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    भारत अप्रैल 2027 से अपनाएगा डब्ल्यूएलटीपी एमिशन टेस्ट साइकिल: जानिए आपके लिए क्या हैं इसके मायने?

    सभी बीएस6 कारों को इस नई टेस्ट पद्धति से गुजरना होगा!

    प्रकाशित: फरवरी 10, 2026 03:38 pm । भानु

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    Compact SUVs
    भारत के कार ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें ज्यादस सख्त डब्ल्यूएलटीपी एमिशन साइकिल को अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह क्या है और इससे आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अधिक जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें!

    लेकिन इससे पहले, राजपत्र में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) के डब्ल्यूएलटीपी साइकिल में टेस्ट का कोई जिक्र नहीं है। इसमें केवल आईसीई व्हीकल्स का जिक्र है, जिसका मतलब है कि ईवी एमआईडी साइकिल का पालन करना जारी रखेंगे।

    क्या है डब्ल्यूएलटीपी साइकिल?

    डब्ल्यूएलटीपी या वर्ल्डवाइड हार्मोनाइज्ड लाइट व्हीकल टेस्टिंग प्रोसीजर एक एमिशन टेस्ट है जिसमें रियल वर्ल्ड की ड्राइविंग कंडीशन का सिम्यूलेशन किया जाता है, जिससे व्हीकल की फ्यूल एफिशिएंसी और एमिशन के आंकड़ों की काफी सटीक जानकारी मिलती है।

    Toyota Fortuner Exhaust

    यूरोपियन यूनियन द्वारा 2018 में अपनाई गई यह नई पद्धति, अब तक इस्तेमाल की जाने वाली एमआईडीसी (मॉडिफाइड इंडियन ड्राइविंग साइकिल) की जगह लेगी, जो काफी हद तक लेबोरेट्री में टेस्ट किए गए आंकड़ों पर निर्भर थी और जिसके परिणामस्वरूप दावा किए गए आंकड़ों और रियल वर्ल्ड की कंडीशन में ग्राहकों द्वारा वास्तव में देखे गए आंकड़ों के बीच एक बड़ा अंतर होता था।

    Mahindra Scorpio N

    क्या कुछ बदलेगा?

    ये नए प्रोटोकॉल एम1 सेगमेंट के सभी व्हीकल्स पर लागू होंगे, जिनमें 9 सीटों तक की बैठने की कैपेसिटी वाली सभी प्रकार की कारें, एसयूवी और एमपीवी शामिल हैं। इसके अलावा, इनका उपयोग एम2 (9+ सीटें और 5 टन से कम ग्रॉस वेट वाले) और एन1 (3.5 टन से कम ग्रॉस वेट वाले मालवाहक वाहन) सेगमेंट के अंतर्गत आने वाले कमर्शियल व्हीकल्स पर भी किया जाएगा।

    Force Urbania

    नोटिफिकेशन में यह भी प्रस्ताव भी दिया गया है कि टेस्ट चेसिस डायनेमोमीटर पर किया जाएगा, और बेहतर सटीकता और कड़ी निगरानी के लिए प्रोडक्ट के पूरे लाइ​फसाइकिल में नियमित परीक्षण किए जाएंगे। इसके अलावा, कार मेकर्स को ई85 और ई100 जैसे हाई ईथेनॉल फ्यूल मिक्सचर के साथ कंपेटिबिलिटी वाले स्टिकर के माध्यम से घोषित करना अनिवार्य होगा।

    Maruti WagonR Flex Fuel

    गौरतलब है कि निर्धारित एमिशन लिमिट्स बदलेंगी नहीं और भारत स्टेज VI (BS6) द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड्स का पालन करना जारी रखेंगी, जो 2020 से स्टैंडर्ड है। पहले की तरह, वाहनों को सुरक्षा नियमों के लिए एआईएस-175 मानदंडों का भी पालन करना होगा, जो अग्निरोधी प्रणालियों, आपातकालीन निकास और ड्राइवर वॉर्निंग जैसे उपकरणों के साथ यात्री सुरक्षा को बढ़ाते हैं।

    इसका आपके लिए क्या मतलब है?

    यह संशोधन ग्राहको के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि ग्लोबल लेवल पर इस्तेमाल होने वाले ये नए टेस्टिंग प्रोटोकॉल ब्रोशर में दिखाए गए माइलेज के आंकड़ों और असल उपयोग में प्राप्त माइलेज आंकड़ों के बीच के अंतर को कम करेंगे।

    मेकर्स के लिए कारों में ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स लगाना भी अनिवार्य होगा, जो एमिशन एक निश्चित सीमा से ऊपर जाने पर ड्राइवरों को सचेत करेगा। इससे इंजन संबंधी समस्याओं की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

    Tata Sierra

    साथ ही, चूंकि यह केवल वाहनों के परीक्षण के लिए एक नियम परिवर्तन है, इसलिए आप निश्चिंत रह सकते हैं कि अधिकांश कारों की कीमतें संभवतः समान रहेंगी।

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