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    ग्लोबल एनकैप क्रैश टेस्ट में मारुति एस-प्रेसो को मिली इतनी रेटिंग

    मारुति एस-प्रेसो को रेनो क्विड को टक्कर देने के लिए माइक्रो एसयूवी के तौर पर लॉन्च किया गया था। हाल ही ग्लोबल एनकैप (न्यू कार असेसमेंट) द्वारा इसका क्रैश टेस्ट किया गया जहां इसे जीरो सेफ्टी रेटिंग दी गई है। 

    भानु
    भानु
    Published On नवंबर 11, 2020 19:13 ist
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    published onNov 11, 2020 19:13 IST
    last updated onNov 11, 2020 19:13 IST
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    मारुति एस-प्रेसो को रेनो क्विड को टक्कर देने के लिए माइक्रो एसयूवी के तौर पर लॉन्च किया गया था। हाल ही ग्लोबल एनकैप (न्यू कार असेसमेंट) द्वारा इसका क्रैश टेस्ट किया गया जहां इसे जीरो सेफ्टी रेटिंग दी गई है। 

    बता दें कि एबीएस के साथ ड्राइवर साइड एयरबैग स्टैंडर्ड दिया गया है। ग्लोबल एनकैप क्रैश टेस्ट में एडल्ट पैसेंजर सेफ्टी के लिए इसे 17 में से 0 स्कोर दिया गया है। इसकी बॉडीशैल और फुटवेल एरिया अस्थिर पाए गए हैं। वहीं ड्राइवर और पैसेंजर हैड प्रोटेक्शन के मोर्चे पर इसे अच्छा बताया गया है मगर,चेस्ट प्रोटेक्शन के मामले में ये फिसड्डी साबित हुई है। इसके अलावा कोई अनहोनी होने पर इसमें बैठे पैसेंजर की गर्दन को भी सुरक्षित करार नहीं दिया गया है। घुटनो और जांघो की बात की जाए तो इस गाड़ी में उनकी सुरक्षा भी औसत दर्जे तक की ही कही गई है। 

    चाइल्ड सेफ्टी के लिहाज से इस गाड़ी को 49 में से 13.84 स्कोर ही दिया गया है जो काफी खराब है। इस हैचबैक में आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकर का फीचर मौजूद नहीं है,ऐसे में बच्चे की डमी को एडल्ट सीट बेल्ट ही पहनाई गई जो उसे सुरक्षित रखने में नाकामयाब साबित हुई। एस-प्रेसो को मिली इतनी खराब रेटिंग का असर कंपनी के टार्गेट कस्टमर पर भले ही ना पड़े मगर,देश की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चरिंग होने के नाते ये बात बिल्कुल अच्छी नहीं है। 

    मारुति एस-प्रेसो के सेफ्टी स्कोर पर प्रतिक्रिया देते हुए सेफर कार इंडिया अभियान के प्रेसिडेंट डेविड वार्ड ने ​कहा कि 'हमने नए सरकारी कानून के साथ भारत में महत्वपूर्ण कार सेफ्टी प्रगति देखी है और और महिंद्रा और टाटा जैसे मैन्युफैक्चरर्स ग्लोबल एनकैप फाइव स्टार जैसी चुनौती को स्वीकार करते हैं और ऐसे मॉडल का निर्माण करते हैं जो न्यूनतम नियामक आवश्यकताओं से परे हैं। भारतीय बाजार में जीरो सेफ्टी रेटिंग वाली कारों के लिए कोई जगह नहीं है। यह एक बड़ी निराशा है कि मारुति सुजुकी जैसा महत्वपूर्ण निर्माता इसे मान्यता नहीं देता है'। 

    भारत में टाटा नेक्सन और महिंद्रा एक्सयूवी300 को ग्लोबल एनकैप द्वारा 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी जा चुकी है। हालांकि ये दोनों कारें मारुति एस-प्रेसो से महंगी भी है। अब तो केवल मारुति से उम्मीद की जा सकती है कि वो अपने सभी मॉडल्स में सेफ्टी को सर्वोपरी रखते हुए इस बात का ध्यान रखेगी। 

    यह भी पढ़ें: क्रैश टेस्ट में किया सेल्टोस को मिली 3-स्टार रेटिंग

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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