एडीएएस से लेकर रियर सीट मसाज फंक्शन तक : लग्जरी कार फीचर जो अब मास-मार्केट कारों में कॉमन मिलते हैं, देखिए पूरी लिस्ट
क्या 20 लाख रुपये की कारें भी 1 करोड़ रुपये की कारों जितनी ही शानदार हो गई हैं?
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भारत का कार बाजार पिछले कई सालों में काफी बदल गया है। जहां पहले एडीएएस, पैनोरमिक सनरूफ और मेमोरी सीट जैसे फीचर्स केवल मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली लग्जरी कारों में ही देखने को मिलते थे, अब यह 20 से 30 लाख रुपये बजट वाली एसयूवी कारों में मिलना आम बात हो गई है। यह बदलाव दिखाता है कि टेक्नोलॉजी कितनी एडवांस हो गई है, और साथ ही भारतीय ग्राहकों की उम्मीदें भी कितनी बढ़ गई हैं। टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कार कंपनियों ने इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई है, और इन लग्जरी फीचर्स को आम लोगों की पहुंच तक लाने में यह सबसे आगे रही हैं। यहां हमनें उन टॉप लग्जरी कार फीचर्स का जिक्र किया है जो आजकल लगभग हर कार में मिल रहे हैं, आइए डालते हैं इस पर एक नजर :-
लेवल-2 एडीएएस
एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (एडीएएस) कुछ साल पहले तक एक बहुत महंगी टेक्नोलॉजी मानी जाती थी। लेकिन, अब यह मास-मार्केट कारों का हिस्सा बन गई हैं। एडीएएस के तहत ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (एईबी), लेन डिपार्चर वॉर्निंग (एलडीडब्लू), ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग (बीएसएम), लेन-कीप असिस्ट (एलकेए), अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल और रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट जैसे फीचर मिलते हैं।

होंडा, टाटा, महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां अब अपनी पॉपुलर एसयूवी और सेडान कारों में यह सेफ्टी सूट दे रही हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारतीय सड़कों की अनिश्चित परिस्थितियों, जैसे खराब लेन मार्किंग और अनुशासनहीन ट्रैफिक के कारण, इन सिस्टम्स का परफॉरमेंस कई बार मिला-जुला रहता है। फिर भी, हाइवे पर ड्राइविंग के दौरान यह एक बहुत उपयोगी सेफ्टी फीचर साबित होता है।
ट्रिपल स्क्रीन सेटअप
कार के डैशबोर्ड पर तीन बड़ी स्क्रीन का ट्रेंड मर्सिडीज-बेंज और ऑडी जैसे लग्जरी ब्रांड ने शुरू किया था। यह फीचर ना केवल केबिन को एक फ्यूचरिस्टिक और प्रीमियम लुक देता है, बल्कि ड्राइवर और पैसेंजर के लिए कई सारे मनोरंजन के ऑप्शन भी खोल देता है। डैशबोर्ड पर मिलने वाले ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप के तहत डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और सेंटर इंफोटेनमेंट स्क्रीन शामिल होती हैं। इस इंफोटेनमेंट स्क्रीन से म्यूज़िक, क्लाइमेट कंट्रोल और गाड़ी की दूसरी सेटिंग्स व पर्सनलाइजेशन को कंट्रोल किया जा सकता है। तीसरी स्क्रीन ठीक को-ड्राइवर के सामने होती है जिसमें गेम्स, यूट्यूब कम्पैटिबिलिटी और मल्टीमीडिया सपोर्ट जैसे अतिरिक्त फीचर्स होते हैं, ताकि बोर होने पर पैसेंजर इनका मजा ले सके।

अब ट्रिपल स्क्रीन सेटअप केवल महंगी कारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अब टाटा सिएरा और महिंद्रा एक्सयूवी 7एक्सओ जैसी गाड़ियों में भी देखने को मिलता है। यह सेटअप केबिन को ना केवल मॉडर्न बनाता है, बल्कि यह इस्तेमाल करने में भी काफी सुविधाजनक होता है।
डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल
यह एक ऐसा फीचर है जो ड्राइवर और पैसेंजर के कंफर्ट को बढ़ाता है। डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल के जरिए ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर अपनी-अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग केबिन टेम्परेचर सेट कर सकते हैं। पहले यह फीचर सिर्फ महंगी सेडान और एसयूवी कारों में मिलता था, लेकिन अब यह टाटा हैरियर, किआ सेल्टोस, और महिंद्रा एक्सईवी 9एस जैसी कारों में भी स्टैंडर्ड मिलने लगा है।

रियर सीट वेंटिलेशन
भारत जैसे गर्म देश में वेंटिलेटेड सीट्स एक बहुत ही काम का फीचर है। अब तक यह फीचर केवल फ्रंट सीटों के लिए ही उपलब्ध था, लेकिन अब कार कंपनियां पीछे बैठने वाले पैसेंजर्स के कंफर्ट का भी ध्यान रख रही हैं। अब किआ ने अपनी नई सिरोस ईवी में रियर सीट वेंटिलेशन फीचर देने की घोषणा कर दी है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है जो परिवार के साथ ज्यादा सफर करते हैं। यह दिखाता है कि अब कंपनियां सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, बल्कि हर पैसेंजर के कंफर्ट को प्राथमिकता दे रही हैं।

यह फीचर पहले फ्लैगशिप लग्जरी कारों में दिया जाता है, लेकिन अब यह हुंडई अल्कजार, एक्सयूवी 7एक्सओ और टाटा सफारी 6-सीटर वेरिएंट जैसी बड़ी एसयूवी में भी मिलने लगा है।
पैनोरमिक सनरूफ
लग्जरी कारों में एक नए फीचर के तौर पर शुरू हुई चीज जिसका मजा आम तौर पर यूरोप में गर्मियों के दौरान लिया जाता था वो सनरूफ था, आज यह फीचर भारतीय ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा डिमांड में है। हुंडई क्रेटा और सेल्टोस जैसी कारों में बेस से ऊपर वाले वेरिएंट से यह फीचर मिल रहा है। अब यह फीचर सिर्फ टॉप वेरिएंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई कारों के मिड-वेरिएंट में भी मिलने लगा है जिससे यह ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों की पहुंच में आ गया है।

यहां ध्यान दें : चलती कार से अपना सिर बाहर न निकालें, और यह बात खासकर बच्चों पर लागू होती है। यह एक ऐसी जानलेवा गलती साबित हो सकती है जिसका आपको पता भी नहीं चलेगा।
एआर हेड्स-अप डिस्प्ले
हेड्स-अप डिस्प्ले (एचयूडी) ड्राइवर को विंडस्क्रीन पर ही स्पीड और नेविगेशन जैसी जरूरी जानकारी दिखाता है, ताकि उसे सड़क से नजर ना हटानी पड़े। अब इसका अगला लेवल ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) हेड्स-अप डिस्प्ले है। यह फीचर महिंद्रा एक्सईवी 9एस और टाटा सिएरा जैसी कारों में मिलता है। यह एडीएएस फीचर्स के साथ मिलकर काम करता है और ड्राइवर को लेन कीप असिस्ट और अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर में मदद करता है।

रियर सीट मसाज
यह शायद उन फीचर्स में से है जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह कभी 30-40 लाख रुपये के बजट की कारों में मिलेगा। मसाज फंक्शन वाली सीटें अब तक सिर्फ मर्सिडीज एस-क्लास जैसी अल्ट्रा-लग्जरी कार की पहचान थीं, लेकिन अब इस कंफर्ट फीचर का मास-मार्किट कारों में मिलना भी आम बात हो गई है। यह फीचर स्कोडा कुशाक गाड़ी में दिया गया है। हालांकि, मसाज फंक्शन कुशाक की रियर सीट में सिर्फ बैकरेस्ट पर ही काम करता है। यह फीचर लंबी दूरी का सफर तय करने वालों के लिए बेहद आरामदायक साबित होता है।

मेमोरी के साथ ड्राइवर सीट एडजस्टमेंट
अगर एक ही कार को घर में एक से ज्यादा लोग चलाते हैं, तो यह फीचर बहुत काम का साबित होता है। हर बार ड्राइवर बदलने पर सीट, मिरर और स्टीयरिंग व्हील को फिर से एडजस्ट करना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है। मेमोरी फंक्शन के साथ पावर्ड ड्राइवर सीट इस झंझट को खत्म कर देती है। यह सिस्टम 2-3 ड्राइवरों की पसंदीदा सीटिंग पोजीशन को सेव कर लेता है और एक बटन दबाते ही सीट अपने आप उस पोजीशन पर एडजस्ट हो जाती है। यह एक प्रीमियम फीचर है जो अब किआ सेल्टोस जैसी कॉम्पैक्ट एसयूवी में भी मिलता है, जो पहले सिर्फ महंगी यूरोपियन कारों में दिया जाता था।

कारदेखो का क्या है कहना…
जब कोई हाई-टेक या लग्जरी फीचर बजट सेगमेंट की कारों तक पहुंच जाता है, तो यह इस बात का संकेत है कि वह टेक्नोलॉजी अब पूरी तरह से विकसित और भरोसेमंद हो चुकी है। भारतीय कार बाजार में यह ट्रेंड साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां ग्राहकों की उम्मीदें बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियों के बीच बढ़ता कॉम्पिटिशन उन्हें ज्यादा से ज्यादा फीचर्स कम दाम में देने के लिए मजबूर कर रहा है। टाटा और महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियां इस बदलाव का नेतृत्व कर रही हैं और ग्लोबल ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे रही हैं।














