2026 मारुति ब्रेजा टर्बो: क्या यह ब्रेजा एसयूवी कार का सबसे अच्छा इंजन है?
टर्बो ब्रेजा तेज और मजेदार है, और आपकी जेब पर ज्यादा बोझ नहीं डालती
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मारुति सुजुकी ने आखिरकार ब्रेजा में वह चीज शामिल कर दी है जिसका हम काफी समय से इंतजार कर रहे थे। हम बात कर रहे हैं मारुति ब्रेजा टर्बो-पेट्रोल इंजन की। यह 1.0-लीटर बूस्टरजेट इंजन मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स से लिया गया है और ये सब-4 मीटर एसयूवी कार के स्टैंडर्ड 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन के मुकाबले कहीं ज्यादा पावरफुल है। मारुति खुद इसे "इंगेजिंग" चॉइस बताती है, और इस बार यह महज मार्केटिंग नहीं है, सड़क पर भी यही हकीकत है।
हालांकि यह पावरफुल इंजन सिर्फ मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है, इसमें ऑटोमैटिक का कोई ऑप्शन नहीं है। इसलिए खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखें कि आप मजेदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस वाली ब्रेजा गाड़ी लेना चाहते हैं, या वह कंफर्ट चाहिए जो ज्यादातर शहरी कस्टमर रोजाना की ड्राइविंग में चाहते हैं।
यह नया इंजन आखिर है क्या?

206 मारुति ब्रेजा में फ्रॉन्क्स गाड़ी वाला 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर बूस्टरजेट टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है। 3-सिलेंडर होने के बाद भी इसका रिफाइनमेंट लेवल काफी स्मूद है। पावर अच्छे से मिलती है, कोई अचानक झटका नहीं। शहर के ट्रैफिक में यही बात इसे खास बनाती है। सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है वो है इसका लो-एंड टॉर्क। शुरुआती रेव्स से ही एक फुर्ती है जो किसी नॉर्मल नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन में नहीं मिलती। इंस्टेंट रिस्पॉन्स और लो-डाउन ग्रंट, यही इस इंजन की असली ताकत है जो रोज की ड्राइविंग में सबसे ज्यादा काम आती है। फिलहाल इसके साथ सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स का ही विकल्प दिया गया है।
शहर में कैसी है परफॉर्मेंस?
शहरी ट्रैफिक में यह टर्बो इंजन सबसे ज्यादा अपना रंग दिखाता है। लो-एंड टॉर्क इतना अच्छा है कि रुक-रुककर चलते वक्त बार-बार क्लच और गियर का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। कार बिना किसी खींचतान के आगे बढ़ती रहती है, जिससे लंबे थकाऊ सफर का बोझ काफी हल्का लगता है। पावर डिलीवरी शांत और कंट्रोल्ड रहती है। ओवरटेक करना हो या किसी गैप में घुसना हो, पावर की कमी नहीं खलती। मुंबई में मानसून के दौरान भारी स्टॉप-स्टार्ट ट्रैफिक में टेस्टिंग के दौरान मारुति ब्रेजा टर्बो पेट्रोल का माइलेज करीब 10-12 किलोमीटर प्रति लीटर रहा, जो टर्बो इंजन के लिए काफी प्रैक्टिकल आंकड़ा है।
हाईवे पर कैसा है अनुभव?

हाईवे पर मारुति सुज़ुकी विटारा ब्रेज़ा को चलाने में असली मजा आता है। ओवरटेक के लिए ज्यादा सोचना नहीं पड़ता, पावर हमेशा तैयार रहती है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पार करना आसान है और इंजन पर कोई स्ट्रेस नहीं दिखता, केबिन भी शांत रहता है। बस किसी थ्रिल राइड की उम्मीद मत रखिए। यह "एनर्जेटिक" है, "एक्साइटिंग" नहीं। टर्बो एक्टिव होने पर कोई तेज झटका नहीं लगता, पावर स्मूद तरीके से आती है और काम कर देती है। लंबी हाईवे ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए यह परफॉर्मेंस काफी है, लेकिन स्पोर्टी एसयूवी वाला फील यहां नहीं मिलेगा। क्रूजिंग के दौरान माइलेज लगभग 13-14 किलोमीटर प्रति लीटर रहता है।
सिर्फ मैनुअल: अच्छा गियरबॉक्स, लेकिन एक बुरा ट्रेड-ऑफ

6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स की तारीफ बनती है। क्लच एक्शन इतना हल्का है कि भारी शहरी ट्रैफिक में घंटेभर ड्राइव करने के बाद भी बाएं पैर में कोई दर्द नहीं होगा। गियर शिफ्ट्स भी स्लिक, सटीक और संतोषजनक हैं। पर सबसे बड़ी खटकने वाली बात यह है कि इसमें ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन नहीं मिलता। टर्बो इंजन के साथ सिर्फ मैनुअल गियरबॉक्स देना मारुति का अजीब फैसला लगता है। अगर ऑटोमैटिक होता, तो टर्बो ब्रेजा कार उन शहरी ग्राहकों की पहली पसंद बन सकती थी जो सुविधा को ऊपर रखते हैं। गियरबॉक्स खुद बेहतरीन है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन इसे एकमात्र विकल्प बनाने से खरीदार परफॉर्मेंस और ईजी के बीच किसी एक को चुनने पर मजबूर होते हैं।
2026 मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट: ओवरव्यू
टर्बो इंजन मारुति ब्रेजा न्यू मॉडल का इकलौता बड़ा बदलाव नहीं है। मारुति ने ब्रेजा का एक्सटीरियर भी काफी बदला है। सामने की तरफ नई ग्रिल और नया बंपर मिलता है, जो पहले से ज्यादा मॉडर्न दिखता है, और साथ में नए एलईडी हेडलैंप्स व एलईडी डीआरएल भी हैं। साइड से यह काफी हद तक पहले जैसी ही है, यहां केवल बदलाव के तौर पर नई डिजाइन के 16-इंच अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। पीछे वाले हिस्से की बात करें तो यहां एलईडी टेललैंप्स अब पूरे टेलगेट पर फैले हैं, जो रात में काफी शानदार दिखते हैं। टेलगेट पर नई 'ब्रेजा' ब्रांडिंग है। टर्बो वेरिएंट्स पर अलग 'टर्बो' बैज लगाया गया है, ताकि इन्हें पहचाना जा सके।

केबिन की बात करें तो न्यू ब्रेजा की फीचर लिस्ट काफी लंबी है। डैशबोर्ड के बीच में 10-इंच का टचस्क्रीन है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले दोनों सपोर्ट करता है। इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, वायरलेस चार्जिंग पैड, कीलेस एंट्री और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी मिलते हैं। पैसेंजर की सुरखा के लिए इसमें 360-डिग्री कैमरा, फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स और 6 एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर दिए गए हें। इसमें रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट, सेफ एग्जिट वॉर्निंग और ब्लाइंड स्पॉट अलर्ट जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं, जो रोजमर्रा की ड्राइविंग को काफी सुरक्षित बनाते हैं।
मारुति ब्रेजा 2026 मॉडल में तीन इंजन ऑप्शन मिलते हैं। पहला है नया 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, जो परफॉर्मेंस के लिए है। दूसरा, 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ आता है और बेहतर माइलेज देता है। तीसरा ऑप्शन 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट के साथ मिलता है, हालांकि इसमें माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी नहीं है। सीएनजी वर्जन में एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब इसमें अंडरबॉडी टैंक दिया गया है, जिससे बूट स्पेस पहले के मुकाबले ज्यादा है।
| स्पेसिफिकेशन |
1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल |
1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल |
1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल + सीएनजी |
| पावर |
110 पीएस |
103 पीएस |
88 पीएस (सीएनजी मोड) |
| टॉर्क |
170 एनएम |
139 एनएम |
121.5 एनएम |
| गियरबॉक्स |
6-स्पीड एमटी |
6-स्पीड एमटी, 6-स्पीड एटी |
6-स्पीड एमटी |
कीमत और मुकाबला
मारुति ब्रेजा की कीमत 7.40 लाख रुपये से शुरू होती है और ब्रेजा टॉप मॉडल की प्राइस 13.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसका मुकाबला मारुति फ्रॉन्क्स, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ, स्कोडा कायलाक, टाटा नेक्सन, टोयोटा टाइजर, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट, रेनो काइगर और निसान मैग्नाइट से है।
कारदेखो का क्या है कहना
मारुति सुज़ुकी विटारा ब्रेज़ा का नया 1.0-लीटर टर्बो इंजन वही देता है जिसकी उम्मीद थी। यह इंजन इस मारुति एसयूवी कार को शहर और हाईवे दोनों जगह चलाने लायक मजेदार बना देता है। जिस ड्राइवर को मैनुअल गियरबॉक्स पसंद है और बेस 1.5-लीटर इंजन से ज्यादा पावर चाहिए, उसके लिए यह पक्का काम का है। रोज की ड्राइव में थोड़ा पंच और कनेक्टेड फील, यही तो यह कॉम्बो देता है। लेकिन जिनकी पहली प्राथमिकता आराम और सुविधा है, उनके लिए यह टर्बो-मैनुअल वेरिएंट सही नहीं होगा।

इस सेगमेंट में टू-पेडल यानी ऑटोमैटिक टर्बो एसयूवी कार अब आम हो चुकी हैं। ऐसे में टर्बो इंजन के साथ ऑटोमैटिक का ऑप्शन न देना काफी बड़ी चूक है। जिन्हें आराम चाहिए, उनके लिए ब्रेजा का रेगुलर 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का कॉम्बिनेशन बेहतर रहेगा। यह थोड़ा कम एक्साइटिंग जरूर है, पर रोजाना चलाने में यह कहीं ज्यादा आसान है। टर्बो ब्रेजा की बात सीधी है, पसंद है तो खुद गियर बदलते रहो, वरना नैचुरली एस्पिरेटेड वाली ले लो।














