेज स्पीड पर भी सिटी स्थिर और संतुलित महसूस होती है। सटीक स्टीयरिंग फीडबैक इन कॉर्नर्स को और भी मजेदार बना देता है और यह सेटअप वास्तव में मोड़ लेते समय आपको आत्मविश्वास से भर देता है।

ज्यादातर कारों की तरह, सिटी के सभी वेरिएंट में सभी इंजन विकल्प उपलब्ध नहीं हैं (विभिन्न वेरिएंट के अनुसार इंजन विकल्पों की विस्तृत जानकारी यहां मिल सकती है)।
वेरिएंट
होंडा सिटी फेसलिफ्ट 4 वेरिएंट्स : एसवी, वी, जेडएक्स और जेडएक्स+ में उपलब्ध है। आइए जानते हैं कि होंडा सिटी के हर वेरिएंट में क्या-क्या मिलता है।
सिटी एसवी
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इसका बेस वेरिएंट सिर्फ़ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है।
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एंट्री-लेवल ट्रिम होने के बावजूद, इसमें एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैंप, कनेक्टेड एलईडी डीआरएल्स, एलईडी टेल लैंप, शार्क-फिन एंटीना और 15-इंच के व्हील्स मिलते हैं।
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इसके अंदर डुअल-टोन इंटीरियर थीम, पीछे की तरफ़ एसी वेंट्स, 4 पावर विंडो, टिल्ट और टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग एडजस्टमेंट और फैब्रिक सीट अपहोल्स्ट्री दी गई है।
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इसके फ़ीचर्स में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले, पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप और स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स शामिल हैं।
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सेफ़्टी किट में 6 एयरबैग, ईएससी, हिल-स्टार्ट असिस्ट, रियर पार्किंग सेंसर, टीपीएमएस, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट और इमरजेंसी स्टॉप सिग्नल शामिल हैं।
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बेस-स्पेक होंडा सिटी के बारे में ज्यादा जानकारी यहां मिल सकती है।
सिटी वी
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वी वेरिएंट मैनुअल और सीवीटीं गियरबॉक्स, दोनों ऑप्शन के साथ आता है।
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इस वेरिएंट में 16-इंच के अलॉय व्हील्स, वायरलेस फ़ोन चार्जिंग, रेन-सेंसिंग वाइपर्स, ऑटो हेडलैंप्स और एम्बिएंट लाइटिंग जैसे फ़ीचर्स मिलते हैं।
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इसके इंफोटेनमेंट पैकेज को बड़े 10.1-इंच टचस्क्रीन और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के साथ अपग्रेड किया गया है।
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कंफर्ट फ़ीचर्स में रियर सनशेड, कपहोल्डर्स के साथ रियर आर्मरेस्ट, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पीछे बैठने वालों के लिए यूएसबी-सी चार्जिंग पोर्ट्स शामिल हैं।
सिटी जेडएक्स
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जेडएक्स वेरिएंट प्रीमियम अनुभव को और बेहतर बनाता है और यह मैनुअल और सीवीटीं, दोनों ऑप्शन के साथ उपलब्ध है।
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बाहरी बदलावों में स्पोर्टी ट्रंक लिप स्पॉइलर और ज्यादा प्रीमियम स्टाइलिंग एलिमेंट्स शामिल हैं।
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केबिन में परफोरेटेड आइवरी लेदर अपहोल्स्ट्री, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, सॉफ्ट-टच मैटेरियल और सेमी-डिजिटल टीएफटी ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है।
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अतिरिक्त फीचर्स में 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम, लेनवॉच कैमरा और सीवीटी वेरिएंट्स के लिए वॉक-अवे ऑटो लॉक शामिल हैं।
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सेफ्टी पैकेज में अब होंडा सेंसिंग लेवल-2 एडीएएस फीचर्स जैसे अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, कोलिजन मिटिगेशन ब्रेकिंग और ऑटो हाई बीम शामिल हैं।
सिटी जेडएक्स+
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टॉप-स्पेक जेडएक्स+ वेरिएंट पेट्रोल सीवीटी और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड ई:एचईवी पावरट्रेन के साथ उपलब्ध है।
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इसके बाहरी डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इस वेरिएंट में सभी फ़ीचर्स और सेफ़्टी पैकेज मिलते हैं।
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हाइब्रिड वर्जन में होंडा का सेल्फ़-चार्जिंग डुअल-मोटर हाइब्रिड सिस्टम और ई सीवीटीं गियरबॉक्स दिया गया है, जिससे बेहतर फ़्यूल एफ़िशिएंसी और शहर में गाड़ी चलाने का स्मूद अनुभव मिलता है।
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अतिरिक्त फ़ीचर्स में 360-डिग्री कैमरा, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, एक्टिव फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, बेहतर एम्बिएंट लाइटिंग और हाइब्रिड-स्पेसिफ़िक डिस्प्ले/फ़ंक्शंस शामिल हैं।
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ई:एचईवी वेरिएंट में ईवी, हाइब्रिड और इंजन ड्राइव मोड्स भी मिलते हैं, जो ड्राइविंग की स्थितियों के आधार पर आसानी से बदलते रहते हैं।
कारदेखो ओपिनियन
अगर आप कीमत, फ़ीचर्स और रोजाना इस्तेमाल में आसानी के बीच सबसे अच्छा बैलेंस चाहते हैं, तो वी वेरिएंट चुनें। इसमें ज्यादातर जरूरी और कंफर्ट फ़ीचर्स मिलते हैं और इसकी कीमत भी काफ़ी सही है।
जो ग्राहक एडीएएस सेफ़्टी टेक्नोलॉजी के साथ सच में प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, उनके लिए जेडएक्स वेरिएंट सबसे अच्छा है।
जेडएक्स+ ई:एचईवी तभी चुनें जब आपकी प्राथमिकता फ़्यूल की बचत, शहर में आसानी से गाड़ी चलाना और हाइब्रिड अनुभव हो। यह महंगा है, लेकिन सिटी लाइनअप में सबसे शानदार और एडवांस्ड वर्जन भी यही है।
निष्कर्ष
होंडा सिटी का नया वर्जन (फेसलिफ्ट) अब भी उन्हीं खरीदारों को पसंद आता है जिन्हें पहले वाला मॉडल पसंद था, और इसे ज्यादा मॉडर्न दिखाने के लिए इसके डिजाइन में कुछ बदलाव किए गए हैं। हालाँकि, नए फ़ीचर्स को जोड़ने का काम जल्दबाजी में किया गया लगता है, जैसे कि उन्हें सोच-समझकर नहीं, बल्कि बाद में अलग से जोड़ा गया हो।
लेकिन सिटी अब भी एक बेहतरीन सेडान है। यह शानदार दिखती है, इसका केबिन प्रीमियम लगता है, इसमें आपकी जरूरत के सभी फ़ीचर्स मिलते हैं, इसकी राइड क्वालिटी बहुत आरामदायक है, और इसका हाइब्रिड सेटअप आपके पैसे बचाता है।
अगर आपको बहुत ज्यादा दिखावटी फ़ीचर्स नहीं चाहिए और आपकी प्राथमिकता भरोसेमंद गाड़ी और शानदार अनुभव है, तो होंडा सिटी अब भी आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।
विचार करने के लिए अन्य विकल्प
हुंडई वरना (यहां सिटी और वरना का कंपेरिजन किया गया है)
विचार करने के कारण
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बेहतर फ़ीचर्स
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स्पोर्टी लुक
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टर्बो-पेट्रोल इंजन
नजरअंदाज करने के कारण
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कोई हाइब्रिड विकल्प नहीं
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अलग तरह का डिजाइन
स्कोडा स्लाविया/फोक्सवैगन वर्टस (सिटी बनाम स्लाविया / सिटी बनाम वर्टस कंपेरिजन)
विचार करने के कारण
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मजेदार ड्राइविंग परफॉर्मेंस
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स्पोर्टी हैंडलिंग
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ज्यादा फ़ीचर्स
नजरअंदाज करने का कारण
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कम फ़्यूल एफ़िशिएंसी
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कम स्पेस
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हाइब्रिड का विकल्प नहीं
होंडा सिटी की खूबियां और खामियां
पसंद की जाने वाली चीज़े
- इसका फ्रंट लुक स्पोर्टी और मॉडर्न है, जिसमें स्लीक लाइटिंग और शार्प डिजाइन है।
- यह खराब सड़कों पर भी कंफर्टेबल राइड देती है और तेज रफ़्तार पर भी गाड़ी स्थिर महसूस होती है।
- इसमें बेहतरीन इंजन ऑप्शन और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सेटअप के साथ बढ़िया रियल-वर्ल्ड फ़्यूल एफिशिएंसी मिलती है।
नापसंद की जानें वाली चीज़ें
- आगे और पीछे दोनों सीटों पर हेडरूम कम है, इसलिए लंबे लोगों को दिक्कत हो सकती है।
- 10.1-इंच टचस्क्रीन और 360-डिग्री कैमरा जैसे नए फ़ीचर्स ऐसे लगते हैं जैसे इन्हें जल्दबाजी में जोड़ा गया हो; इन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता था।
- खराब केबिन इंसुलेशन की वजह से लोड पड़ने पर पेट्रोल इंजन का शोर ज्यादा सुनाई देता है और सीवीटी के साथ एक्सलरेशन में भी समय लगता है।
होंडा सिटी कंपेरिजन
Rs.12 - 21.36 लाख* |

