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मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 1988: इन सख्त नियमों से देश की सड़कें होंगी पहले से ज्यादा सुरक्षित
इस विधेयक को लोकसभा द्वारा पारित करने के बाद अब राज्यसभा से भी अनुमोदन प्राप्त हो गया है। इस संशोधित बिल में नियमों को लेकर क्या प्रावधान रखे गए हैं, ये जानेंगे यहां
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भारत में सड़क परिवहन और यातायात नियम को लेकर कानून पहले की तुलना में और भी ज्यादा सख्त होने जा रहे हैं। भारत सरकार ने मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 1988 के लिए एक संशोधन विधेयक पेश किया था।
- सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों के लिए एक अलग से कानून बनाया गया है जिसमें उनके लिए कैशलैस ईलाज की व्यवस्था की जाएगी।
- हिट एंड रन मामलों में गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये जबकि मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तक का मुआवज़ा राशि देने का भी प्रावधान है।
- भारत में खराब सड़कों के कारण दुर्घटना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए एक नया कानून बनाया गया है। इसके तहत सड़क निर्माण करने वाली कंपनियों की जवाबदारी तय की जाएगी।
- अब ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना भी आसान नहीं होगा। ये प्रक्रिया अब टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इससे गैर-प्रशिक्षित ड्राइवरों को लाइसेंस नहीं मिल पाएंगे जिससे सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी आएगी।।
- यदि किसी वाहन से उसके मालिक , अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं या पर्यावरण के लिए कोई खतरा होता है, तो सरकार वाहन निर्माता कंपनी को तलब करेगी। इसके बाद कार निर्माता कंपनी को उक्त वाहन को रिकॉल करते हुए उसमें आवश्यक सुधार करने होंगे। यदि ज़रुरी हुआ तो वाहन निर्माता कंपनी को कार के मालिक को मुआवज़े के रूप में कार की पूरी कीमत भी देनी पड़ सकती है। इसके अलावा, कार निर्माता मैन्यूफैक्चरिंग नॉर्म्स का पालन करने में विफल रहते हैं तो, उनपर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है । दोषी पाए गए कंपनी के अधिकारियों को एक साल तक के लिए जेल भेजे जाने का भी प्रावधान है।
- इमरजैंसी व्हीकल्स को रास्ता न देने और सड़कों पर अनावश्यक हॉर्न बजाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इन दोनों कृत्यों में शामिल होने पर आरोपी को 10,000 रुपये तक का जुर्माना या छह महीने की जेल अथवा दोनों की सज़ा दी जा सकती है।
- ड्राइविंग के दौरान नशा करने, मोबाइल फोन का उपयोग, लाल बत्ती और स्टॉप साइन उल्लंघन के संबंध में कानून भी पहले की तुलना में सख्त हो जाएंगे। इस बारे में ज्यादा जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।

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<p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें














