भारत में स्पेशल फोर्स इस्तेमाल करती है ये टॉप 5 बख्तरबंद गाड़ी: गोली और बम का नहीं होता इन पर असर, देखिए पूरी लिस्ट
जर्मन से लेकर जापानी ब्रांड की गाड़ी तक! ये सभी बख्तरबंद कार वीवीआईपी की सुरक्षा करती हैं...
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भारत में एसपीजी वीवीआईपी को लाने-ले जाने और हर स्थिति में ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खास तौर पर डिजाइन की गई बख्तरबंद गाड़ी का इस्तेमाल करती है। लग्जरी बख्तरबंद गाड़ी से लेकर टैक्टिकल सपोर्ट व्हीकल तक, हर गाड़ी को एक खास काम के लिए डिजाइन किया गया है। यहां हम उन टॉप 5 बख्तरबंद गाड़ी की बात करेंगे जो भारत में एसपीजी के हाई सिक्योरिटी काफिले में सबसे अहम हैं:
मर्सिडीज-मेबैक एस600 पुलमैन गार्ड
मर्सिडीज-मेबैक एस600 पुलमैन गार्ड का इस्तेमाल खासतौर पर भारत के राष्ट्रपति करते हैं। यह मेबैक एस-क्लास का एक एक्सटेंडेड वर्जन है, जिसमें बेहतरीन और ज्यादा एडवांस्ड सेफ्टी टेक्नोलॉजी दी गई है। यह एक आमर्ड लिमोजिन है जो एक्सप्लोसिव रेसिस्टेंट व्हीकल कैटेगरी में आती है, जिससे यह अंदर बैठे लोगों को गोलीबारी और जबरदस्त घमाकों से बचा सकती है।

एस600 पुलमैन की सीटें कॉन्फ्रेंस सेटिंग में अरैंज की गई है, इसमें दूसरी और तीसरी पंक्ति की सीटों पर आमने-सामने फेस करके बैठा जाता है। ड्राइवर के केबिन और पैसेंजर के केबिन में एक कांच का पार्टिशन है, जिसे अपारदर्शी, पारदर्शी और नीचे किया जा सकता है। हालांकि, पुलमैन गार्ड की कई जानकारियां गुप्त रखी गई हैं, लेकिन हमें यह पता है कि इसमें रन-फ्लैट टायर दिए गए हैं जो किसी भी सड़क पर चल सकते हैं, और टायर फटने के बाद भी 30 किलोमीटर तक चल सकते हैं। इस आर्मर्ड लिमोजिन में 6-लीटर वी12 इंजन दिया गया है, जो 530 पीएस की पावर और 830 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
मर्सिडीज-मेबैक एस650 गार्ड
मर्सिडीज-मेबैक एस650 गार्ड, एस-क्लास लग्जरी सेडान का एक अल्ट्रा लग्जरी वर्जन है, जिसे हाई-लेवल सुरक्षा के लिए बनाया गया है। एस650 गार्ड का इस्तेमाल भारत के प्रधानमंत्री और कभी-कभी विदेशी मेहमानों को लाने-ले जाने में होता है।

इसमें मेबैक वाला ही लग्जरी केबिन अनुभव मिलता है और इसकी बैलिस्टिक सेफ्टी रेटिंग वीआर 10 है, जो इसे सबसे सुरक्षित सेडान कार बनाती है। एस-क्लास गार्ड का वजन 4 टन से ज्यादा है। इसमें 6-लीटर वी12 इंजन दिया गया है, जो करीब 630 पीएस की पावर और 1000 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
इसकी 10 सेंटीमीटर मोटी लेयर्ड पॉलीकार्बोनेट विंडो गोलियों और हमलों का सामना कर सकती है।
इसके अलावा, इस लग्जरी सेडान में कई एक्सटर्नल किट जैसे एक ऑटोमैटिक इमरजेंसी फ्रैश एयर रिलीज सिस्टम, एक इमरजेंसी फायर सप्रेशन सिस्टम, एक्सटर्नल कम्युनिकेशन सिस्टम और एक सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक है, जिसे गंभीर आपातकालीन स्थितियों में खुद-ब-खुद सील होने के लिए डिजाइन किया गया है।
टोयोटा हाइलक्स और टोयोटा फॉर्च्यूनर
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में पायलट व्हीकल के तौर पर टोयोटा हाइलक्स को देखा गया। हालांकि, एसपीजी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मॉडल में बदलाव किए गए हैं और इसमें एडवांस्ड सिक्योरिटी इक्विपमेंट जोड़े गए हैं, जैसे डेडिकेटेड रेडियो जैमर। यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसमें मजबूत पहिए और रन-फ्लैट टायर भी दिए गए हैं, जिससे यह स्टैंडर्ड हाइलक्स मॉडल से अलग हो जाती है।

स्टैंडर्ड टोयोटा हाइलक्स में 2.8-लीटर टर्बो-डीजल इंजन दिया गया है जो 204 पीएस की पावर और 500 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ इसमें 6-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है। इसमें फ्रंट व रियर डिफरेंशियल के साथ 4x4 सिस्टम स्टैंडर्ड दिया गया है। एसपीजी के बेड़े में शामिल गाड़ी के स्पेसिफिकेशन की जानकारी सामने नहीं आई है।
हालांकि, जैमर गाड़ी के तौर पर इस्तेमाल होने के बावजूद, टोयोटा फॉर्च्यूनर भारत में वीवीआईपी काफिलों के लिए एक अहम गाड़ी बनी हुई है। यह एसयूवी अपनी शानदार रोड प्रजेंस और दमदार बिल्ड क्वालिटी के लिए जानी जाती है, और इसका शानदार डिजाइन व मुश्किल हालातों में चलने की क्षमता इसे वीवीआईपी लोगों को लाने-ले जाने के लिए बेहतरीन विकल्प बनाता है। एसपीजी अपने काफिले और वीआईपी लोगों को लाने-ले जाने के लिए कई फॉर्च्यूनर गाड़ी का इस्तेमाल करती है, जिनमें रन-फ्लैट टायर और बैलिस्टिक लेवल की आर्मर सुरक्षा होती है।

आम लोगों के लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ी से तुलना करें तो, एसपीजी की फॉर्च्यूनर गाड़ी में मजबूत और आर्मर्ड अंडरबॉडी होती है। एसपीजी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली फॉर्च्यूनर कार में 2.8-लीटर टर्बो-डीजल इंजन हो सकता है। यह इंजन 204 पीएस की पावर और 500 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। एसयूवी कार में 4x4 सिस्टम भी दिया गया है।
टोयोटा लैंड क्रूजर
लैंड क्रूजर अपनी दमदार ऑफ-रोडिंग परफॉर्मेंस, भरोसेमंदता और मुश्किल हालातों का आसानी से सामना करने के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इसे एसपीजी के बेड़े में 2017 में शामिल किया गया था, और यह हैवी ड्यूटी एसयूवी भारत में प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी और लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मुख्य गाड़ी के तौर पर जानी जाने लगी है।

बेहतरीन सुरक्षा के लिए, गाड़ी में वीआर 10 प्रोटेक्शन दिया गया है। यह बुलेटप्रूफ एसयूवी है और अच्छी आर्मर्ड व्हीकल है, जो अंदर बैठे लोगों को राइफल की गोली से बचा सकती है। यह बम प्रूफ भी है, और ग्रेनेड का हमला भी झेल सकती है। स्टैंडर्ड एलसी200 में 4.5-लीटर वी8 इंजन दिया गया है, जो 262 पीएस की पावर और 650 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। हालांकि, स्पेशल पर्पज व्हीकल में अतिरिक्त वजन को संभालने के लिए पावरट्रेन में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
रेंज रोवर सेंटिनल
रेंज रोवर सेंटिनल, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी का बख्तरबंद वर्जन है। सेंटिनल का इस्तेमाल भारत के प्रधान की आधिकारिक कार और अन्य वीवीआईपी हस्तियों को लाने-ले जाने के लिए होता है। रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी की लग्जरी और वीआर 8 बैलिस्टिक सर्टिफिकेशन के साथ, यह एसयूवी टीएनटी ब्लास्ट और ग्रेनेड हमलों को झेलने के लिए डिजाइन की गई है, जिनमें गाड़ी के नीचे से होने वाले हमले भी शामिल हैं।

इसके अलावा, सेंटिनल में कुछ खास फीचर जैसे आग बुझाने वाला सिस्टम, केबिन के अंदर ऑक्सीजन की अलग सप्लाई, आपातकालीन स्थिति के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम दिया गया है। सेंटिनल में 5-लीटर सुपरचार्ज्ड वी8 पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो 380 पीएस की पावर और 625 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
तो यह है भारत में वीवीआईपी की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली टॉप बख्तरबंद गाड़ी की लिस्ट। इनमें से आपकी पसंदीदा कार कौनसी है? हमें नीचे कमेंट में बताएं।
संदर्भ के लिए टोयोटा हाइलक्स और टोयोटा फॉर्च्यूनर की फोटो का इस्तेमाल किया गया है