भारत एनकैप की लॉन्चिंग पर देश की टॉप कार कंपनियों का क्या है कहना, जानिए यहां
इस लिस्ट में भारत के टॉप ऑटोमेकर्स के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं, सभी कंपनियां भारत में सुरक्षित कारों के सपोर्ट में हैं
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भारत एनकैप (न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम) को लॉन्च कर दिया है। एक वॉलन्टरी प्रोग्राम के रूप में इसका उद्देश्य कार कंपनियों को सभी प्राइस रेंज वाली कारों की सेफ्टी में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऑटो जगत की कई टॉप कार कंपनियों ने भारत एनकैप को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, तो चलिए जानते हैं इस पर कार कंपनियों का क्या है कहना:
मारुति
मारुति सुजुकी इंडिया, कॉर्पोरेट अफेयर, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, राहुल भारती का कहना है कि, "भारत में लॉन्च होने वाली सभी कारें सरकार द्वारा निर्धारित अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन करती हैं। सेफ्टी को लेकर अतिरिक्त जानकारी चाहने वाले लोगों के लिए भारत एनकैप सिस्टम एक प्रामाणिक और उद्देश्यपूर्ण रेटिंग सिस्टम है जो ग्राहकों को सही विकल्प चुनने में मदद करेगा।"
"मारुति सरकार की इस पहल का स्वागत करती है और भारत एनकैप टेस्टिंग के लिए शुरुआत में अपने तीन मॉडल्स भेजेगी।"

हालांकि, यह जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है कि कंपनी किन तीन कारों को क्रैश टेस्ट के लिए भेजेगी। अनुमान है कि पहले सबसे ग्रैंड विटारा और ब्रेज़ा जैसी एसयूवी कारों का क्रैश टेस्ट किया जा सकता है।
टाटा
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मेनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्र का कहना है कि "हमें भारत एनकैप की लॉन्चिंग पर काफी गर्व है, यह भारत में व्हीकल की सेफ्टी को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। कारों की सेफ्टी हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और सरकार की यह पहल हमारी प्रतिबद्धता के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।"
उन्होंने आगे यह भी कहा कि "हम नया सेफ्टी बेंचमार्क स्थापित करने में सरकार, रेगुलेटरी बॉडीज़ और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के प्रयासों की सराहना करते हैं। टाटा मोटर्स ऐसे वाहनों को तैयार करने के लिए समर्पित है जो मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स से लैस हों और सभी रोड यूज़र्स को अच्छी सुरक्षा प्रदान करें।”

टाटा अपनी पंच और नेक्सन जैसी सस्ती कारों में फिलहाल दो से ज्यादा एयरबैग् नहीं देती है। इन दोनों कारों को पुराने ग्लोबल एनकैप क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल्स पर 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है।
महिंद्रा
महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोटिव डिविज़न के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वीजे नाकरा का कहना है कि “सेफ्टी हमेशा हमारी पहली प्राथमिकता रही है जो ग्लोबल एनकैप में हमारी कारों को मिली 5-स्टार और 4-स्टार रेटिंग से साफ स्पष्ट होती है। भारत एनकैप की लॉन्चिंग सरकार की एक सराहनीय पहल है। हमारा मानना है कि यह भारत में व्हीकल सेफ्टी स्टैंडर्ड को और मजबूत बनाएगा।”

महिंद्रा की दो नई एसयूवी कारों एक्सयूवी 700 और स्कॉर्पियो एन को ग्लोबल एनकैप में 5-स्टार रेटिंग मिल चुकी है।
हुंडई
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के एमडी व सीईओ उन्सो किम का कहना है कि “हम सरकार की भारत एनकैप सुरक्षा पहल का स्वागत करते हैं। हमारा विश्वास है कि सरकार का यह प्रयास सेफ्टी स्टैंडर्ड को मजबूत बनाएगा, लोगों को सही जानकारी दने में मदद करेगा और भारतीय सड़कें सभी के लिए सुरक्षित बन सकेंगी। हम अच्छी सेफ्टी स्टैंडर्ड वाली कारें बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''

बिक्री के मामले में हुंडई भारत का दूसरा सबसे पॉपुलर कार ब्रांड है, जिसकी ग्रैंड आई10 निओस, वेन्यू और क्रेटा जैसी कारों को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिलनी फिलहाल बाकी है।
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टोयोटा
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट विक्रम गुलाटी का कहना है कि “हम सरकार के भारत-एनकैप असेसमेंट प्रोग्राम लॉन्च करने के इस फैसले की सराहना करते हैं और मानते हैं कि यह सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ग्राहक अपनी कारों में अच्छी सेफ्टी चाह रहे हैं और सुरक्षित व्हीकल्स की तलाश कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि “टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का मानना है कि मनुष्य का जीवन सबसे महत्वपूर्ण है और सुरक्षा से कभी भी समझौता नहीं किया जा सकता है। हमने सेफ्टी को लेकर हमेशा महत्वपूर्ण कदम अपनाएं हैं। हम आगे भी एक समग्र दृष्टिकोण का पालन करना जारी रखेंगे, जिसमें एडवांस फीचर्स के साथ ज्यादा सुरक्षित कारें तैयार करना और सेफ्टी एजुकेशनल एक्टिविटीज़ पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।''
किया

किया इंडिया के चीफ सेल्स एंड बिज़नेस ऑफिसर म्युंग सिक सोहं का कहना है कि “भारत एनकैप रोड सेफ्टी को लेकर एक शानदार कदम है। हम एक्टिव और पैसिव दोनों सुरक्षा कॉम्पोनेन्ट को शामिल करते हुए सुरक्षा के प्रति भारत सरकार के इस दूरदर्शी दृष्टिकोण की तहे दिल से सराहना करते हैं। भारत सरकार के आत्मनिर्भर इंडिया के विज़न के अनुरूप यह कदम अब बाहर टेस्ट किए जाने वाले व्हीकल्स की आवश्यकताओं और इन पर लगने वाली लागत को समाप्त करने में मदद करेगा। इससे बड़े पैमाने पर अच्छी रेटिंग के साथ दुनिया भर में भारत की कारों की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।”
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा साझा किए गए एक कमेंट का भी जिक्र किया जब उन्होंने बताया था कि भारत एनकैप के साथ एक कार की क्रैश टेस्टिंग करने की संभावित लागत 60 लाख रुपये के आसपास होगी, जबकि किसी भी कार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रैश टेस्ट करवाने में 2.5 करोड़ रुपये लगते है।
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स्कोडा
स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर पेटर सोल्क का कहना है कि “हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत सरकार सुरक्षा नियमों और नीतियों को काफी महत्व दे रही है। भारत एनकैप की लॉन्चिंग सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू है, एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स के साथ-साथ कार का स्ट्रक्चर ड्राइवर और उनके परिवार को सुरक्षित रखने में मदद करता है। स्कोडा एक फैमिली ब्रांड है और सभी ग्राहकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कोडा भारतीय बाजार में ब्रांड को और मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा पर ध्यान देना जारी रखेगी।"

वर्तमान में स्कोडा-फोक्सवैगन इंडिया के पास ग्लोबल एनकैप द्वारा क्रैश टेस्ट की गई कई अच्छी सेफ्टी रेटिंग वाली कारें मौजूद हैं जिनमें फोक्सवैगन टाइगन, फोक्सवैगन वर्ट्स, स्कोडा कुशाक और स्कोडा स्लाविया शामिल हैं।
रेनो

रेनो इंडिया ऑपरेशंस के कंट्री सीईओ व एमडी वेंकटराम मामिल्लापल्ले का कहना है कि “अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने और रोड सेफ्टी मजबूत करने के इरादे से भारत सरकार ने भारत एनकैप को लॉन्च किया है। रेनो इंडिया इस पहल का तहे दिल से समर्थन करती है, साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सभी लोगों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करने की दिशा में योगदान देने के लिए तत्पर है।”
भारत एनकैप से जुड़ी डिटेल्स
भारत एनकैप कारों की टेस्टिंग 1 अक्टूबर 2023 से करना शुरू करेगी। इसके तहत ग्लोबल एनकैप वाले पैरामीटर पर ही कारों की टेस्टिंग की जाएगी, जिनमें फ्रंटल ऑफसेट, साइड इम्पेक्ट और पोल साइड इम्पेक्ट टेस्ट शामिल होंगे। रेटिंग सिस्टम और व्हीकल टाइप से जुड़ी सभी डिटेल्स को हमारी इस मेन स्टोरी में कवर किया गया है।













