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12 कलर
टाटा पंच
टाटा पंच के प्रमुख स्पेसिफिकेशन
| इंजन | 1199 सीसी |
| ग्राउंड क्लीयरेंस | 193 (मिलीमीटर) |
| पावर | 72 - 118 बीएचपी |
| टॉर्क | 103 एनएम - 170 एनएम |
| ट्रांसमिशन | मैनुअल / ऑटोमेटिक |
| ड्राइव टाइप | फ्रंट व्हील ड्राइव |
टाटा पंच प्राइस
Punch की 26 वेरिएंट्स हैं, ₹5.75L से शुरू, पेट्रोल और CNG में, MT और AMT के साथ। Smart (₹5.75L) रोज़ के कम्यूट के लिए काफी है, इसमें 6 एयरबैग्स, ABS, LED हेडलैम्प और AC मिलते हैं, सिटी ड्राइविंग के लिए सॉलिड बेसिक्स। Pure (₹6.65L) में रियर AC वेंट्स और चारों पावर विंडोज़ जुड़ जाती हैं, ताकि ट्रैफिक में इन्हें हाथ से रोल करना बंद हो जाए। Pure Plus (₹7.17L) लाता है 20.32cm टचस्क्रीन वायरलेस CarPlay के साथ, रियर कैमरा और इलेक्ट्रिक ORVMs, फोन-माउंट वाली आदत छूट जाती है। Adventure (₹7.77L) असली स्टेप-अप है, इसमें पुश स्टार्ट, ऑटो क्लाइमेट, प्रोजेक्टर हेडलैम्प, 16-इंच अलॉय व्हील्स और 360 कैमरा मिलता है जो टाइट पार्किंग की टेंशन खत्म कर देता है। Adventure S (₹8.12L) में सनरूफ और मल्टी-ड्राइव मोड्स जुड़ते हैं, मॉनसून में बेहतर ग्रिप के लिए। Accomplished (₹8.47L) में वेंटिलेटेड सीट्स मिलती हैं, और Accomplished Plus S Turbo (₹9.97L) सबसे ऊपर ADAS Level 2 और 1.2L टर्बो के साथ आता है। ज़्यादातर बायर्स Adventure (₹7.77L) पर आते हैं, 360 कैमरा, ऑटो क्लाइमेट, पुश स्टार्ट, प्रोजेक्टर हेडलैम्प और 6 एयरबैग्स के साथ, बिना ~₹2.20L एक्स्ट्रा खर्च किए जो Accomplished Plus S Turbo के ADAS L2, वेंटिलेटेड सीट्स और टर्बो इंजन के लिए देना पड़ता।
टाटा पंच रिव्यू
ओवरव्यू
2021 में लॉन्च होने के बाद से ही पंच ने भारतीय ग्राहकों के बीच जबरदस्त सफलता हासिल की है, जिसका मुख्य कारण इसका कॉम्पैक्ट साइज है जो एसयूवी जैसा अनुभव देता है। इसके अलावा इसके दमदार सेफ्टी फीचर्स और कंफर्ट को प्राथमिकता देने वाला नजरिया भी इसे लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भुमिका निभाई है। बिक्री के आंकड़ों को देखें तो टाटा ने पहले ही आधा काम सही कर लिया था।

पंच के डिज़ाइन से झलकने वाले आत्मविश्वास के अनुरूप परफॉर्मेंस और ओवरऑल लुक से परिपूर्णता की कमी हमेशा बनी रही। 2026 के फेसलिफ्ट के साथ, टाटा ने स्पष्ट रूप से ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर ध्यान दिया है और लॉन्च के बाद से पंच को अब तक का सबसे महत्वूपर्ण अपडेट दिया है।
5.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत के साथ, नई टाटा पंच फेसलिफ्ट अब ज्यादा कॉम्पिटशन वाले सेगमेंट में प्रवेश कर चुकी है, जहां इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, निसान मैग्नाइट, रेनो काइगर और मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स जैसी क्रॉसओवर कारों से है।
तो क्या आपको नई टाटा पंच फेसलिफ्ट खरीदनी चाहिए? संक्षेप में कहें तो, हां, हम इसे लेने की सलाह देंगे । लेकिन कुछ छोटी-मोटी शर्तों के साथ।
एक्सटीरियर
टाटा पंच हमेशा से ही डिजाइन के मामले में अपनी क्षमता से कहीं बेहतर परफॉर्म करती रही है, और नए फेसलिफ्ट ने इस मजबूत नींव को और भी मजबूत बनाया है, न कि कोई नया बदलाव किया है। इसका ओवरऑल साइज भी बदला नहीं है, डायमेंशन भी पहले जैसे ही हैं, लेकिन डिजाइन में कुछ छोटो छोटे बदलाव किए गए हैं जिससे नई पंच को अधिक दमदार और मेच्योर रूप दिया है।

सामने से देखने पर, अपडेटेड पंच में मोटी क्लैडिंग वाला नया बम्पर और फॉक्स सिल्वर स्किड प्लेट मिलती है जो इसके एसयूवी लुक को और भी निखारती है। पतली एलईडी डीआरएल अब पियानो ब्लैक पैनल पर खूबसूरती से लगी हैं, जबकि टाटा की बड़ी एसयूवी से ली गई वर्टिकल एलईडी हेडलाइट्स कार को एकदम अधिक प्रीमियम और मॉर्डन लुक देती हैं। इसका निचला एयर डैम बड़ा है, और वर्टिकल एयर फ्लैप्स के जुड़ने से इसकी सुंदरता और एयरोडायनामिक्स दोनों में सुधार हुआ है।

साइड से देखने पर, पंच अपनी मिनी-एसयूवी वाली छवि को बखूबी बरकरार रखती है। मजबूत बॉडी क्लैडिंग, उभरे हुए व्हील आर्क, रूफ रेल और खास तौर पर छिपे हुए रियर डोर हैंडल इसे एक दमदार और स्पोर्टी लुक देते हैं। नए 16-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील (जो सफारी से इंस्पायर्ड लगते हैं) इसे और भी आकर्षक बनाते हैं, वहीं बड़े ओआरवीएम्स विजिबिलिटी को बेहतर बनाते हैं।
पीछे की तरफ कम बदलाव देखने को मिलते हैं, लेकिन वे काफी प्रभावशाली हैं। कनेक्टेड एलईडी टेल-लैंप बार, जिसे अब ब्लैक केसिंग में लगाया गया है, गाड़ी की चौड़ाई को बढ़ाता है और पंच को टाटा की लेटेस्ट डिजाइन लेंग्वेज के अनुरूप बनाता है। स्पॉइलर बड़ा है और ग्लॉस ब्लैक फिनिश में है, जो इसे स्पोर्टी लुक देता है, वहीं नया बम्पर सामने के आक्रामक स्टाइल को दर्शाता है, जिसमें मोटी क्लैडिंग और रिफ्लेक्टर का नया लेआउट शामिल है।

टाटा ने कलर्स का बेहतरीन चयन करके भी कमाल कर दिखाया है। 2026 टाटा पंच 6 कलर्स: कूर्ग क्लाउड्स, प्रिस्टीन व्हाइट, डेटोना ग्रे, कैरेमल, बंगाल रूज और साइंटिफिक ब्लू में उपलब्ध है। इनमें से नया बंगाल रूज कलर खासतौर पर आकर्षक है और मेरा पसंदीदा है। यह एक गर्मजोशी भरा, प्रीमियम अहसास देता है, जबकि चमकीले कलर्स युवा ऊर्जा का संचार करते हैं। टॉप वेरिएंट में ड्यूल-टोन पेंट स्कीम का लाभ मिलता है, जो सड़क पर इसकी मौजूदगी को और भी प्रभावशाली बनाता है। हालांकि, ध्यान दें कि सभी कलर सभी वेरिएंट में उपलब्ध नहीं हैं, और आप यहां नई पंच के वेरिएंट-अनुसार कलर विकल्प की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, पंच फेसलिफ्ट पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वासपूर्ण, एसयूवी जैसी और मॉर्डन दिखती है। यह जबरदस्ती किए गए बदलाव की बजाय एक स्वाभाविक विकास प्रतीत होता है, और ऐसे सेगमेंट में जहां ज्यादातर डिजाइन आम होता जा रहा है, टाटा का कंट्रोल पंच के पक्ष में काम करता है।
इंटीरियर
टाटा पंच फेसलिफ्ट में कदम रखते ही आपको जाना-पहचाना सा अनुभव होगा, लेकिन यह पहले से कहीं अधिक रिफाइंड है। टाटा ने समझदारी से मूल डैशबोर्ड लेआउट को बरकरार रखा है, जिसका मतलब है कि केबिन पहली नज़र में एकदम नया नहीं लगता। हालांकि, छोटे अपडेट और बेहतर डिटेलिंग इसे ज्यादा क्लीन, फ्रैश और टाटा के लेटेस्ट प्रोडक्ट के अनुरूप बनाते हैं।

पहला बड़ा अपडेट है नया ट्विन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, जिस पर टाटा का लोगो रोशनी से जगमगाता है। यह फीचर पहले केवल बड़े और प्रीमियम टाटा मॉडलों में ही मिलता था। यह मॉर्डन दिखता है, पकड़ने में अच्छा लगता है और हर बार गाड़ी चलाते समय एक खास अनुभव देता है।

स्टीयरिंग पर लगे कंट्रोल व्यवस्थित हैं और स्टीयरिंग व्हील से हाथ हटाए बिना आसानी से उपयोग किए जा सकते हैं। हालांकि, पियानो-ब्लैक, ग्लास जैसी फिनिशिंग पर धूल और धब्बे आसानी से लग जाते हैं, जिससे इसे साफ रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

मैटेरियल क्वालिटी के मामले में, पंच अभी भी सेफ विकल्प चुनता है। केबिन में हार्ड प्लास्टिक का दबदबा है, लेकिन कीमत के हिसाब से क्वालिटी संतोषजनक है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे अच्छी तरह से असेंबल किया गया है। पैनलों की फिटिंग पहले के टाटा मॉडलों की तुलना में बेहतर लगती है, और कोई भी ऐसी खामी या असमानता नजर नहीं आती है जो ड्राइविंग अनुभव को खराब करे। हालांकि सॉफ्ट-टच मैटेरियल बेहतर होते, लेकिन इस सेगमेंट और कीमत को देखते हुए उनका ना होना समझ में आता है।

टॉप वेरिएंट में उपलब्ध टच-बेस्ड क्लाइमेट कंट्रोल पैनल एक ऐसा अपडेट है जिस पर ग्राहकों की राय अलग-अलग हो सकती है। देखने में यह मॉर्डन लगता है, खासकर रात में। हालांकि, फंक्शनेलिटी के लिहाज से यह पारंपरिक नॉब और बटन जितना बेहतर नहीं है। सही बटन दबाने के लिए आपको अक्सर सड़क से नज़र हटानी पड़ती है, जो रोज़मर्रा के ट्रैफिक में सुविधाजनक नहीं है। अच्छी बात यह है कि यह सिस्टम केवल टॉप वेरिएंट में ही उपलब्ध है, जबकि लोअर वेरिएंट में फिजिकल कंट्रोल दिए गए हैं, जो सिंपल, फुर्तिले और प्रैक्टिकल उपयोग के लिए कहीं बेहतर हैं।
कुल मिलाकर, पंच फेसलिफ्ट का केबिन फैमिलेरिटी और मॉर्डेनिटी के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाता है। यह भले ही उतना तड़कता भड़कता न लगे, लेकिन इसे सोच-समझकर अपडेट किया गया है, यह पहले से थोड़ा ज्यादा प्रीमियम है और 2026 में इस सेगमेंट के ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुरूप है।
आगे की सीटें
अब सीटों को प्रीमियम दिखने वाले ग्रे और ब्लैक कलर के फैब्रिक से डेकोरेट किया गया है। ये सीटें प्रीमियम लुक देती हैं और टाटा सिएरा में देखी गई सीटों के कलर और फिनिशिंग से मिलती-जुलती हैं, जिससे केबिन को और भी रिफाइंड रूप मिलता है। 90 डिग्री तक खुलने वाले चौड़े दरवाजों के कारण अंदर आना-जाना बेहद आसान है, जो परिवार के बुजुर्गों के लिए एक बड़ा फायदा है। इसकी ड्राइविंग सीट सीधी है, जिससे चारों ओर अच्छी विजिबिलिटी मिलती है, हालांकि मोटे ए-पिलर्स जंक्शनों पर थोड़ा ब्लाइंड स्पॉट बन सकते हैं।

सीट का कंफर्ट इसकी एक बड़ी खूबी है। आगे की सीटें चौड़ी और कंफर्टेबल हैं, और नए अपडेट में जांघों के नीचे एक्सट्रा सपोर्ट देकर इसे और भी बेहतर बनाया गया है, जो लंबे ड्राइवरों को विशेष रूप से पसंद आएगा। हेडरेस्ट और आगे का आर्मरेस्ट आराम को और बढ़ाते हैं, हालांकि आर्मरेस्ट की ऊंचाई को एडजस्ट किया जा सकता था।

पीछे की सीटें
इस साइज की कार के हिसाब से पीछे की सीट पर काफी जगह मिल जाती है। आगे की सीट को मेरी बैठने की स्थिति के अनुसार एडजस्ट करने पर, सिर, घुटनों और पैरों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है, यहां तक कि लगभग छह फीट लंबे पैसेंजर्स के लिए भी। मेरी ऊंचाई 5 फीट 10 इंच है। जांघों के नीचे का सपोर्ट अच्छा है, बैकरेस्ट का एंगल रोज़ाना के सफर के लिए आरामदायक है, और टाटा द्वारा थाई के नीचे अतिरिक्त सपोर्ट देने से पीछे की सीट का कंफर्ट वाकई बढ़ जाता है।

पीछे की सीट पर तीन वयस्कों के लिए जगह कम ही रहेगी, इसलिए पंच को चार सीटों वाली कार के रूप में इस्तेमाल करना ही बेहतर है। पीछे की ओर लगे एयर कंडीशनर वेंट और आर्मरेस्ट पीछे बैठे यात्रियों के कंफर्ट को काफी हद तक बढ़ाते हैं।

स्टोरेज और प्रैक्टिकेलिटी
पंच अपनी रोजमर्रा की उपयोगिता से प्रभावित करना जारी रखती है। आगे की तरफ कई छोटे-छोटे स्टोरेज स्पेस दिए गए हैं, जिनमें स्टीयरिंग कॉलम और सेंटर कंसोल के पास स्मार्ट स्टोरेज शामिल है। ग्लवबॉक्स ठंडा, बड़ा और प्रैक्टिकल है, जिसमें यूजर मैनुअल के लिए एक अलग कम्पार्टमेंट दिया गया है, और डोर पॉकेट में एक लीटर की बोतलें आसानी से रखी जा सकती हैं।

गियर लीवर कंसोल में दो अलग-अलग साइज के कप होल्डर के साथ-साथ छोटी-मोटी चीज़ें और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें रखने के लिए एक छोटा स्टोरेज स्लॉट भी दिया गया है।
हालांकि, पीछे की सीटों के पीछे स्टोरेज और बेहतर हो सकता था। सीट के पीछे पॉकेट और एक छोटा फोन स्लॉट तो दिया गया है, लेकिन पीछे के आर्मरेस्ट में कप होल्डर अभी भी मौजूद नहीं हैं।
कुल मिलाकर, पंच का केबिन काफी प्रैक्टिकल है और इसमें दैनिक उपयोग के सामानों के लिए सोच-समझकर पर्याप्त स्टोरेज स्पेस उपलब्ध कराए गए हैं।
चार्जिंग विकल्प
आगे बैठे यात्रियों के लिए 2 यूएसबी टाइप-सी पोर्ट दिए गए हैं, जिनमें से एक 65 वॉट का फास्ट यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट है और एक 12 वोल्ट सॉकेट भी दिया गया है। पीछे बैठने वालों के लिए इसमें 15 वॉट का यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। साथ ही, आगे की तरफ एक वायरलेस फोन चार्जर भी दिया गया है, जो फीचर पैकेज को पूरा करता है, हालांकि हमारी टेस्ट कार में यह ड्राइव के दौरान बीच-बीच में कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होता रहा।
फीचर्स
नए अपडेट के साथ, पंच अब इस सेगमेंट की किसी भी कार से अपेक्षा से कहीं अधिक प्रीमियम महसूस होती है। बुनियादी फीचर्स भी इसमें बखूबी मौजूद हैं जिनमें कीलेस एंट्री, पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप, क्रूज़ कंट्रोल, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, ऑटोमैटिक हेडलाइट्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स शामिल है जो सभी टॉप मॉडल्स में उपलब्ध हैं। ये ऐसे फीचर्स हैं जो वास्तव में रोजमर्रा के उपयोग को बेहतर बनाते हैं, न कि केवल ब्रोशर भरने के लिए।

इंटीरियर में सबसे ध्यान खींचने वाला नया बदलाव 7 इंच का पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जिसने पुराने सेमी-डिजिटल यूनिट की जगह ले ली है। हालांकि इससे केबिन को मॉर्डन बनाने में मदद मिलती है, लेकिन ग्राफिक्स और कलर के चुनाव के कारण ड्राइविंग के दौरान यह थोड़ा नीरस लगता है। फिर भी, डिस्प्ले साफ और फीचर्स से भरपूर है, हालांकि थोड़े बड़े फॉन्ट होने से इसे एक नज़र में पढ़ना आसान हो जाता है।

इंफोटेनमेंट स्क्रीन का साइज पहले जैसा ही है, लेकिन इस 10.25 इंच की टचस्क्रीन में अब पतले बेज़ल दे दिए गए हैं, जिससे यह ज़्यादा साफ़ और मॉर्डन दिखती है। इसमें शार्प ग्राफ़िक्स, बेहतर रिस्पॉन्स टाइम और इस्तेमाल में आसान इंटरफ़ेस मिलता है। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले बिना किसी रुकावट के काम करते हैं, और कार के इस्तेमाल के दौरान हमें कनेक्टिविटी से जुड़ी कोई समस्या नहीं हुई। एक उपयोगी फ़ीचर है स्क्रीन पर दिखने वाला छोटा विजेट, जिससे आप क्लाइमेट कंट्रोल सेटिंग्स को तुरंत देख सकते हैं, जो चलते-फिरते काफ़ी काम आता है।

पंच एसयूवी की ऑडियो क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ है। 8-स्पीकर वाला साउंड सिस्टम अच्छी क्लैरिटी और संतुलित आउटपुट प्रदान करता है, जिससे संगीत, पॉडकास्ट और फोन कॉल को उच्च वॉल्यूम पर भी बिना किसी विकृति के आसानी से सुना जा सकता है। 360-डिग्री कैमरे के जुड़ने से रोजमर्रा की सुविधा और भी बढ़ जाती है। हालांकि इसका रिज़ॉल्यूशन बेहतर हो सकता था, लेकिन इस कीमत पर यह कोई बड़ी कमी नहीं है, और रिवर्स कैमरे के डायनामिक गाइडलाइन्स से तंग जगहों पर पार्किंग करना आसान हो जाता है।

इस कार की विशेषताओं में एम्बिएंट लाइटिंग और इलेक्ट्रिक सनरूफ जैसे कंफर्ट बढ़ाने वाले एलिमेंट्स शामिल हैं, जो केबिन को अधिक जगमग, वेंटिलेटेड और अधिक प्रीमियम महसूस कराने में मदद करते हैं।

इसमें एक बड़ी कमी वेंटिलेटेड सीटों का न होना है, खासकर तब जब पंच ईवी में ये पहले से ही मौजूद हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि टाटा ने जानबूझकर इस अपग्रेड को रोक रखा है, शायद इसलिए कि वे कॉम्पिटशन में मौजूद अन्य कंपनियों द्वारा इसे पेश किए जाने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पंच फेसलिफ्ट में इसे शामिल कर सकें। हमारी रिपोर्ट जरूर पढ़ें, जिसमें हमने नई पंच और पंच ईवी के बीच अंतर का विस्तार से वर्णन किया है।
इन सभी फीचर्स के कारण पंच फेसलिफ्ट अपनी कीमत के हिसाब से कहीं बेहतर परफॉर्म करती है।
सुरक्षा
टाटा पंच की सेफ्टी हमेशा से इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक रही है, और इसका नया फेसलिफ्ट इस प्रतिष्ठा को और भी मजबूत करता है।

सबसे पहले, पूरी रेंज में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं, जो इस कीमत पर एक बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही, सेफ्टी फीचर्स का एक पूरा सेट भी दिया गया है जिसमें एबीएस के साथ ईएससी, आईएसओफिक्स चाइल्ड-सीट माउंट, फ्रंट डिस्क ब्रेक (रियर में ड्रम ब्रेक पहले की तरह ही हैं), नॉन-स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल और बहुत कुछ शामिल हैं।
पंच में एक काफी अच्छा नया फीचर हिल-होल्ड असिस्ट और हिल डिसेंट कंट्रोल है, जिसका अनुभव हमें टाटा के विशेष रूप से तैयार किए गए ऑफ-रोड ट्रैक पर करने का मौका मिला। यह सिस्टम अच्छी तरह से कैलिब्रेटेड है और ढलान पर उतरते समय ब्रेकिंग को कंट्रोल करने में सक्षम है, जिससे खड़ी या फिसलन भरी सतहों पर आत्मविश्वास का एक अतिरिक्त स्तर मिलता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टाटा पंच को भारत एनकैप की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो इसे इस सेगमेंट में अधिकांश प्रतिस्पर्धियों पर एक शानदार बढ़त प्रदान करती है। आज भारत में बिकने वाली बहुत कम छोटी कारें इस स्तर की सेफ्टी प्रदान कर सकती हैं।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले ग्राहकों के लिए, पंच भारतीय बाजार में उपलब्ध सबसे सेफ कॉम्पैक्ट कारों में से एक है, और इसका नया अपडेट इस स्थिति को और भी मजबूत बनाता है।
बूट स्पेस
टाटा पंच के पेट्रोल और टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट में 366 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जो इसे माइक्रो-एसयूवी सेगमेंट में सबसे प्रैक्टिकल और उपयोगी विकल्पों में से एक बनाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत सिर्फ बूट स्पेस ही नहीं, बल्कि इसकी गहराई और चौकोर लेआउट भी है, जो जगह बर्बाद किए बिना सामान को कुशलतापूर्वक रखने की सुविधा देता है। वीकेंड ट्रिप के लिए, आप आराम से एक मीडियम साइज की ट्रॉली, एक केबिन ट्रॉली और कुछ सॉफ्ट बैग रख सकते हैं, और फिर भी छोटी-मोटी चीजों के लिए जगह बच जाएगी।

डिग्गी का दरवाज़ा चौड़ा है, जिससे सामान रखना और उतारना काफी आसान हो जाता है, हालांकि लोडिंग लिप थोड़ी ऊंची है। अतिरिक्त जगह की ज़रूरत पड़ने पर, पीछे की सीटों की बैकरेस्ट लगभग पूरी तरह से नीचे की ओर मुड़ जाती हैं, जिससे आप साइकिल, कार्टन या छोटे फर्नीचर जैसी लंबी या भारी चीज़ें ले जा सकते हैं। इसमें एकमात्र कमी 60:40 अनुपात में बांटी जा सकने वाली पीछे की सीट का न होना है, जिससे यात्रियों को बैठने और सामान को रखने में सुविधा कम हो जाती है।

टाटा पंंच सीएनजी वेरिएंट में 210 लीटर का बूट स्पेस मिलता है। कागज़ पर यह संख्या कम लग सकती है, लेकिन टाटा का ड्यूल-सिलेंडर सीएनजी सेटअप इसकी उपयोगिता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। दोनों सिलेंडर बड़ी ही खूबसूरती से अंदर लगे हैं और स्पेयर व्हील बॉडी के नीचे रखा गया है, जिससे सामान रखने के लिए एक सपाट और उपयोगी जगह मिल जाती है। इसका मतलब है कि आप इसमें एक मीडियम साइज की ट्रॉली के साथ-साथ कुछ बैकपैक या किराने का सामान रखने वाले बैग भी रख सकते हैं, जिससे पंच सीएनजी रोज़मर्रा के कामों, ऑफिस आने-जाने और छोटी यात्राओं के लिए काफी प्रैक्टिकल बन जाती है।
भारी-भरकम सिंगल-सिलेंडर सेटअप वाली सीएनजी कारों की तुलना में, जो सामान रखने की जगह कम कर देती हैं, पंच का समाधान सोच-समझकर बनाया गया लगता है और वास्तविक उपयोग में कहीं अधिक सुविधाजनक है।
परफॉरमेंस
2026 के लिए सबसे बड़े और महत्वपूर्ण अपडेट्स में से एक है नए टर्बो-पेट्रोल इंजन का जुड़ना, जिससे पंच को आखिरकार अपनी एसयूवी जैसी छवि के अनुरूप दमदार परफॉर्मेंस मिलती है। इसके साथ ही, टाटा ने परिचित नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल और बेहद लोकप्रिय सीएनजी विकल्प देना जारी रखा है, जो अब एएमटी के साथ भी उपलब्ध है। पावरट्रेन की यह बड़ी रेंज सुनिश्चित करती है कि पंच बजट-फोकस्ड ग्राहकों से लेकर ड्राइविंग के रोमांच का आनंद लेने वाले ग्राहकों तक, विभिन्न प्राथमिकताओं को पूरा करे।

| इंजन | 1.2-लीटर पेट्रोल | 1.2-लीटर पेट्रोल+सीएनजी | 1.2-लीटर टर्बो पेट्रोल |
| पावर | 88 पीएस | 73.5 पीएस | 120 पीएस |
| टॉर्क | 115 एनएम | 103 एनएम | 170 एनएम |
| गियरबॉक्स | 5-स्पीड मैनुअलl/ 5-स्पीड एएमटी | 5-स्पीड मैनुअल/ 5-स्पीड एएमटी | 6-स्पीड मैनुअल |
1.2 लीटर आईसीएनजी + एएमटी - ड्राइविंग अनुभव
1.2 लीटर आईसीएनजी इंजन को माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। टाटा का ड्यूल-सिलेंडर सीएनजी सेटअप न केवल बूट स्पेस को बरकरार रखने में मदद करता है, बल्कि वजन का बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन भी सुनिश्चित करता है। सीएनजी विकल्प के साथ एएमटी गियरबॉक्स का जुड़ना एक बड़ा कदम है, खासकर शहरी यूजर्स के लिए जो कम रनिंग कॉस्ट के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स की सुविधा चाहते हैं।

शहर में ड्राइविंग
शहरी परिस्थितियों में, पंच आईसीएनजी उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म करती है। पावर डिलीवरी एकसमान और अनुमानित है, जिससे रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में इसे चलाना आसान हो जाता है। शहरी स्पीड पर पावर आउटपुट पर्याप्त लगता है, और कार को बार-बार गियर बदलने की आवश्यकता के बिना ही ट्रैफिक के साथ तालमेल बना रहता है।

कम स्पीड पर एएमटी कार को स्मूद तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करता है, जिससे ट्रैफिक में थकान कम होती है। हालांकि, अचानक थ्रॉटल दबाने पर गियरबॉक्स थोड़ा हिचकिचा सकता है या हल्का झटका महसूस करा सकता है, इसलिए आराम से गाड़ी चलाना सबसे अच्छा नतीजा देता है। साउंड और वाइब्रेशन का स्तर पेट्रोल वर्जन की तुलना में थोड़ा ज्यादा है, जो किसी भी सीएनजी सेटअप की खासियत है, लेकिन केबिन के अंदर वाइब्रेशन काफी हद तक कंट्रोल में रहता है।
हालांकि दावा किया गया माइलेज बताया नहीं गया है, लेकिन हम जानते हैं कि टियागो और टिगोर आईसीएनजी में आईसीएनजी + एएमटी सेटअप 20-30 किलोमीटर/किलोग्राम के बीच माइलेज देता है, और हमें उम्मीद है कि पंच सीएनजी भी लगभग इसी आंकड़े के आसपास माइलेज देगी।
पंच आईसीएनजी की एक अजीब समस्या यह थी कि सीएनजी मोड में होने पर माइलेज का कोई डिस्प्ले नहीं दिखता था। यहां तक कि पेट्रोल और सीएनजी मोड के लिए ट्रिपमीटर भी अलग-अलग दिए गए हैं, जो उन यूजर्स के लिए बहुत असुविधाजनक है जो अपनी यात्रा रिकॉर्ड करने के लिए ट्रिपमीटर का उपयोग करना चाहते हैं या सीएनजी की एफिशिएंसी देखना चाहते हैं।
हाइवे ड्राइविंग
हाइवे पर, आईसीएनजी-एएमटी सेटअप के साथ यथार्थवादी अपेक्षाएं रखना सबसे अच्छा है। यहां पंच 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की कंफर्टेबल स्पीड पर चलती है।

हालांकि, ओवरटेक करने के लिए पहले से योजना बनाना ज़रूरी है। चार पैसेंजर्स के साथ या चढ़ाई वाले रास्तों पर, आपको मैनुअल रूप से गियर डाउन करना होगा और धीरे-धीरे गति बढ़ानी होगी। एएमटी का किकडाउन रिस्पॉन्स धीमा है, और हालांकि मैनुअल मोड मदद करता है, फिर भी परफॉर्मेंस तेज़ होने के बजाय सुस्त ही रहती है।
इसमें एक अच्छी बात यह है कि आईसीएनजी एएमटी में पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। इनकी मदद से आप ज़रूरत पड़ने पर स्थिति को अपने कंट्रोल में ले सकते हैं। लेकिन, गियर बदलने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए यह अभी भी उतना आसान नहीं है।
कुल मिलाकर, पंच आईसीएनजी एएमटी शहरी दक्षता के लिए बनाया गया एक समझदारी भरा और किफायती विकल्प है। यह तेज़ स्पीड के लिए नहीं बना है, लेकिन इसके ओनर्स बेहद कम मेंटेनेंस कॉस्ट और तनाव मुक्त रूटीन ड्राइविंग से लाभान्वित होते हैं।
1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल - ड्राइविंग एक्सपीरियंस
पंच लाइनअप में सबसे बड़ा बदलाव 1.2 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का है। 120 पीएस और 170 एनएम का यह इंजन टाटा के बड़े मॉडलों में भी इस्तेमाल होता है और आखिरकार पंच को वह परफॉर्मेंस क्षमता देता है जिसकी इसमें हमेशा कमी रही थी। 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ, यह इंजन उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो बहुत बड़ी एसयूवी खरीदे बिना ही हाईवे पर दमदार परफॉर्मेंस चाहते हैं।
एक बड़ी कमी टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का न होना है। एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो परफॉर्मेंस के साथ-साथ सुविधा को भी महत्व देता है, मैं व्यक्तिगत रूप से इस विकल्प को देखना पसंद करता। यह एक चूक जैसा भी लगता है, क्योंकि पंच युवा ग्राहको को बहुत आकर्षित करती है जो अक्सर ठीक इसी कॉम्बिनेशन की तलाश में रहते हैं।
शहर में ड्राइविंग
शहर में, टर्बो-पेट्रोल पंच तुरंत ही अधिक रिस्पॉन्सिव महसूस होती है। दमदार लो-एंड टॉर्क के कारण ट्रैफिक लाइट से गाड़ी चलाना आसान हो जाता है, और नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल मॉडल की तुलना में बार-बार गियर बदलने की आवश्यकता बहुत कम होती है। इंजन बिना झटके के फुर्तीला महसूस होता है, जो परफॉर्मेंस और रोज़मर्रा के उपयोग में आसानी के बीच एक अच्छा संतुलन बनाता है।

इसका क्लच बेहद हल्का है, लगभग ज़रूरत से ज़्यादा हल्का। भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक में, इस पर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि क्लच को थोड़ा सा भी तेज़ी से छोड़ते ही गाड़ी अचानक आगे की ओर झटका खा सकती है, जिससे अगर आप सावधान नहीं हैं तो आप चौंक सकते हैं।
हालांकि गियरबॉक्स उतना शानदार नहीं है, फिर भी यह सटीक और अनुमानित तरीके से काम करता है। यहां तक कि आधे थ्रॉटल पर भी, पंच पहले से ज़्यादा तेज़ और भरोसेमंद महसूस होती है।
आराम से चलाने पर, यह शहरी परिस्थितियों में लगभग 11-13 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे सकती है।
हाईवे ड्राइविंग
खुली सड़क पर, टर्बो-पेट्रोल पंच आखिरकार अपने नाम को सार्थक साबित करती है। ओवरटेकिंग तेज़ और तनावमुक्त होती है, और इंजन डाउनशिफ्ट पर तुरंत रिस्पॉन्स देता है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर क्रूज़िंग करना तनावपूर्ण नहीं, बल्कि कंफर्टेबल लगता है।

मीडियम रेंज की परफॉर्मेंस इस इंजन की सबसे बड़ी खूबी है, जो हाईवे ड्राइविंग को पिछले किसी भी पंच वेरिएंट की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वासपूर्ण बनाता है। क्रूज़िंग स्पीड पर स्मूदनेस बरकरार है, और हालांकि तेज़ एक्सलरेशन के दौरान इंजन थोड़ा शोर करता है, लेकिन यह कभी भी कर्कश नहीं लगता।
तेज ड्राइविंग करने पर माइलेज पर असर पड़ना स्वाभाविक है, जो कि अपेक्षित है। टाटा की ओर से न्यूनतम माइलेज 8 किलोमीटर प्रति लीटर पर सीमित करना भ्रामक लगता है और पारदर्शिता को कम करता है। आराम से चलाने पर हमने इसे हाईवे पर 15-16 किलोमीटर प्रति लीटर तक माइलेज देते हुए देखा है।
कुल मिलाकर, टर्बो-पेट्रोल मैनुअल ट्रांसमिशन पंच को हाईवे पर एक सक्षम साथी बना देता है। यह बहुत तेज़ तो नहीं है, लेकिन चलाने में मज़ेदार और आसान है, और अंततः ग्राहकों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए पंच चुनने का एक कारण देता है।
राइड और हैंडलिंग
राइड क्वालिटी
टाटा पंच की सबसे बड़ी खूबियों में से एक इसकी बेहतरीन राइड क्वालिटी है, और यह भारतीय ड्राइविंग कंडीशन के लिए बेहद उपयुक्त है। इसका सस्पेंशन शहर में गड्ढों, टूटी सड़कों और ऊंचे स्पीड ब्रेकरों जैसी आम भारतीय सड़कों पर शानदार तरीके से चलती है और केबिन के अंदर झटकों को काफी हद तक कम कर देता है। हाईवे पर भी पंच ऊबड़-खाबड़ और खराब सड़कों पर आरामदायक महसूस होता है, कभी भी बहुत सख्त या अस्थिर नहीं लगता।

बहुत खराब रास्तों पर, कम स्पीड पर गाड़ी चलाते समय थोड़ा-बहुत साइड टू साइड मूवमेंट महसूस हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि स्पीड थोड़ी बढ़ाने से गाड़ी बेहतर तरीके से स्थिर हो जाती है, जिससे कंफर्ट में सुधार होता है। 187 मिलीमीटर के ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ, आप खराब सड़कों, गड्ढों और असामान्य रूप से ऊंचे स्पीड ब्रेकरों पर बिना किसी चिंता के गाड़ी चला सकते हैं, जिससे पंच का एसयूवी जैसा आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है।
हैंडलिंग
टाटा पंच एक छोटी लेकिन ऊंची फैमिली-ओरिएंटेड एसयूवी है, और अपने साइज और बनावट के हिसाब से इसकी हैंडलिंग सराहनीय है। शहर में, हल्का स्टीयरिंग तंग गलियों और पार्किंग स्थलों में गाड़ी चलाना आसान बनाता है। साथ ही, गति बढ़ने पर स्टीयरिंग का वजन भी पर्याप्त हो जाता है, जिससे पंच हाईवे पर सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरपूर महसूस होती है।

ब्रेकिंग के लिए आगे डिस्क और पीछे ड्रम ब्रेक दिए गए हैं, और शहर और हाईवे दोनों पर ड्राइविंग के लिए ब्रेकिंग परफॉर्मेंस पर्याप्त और भरोसेमंद है।
कुल मिलाकर, टाटा पंच की राइड और हैंडलिंग से ओनर्स को शिकायत करने का कोई खास कारण नहीं मिलेगा। यह एसयूवी के भरोसे के साथ खराब सड़कों पर भी चलती है, साथ ही रोजमर्रा की परिस्थितियों में स्थिर, भरोसेमंद और चलाने में आसान रहती है।
वेरिएंट
टाटा पंच फेसलिफ्ट को 6 मुख्य वेरिएंट : स्मार्ट, प्योर, प्योर प्लस, एडवेंचर, अकम्प्लिश्ड और अकम्प्लिश्ड प्लस एस में पेश किया गया है। इस रिपोर्ट में इन वेरिएंट्स की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानें।
टाटा पंच स्मार्ट
- इसमें एलईडी हेडलाइट्स दी गई है।
- रिमोट कीलेस एंट्री स्टैंडर्ड दी गई है।
- सेफ्टी किट में 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम और टायर प्रेशर वार्निंग सिस्टम शामिल हैं।
- दो ड्राइव मोड: सिटी और इको।
- आप हमारी गैलरी में पंच के बेस वेरिएंट को करीब से देख सकते हैं।
टाटा पंच प्योर
- बेहतर कंफर्ट और फीचर्स के लिए फ्रंट आर्मरेस्ट, रियर एसी वेंट और स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल दिए गए हैं।
- बेहतर सुरक्षा के लिए रियर डिफॉगर और मैनुअल डे/नाइट आईआरवीएम दिए गए हैं।
- इस वेरिएंट के डिज़ाइन और इंटीरियर के बारे में यहां जानें।
टाटा पंच प्योर+
- इसमें ड्राइवर सीट हाइट एडजस्टमेंट, क्रूज़ कंट्रोल और टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं।
- इसमें वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले के साथ 8 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम और रिवर्स पार्किंग कैमरा दिया गया है।
- इस गैलरी में पंच प्योर प्लस की तस्वीरें देखें।
टाटा पंच एडवेंचर
- इसमें 15 इंच के स्टील व्हील लगे हैं जिन पर कवर भी हैं।
- इसमें पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप, ऑटोमेटिक एसी, ऑटोमेटिक हेडलाइट्स और रेन सेंसिंग वाइपर्स जैसे कई सुधार किए गए हैं।
- सुरक्षा के लिए इसमें ब्लाइंड व्यू मॉनिटर के साथ 360 डिग्री कैमरा दिया गया है।
- क्या आप टाटा पंच एडवेंचर को करीब से देखना चाहते हैं? हमारी इमेज गैलरी में आपको इसकी विस्तृत जानकारी मिलेगी।
टाटा पंच अकम्प्लिश्ड
- एलईडी डीआरएल, नए 16 इंच के अलॉय व्हील और कनेक्टेड एलईडी टेललाइट के साथ प्रीमियम लुक।
- सीटों के लिए एक्सटेंडेबल अंडरथाई सपोर्ट के साथ बेहतर कंफर्ट।
- टच-बेस्ड क्लाइमेट कंट्रोल पैनल और 10.25 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम केबिन को आधुनिकता का अहसास देते हैं।
टाटा पंच अकम्प्लिश्ड+
- रात में बेहतर विजिबिलिटी के लिए कॉर्नरिंग फंक्शन वाली एलईडी फॉग लाइट्स ।
- इसमें वॉइस असिस्टेड सिंगल-पैनल सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर और ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम जैसी कंफर्ट फीचर्स दिए गए हैं।
- इसमें 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी भी शामिल है।
विशेष उल्लेख - टाटा ने टॉप-वेरिएंट में भी आईसीएनजी+एएमटी का कॉम्बिनेशन पेश करके सराहनीय काम किया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि एएमटी की सुविधा, सीएनजी की किफायती कीमत और बेहतरीन फीचर्स एक ही पैकेज में मिल सके।
निष्कर्ष
2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट उन सभी खूबियों को बरकरार रखती है जिन्होंने मूल मॉडल को इतनी बड़ी सफलता दिलाई जिनमें कंफर्ट, सेफ्टी, राइड क्वालिटी और प्रैक्टिकेलिटी, साथ ही इसकी सबसे बड़ी कमी को भी दूर करती है।
टर्बो-पेट्रोल इंजन, बेहतर फीचर्स और केबिन के कंफर्टेबल माहौल में बदलाव के साथ, पंच पहले से कहीं ज्यादा वर्सेटाइल बन गई है। चाहे आप शहर में रोज़ाना आने-जाने वाले हों, हाईवे पर सफर करने वाले हों या फिर एक सुरक्षित और आरामदायक फैमिली कार की तलाश में हों, पंच का एक ऐसा वेरिएंट मौजूद है जो आपकी हर ज़रूरत को पूरा करेगा।
संक्षेप में कहें तो पंच पहले से ही एक कामयाब कार थी। फेसलिफ्ट के साथ, टाटा ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है!
अन्य विकल्प
हुंडई एक्सटर
विचार करने के कारण
- ज्यादा स्मूद और रिफाइंड पेट्रोल इंजन
- बेहतर केबिन एक्सपीरियंस के साथ बेहतर फिट और फिनिश
नज़रअंदाज़ करने के कारण
- इंफोटेनमेंट और फीचर एक्सपीरियंस उतनी रिच नहीं है। मुकाबले में मौजूद दूसरी कारों की तुलना में उबड़-खाबड़ सड़कों पर राइड कंफर्ट उतना अच्छा नहीं है।
- टर्बो-पेट्रोल इंजन उपलब्ध नहीं है।
सिट्रोएन सी3
विचार करने के कारण
- किफ़ायती शुरुआती कीमत
- खराब सड़कों पर बेहतरीन राइड क्वालिटी
नज़रअंदाज़ करने के कारण
- भारत में ब्रांड की सीमित उपस्थिति
- कई महत्वपूर्ण फीचर्स की कमी
रेनो काइगर / निसान मैग्नाइट
विचार करने के कारण
- बड़ा साइज और केबिन स्पेस
- ज्यादा पावरफुल टर्बो-पेट्रोल इंजन विकल्पों की उपलब्धता
नज़रअंदाज़ करने के कारण
- महंगे टॉप वेरिएंट
- फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी विकल्प उपलब्ध नहीं है
टाटा पंच की खूबियां और खामियां
पसंद की जाने वाली चीज़े
- एसयूवी जैसा डिज़ाइन: अब यह एक प्रॉपर मिनी एसयूवी जैसी दिखती है, जिसमें टाटा के बड़े मॉडलों से प्रेरित क्लीयर डिज़ाइन एलिमेंट्स मौजूद हैं।
- टर्बो-पेट्रोल इंजन: भारत में सबसे किफायती टर्बो-पेट्रोल कारों में से एक, पंच को आखिरकार दमदार परफॉर्मेंस देता है।
- उपयोगी फीचर अपग्रेड: नया 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 360-डिग्री कैमरा इसकी वैल्यू को और बढ़ाते हैं।
नापसंद की जानें वाली चीज़ें
- इंटीरियर जाना-पहचाना सा लगता है: डिज़ाइन में मामूली बदलाव किए गए हैं, और प्लास्टिक की क्वालिटी इस सेगमेंट के हिसाब से औसत दर्जे की है।
- टच-बेस्ड एयर कंडीशनिंग पैनल: यह छूने में ज्यादा संवेदनशील है और अक्सर आपको सड़क से नज़र हटानी पड़ती है, जो ड्राइविंग के दौरान अच्छी चीज नहीं है।
- टर्बो-पेट्रोल ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का अभाव: टर्बो इंजन के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स न होने से शहरी ग्राहकों के लिए इसकी अपील सीमित हो जाती है।
टाटा पंच कंपेरिजन
Rs.5.75 - 10.77 लाख* | Rs.5.99 - 9.99 लाख* | Rs.5.30 - 9.75 लाख* | Rs.7.40 - 14.52 लाख* | Rs.6.90 - 12.03 लाख* | Rs.5.81 - 9.65 लाख* | Rs.4.77 - 8.62 लाख* | Rs.5.84 - 8.89 लाख* |
| रेटिंगUser Review (171) | User Review (14) | User Review (26) | User Review (883) | User Review (809) | User Review (42) | User Review (43) | User Review (534) |
| ट्रांसमिशनमैनुअल / ऑटोमेटिक | मैनुअल / ऑटोमेटिक | ऑटोमेटिक / मैनुअल | मैनुअल / ऑटोमेटिक | मैनुअल / ऑटोमेटिक | ऑटोमेटिक / मैनुअल | मैनुअल / ऑटोमेटिक | मैनुअल / ऑटोमेटिक |
| इंजन1199 सीसी | 1197 सीसी | 1199 सीसी | 1199 सीसी - 1497 सीसी | 998 सीसी - 1197 सीसी | 1197 सीसी | 1199 सीसी | 1197 सीसी |
| फ्यूल टाइपपेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी | डीजल / पेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी | पेट्रोल / सीएनजी |
| पावर72 - 118 बीएचपी | 69 - 82 बीएचपी | 74.46 - 85 बीएचपी | 99 - 118.27 बीएचपी | 76.43 - 98.69 बीएचपी | 68 - 82 बीएचपी | 74.46 - 85 बीएचपी | 68.8 - 81.8 बीएचपी |
| बूट स्पेस366 लीटर | 318 लीटर | 419 लीटर | 382 लीटर | 308 लीटर | 391 लीटर | 242 लीटर | 265 लीटर |
| एयरबैग6 | 6 | 6 | 6 | 6 | 6 | 6 | 6 |
| वर्तमान में देख रहे हैं | व्यू ऑफर | पंच बनाम aeris | पंच बनाम नेक्सन | पंच बनाम फ्रॉन्क्स | पंच बनाम एक्सटर | पंच बनाम टियागो | पंच बनाम स्विफ्ट |
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पंच CNG Proving It Wrong!

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2026 Tata Punch Review: Choti Gadi, Bada Kaam9 महीने पहले75.3K व्यूज
2026 Tata Punch Variants Explained: Galat Variant Lene Se Bachein!8 महीने पहले45.9K व्यूज
Mahindra Bolero Neo vs Tata Sierra vs Maruti Victoris vs Tata Punch vs Kia Syros vs MG Windsor6 महीने पहले65.9K व्यूज
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भारत में पंच की कीमत
ट्रेंडिंग टाटा कारें
- पॉपुलर
- अपकमिंग
टाटा सिएराRs.11.49 - 21.59 लाख*
टाटा नेक्सनRs.7.40 - 14.52 लाख*
टाटा हैरियरRs.13 - 26.11 लाख*
टाटा सफारीRs.13.40 - 26.91 लाख*
टाटा कर्वRs.10 - 19 लाख*
पॉपुलर एसयूवी कारें
- ट्रेंडिंग
- लेटेस्ट
- अपकमिंग
हुंडई bayonRs.10 - 18.15 लाख*
महिंद्रा थार ओजीRs.10.32 - 18.99 लाख*
मारुति सुजुकी ब्रेजाRs.7.50 - 13.71 लाख*
मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्सRs.6.90 - 12.03 लाख*
महिंद्रा स्कॉर्पियो एनRs.13.69 - 25.49 लाख*
- न्यू वैरिएंट
रेनॉल्ट डस्टरRs.10.49 - 19.49 लाख* - न्यू वैरिएंट
महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओRs.7.79 - 15.04 लाख* - न्यू वैरिएंट
एमजी हेक्टरRs.12.14 - 20 लाख*
होंडा एलिवेटRs.11.80 - 18.40 लाख*- न्यू वैरिएंट
हुंडई क्रेटाRs.10.91 - 20.46 लाख*
पॉपुलर इलेक्ट्रिक कारें
मारुति सुजुकी ई विटाराRs.16.19 - 20.21 लाख*
टेस्ला रोडस्टरRs.50.06 लाख - 2.50 करोड़*
महिंद्रा एक्सईवी 9ईRs.21.90 - 31.25 लाख*
टाटा पंच ईवीRs.9.79 - 12.99 लाख*
टाटा टियागो ईवीRs.6.99 - 10.09 लाख*
टाटा पंच लेटेस्ट अपडेट
-
4 अगस्त 2026: Tata Punch SUV कार ने 5 साल के अंदर 8 लाख यूनिट्स से ज्यादा का बिक्री का आंकड़ा पार किया है।
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6 जुलाई 2026: टाटा मोटर्स ने पंच माइक्रो एसयूवी की प्राइस में 7,000 रुपये का इजाफा किया गया है।
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20 जनवरी 2026: भारत एनकैप ने नई टाटा पंच का क्रैश टेस्ट किया है। इसे वयस्क पैसेंजर और बच्चों दोनों की सुरक्षा के लिए 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है।
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13 जनवरी 2026: 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट भारत में लॉन्च हो गई है। इस गाड़ी की कीमत 5.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है।
-
13 जनवरी 2026: टाटा पंच फेसलिफ्ट को भारत एनकैप से वयस्क और चाइल्ड पैसेंजर सेफ्टी के लिए 5-स्टार रेटिंग मिली है।

