मारुति अर्टिगा Vs एक्सएल6 Vs किआ कैरेंस: दिवाली की शॉपिंग और फैमिली ट्रिप के लिए कौनसी एमपीवी कार है सबसे बेस्ट?
ये तीनों एमपीवी उन लोगों के लिए सबसे सही और बिना झंझट वाला ऑप्शन हैं जो अपने परिवार के लिए एक आरामदायक और प्रैक्टिकल 7 सीटर कार चाहते हैं।
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दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और अपनों के साथ समय बिताने का मौका होता है। लेकिन इसके साथ आती है ढेर सारी भागदौड़ - घर की सफाई, गिफ्ट्स की खरीदारी, मिठाइयां और नए कपड़े खरीदना, और फिर रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने के लिए सफर करना। इन सभी कामों के लिए एक ऐसी गाड़ी की जरूरत होती है जो पूरे परिवार, उनके सामान और कभी-कभी उनके "ड्रामे" को भी आसानी से संभाल सके। यहीं पर एक मल्टी-पर्पज व्हीकल (एमपीवी) सबसे बेहतरीन साबित होती है। भारत में फैमिली के लिए तीन सबसे प्रैक्टिकल और बिना झंझट वाली एमपीवी मौजूद हैं, जिनमें मारुति अर्टिगा, मारुति एक्सएल6 और किआ कैरेंस शामिल हैं। यहां हम जानेंगे दिवाली के कामों को करने के लिए कौनसी एमपीवी कार ज्यादा बेहतर है। यह कोई रेगुलर स्पेक कंपेरिजन नहीं है, बल्कि उन पैरामीटर्स और खूबियों का कंपेरिजन है जो इस त्योहार के मौसम में सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। लेकिन पहले, कीमत की बात करते हैं।
कीमत
त्योहारों के मौसम में खर्च वैसे भी बढ़ जाता है, इसलिए गाड़ी का बजट में होना बहुत जरूरी है।
| गाड़ी |
कीमत (एक्स-शोरूम) |
| मारुति अर्टिगा |
8.90 लाख रुपये से 13.14 लाख रुपये |
| किआ कैरेंस |
11.12 लाख रुपये से 12.98 लाख रुपये |
| मारुति एक्सएल6 |
11.62 लाख रुपये से 14.68 लाख रुपये |

मारुति अर्टिगा यहां सबसे किफायती ऑप्शन है। इसकी शुरुआती कीमत 8.90 लाख रुपये है, जो इसे एक बड़ी फैमिली के लिए सबसे आसानी से खरीदने लायक 7-सीटर बनाती है। हालांकि, इसका टॉप वेरिएंट 13.14 लाख रुपये का है, जो किआ कैरेंस के यहां बताए गए टॉप वेरिएंट से थोड़ा महंगा है। अर्टिगा उन खरीदारों के लिए है जिन्हें कम से कम कीमत में एक भरोसेमंद और स्पेशियस एमपीवी चाहिए।

किआ कैरेंस की कीमत अर्टिगा और एक्सएल6 के बीच में है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कीमतें पुराने वर्जन की हैं जो अभी भी कुछ वेरिएंट्स में उपलब्ध है। अगर आपको बेहतर फीचर्स और एक नया पैकेज चाहिए, तो नई कैरेंस क्लाविस पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन इस तुलना में हम मौजूदा मॉडल्स की बात कर रहे हैं। कैरेंस उन लोगों के लिए एक अच्छा मिड-पॉइंट है जो अर्टिगा से थोड़ा ज्यादा प्रीमियम फील चाहते हैं लेकिन एक्सएल6 जितना खर्च नहीं करना चाहते।

मारुति एक्सएल6 इनमें सबसे महंगी गाड़ी है। इसकी कीमत 11.62 लाख रुपये से शुरू होकर 14.68 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।
स्पेस
दिवाली के समय अक्सर गाड़ी में तय संख्या से ज्यादा लोग बैठ जाते हैं, और यहीं पर एक एमपीवी की असली कीमत पता चलती है। इन तीनों गाड़ियों में 6 से 7 लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन उनके सीटिंग लेआउट में बड़ा अंतर है।

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मारुति एक्सएल6: यह सिर्फ 6-सीटर कॉन्फिगरेशन में आती है। इसकी दूसरी रो में बेंच सीट की जगह दो अलग 'कैप्टन सीट' दी गई हैं। यह लेआउट चार वयस्कों के लिए बहुत आरामदायक है और कार को एक प्रीमियम फील देता है।

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मारुति अर्टिगा: यह सिर्फ 7-सीटर लेआउट में उपलब्ध है, जिसमें बीच में एक बेंच सीट है। इसमें कैप्टन सीट का कोई विकल्प नहीं है। यह उन बड़े परिवारों के लिए बेहतर है जिन्हें कभी-कभी एक अतिरिक्त सीट की जरूरत पड़ती है।

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किआ कैरेंस: कैरेंस यहां सबसे ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देती है। यह 6-सीटर (कैप्टन सीट के साथ) और 7-सीटर (बेंच सीट के साथ) दोनों विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे खरीदार अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं।
सेकंड रो स्पेस
दूसरी पंक्ति वह जगह है जहां परिवार के बड़े सदस्य या मेहमान सबसे ज्यादा समय बिताते हैं, इसलिए यहां का आराम बहुत महत्वपूर्ण है।
इन तीनों ही गाड़ियों में दूसरी रो की सीटों को आगे-पीछे स्लाइड किया जा सकता है और उनके बैकरेस्ट को झुकाया (रिक्लाइन) भी जा सकता है। अगर तीसरी पंक्ति खाली है, तो दूसरी पंक्ति की सीटों को पूरा पीछे खिसकाकर इतना लेगरूम बनाया जा सकता है कि 6 फीट लंबा व्यक्ति भी आराम से पैर फैलाकर बैठ सके।
आराम के मामले में, एक्सएल6 और 6-सीटर कैरेंस अपनी कैप्टन सीट्स की वजह से आगे हैं। इनमें हर सीट के लिए अलग-अलग आर्मरेस्ट मिलते हैं, जो लंबे सफर में काफी आरामदायक होते हैं। वहीं, 7-सीटर कैरेंस में बीच वाली बेंच सीट पर फोल्डेबल सेंटर आर्मरेस्ट नहीं मिलता। इसके विपरीत, अर्टिगा में 7-सीटर होने के बावजूद सेंटर आर्मरेस्ट दिया गया है।
कूलिंग के मामले में भी एक बड़ा अंतर है। अर्टिगा में एसी वेंट्स नीचे, सेंटर कंसोल के पीछे लगे हैं, जबकि कैरेंस और एक्सएल6 दोनों में छत पर एसी वेंट्स की एक पूरी कतार है। छत पर लगे वेंट्स हवा को पूरे केबिन में ज्यादा प्रभावी ढंग से फैलाते हैं, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को जल्दी और बेहतर कूलिंग मिलती है।
थर्ड रो
तीसरी पंक्ति अक्सर एमपीवी कार का सबसे कमजोर पहलू होती है, लेकिन त्योहारों के समय जब पूरा परिवार साथ सफर करता है, तो इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है। इस मामले में किआ कैरेंस बाकी दोनों से काफी आगे है।
किआ कैरेंस: कैरेंस में तीसरी पंक्ति तक पहुंचना बहुत आसान है। इसकी दूसरी रो की सीट एक बटन दबाते ही अपने आप आगे खिसककर फोल्ड हो जाती है, जिससे पीछे जाने के लिए एक चौड़ा रास्ता बन जाता है। यह इन तीनों में सबसे लंबी गाड़ी भी है, और उस लंबाई का फायदा केबिन के अंदर साफ दिखता है। इसकी तीसरी पंक्ति में दो वयस्क कुछ घंटों का सफर आराम से कर सकते हैं। यहां तक कि एक 6 फीट का व्यक्ति भी तीनों पंक्तियों में बिना किसी परेशानी के बैठ सकता है। बड़े ग्लास एरिया की वजह से जगह का एहसास भी अच्छा रहता है और तीसरी रो के लिए अलग एसी वेंट्स भी दिए गए हैं।
मारुति अर्टिगा और एक्सएल6: इन दोनों मारुति कार में तीसरी पंक्ति में जाना थोड़ा मुश्किल है। दूसरी रो की सीटें पूरी तरह से फोल्ड नहीं होतीं, जिससे अंदर जाने का रास्ता कैरेंस के मुकाबले संकरा है। थोड़े भारी-भरकम लोगों को अंदर-बाहर जाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। अंदर बैठने के बाद, वयस्कों को लंबे सफर में अंडर-थाई सपोर्ट की कमी महसूस होगी, क्योंकि फ्लोर ऊंचा होने की वजह से घुटने मोड़कर बैठना पड़ता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों गाड़ियों में तीसरी पंक्ति के बैकरेस्ट को रिक्लाइन किया जा सकता है, और अगर बूट में सामान न हो, तो आप थोड़ा और आराम पा सकते हैं। दोनों में तीसरी पंक्ति के लिए फैन स्पीड कंट्रोल के साथ एसी वेंट्स भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, अर्टिगा और एक्सएल6 की तीसरी पंक्ति बच्चों या छोटे कद के वयस्कों के लिए छोटी यात्राओं में ठीक है।
बूट स्पेस
दिवाली की शॉपिंग, गिफ्ट्स के बड़े-बड़े डिब्बे और यात्रा के लिए सूटकेस रखने के लिए अच्छा बूट स्पेस होना जरूरी है।
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मारुति अर्टिगा: तीनों पंक्तियों के साथ, अर्टिगा में 209 लीटर का बूट स्पेस मिलता है। यह एक-दो छोटे केबिन बैग या लैपटॉप बैग के लिए काफी है। तीसरी पंक्ति को मोड़ने पर, फ्लोर पूरी तरह से फ्लैट नहीं होता और एक उभार रह जाता है, जो बड़ा सामान रखने में थोड़ी दिक्कत कर सकता है।
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किआ कैरेंस: तीनों पंक्तियों की सीटें सीटिंग पोजिशन में होने पर भी सबसे ज्यादा बूट स्पेस कैरेंस में मिलता है। इसमें आप एक बड़ा सूटकेस और साथ में एक छोटा ट्रॉली बैग भी रख सकते हैं। इसकी तीसरी पंक्ति की सीटें फोल्ड होने पर बूट फ्लोर के साथ पूरी तरह समतल हो जाता है, जिससे एक बड़ा और सपाट लोडिंग एरिया मिलता है।
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सीएनजी वेरिएंट: तीनों ही गाड़ियों के सीएनजी वेरिएंट में बूट स्पेस बहुत सीमित हो जाता है, क्योंकि सीएनजी टैंक बूट की ज्यादातर जगह घेर लेता है। अगर आपको सीएनजी गाड़ी लेनी है तो बूट स्पेस से समझौता करना पड़ेगा।
माइलेज में कौनसी कार बाजी मारती है?
दिवाली में लगभग पूरा देश अलग-अलग कामों के लिए सड़कों पर होता है, इसलिए ट्रैफिक सामान्य से भी बुरा रहता है। बंपर-टू-बंपर जाम हो या खुली हाईवे, पूरे परिवार के साथ सफर में हॉर्सपावर से ज्यादा माइलेज मायने रखता है। चलिए देखते हैं तीनों के सर्टिफाइड माइलेज आंकड़े:
| पैरामीटर |
मारुति अर्टिगा |
मारुति एक्सएल6 |
किआ कैरेंस |
||||
| इंजन |
1.5-लीटर पेट्रोल |
1.5-लीटर पेट्रोल सीएनजी |
1.5-लीटर पेट्रोल |
1.5-लीटर पेट्रोल सीएनजी |
1.5-लीटर पेट्रोल |
1.5-लीटर पेट्रोल सीएनजी |
1.5-लीटर डीजल |
| गियरबॉक्स |
5एमटी, 6एटी |
5एटी |
5एटी, 6एटी |
5एटी |
6एटी |
6एटी |
6एटी |
| सर्टिफाइड माइलेज |
20.51किलोमीटर प्रति लीटर (एमटी), 20.30किलोमीटर प्रति लीटर (एटी) |
26.11 किलोमीटर प्रति किलोग्राम |
20.97किलोमीटर प्रति लीटर (एमटी), 20.27किलोमीटर प्रति लीटर (एटी) |
26.32 किलोमीटर प्रति किलोग्राम |
15.7किलोमीटर प्रति लीटर |
- |
21.3किलोमीटर प्रति लीटर |
अर्टिगा और एक्सएल6 के पावरट्रेन एक जैसे हैं और दोनों के आंकड़े सम्मानजनक हैं। कैरेंस का नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इन दोनों से काफी पीछे है, पर इसका डीजल इंजन 21.3 किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज के साथ दोनों मारुति पेट्रोल से आगे निकल जाता है।
किआ ने हाल ही में कैरेंस में सीएनजी तो जोड़ा है, पर इसका माइलेज अभी घोषित नहीं किया, इसलिए मारुति की सीएनजी गाड़ियों से सीधी तुलना नहीं हो पाती।
एक और बड़ा फर्क ट्रांसमिशन का है: कैरेंस के हर पावरट्रेन में सिर्फ मैनुअल मिलता है, जबकि दोनों मारुति गाड़ियों में पेट्रोल के साथ 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक का ऑप्शन है जो दिवाली के जाम में यह बड़ी राहत है।
तो अगर आपको जेब पर हल्की पड़ने वाली गाड़ी चाहिए तो कैरेंस डीजल, और सफर में सुविधा चाहिए तो अर्टिगा या एक्सएल6 ऑटोमैटिक को चुनना चाहिए।
कारदेखो का क्या है कहना
कागजों में भले ही ये कारें काफी मिलती-जुलती हों, लेकिन असल में तीनों में से किसी एक को चुनना बहुत आसान है। ये एक ही काम तीन अलग तरीकों से करती हैं।
अर्टिगा तब चुनें जब बजट सबसे ऊपर हो। सबसे कम कीमत में आरामदायक, जगहदार 7-सीटर यही है। बिना किसी तामझाम के फैमिली कार की बुनियादी बातें सही रखती है, और मारुति की कम सर्विस लागत व भरोसे के साथ यह सबसे समझदार दांव है।
एक्सएल6 तब चुनें जब वही मारुति वाला भरोसा थोड़े मॉडर्न पैकेज में चाहिए। आगे वेंटिलेटेड सीटें, दूसरी रो में कैप्टन सीटें और अर्टिगा से थोड़ी बेहतर तीसरी रो मिलती है। टैक्सी इमेज से दूरी इसे ज्यादा प्रीमियम बनाती है।
कैरेंस तब चुनें जब सबसे ज्यादा जगह और ज्यादा प्रीमियम फील चाहिए। तीसरी रो में घुसना-निकलना आसान, वयस्कों के लिए सचमुच काम की जगह, और डीजल का अनोखा विकल्प। इसे न चुनने की सिर्फ दो वजहें हैं: ऑटोमैटिक चाहिए, या मारुति ओनरशिप का सुकून।














