साल के अंत तक सभी टोल-प्लाजा पर फास्टैग हो सकता है अनिवार्य
मौजूदा समय में भारतीय राजमार्गों पर 500 से अधिक ऐसे टोल बूथ प्लाजा हैं, जिनमें कुछ लेन फास्टैग सुविधा से लैस हैं
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अक्सर राजमार्गों पर सफर करने वालो के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने इस साल के अंत तक देश के सभी टोल-प्लाजा को फास्टैग करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत देशभर के सभी टोल-बूथ की हर एक लेन को फास्टैग लेन में बदला जाएगा। सरकार के इस कदम द्वारा टोल-बूथ पर लगने वाली लम्बी कतारों में कुछ कमी जरूर आएगी।
फास्टैग आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेन्टिफिकेशन) प्रोटोकॉल पर काम करता है। इसके तहत वाहनों की विंडशील्ड पर एक आरएफआईडी टैग लगाया जाता है। इस टैग को आपके बैंक अकाउंट/प्रीपेड ई-वॉलेट से लिंक किया जाता है, ताकि टोल-बूथ पर आप कैशलेस भुगतान कर सकें। वर्तमान में लगभग सभी नई कारें फैक्ट्री-फीटेड फास्टैग डिवाइस के साथ बेची जा रही हैं।
। सैद्धांतिक रूप से, यह लेन केवल उन्हीं लोगो द्वारा इस्तमाल की जानी चाहिए जिनके वाहन पर फास्टैग आरएफआईडी स्टीकर हो। लेकिन दुर्भाग्य से कई बार कैश भुगतान करने वाले लोग भी फास्टैग लेन में लग जाते हैं, जिससे फास्टैग वाहनों को भी लम्बी कतार का सामना करना पड़ जाता है।

भारत सरकार वर्तमान में देश की परिवहन व्यवस्था को विकसित करने में जुटी है। सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी 12% से 5% तक घटाने और लोन पर इलेक्ट्रिक वाहन लेने वाले ग्राहकों को टैक्स में 2.50 लाख रुपये तक की छूट देने का भी प्रस्ताव रखा है। साथ ही, देशभर में इलेक्टिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
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