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    होंडा ड्राइव टू डिस्कवर 13: सिटी, अमेज और एलिवेट के साथ कैसी रही हमारी केरल से तमिलनाडु तक की मानसून ट्रिप, जानिए यहां

    पिछले होंडा ड्राइव टू डिस्कवर के बाद मुझे सीजन 13 से बहुत उम्मीदें थी। क्या यह वैसा ही होगा? यह जानने के लिए मैं केरल से तमिलनाडु तक चार दिन की मानसून ड्राइव पर निकल पड़ा

    सोनू
    सोनू
    Published On जुलाई 24, 2025 15:56 ist
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    published onJul 24, 2025 15:56 IST
    last updated onJul 24, 2025 15:56 IST
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    Honda Drive To Discover 13

    ऑटोमोटिव पत्रकारिता में आपको हर दिन नई जगह की खोज करने का मौका नहीं मिलता है। इस पेशे में ज्यादातर दिन रोड टेस्ट और गाड़ी की विशेषताओं के बारे में पता करने में ही निकल जाते हैं, लेकिन खूबसूरत जगहों का सफर करना बहुत ही कम होता है। इसलिए जब होंडा के ड्राइव टू डिस्कवर के 13वें सीजन का निमंत्रण मिला, जिसकी थीम केरल और तमिलनाडु से गुजरने वाली मानसून ड्राइव पर आधारित थी, तो मेरी दिलचस्पी बहुत ही ज्यादा बढ़ गई।

    और मैं उत्साहित क्यों नहीं होता? यह सफर कोच्चि से शुरू होकर अथिरापिल्ली झरनों से गुजरते हुए, सूर्योदय के समय मुन्नार के चाय बागानों को निहारते हुए, और कोयंबटूर के धूप से तपते मैदानों में उतरने से पहले कोडईकनाल के देवरार के जंगलों में ठंडी हवा में सांस लेते हुए करना था, और इस सफर में हमारे साथ होंडा की नई कार: एलिवेट, सिटी, सिटी हाइब्रिड और अमेज शामिल थी।

    मैं ऐसा अनुभव पहले भी कर चुका था। पिछले साल, ड्राइव टू डिस्कवर 12 में मैं पूर्वोत्तर के बर्फ से ढके पहाड़ों से होकर गुजरा था। इस सफर की यादें मेरे लौटने के बाद भी लंबे तक साथ रही और मुझे याद दिलाती रही कि उद्देश्यपूर्ण खोज का क्या मतलब होता है। 

    इस बार, निमंत्रण पर नजर डालते हुए मेरे मन में एक सवाल उठ रहा था। क्या मैंने पहली कोशिश में सफलता पा ली, या होंडा सचमुच जानती है कि हर बार सही निशाना कैसे लगाया जाए?

    यह जानने के लिए, मैंने अरब सागर की रानी कोच्चि के लिए उड़ान भरी, न केवल कार चलाने बल्कि यह देखने के लिए क्या दूसरी बार भी ऐसा ही अनुभव मिलेगा।

    पहला दिन: कोच्चि से अथिरापिल्ली, होंडा सिटी हाइब्रिड के साथ

    Honda Drive To Discover 13

    कोच्चि में कुछ कागजी कार्रवाई करने के बाद, मुझे होंडा सिटी हाइब्रिड की चाबी सौंपी गई, और बस, यात्रा शुरू हो गई। (बता दें कि जब होंडा हमें ड्राइव टू डिस्कवर के 12वें सीजन में नाथू ला की चोटियों पर ले गई थी, तो मुझे यही कार सबसे ज्यादा पसंद आई थी, इसलिए यह वाकई एक अच्छी शुरुआत थी।)

    Honda Drive To Discover 13

    मैंने शहर को पीछे छोड़ दिया और शांत ग्रामीण इलाकों में सफर कर रहे थे। आसमान घने बादलों से घिरा हुआ था और हाइब्रिड पावरट्रेन ने इसे शांत और सहज ड्राइव के साथ और भी खास बना दिया था। कुछ ही मिनटों में टेलीफोन नेटवर्क गायब हो गया, और फोन का इस्तेमाल केवल फोटो खींचने और सिटी हाइब्रिड में दिए गए वायरलेस एंड्राइड ऑटो और एपल कारप्ले के जरिए मोहित चौहान के सुकून भरे गाने सुनने के लिए हो रहा था।

    जैसे-जैसे सड़क ऊपर और संकरी होने लगी, सिटी हाइब्रिड ने खूबसूरती से  खुद से ढाल लिया। 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन यहां मानों जीवंत हो उठा, और घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त पावर दे रहा था। इंजन और मोटर के बीच तालमेल अच्छा था, और हर मोड़ व ढलान पर ड्राइव संतुलित थी।

    Honda Drive To Discover 13

    ऐसे ही एक रास्ते पर ट्रैफिक अचानक से रूक गया। मैंने ऊपर होकर देखा तो एशियाई जंगली हाथी चुपचाप जा रहा था। यह एक शानदार अनुभव था और ऐसा लग रहा था कि मैं सचमुच जंगल में प्रवेश कर चुका हूं। आखिरकार, जैसे ही मैं अथिरापिल्ली के पास पहुंचा, ट्रैफिक फिर से धीमा होने लगा। इलेक्ट्रिक मोटर ने अच्छे से नियंत्रण संभाला, और धीरे-धीरे फ्यूल की खपत करते हुए गाड़ी का आगे बढ़ाया।

    जब मैं रात को पहुंचा, तब तक आसमान में अंधेरा छा चुका था और भूख ने बहुत पहले ही अपना असर दिखा दिया था। मैंने हमेशा अथिरापिल्ली झरनों के बारे में सुना था, वही झरने जो बाहुबली फिल्म में दिखाए गए थे, लेकिन उस समय नींद और भूख ने मुझे रोक लिया। मैंने सोचा कि झरना सुबह तक इंतजार कर सकता है। जल्दी से नाश्ता करने के बाद मुझे लगा की दिन खत्म हो गया है।

    लेकिन प्रकृति ने कुछ और ही सोच रखा था। मूसलादार बारिश शुरू होते ही, किसी ने मुझे सिटी हाइब्रिड में वापस जाने के लिए प्रेरित किया। आत्मविश्वास और संयम से भरी, वह भीगी हुई जंगली सड़कों को चीरती हुई मुझे राजसी झरनों के नजारे तक ले गई।

    यह सफर का पहला वाटरफॉल था और उस मानसून से मेरा पहला वास्तविक सामना हुआ, जिसका मुझे इंतजार था। यह आखिरी नहीं था लेकिन इसने आगे आने वाली हर चीज की दिशा तय कर दी।

    दूसरा दिन: अथिरापिल्ली से मुन्नार, होंडा अमेज के साथ

    Honda Drive To Discover 13

    दूसरे दिन की शुरुआत कार बदलने से हुई। मैंने सिटी हाइब्रिड की चाबी वापस कर दी और होंडा अमेज ली, जो होंडा के भारतीय लाइनअप में हाल ही में अपडेट की गई कार है। मैं इसे लेकर खास उत्साहित था। मैंने पिछली बार जब अमेज कार चलाई थी तो मैं इसके बारे में बहुत कुछ अच्छी बातें कह पाया था। यह शानदार थी, हल्की महसूस हुई और एक असली गो-कार्ट जैसा एक्सपीरियंस दिया।

    अथिरापिल्ली से निकलते ही सड़क संकरी हो गई और हम जंगलों व शांत शहरों के बीच से गुजरे। अमेज यहां बिलकुल घर जैसी लग रही थी। होंडा के लाइनअप में सबसे छोटे इंजन के बावजूद, इसकी पावर कभी कम नहीं लगी। दरअसल, इसका सब-4 मीटर आकर ड्राइविंग को और मजेदार बना देता था, क्योंकि छोटे साइज के कारण इसे संकरे रास्तों पर चलाना आसान था। यह तेज, फुर्तीली और सफर को दिलचस्प बनाने के लिए पर्याप्त पावरफुल थी।

    Honda Drive To Discover 13

    धीरे-धीरे, मैं पहाड़ी पर चढ़ने लगा, ऊंचे पेड़ों और चाय के बागानों से गुजरता रहा और विंडशील्ड पर कोहरा छा रहा था। पूरे सफर के दौरान, अमेज ने अपना संतुलन बनाए रखा। इसने मोड़ों को आसानी ने हैंडल किया और कभी भी संघर्ष नहीं करना पड़ा।

    Honda Drive To Discover 13

    मुन्नार पहुंचने में देर शाम हो चुकी थी। कार पार्क करने के बाद सभी पत्रकार आईएचसीएल सेलेक्शन में डिनर के लिए इकट्ठा हुए। अब हममें अहसजता कम होने लगी थी और नए दोस्त बनने लगे थे, और ड्राइव की तरह ये भी सहज और बिना किसी जोर-जबरदस्ती की लग रही थी।

    तीसरा दिन: मुन्नार से कोडईकनाल, होंडा एलिवेट के साथ

    Honda Drive To Discover 13

    तीसरे दिन की सुबह चिंता के साथ शुरू हुई। अफवाहें थीं कि मुन्नार से कोडईकनाल तक का दिन का सफर टूटी-फुटी सड़क से करना होगगा जो सबसे कठिन सफर होगा। ऐसे रास्तों पर घंटों गाड़ी चलाने का विचार बिलकुल भी अच्छा नहीं था। लेकिन ऐसा लग रहा था कि संपूर्ण जगत मेरे साथ था। मुझे होंडा एलिवेट की चाबी मिल गई, जो होंडा के भारतीय लाइनअप की इकलौती एसयूवी कार है, और ऐसा लगा कि यह वही कार है जिसकी मुझे उस दिन जरूरत थी।

    Honda Drive to Discover 13

    220 मिलीमीटर ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ एलिवेट ने उबड़-खाबड़ रास्तों को आसानी से पार कर लिया। यह गड्ढों और नुकीले किनारों पर भी स्थिर रही। सस्पेंशन ने रास्तों में आने वाले हर झटकों को सोख लिया और केबिन को स्थिर रखा। स्टीयरिंग भी फुर्तीला था और एलिवेट को घुमावदार मोड़ों से पार ले गया।

    होंडा एसयूवी केवल संतुलित ही नहीं थी, बल्कि इसमें जांचा-परखा 1.5-लीटर आई-वीटेक पेट्रोल इंजन भी था, जिसे कार प्रेमी सालों से पसंद करते हैं। और जैसा कि उम्मीद थी, मैंने जब भी एसेलरेटर दबाया, इसने अच्छे से काम किया। इसने मुझे पहले दिन चलाई होंडा सिटी हाइब्रिड की याद दिला दी।

    Honda Drive to Discover 13

    सफर में जिगव्हील्स के तीर्थ पांड्या मेरे साथ थे, जो खुद को एक कुशल ड्राइवर बताते हैं और उन्होंने कुछ ही मिनटों में अपनी बात साबित कर दी। आज के दिन के हमारे गंतव्य तक जाने वाली घुमावदार सड़कों पर उन्होंने एक तेज होंडा सिटी का पीछा किया, और मुझे आश्चर्य हुआ कि एलिवेट ने बिना किसी परेशानी के रास्ते की सभी बाधाओं को पार कर लिया। इस सफर ने एलिवेट की पूरी कहानी बयां कर दी और ऐसा लगा कि होंडा सिटी किसी स्टेरॉयड पर चल रही हो।

    पहले दो दिनों की तरह, मैं शाम के समय कोडाईकनाल पहुंचा। अब रात को खाने का समय हो रहा था और होंडा टीम ने एक अलाव का इंतजाम किया, जहां हमनें खूब मस्ती की। इस तरह चिंता से शुरू हुआ दिन भूतियां कहानियों, संगीत और घांटी में हंसी-मजाक के साथ खत्म हुआ।

    चौथा दिन: कोडईकनाल से कोयंबटूर, होंडा सिटी के साथ

    आज चौथा दिन था और यह हमारे सफर का आखिरी दिन भी था। आज के बाद बस हमारे साथ इस सफर की यादें रहने वाली थी। भारत की अलग-अलग जगहों के जायके वाले एक शानदार नाश्ते ने मेरा उत्साह थोड़ा बढ़ा दिया था।

    सबसे अच्छी बात ये हुई कि मुझे होंडा सिटी के 6-स्पीड मैनुअल वर्जन की चाबी मिली। मुझे सिटी हाइब्रिड बहुत पसंद आई थी, और अब मेरा उत्साह बढ़ गया था क्योंकि मैं लोकप्रिय होंडा सिटी मैनुअल को चलाने जा रहा था।

    Honda Drive to Discover 13

    स्टीयरिंग के पीछे बैठने के बाद, कोडाईकनाल की संकरी सड़कें पल भर में खत्म हो गई, और अब हम तमिलनाडु की स्मूद सड़कों पर पहुंच गए। होंडा सिटी ऐसी सड़कों पर काफी शांत चल रही थी और पूरे आत्मविश्वास के साथ आराम से 100 की स्पीड पकड़ रही थी।

    बाद में, हम पत्रकार कोस्ट हाई परफॉर्मेंस सेंटर पहुंचे, जहां हमने होंडा कार को पब्लिक रोड़ से अलग ले जाने के लिए एक ट्रैक सेशन की योजना बनाई। लेकिन ट्रैक पर एक कार्यक्रम के कारण हमें कुछ वक्त लग गया। हालांकि हाईवे के खुले रास्तों पर इसकी भरपाई हो गई। सिटी ने अपने स्मूद इंजन और स्मूद गियरबॉक्स के साथ फ्यूल की प्रत्येक बूंद का उपयोग किया।

    Honda Drive To Discover 13

    इतनी जोशभरी ड्राइविंग के बाद अब मुझे तेज भूख लगने लगी। इसलिए, एक स्थानीय रेस्टोरेंट में रूककर तमिलनाडु के कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त उठाया। यह एक बेहतरीन समापन भोजन जैसा लगा, जो स्वाद और गर्मजोशी से भरपूर था। इसके साथ, ही हमनें अपने बैग पैक किए, एक-दूसरे को अलविदा कहा और फिर मैं एयरपोर्ट के लिए निकल पड़ा। ड्राइव टू डिस्कवर 13 की यात्रा आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई थी।

    एक ऐसा सफर जो हमेशा यादों में रहेगा

    Honda Drive to Discover 13

    हालांकि, अगर सफर गंतव्य पर पहुंचते ही समाप्त हो जाए तो क्या बात है? जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे अहसास होता है कि होंडा ने एक बार फिर मेरे दिल में जगह बना ली है, जहां सफर और इमोशन दोनों एक साथ आते हैं। मुझे आज भी होंडा ड्राइव टू डिस्कवर में अपना पहला सफर याद है और इस बार भी मैंने ढेरों यादें बनाई है।

    एशियाई हाथी को देखने से लेकर अथिरापिल्ली के झरनों पर अचानक रूकने तक, घुमावदरार रास्तों पर होंडा सिटी का पीछा करने से लेकर अलाव के पास भूतों की कहानियों तक, हर पल खास था। भोजन, लोग, जगह और आयोजन टीम की गर्मजोशी वाले व्यवहार ने सभी 4 दिनों को बेहतरीन बना दिया।

    आखिरकार, यह केवल सफर की बात नहीं थी। यह रास्तों में बनी यादों के बारे में भी थी और मैं लंबे समय तक इन्हें अपने साथ रखूंगा। इस इवेंट में बुलाने के लिए होंडा को धन्यवाद। मुझे अगले आमंत्रण का बेशब्री से इंतजार रहेगा।

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