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    कारों के लिए जीएसटी दरों में हुई कटौती: हटाया गया सेस,अब सभी कारें होंगी सस्ती

    जीएसटी परिषद ने सभी श्रेणियों में कर की दरें कम कर दी हैं, जिससे आपकी सपनों की कार और भी सस्ती हो गई है।

    भानु
    भानु
    Published On सितंबर 04, 2025 16:15 ist
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    published onSep 04, 2025 16:15 IST
    last updated onSep 04, 2025 16:15 IST
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    जीएसटी 2.0 के साथ, भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग राहत की सांस ले रहा है।

    अब नहीं लगेगा सेस!

    जीएसटी सुधारों की एक खासियत सेस का हटना है। पहले, कारों पर उनके सेगमेंट या ड्राइवट्रेन के आधार पर 1 से 22 प्रतिशत तक का कॉम्पनसेशन सेस लगाया जाता था। इससे प्रभावी टैक्स 29-50 प्रतिशत के बीच हो गया।

    हालांकि, सेस हटाने से कुल टैक्स में काफी कमी आई है। इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए, आइए उदाहरणों के साथ पुराने और नए टैक्स स्लैब की तुलना करें।

    छोटी पेट्रोल कारें 

    Renault Kwid
    Maruti Alto K10 front design

     

    पेट्रोल,सीएनजी,एलपीजी जैसे पैसेंजर व्हीकल्स और 1200 सीसी तक के इंजन

     

     

    जीएसटी

    सेस

    कुल टैक्स

    पुराना

    28%

    1%

    29%

    नया

    18% 

    0

    18% 

    बचत

    10%

     

    11%

     इस श्रेणी में आने वाले वाहनों में सभी छोटी हैचबैक और ज़्यादातर सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी शामिल हैं। मारुति सुजुकी ऑल्टो, रेनो क्विड, मारुति सुजुकी बलेनो और हुंडई आई20 जैसी गाड़ियों को कम दरों का फायदा होगा।

    इसी तरह, 1200 सीसी से छोटे पेट्रोल इंजन वाली सब-4-मीटर एसयूवी, जैसे हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट, किआ सिरोस, टाटा नेक्सन और टाटा पंच, को भी फायदा होगा।

    नोट: चूंकि ब्रेज़ा में 1500 सीसी का इंजन दिया गया है, इसलिए कॉम्पनसेशन सेस 17 प्रतिशत ज़्यादा था, जिससे प्रभावी टैक्स 45 प्रतिशत हो गया। नई जीएसटी व्यवस्था के तहत, इसपर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जिससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिलेगी।

    छोटी डीज़ल कारें 

    Kia Sonet

     

    4 मीटर तक लंबे डीजल पैसेंजर व्हीकल्स और 1500 सीसी तक के इंजन

     

    जीएसटी

    सेस

    कुल टैक्स

    पुराना

    28%

    3%

    31%

    नया

    18% 

    0

    18% 

    बचत

    10%

     

    13%

    कुछ सीमित मॉडल ही इससे लाभान्वित होंगे। इस बदलाव के कारण टाटा नेक्सन, किआ सोनेट, किआ सिरोस और महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ जैसी छोटी डीजल एसयूवी की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है।

    मिड-साइज/बड़ी हाइब्रिड कारें (4-मीटर से ज्यादा लंबी)

    Maruti Grand Vitara

    हाइब्रिड पैसेंजर व्हीकल्स

     

    जीएसटी

    सेस

    कुल टैक्स

    पुराना

    28%

    15%

    43%

    नया

    40% 

    0

    40% 

    अंतर

    +12%

     

    3%

    जीएसटी में बढ़ोतरी के बावजूद, 4 मीटर से ज़्यादा लंबी हाइब्रिड कारों पर भी 3 प्रतिशत की मामूली छूट मिलेगी। ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड, टोयोटा हाइराइडर हाइब्रिड, होंडा सिटी हाइब्रिड, टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस हाइब्रिड और मारुति सुजुकी इनविक्टो हाइब्रिड को सेस हटने का फ़ायदा मिलेगा।

    मीडियम साइज कारें

    Hyundai Creta front quarter image
    Maruti Ertiga

    1500 सीसी तक के वाहन

     

    जीएसटी

    सेस

    कुल टैक्स

    पुराना

    28%

    17%

    45%

    नया

    40% 

    0

    40% 

    अंतर

    +12%

     

    5%

    पहले के कर ढांचे में '1500 सीसी तक' के वाहनों के लिए एक अलग कर व्यवस्था थी। हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, फोक्सवैगन वर्टस, स्कोडा स्लाविया और मारुति अर्टिगा जैसी 4.3 मीटर ब्रैकेट वाली ज़्यादातर एसयूवी और सेडान इसी श्रेणी में आती हैं।

    जीएसटी की दरें 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई हैं, लेकिन सेस हटने से प्रभावी टैक्स कम हो गया है।

    एसयूवी

    Mahindra XUV700
    Toyota Fortuner

    एसूयवी के नाम से पॉपुलर पैसेंजर व्हीकल्स (4 मीटर से ज्यादा लंबी, 1500 सीसी से ज्यादा कैपेसिटी वाला इंजन और 170 मिलीमीटर से ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस)

     

    जीएसटी

    सेस

    कुल टैक्स

    पुराना

    28%

    22%

    50%

    नया

    40% 

    0

    40% 

    अंतर

    +12%

     

    10%

    एसयूवी लवर्स के लिए भी बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि 22 प्रतिशत का सेस हटने से महिंद्रा एक्सयूवी700, महिंद्रा स्कॉर्पियो एन और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी पॉपुलर कारों पर प्रभावी टैक्स घटकर 40 प्रतिशत रह गया है। इन एसयूवी की अपेक्षाकृत ऊंची कीमतों को देखते हुए, यहां बचत अच्छी-खासी होने की उम्मीद है।

    इलेक्ट्रिक व्हीकल्स

    Tata Punch EV

    इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले की तरह 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा, और किसी भी प्रकार का कोई सेस नहीं लगेगा।

    लक्ज़री कारें

    लग्जरी कारों पर उनके क्लासिफिकेशन के आधार पर 28 प्रतिशत जीएसटी के अलावा 20-22 प्रतिशत का कॉम्पेनसेशन सेस लगेगा। आगे चलकर, इन कारों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जिससे 8-10 प्रतिशत की बचत होगी।

    कारदेखो ओपिनियन

    कुल मिलाकर, जीएसटी सुधार भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए सकारात्मक कदम हैं। महीनों से धीमी या शून्य वृद्धि और बिक्री में लगातार गिरावट को देखते हुए, मैन्यूफैक्चरर्स के लिए अब राहत की सांस लेना निश्चित है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी, जो त्योहारी सीज़न के ठीक समय पर है और इससे वाहनों की मांग में तेज़ी आने की उम्मीद है।

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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