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    2026 मारुति ब्रेजा टर्बो: क्या ऑटोमैटिक न होने के बावजूद टर्बो इंजन लेना सही है?

    टर्बो ब्रेजा तेज, फुर्तीली और मजेदार है, और यह आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ती है।

    सोनू
    सोनू
    Published On अगस्त 10, 2026 11:58 ist
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    published onAug 10, 2026 11:58 IST
    last updated onAug 10, 2026 11:58 IST
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    2026 Brezza Turbo

    मारुति सुजुकी ने आखिरकार ब्रेजा में वह फीचर दे दिया जिसका कई खरीदार काफी समय से इंतजार कर रहे थे। बात है टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन की। यह 1.0-लीटर बूस्टरजेट यूनिट फ्रॉन्क्स से ली गई है और इस सब-4 मीटर एसयूवी को स्टैंडर्ड 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन के मुकाबले कहीं ज्यादा परफॉर्मेंस देती है। मारुति खुद इसे "इंगेजिंग" चॉइस बताती है, और इस बार यह महज मार्केटिंग नहीं है, सड़क पर भी यही हकीकत है। यह पावरफुल इंजन सिर्फ मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है, ऑटोमैटिक का कोई ऑप्शन नहीं। खरीदार तय करें कि मजेदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस वाली ब्रेजा चुनें, या वह आराम जो ज्यादातर शहरी कस्टमर रोजमर्रा की ड्राइविंग में चाहते हैं।

    यह नया इंजन आखिर है क्या?

    2026 Brezza Turbo

    ब्रेजा में अब वही 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर बूस्टरजेट टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलता है जो मारुति फ्रॉन्क्स में है। 3-सिलेंडर होने के बाद भी इसका रिफाइनमेंट लेवल काफी स्मूद है। पावर अच्छे से मिलती है, कोई अचानक झटका नहीं। शहर के ट्रैफिक में यही बात इसे आसान बनाती है। सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है वो है इसका लो-एंड टॉर्क। शुरुआती रेव्स से ही एक फुर्ती है जो किसी नॉर्मल नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन में नहीं मिलती। इंस्टेंट रिस्पॉन्स और लो-डाउन ग्रंट, यही इस इंजन की असली ताकत है जो रोज की ड्राइविंग में सबसे ज्यादा काम आती है। फिलहाल इसके साथ सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स का ही ऑप्शन है।

    शहर में कैसी है परफॉर्मेंस?

    शहरी ट्रैफिक में यह टर्बो इंजन सबसे ज्यादा अपना रंग दिखाता है। लो-एंड टॉर्क इतना अच्छा है कि रुक-रुककर चलते वक्त बार-बार क्लच और गियर से जूझना नहीं पड़ता। कार बिना किसी खींचतान के आगे बढ़ती रहती है, जिससे लंबे थकाऊ सफर का बोझ काफी हल्का लगता है। पावर डिलीवरी शांत और कंट्रोल्ड रहती है। ओवरटेक करना हो या किसी गैप में घुसना हो, पावर की कमी नहीं खलती। मुंबई में मानसून के दौरान भारी स्टॉप-स्टार्ट ट्रैफिक में टेस्टिंग के दौरान फ्यूल इकॉनमी करीब 10-12 किलोमीटर प्रति लीटर रही, जो इस टर्बो इंजन के लिए काफी प्रैक्टिकल आंकड़ा है।

    हाईवे पर कैसा है अनुभव?

    2026 Brezza Turbo

    हाईवे पर ब्रेजा का असली मजा आता है। ओवरटेक के लिए ज्यादा सोचना नहीं पड़ता, पावर हमेशा तैयार रहती है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे पार करना आसान है और इंजन पर कोई स्ट्रेस नहीं दिखता, केबिन भी शांत रहता है। बस किसी थ्रिल राइड की उम्मीद मत रखिए। यह "एनर्जेटिक" है, "एक्साइटिंग" नहीं। टर्बो एक्टिव होने पर कोई तेज झटका नहीं लगता, पावर स्मूद तरीके से आती है और काम कर देती है। लंबी हाईवे ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए यह परफॉर्मेंस काफी है, लेकिन स्पोर्टी एसयूवी वाला फील यहां नहीं मिलेगा। क्रूजिंग के दौरान माइलेज लगभग 13-14 किलोमीटर प्रति लीटर रहता है।

    सिर्फ मैनुअल: अच्छा गियरबॉक्स, लेकिन एक बुरा ट्रेड-ऑफ

    2026 Brezza Turbo

    6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स की तारीफ बनती है। क्लच एक्शन इतना हल्का है कि भारी शहरी ट्रैफिक में घंटेभर ड्राइव करने के बाद भी बाएं पैर में कोई दर्द नहीं। गियर शिफ्ट्स भी स्लिक, सटीक और संतोषजनक हैं। पर सबसे बड़ी खटकने वाली बात यही है कि इसमें ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन नहीं मिलता। फ्लैगशिप टर्बो इंजन के साथ सिर्फ मैनुअल देना मारुति का अजीब फैसला लगता है। अगर ऑटोमैटिक होता, तो टर्बो ब्रेजा उन शहरी ग्राहकों की पहली पसंद बन सकती थी जो सुविधा को ऊपर रखते हैं। गियरबॉक्स खुद बेहतरीन है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन इसे एकमात्र विकल्प बनाने से खरीदार परफॉर्मेंस और ईजी के बीच किसी एक को चुनने पर मजबूर होते हैं।

    फेसलिफ्ट ब्रेजा: ओवरव्यू

    टर्बो इंजन इस फेसलिफ्ट का इकलौता बड़ा बदलाव नहीं है। मारुति ने ब्रेजा का एक्सटीरियर भी काफी बदला है। सामने की तरफ नई ग्रिल और नया बंपर मिलता है, जो पहले से ज्यादा मॉडर्न दिखता है, और साथ में नए एलईडी हेडलैंप्स व एलईडी डीआरएल भी हैं। साइड प्रोफाइल ज्यादातर पहले जैसा है, बस 16-इंच अलॉय व्हील्स का डिजाइन नया है। पीछे की बात करें तो एलईडी टेललैंप्स अब पूरे टेलगेट पर फैले हैं, जो रात में काफी शार्प दिखते हैं। टेलगेट पर "ब्रेजा" की नई ब्रांडिंग भी नजर आती है। टर्बो वेरिएंट्स पर अलग "टर्बो" बैज लगाया गया है, ताकि इन्हें बाकी मॉडल्स से अलग पहचाना जा सके।

    2026 Brezza Turbo

    केबिन की बात करें तो ब्रेजा फेसलिफ्ट में फीचर्स की लिस्ट काफी लंबी है। डैशबोर्ड के बीच में 10-इंच का टचस्क्रीन है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले दोनों सपोर्ट करता है। इलेक्ट्रिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, वायरलेस चार्जिंग पैड, कीलेस एंट्री और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी मिलते हैं। सेफ्टी पैकेज भी दमदार है। 360-डिग्री कैमरा, फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर्स, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स और 6 एयरबैग तक का ऑप्शन है। रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट, सेफ एग्जिट वॉर्निंग और ब्लाइंड स्पॉट अलर्ट जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं, जो रोजमर्रा की ड्राइविंग को काफी सेफ बना देते हैं।

    ब्रेजा में अब तीन इंजन ऑप्शन मिलते हैं। पहला है नया 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, जो परफॉर्मेंस के लिए है। दूसरा, 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ आता है और बेहतर माइलेज देता है। तीसरा ऑप्शन 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट के साथ मिलता है, हालांकि इसमें माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी नहीं है। सीएनजी वर्जन में एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब इसमें अंडरबॉडी टैंक दिया गया है, जिससे बूट स्पेस पहले के मुकाबले ज्यादा है।

    स्पेसिफिकेशन

    1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल

    1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल

    1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल + सीएनजी

    पावर

    110 पीएस

    103 पीएस

    88 पीएस (सीएनजी मोड)

    टॉर्क

    170 एनएम

    139 एनएम

    121.5 एनएम

    गियरबॉक्स

    6-स्पीड एमटी

    6-स्पीड एमटी, 6-स्पीड एटी

    6-स्पीड एमटी

    कीमत और मुकाबला

    मारुति ब्रेजा की शुरुआती कीमत 7.40 लाख रुपये और टॉप मॉडल की प्राइस 13.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसका मुकाबला मारुति फ्रॉन्क्स, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ, स्कोडा कायलाक, टाटा नेक्सन, टोयोटा टाइजर, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट, रेनो काइगर और निसान मैग्नाइट से है।

    कारदेखो का क्या है कहना

    ब्रेजा का नया 1.0-लीटर टर्बो इंजन वही देता है जिसकी उम्मीद थी। एक समझदार, थोड़ी बोरिंग-सी एसयूवी को यह इंजन शहर और हाईवे दोनों पर चलाने लायक मजेदार बना देता है। जिस ड्राइवर को मैनुअल गियरबॉक्स पसंद है और बेस 1.5-लीटर इंजन से ज्यादा पावर चाहिए, उसके लिए यह पक्का काम का है। रोज की ड्राइव में थोड़ा पंच और कनेक्टेड फील, यही तो यह कॉम्बो देता है। लेकिन जिन्हें आराम और सुविधा पहले चाहिए, उनके लिए यह टर्बो-मैनुअल वेरिएंट सही चुनाव नहीं होगा।

    2026 Brezza Turbo

    इस सेगमेंट में टू-पेडल यानी ऑटोमैटिक टर्बो एसयूवी अब आम हो चुकी हैं। ऐसे में टर्बो इंजन के साथ ऑटोमैटिक का ऑप्शन न देना काफी बड़ी चूक है। जिन्हें आराम चाहिए, उनके लिए ब्रेजा का रेगुलर 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का कॉम्बिनेशन बेहतर रहेगा। थोड़ा कम एक्साइटिंग जरूर है, पर रोजाना चलाने में यह कहीं ज्यादा आसान पड़ता है। टर्बो ब्रेजा की बात सीधी है, पसंद है तो खुद गियर बदलते रहो, वरना नैचुरली एस्पिरेटेड वाली ले लो।

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