
एस-प्रेसो के डोर काफी चौड़े खुलते हैं जिससे कार में बैठना और उतरना आसान है। वहीं, ऑल्टो और क्विड में बैठने के लिए आपको ज्यादा झुकना पड़ता है। कार में बैठते ही इसका सर्कुलर एलिमेंट्स वाला स्पोर्टी डैशबोर्ड आपका ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब होता है। इसके डैशबोर्ड के सेंटर में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है। इंस्ट्रुंनेट क्लस्टर के नीचे वैगनआर वाला टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इसके नीचे हजार्ड लैंप और फ्रंट पावर विंडो के स्विच दिए गए हैं। इस पूरे सेटअप के चारों ओर सर्कल दिया गया है जो मिनी कूपर कार की याद दिलाता है। यह सर्कल ऑरेंज एक्सटीरियर कलर के ऑरेंज कलर में आता है। वहीं, कोई अन्य एक्सटीरियर पेंट के साथ यह सर्कल सिल्वर कलर में आता है। इंटीरियर के प्लास्टिक की क्वालिटी और फिटिंग-फिनिशिंग इस सेगमेंट के हिसाब से अच्छी है।

एस-प्रेसो की एक बात जो हमे बेहद अच्छी लगी वह ये कि छोटे साइज के होने के बावजूद भी इसमें अच्छा केबिन स्पेस मिलता है। यह छोटी फॅमिली के लिए एक अच्छी कार साबित होती सकती है। इसमें 6 फ़ीट के चार वयस्क लोग आसानी से बैठ सकते हैं। पांचवें पैसेंजर के तौर पर इसमें एक अवयस्क/बच्चा ही कम्फर्टेबल तरीके से बैठे सकेगा। एस-प्रेसो की चौड़ाई क्विड से 60 मिलीमीटर कम है लेकिन इसमें क्विड से अच्छा शोल्डर स्पेस मिलता है। फ्रंट में आप देखेंगे कि मारुति ने पावर विंडो के बटनों को डैशबोर्ड पर पोज़िशन किया है। साथ ही, डोर पैड को भी सकड़ा बनाया है जिससे फ्रंट में भी अच्छी चौड़ाई मिल पाती है। इसके अलावा, एस-प्रेसो में पर्याप्त मात्रा में हेडरूम भी मिलता है। लेकिन 6 फ़ीट से ज्यादा बड़े पैसेंजर/ड्राइवर को थोड़ी सी परेशानी हो सकती है क्योँकि इसकी फ्रंट सीट्स को थोड़ा उठा हुआ बनाया गया है। गौरतबल है कि ऑल्टो में एस-प्रेसो से ज्यादा हेडरूम मिलता है।
| फ्रंट सीट्स |
एस-प्रेसो |
क्विड |
ऑल्टो |
| हेडरूम |
980 मिलीमीटर |
950 मिलीमीटर |
1020 मिलीमीटर |
| केबिन की चौड़ाई |
1220 मिलीमीटर |
1145 मिलीमीटर |
1220 मिलीमीटर |
| नी-रूम (न्यूनतम) |
590 मिलीमीटर |
590 मिलीमीटर |
610 मिलीमीटर |
| नी-रूम (अधिकतम) |
800 मिलीमीटर |
760 मिलीमीटर |
780 मिलीमीटर |
| सीट बेस की लंबाई |
475 मिलीमीटर |
470 मिलीमीटर |
- |
| बैकरेस्ट की ऊंचाई |
660 मिलीमीटर |
585 मिलीमीटर |
640 मिलीमीटर |

मारुति एस-प्रेसो में फैब्रिक सीटें दी गई है जो बेहद सॉफ्ट और सिटी राइड के लिए कम्फर्टेबल है। हालांकि, लंबी दूरी की यात्रा में आपको थोड़ा डिसकम्फर्ट अनुभव हो सकता है। इसके अलावा, एस-प्रेसो की सीटों की लंबाई भी थोड़ी ज्यादा होनी चाहिए थी। इसमें एडजस्टेबल हेडरेस्ट की भी कमी है। लेकिन इसके फिक्स-हेडरेस्ट गर्दन और सिर को अच्छा सपोर्ट देते है।

केबिन स्टोरेज स्पेस की बात करे तो, एस-प्रेसो के फ्रंट में पर्याप्त स्पेस मिलता है। इसके डैशबोर्ड पर एक छोटा ग्लव बॉक्स, एक ओपन स्टोरेज स्पेस, 1-लीटर बोतल व कुछ अन्य छोटी-मोटी चीज़ें रखने के लिए डोर पर स्टोरेज, सेंटर कंसोल पर दो कप होल्डर और ड्राइवर नी-साइड छोटा स्टोरेज मिलता हैं। रियर पैसेंजर के लिए सेंटर कंसोल टनल के अंतिम छोर पर एक छोटा स्पेस मिलता है। इसके अलावा, रियर पैसेंजर के लिए डोर होल्डर या सीटबैक पॉकेट जैसी सुविधाओं की कमी है।

मारुति एस-प्रेसो की पिछली सीटों पर क्विड और ऑल्टो से अच्छा नी-रूम मिलता है। साथ ही इन सीटों पर 6 फ़ीट से ज्यादा ऊंचाई वाले पैसेंजर को भी पर्याप्त हेडरूम मिलता है। केवल एक कमी जो यहां खलती है वह ये कि फ्रंट की तरह इसकी पिछली सीटों पर भी फिक्स हेडरेस्ट मिलते हैं जो लम्बे व्यक्ति की गर्दन को उतना अच्छा सपोर्ट नहीं देते हैं।
| रियर सीट |
मारुति एस-प्रेसो |
रेनो क्विड |
मारुति ऑल्टो |
| हेडरूम |
920 मिलीमीटर |
900 मिलीमीटर |
920 मिलीमीटर |
| शोल्डर रूम |
1200 मिलीमीटर |
1195 मिलीमीटर |
1170 मिलीमीटर |
| नी-रूम (न्यूनतम) |
670 मिलीमीटर |
595 मिलीमीटर |
550 मिलीमीटर |
| नी-रूम (अधिकतम) |
910 मिलीमीटर |
750 मिलीमीटर |
750 मिलीमीटर |
| आइडियल नी-रूम* |
710 मिलीमीटर |
610 मिलीमीटर |
600 मिलीमीटर |
| सीट बेस की लंबाई |
455 मिलीमीटर |
460 मिलीमीटर |
480 मिलीमीटर |
| बैकरेस्ट की ऊंचाई |
550 मिलीमीटर |
575 मिलीमीटर |
510 मिलीमीटर |
*फ्रंट सीट को 5'8" से 6' के पैसेंजर/ड्राइवर के अनुसार एडजस्ट करने पर।

कुल मिलकर एस-प्रेसो में 5-सीटर की जगह 4-सीटर कार कहना सही होगा। क्योंकि इसमें चार वयस्क लोग कम्फर्टेबल होकर बैठ सकेंगे। रियर सीट पर तीन वयस्क लोगो को तंग होकर बैठना पड़ेगा।
मारुति एस-प्रेसो में 270-लीटर का बूटस्पेस मिलता है। इसमें दो मध्यम आकार के सूटकेस के अलावा कई अन्य छोटे मोटे समान या बैग को भी एक साथ रखा जा सकेगा।
टेक्नोलॉजी और फीचर्स
मारुति एस-प्रेसो के टॉप वेरिएंट में मैनुअल एसी, फ्रंट पावर विंडो, पावर स्टीयरिंग, स्टीयरिंग माउंटेड ऑडियो और टेलीफोनी कंट्रोल्स, 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी का फीचर मिलता है। रेनो क्विड की तुलना में इसमें रिवर्स कैमरा, रियर पावर विंडो और रियर चार्जिंग सॉकेट जैसे फीचर्स की कमी है। कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम का टच अच्छा है और इसे इस्तमाल करना भी आसान है। हालाँकि एंड्रॉइड ऑटो के माध्यम से फोन को कनेक्ट करने में काफी समय लेता है।
इसके फ्रंट में (डोर पर) दो स्पीकर्स दिए हैं जिनकी साउंड क्वालिटी शानदार है। इसके रियर डोर पर स्पीकर फिट करने के लिए कोई स्लॉट नहीं दिया गया है। ऐसे में आफ्टरमार्केट जो लोग कार में अतिरिक्त स्पीकर लगवाना चाहते हैं उन्हें रियर पार्सल ट्रे का इस्तमाल करना होगा।

एस-प्रेसो में मिलने वाला मैनुअल एसी काफी अच्छे से काम करता है और बेहद कम समय में केबिन को ठंडा कर देता है। हमारे अनुसार यह किसी अन्य छोटी कार में मिलने वाले एयर कंडीशन सिस्टम से कही बेहतर है। हमने एस-प्रेसो को जोधपुर (राजस्थान) के तपते और उमस से भरे मौसम में टेस्ट किया लेकिन उसके बावजूद भी कार को केबिन चिल्ड़ करने में कोई समस्या नहीं हुई।

जैसा कि हमने पहले भी बताया एस-प्रेसो में स्पीडोमीटर, ओडोमीटर व फ्यूल गेज आदि डैशबोर्ड के सेंटर में मिलते हैं। ऐसे में जिन लोगो के पास कोई और कार भी है उन्हें एस-प्रेसो के इस सेटअप के साथ एडजस्ट होने में थोड़ा समय लग सकता है। हालांकि यदि किसी के पास पहले ही टोयोटा इटिऑस, शेवरले स्पार्क, टाटा इंडिका विस्टा या मांजा में से कोई कार है तो उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी क्योंकि इन कारों में भी सेंट्रली-माउंटेड इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है/था। एस-प्रेसो में टेको मीटर नहीं दिया गया है।
हमारे अनुसार एस-प्रेसो को टेक्निकल और फीचर्स पॉइंट पर और बेहतर बनना चाहिए था। अगर मारुति अपनी इस कार में डे/नाईट मिरर, इलेक्ट्रिक ओ.आर.वी.एम. (आउटसाइड रियर व्यू मिरर), रियर वाइपर/वॉशर और रियर डिफॉगर, हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और टिल्ट एडजस्टेबल स्टीयरिंग व्हील जैसे बेसिक फीचर्स और जोड़ देती तो कार की प्रैक्टिकल अप्रोच बढ़ जाती।