निसान टेक्टॉन डीजल : क्या यह भारत में होगी लॉन्च? यहां पढ़ें!
डीजल इंजन बनाने में आने वाली दिक्क्तें और असल जिंदगी में उनके रखरखाव की समस्याओं की वजह से उनका भविष्य अंधकारमय लग रहा है। निसान ने इसकी वजह बताई है…
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हाल ही में निसान ने टेक्टॉन को भारत में लॉन्च किया है। इस गाड़ी को भारत के कार बाजार में सबसे पॉपुलर सेगमेंट में पोजिशन किया गया है। शानदार फीचर्स, दो टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन और 10.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत के साथ, ऐसा लगता है कि इसमें एक सफल गाड़ी बनने के लिए लगभग सभी जरूरी खूबियां मौजूद हैं। हम यह भी जानते हैं कि भारत में डीजल कारों को काफी पसंद किया जाता है। लेकिन, आज डीजल गाड़ियों का क्या हाल है?
हुंडई, किआ और टाटा जैसी कार कंपनियां अभी भी अपनी गाड़ियों में डीजल इंजन का ऑप्शन दे रही है। अब सवाल यह उठता है कि क्या निसान अपनी नई टेक्टॉन गाड़ी में डीजल इंजन शामिल करेगी? ऐसा 'नहीं' होगा क्योंकि इसके साथ कई पेचीदगियां जुड़ी हैं। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों है और पुराने डीजल इंजन की जगह कौनसी पावरट्रेन ले सकती है?
नए डीजल इंजन ऑप्शन
हम जानते हैं कि निसान टेक्टॉन रेनो डस्टर पर बेस्ड है। यह दोनों गाड़ियां एक ही प्लेटफॉर्म पर बनी है और इनमें एक जैसा इंजन और टेक्नोलॉजी भी दी गई है। चूंकि डस्टर के लिए हाइब्रिड पावरट्रेन का मिलना कंफर्म हो चुका है और इसे यहां दिवाली 2026 तक पेश किया जाएगा, ऐसे में उम्मीद है कि टेक्टॉन में भी भविष्य में हाइब्रिड पावरट्रेन शामिल की जा सकती है।

| अपकमिंग हाइब्रिड गाड़ी : नई रेनो डस्टर एसयूवी कार में 1.8-लीटर पेट्रोल हाइब्रिड इंजन दिया जाएगा जिसका संयुक्त आउटपुट 160 पीएस के आसपास होगा। |
टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर और मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा जैसी गाड़ियों में मिलने वाली हाइब्रिड पावरट्रेन को भारत में काफी पसंद किया जा रहा है। यह हाइब्रिड गाड़ियां शहर में टर्बो और नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के मुकाबले दोगुनी या उससे भी ज्यादा माइलेज देती हैं और हाईवे पर भी इन्हें चलाना काफी आसान और आरामदायक रहता है। इसलिए, हाइब्रिड पावरट्रेन डीजल इंजन की जगह लेगी।

कार कंपनियां डीजल इंजन से क्यों दूर हो रही हैं?
निसान के अनुसार, आज के बाजार में डीजल इंजन को तैयार करने के लिए प्रयास करना फायदेमंद साबित नहीं होता है। कड़े कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (CAFE) नियमों के कारण, आज डीजल इंजन को एमिशन से जुड़े नियमों का पालन करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
डीजल गाड़ियों के एग्ज़हॉस्ट फिल्टर में एडब्लू यूरिया डालने की जरूरत के कारण कई तरह की दिक्कतें भी आ रही हैं। इसी वजह से कुल डेवलपमेंट कॉस्ट बढ़ रही है और फ्यूल को लेकर अनिश्चितता हो रही है, जिसका सीधा असर मैन्युफैक्चरर पर पड़ रहा है। यही कारण है कि डीजल कारें अब धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं।
निसान टेक्टॉन से जुड़ी जानकारी
2026 निसान टेक्टॉन भारतीय बाजार में एक बहुत ही दिलचस्प समय पर पेश की गई है, जब कॉम्पेक्ट एसयूवी सेगमेंट बेहतर हो रहा है। यह गाड़ी छह वेरिएंट : विसिआ, विसिआ प्लस, एसेंटा, एन-कनेक्टा, टेक्ना और टेक्ना प्लस में लॉन्च की गई है। इनमें से एसेंटा एक ऐसा वेरिएंट है जिसमें कई अच्छे-खासे फीचर मिलते हैं और इसकी कीमत भी वाजिब है।

इस एसयूवी कार में पैनोरमिक सनरूफ, पुश-बटन स्टार्ट के साथ कीलेस एंट्री, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले के साथ गूगल-इंटीग्रेटेड 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट डिस्प्ले, 6-स्पीकर आर्केमि साउंड सिस्टम, गूगल मैप्स के साथ 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 6-वे पावर-एडजस्टेबल और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और पावर्ड टेलगेट जैसे फीचर दिए गए हैं।

| कलर ऑप्शन : निसान टेक्टॉन गाड़ी 6 कलर ऑप्शन : पर्ल व्हाइट, ओनिक्स ब्लैक, इंडिगो ब्लू, फ्लेयर गार्नेट रेड, मूनबो ग्रे और ब्लेड सिल्वर में आती है। यहां देखें इसके वेरिएंट-वाइज कलर ऑप्शन की जानकारी। हमें इसका फ्लेयर गार्नेट रेड कलर काफी पसंद आया क्योंकि इसमें मेटेलिक डीप रेड कलर दिया गया है जिसके साथ ब्लैक एक्सेंट मिलते हैं जो इसे अच्छा कॉन्ट्रास्ट देते हैं। |
नई निसान टेक्टॉन गाड़ी में 1-लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इन दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है, जबकि बड़े इंजन के साथ इसमें 6-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन भी मिलता है। यहां देखें इसके इंजन स्पेसिफिकेशन की जानकारी :-
| इंजन |
1-लीटर टर्बो-पेट्रोल |
1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल |
| सिलेंडर |
3-सिलेंडर |
4-सिलेंडर |
| आउटपुट |
100 पीएस / 166 एनएम |
163 पीएस / 280 एनएम |
| गियरबॉक्स |
6-स्पीड एमटी |
6-स्पीड एमटी/6-स्पीड डीसीटी^ |
| माइलेज |
19.4 किलोमीटर प्रति लीटर |
17.8 किलोमीटर प्रति लीटर (एमटी)/18.5(डीसीटी) |
*एमटी - मैनुअल ट्रांसमिशन/ डीसीटी - डुअल-क्लच ट्रांसमिशन (ऑटोमेटिक)
सुरक्षा के लिए इसमें 6 एयरबैग, लेवल-2 एडीएएस, एबीएस के साथ ईबीडी, हिल-डिसेंट कंट्रोल (एचडीसी), ऑटो हेडलैंप, रेन-सेंसिंग वाइपर, हिल-होल्ड कंट्रोल (एचएचसी), इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक (ईपीबी), टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) और आइएसोफिक्स चाइल्ड सीट एंकर जैसे फीचर दिए गए हैं।

निसान टेक्टॉन को भारत एनकैप क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है।
कीमत और मुकाबला
निसान टेक्टॉन कार की कीमत 10.49 लाख रुपये से 18.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है।
इसका मुकाबला टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस, होंडा एलिवेट, फोक्सवैगन टाइगन, स्कोडा कुशाक, टोयोटा हाइराइडर, मारुति ग्रैंड विटारा और मारुति विक्टोरिस जैसी एसयूवी कार से है।
कारदेखो का क्या है कहना…
सख्त एमिशन नियमों और फ्यूल को लेकर अनिश्चितता के कारण मैन्युफैक्चरर के लिए लगातार हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल होता है। इनसे खासकर डीजल कारों में व्हीकल कॉम्पलेक्सिटी, और डेवलपमेंट का खर्च भी बढ़ जाता है।
मार्किट में डीजल कारें अभी भी मौजूद हैं, लेकिन यह उन्हीं लोगों के लिए सही हैं जो बहुत ज्यादा गाड़ी चलाते हैं और डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर के चोक होने या ब्लॉक होने का रिस्क ले सकते हैं। वहीं, जो लोग अच्छी लो-एंड टॉर्क और बढ़िया माइलेज चाहते हैं, उनके लिए हाइब्रिड कारें ज्यादातर मामलों में सही साबित होती हैं।
अगर आपको हाइब्रिड और डीजल में से किसी एक को चुनना हो, तो आप किसे चुनेंगे? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं!














