टेस्ला मॉडल वाई प्रीमियम vs प्रीमियम लॉन्ग रेंज: क्या आपको लॉन्ग रेंज वेरिएंट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने चाहिए?
रेंज के अलावा, टॉप मॉडल में कुछ अतिरिक्त नहीं जोड़ा गया है। तो क्या बेस मॉडल की तुलना में इसे खरीदना चाहिए? आइए जानते हैं
प्रकाशित: मई 18, 2026 03:06 pm । सोनू
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हाल ही में लॉन्च हुए ऑल-व्हील ड्राइव वेरिएंट के अलावा, टेस्ला मॉडल वाई दो रियर-व्हील-ड्राइव वेरिएंट्स में उपलब्ध है, जिन्हें स्टैंडर्ड प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव और प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव लॉन्ग रेंज नाम दिया गया है। इन दोनों वेरिएंट का डिजाइन, केबिन लेआउट और फीचर लिस्ट एक जैसी है, हालांकि लॉन्ग रेंज वेरिएंट में ज्यादा ड्राइविंग रेंज पर फोकस है।
जहां ज्यादा रेंज से वास्तविक रेंज बेहतर होती है, वहीं टॉप मॉडल ज्यादा महंगा भी है। इसलिए क्या अतिरिक्त रेंज इसकी ज्यादा कीमत को सही ठहराती है? और क्या आपको इसके लिए अपना बजट बढ़ाना चाहिए? आइए जानते हैं:
कीमत
| वेरिएंट |
कीमत (एक्स-शोरूम) |
| टेस्ला मॉडल वाई प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव |
59.89 लाख रुपये |
| टेस्ला मॉडल वाई प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव लॉन्ग रेंज |
67.9 लाख रुपये |
जैसा कि ऊपर देखा जा सकता है, इन दोनों वेरिएंट्स की कीमत में काफी अंतर है। अगर आप टॉप मॉडल लेते हैं तो आपको अतिरिक्त 8 लाख रुपये देने होंगे।
एक्सटीरियर
दोनों वेरिएंट का एक्सटीरियर डिजाइन बिलकुल एक जैसा है और डिजाइन एलिमेंट्स भी एक समान हैं।

दोनों वेरिएंट्स में आगे की तरफ एक जैसी कनेक्टेड एलईडी लाइट बार, पतले एलईडी हेडलैंप्स, साफ-सुथरे और एयरोडायनामिक बंपर के साथ सिंपल कट और स्टाइलिंग एलिमेंट्स दिए गए हैं।

साइड प्रोफाइल की बात करें तो यहां आपको एक समान कूपे जैसी स्लोपिंग रूफलाइन, व्हील आर्क और साइड स्कर्ट के चारों ओर ब्लैक क्लेडिंग, फ्लश-टाइप डोर हैंडल और ग्रे एयरो कवर के साथ 19-इंच ‘क्रॉसफ्लो’ अलॉय व्हील मिलते हैं।

पीछे की तरफ, दोनों वेरिएंट्स में एक जैसे कनेक्टेड एलईडी टेल लैंप्स, एक इंटीग्रेटेड बूट स्पॉइलर, और कंट्रास्ट के लिए ब्लैक क्लेडिंग के साथ सिंपल बंपर डिजाइन मिलता है।
| बड़ी टेस्ला: हाल ही में टेस्ला ने मॉडल वाई का लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन भी लॉन्च किया है, जिसमें बड़ा व्हीलबेस और शानदार रोड प्रजेंस के साथ अलग डिजाइन के अलॉय व्हील दिए गए हैं। |
केबिन
दोनों वेरिएंट्स अंदर से एक जैसे हैं। केबिन में जो चीज सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, वह है टेस्ला की सिग्नेचर सिंपल केबिन फिलॉसफी।

दोनों वेरिएंट में एक बड़ी सेंट्रल टचस्क्रीन (जिससे अधिकांश फंक्शन कंट्रोल होते हैं), पूरे डैशबोर्ड की चौड़ाई तक पतले एसी वेंट्स, एक थ्री-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, और एम्बिएंट लाइटिंग दी गई है। सेंटर कंसोल में एक स्टोरेज स्पेस, दो वायरलेस चार्जिंग पेड्स, और अतिरिक्त कंफर्ट के लिए एक बड़ा आर्मरेस्ट दिया गया है।
दोनों वेरिएंट्स में एक फुल ग्लास रूफ मिलती है, जिससे केबिन खुला-खुला और हवादार फील होता है। पीछे वाले पैसेंजर को स्लाइडिंग और रिक्लाइनिंग सीटें, डेडिकेटेड एसी वेंट्स, और पीछे एक सेपरेट टचस्क्रीन मिलती है।

केबिन थीम की बात करें तो दोनों वेरिएंट में ब्लैक केबिन स्टैंडर्ड दिया गया है, जबकि 95,000 रुपये अतिरिक्त कीमत पर ड्यूल-टोन ब्लैक और ग्रे थीम का विकल्प भी उपलब्ध है।
कुल मिलाकर, प्रीमियम मैटेरियल के इस्तेमाल और आगे व पीछे कंफर्टेबल सीटों के चलते केबिन काफी अच्छा है।
फीचर
दोनों ही वेरिएंट्स में वे सभी टॉप फीचर हैं जिनकी आप 50 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली कार से उम्मीद करते हैं।

इसमें आपको 16-इंच सेंट्रल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पीछे 8-इंच पैसेंजर डिस्प्ले, 9-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, आगे पावर्ड और वेंटिलेटेड सीटें, पीछे पावर्ड सीटें, एम्बिएंट लाइटिंग, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, दो वायरलेस फोन चार्जर, और पावर एडजस्टेबल एसी वेंट्स मिलते हैं।
दिलचस्प बात ये है कि लॉन्ग रेंज वेरिएंट में स्टैंडर्ड प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव की तुलना में कोई अतिरिक्त फीचर नहीं दिया गया है। दोनों की फीचर लिस्ट करीब एक जैसी है, इसलिए दोनों में से किसी एक को लेने का फैसला ज्यादातर पावरट्रेन और रेंज को ध्यान में रखकर ही किया जाता है।
| हाल ही में लॉन्च हुई मॉडल वाई एल में स्टैंडर्ड मॉडल वाई की तुलना में कुछ अतिरिक्त फीचर दिए गए हैं। क्या आप उन अतिरिक्त फीचर के बारे में जानना चाहते हैं। तो यह स्टीरी पढ़ें। |
सेफ्टी
सेफ्टी फीचर की बात करें तो दोनों वेरिएंट में काफी अच्छे फीचर दिए गए हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।
दोनों वेरिएंट में कई एयरबैग, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक, 360 डिग्री कैमरा सिस्टम, एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), और ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे सेफ्टी फीचर दिए गए हैं।
टेस्ला ने दोनों वेरिएंट में फुल सेल्फ ड्राइविंग (एफएसडी) पैकेज का विकल्प भी दिया है, जिसके लिए 6 लाख रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जो भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए काम कर सकता है।
बैटरी पैक और रेंज
यहीं पर दोनों वेरिएंट में वास्तव में अंतर नजर आता है, और जो आप अतिरिक्त पैसे खर्च कर रहे हैं वो सही लग सकता है। टेस्ला ने आधिकारिक तौर पर बैटरी क्षमता या पावर आउटपुट की जानकारी नहीं दी है, लेकिन नीचे दिए गए स्पेसिफिकेशन से यह पता चलता है कि दोनों एक-दूसरे से कैसे अलग हैं:
| ड्राइव |
रियर-व्हील ड्राइव |
रियर-व्हील ड्राइव लॉन्ग रेंज |
| फुल चार्ज रेंज (सर्टिफाइड) |
500 किलोमीटर |
622 किलोमीटर |
| एसेलरेशन (0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे) |
5.9 सेकंड |
5.6 सेकंड |
लॉन्ग रेंज वेरिएंट की फुल चार्ज में रेंज स्टैंडर्ड वेरिएंट से 162 किलोमीटर ज्यादा है। इसमें न केवल ज्यादा रेंज मिलती है, बल्कि 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ने में भी थोड़ा बेहतर है, और इसका समय 5.9 सेकंड से घटकर 5.6 सेकंड हो जाता है।

यहां आप टॉप मॉडल के बारे में ज्यादा डिटेल्स देख सकते हैं।
कारदेखो का क्या है कहना
जैसा कि ऊपर देखा जा सकता है, दोनों वेरिएंट का डिजाइन, केबिन और फीचर एक जैसे हैं, और दोनों में सेफ्टी फीचर भी एक जैसे हैं। शहर में सफर करने वाले या ऐसे लोग जो शहर की सीमा के अंदर ही गाडी चलाते हैं, उनके लिए स्टैंडर्ड वेरिएंट की 500 किलोमीटर की रेंज काफी से ज्यादा है।
वहीं लॉन्ग रेंज वेरिएंट तभी सही है जब आपको केवल रेंज की चिंता रहती है। यह चीज केवल तभी लागू होती है जब आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं या एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं, और बीच में चार्जिंग के लिए कम से कम रूकना चाहते हैं। ऐसे सफर में अतिरिक्त रेंज का वास्तव में फर्क पड़ता है, और इसका तेज एसेलरेशन एक बोनस है।
हालांकि, यह देखते हुए कि सभी मामालों में दो वेरिएंट एक जैसे हैं, केवल लंबी रेंज के लिए 8 लाख रुपये ज्यादा देना बहुत ज्यादा है। हम ज्यादातर ग्राहकों को स्टैंडर्ड प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव देने की सलाह देते हैं, और लॉन्ग रेंज वेरिएंट तभी लेने को कहेंगे जब रोजाना हाईवे पर लंबा सफर करते हैं।
क्या आप बेस वेरिएंट के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं? तो यह रिपोर्ट देखें।
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यह भी देखें: टेस्ला मॉडल वाई ऑन रोड प्राइस

