रेनो डस्टर हाइब्रिड को चलाने के बाद पता चलीं ये पांच बातें, आप भी डालिए इस पर एक नजर
नई रेनो डस्टर का स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन दमदार परफॉरमेंस और ज़्यादा आरामदायक राइड देता है, लेकिन इसकी रियल-वर्ल्ड माइलेज और फीचर लिस्ट में सुधार की गुंजाइश है।
- Write a कमेंट

रेनो डस्टर कॉम्पेक्ट एसयूवी सेगमेंट की सबसे पॉपुलर कारों में से एक है। पहली जनरेशन डस्टर ने भारतीय बाजार में ना केवल इस सेगमेंट की शुरुआत की थी, बल्कि यह भारत की उन कुछ मास-मार्केट एसयूवी कारों में से एक थी जिसमें डीजल इंजन के साथ ऑल-व्हील-ड्राइव (एडब्लूडी) सेटअप दिया गया था। अब रेनो अपनी तीसरी जनरेशन डस्टर भारत में पेश कर चुकी है, और हाल ही में हमें इसके नए स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्ज़न को चलाने का भी मौका मिला। चलिए जानते हैं रेनो डस्टर हाइब्रिड एसयूवी से जुड़ी पांच खास बातें :-
दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन माइलेज उम्मीद से कम
डस्टर हाइब्रिड की इलेक्ट्रिक मोटर तुरंत टॉर्क देती है, जिससे एसेलेरेट करना और शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक में आगे वाली गाड़ी को ओवरटेक करना आसान हो जाता है। जब आप ऐसेलरेट करते हैं तो यह गाड़ी तुरंत रिस्पांस देती है, जिससे हाइवे पर 90-100 किमी/घंटे की स्पीड पर क्रूज करना आरामदायक लगता है और ओवरटेक के लिए पर्याप्त पावर बची रहती है।

इस एसयूवी कार की फ्यूल एफिशिएंसी इसकी परफॉरमेंस जितनी शानदार नहीं है। रेनो का दावा है कि यह गाड़ी 29 किमी/लीटर का माइलेज देती है, लेकिन हमारे टेस्ट में शहर में ड्राइविंग के दौरान इससे 16-17 किमी/लीटर का ही माइलेज मिला। यह कंपनी के किए गए दावे से काफी कम है, फिर भी इस तरह की परफॉरमेंस वाली एसयूवी के लिए यह नतीजे काफी अच्छे माने जा सकते हैं।
बेहतर गियरबॉक्स एक्सपीरिएंस, लेकिन ज्यादा कीमत
कन्वेंशनल सीवीटी गियरबॉक्स के विपरीत, डस्टर हाइब्रिड का मल्टी-मोड ट्रांसमिशन स्पीड बढ़ाते समय ज्यादा सीधा लगता है। यह आठ अलग-अलग ऑपरेटिंग कॉम्बिनेशन में चार पेट्रोल-इंजन गियर और दो इलेक्ट्रिक-ड्राइव गियर को मिलाता है, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरिएंस ज्यादा नेचुरली लगता है। हालांकि, टर्बो-पेट्रोल वर्जन के मुकाबले इसका हाइब्रिड वर्जन करीब 1 लाख रुपये महंगा है। इसलिए, आपको यह तय करना होगा कि पावरट्रेन की परफॉरमेंस और एफिशिएंसी के फायदे इस अतिरिक्त कीमत को सही ठहराते हैं या नहीं। अगर आपकी पहली प्राथमिकता बेहतरीन परफॉरमेंस है, तो टर्बो-पेट्रोल वर्जन को लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है।

बेहतर रियर स्पेस के साथ आरामदायक राइड क्वालिटी
डस्टर हाइब्रिड में फ़्रीक्वेंसी-सिलेक्टिव डैम्पिंग सस्पेंशन सेटअप दिया गया है, जिससे खराब सड़कों के तेज झटके केबिन के अंदर महसूस नहीं होते। यह गाड़ी के अंदर बैठे पैसेंजर्स का बॉडी कंट्रोल बनाए रखते हैं। इसकी पीछे वाली सीट काफी सपोर्टिव हैं और दो वयस्क पैसेंजर्स के बैठने के लिए एकदम सही है। हालांकि, इसमें स्पेस औसत मिल पाती है, और लंबे कद वाले पैसेंजर्स के घुटने आगे वाली सीटों से टकराते हुए महसूस हो सकते हैं। डस्टर फैमिली के इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक है, लेकिन पीछे वाली सीट पर बैठने वालों को इसमें बहुत ज्यादा जगह नहीं मिलती है।

कम बूट स्पेस, प्रेक्टिकेलिटी पर असर
रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए इसका केबिन काफी आरामदायक है, लेकिन टर्बो-पेट्रोल वर्जन की तुलना में डस्टर हाइब्रिड का बूट स्पेस छोटा होना एक कमी है। परिवार के साथ छुट्टियों पर जाते समय या लंबे वीकेंड ट्रिप के लिए सामान को बूट में रखते समय यह बात आपको थोड़ी खटक सकती है। इसमें स्पेयर व्हील का ना होना भी एक और समझौता है। जो खरीदार अक्सर लंबी दूरी का सफर तय करते हैं, उन्हें अपना फैसला लेते समय इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए खासकर तब जब उन्हें काफी सामान ले जाना हो या फिर अचानक टायर पंक्चर होने जैसी स्थिति से निपटना पड़े।

फीचर्स की कमी और हार्ड प्लास्टिक अपील को कम कर देती है
डस्टर हाइब्रिड में मिलने वाले फीचर्स इसकी ज्यादा कीमत के हिसाब से कम लगते हैं। वेरिएंट अनुसार इसमें फॉग लैंप, 360-डिग्री कैमरा सेटअप, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ऑटो-डिमिंग इनसाइड रियरव्यू मिरर (आरईआरवीएम) जैसे फीचर्स की कमी रखी गई है। इसके केबिन की क्वालिटी भी उतनी अच्छी नहीं है, ज्यादातर जगहों पर इसमें हार्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसे वह प्रीमियम अहसास नहीं मिलता जिसकी उम्मीद कुछ खरीदार इस प्राइस पॉइंट पर करते हैं। हालांकि, इन कमियों की वजह से इसे पूरी तरह से नकारा भी नहीं जा सकता, लेकिन अगर इसमें बेहतर मटीरियल और ज्यादा फीचर्स दिए गए होते तो डस्टर हाइब्रिड की कीमत को सही ठहराना आसान होता।

कारदेखो का क्या है कहना…
कुल मिलाकर, डस्टर हाइब्रिड उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो शहर में दमदार परफॉरमेंस और अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी कार खरीदना चाहते हैं।
इसकी राइड क्वालिटी आरामदायक है और इसमें पीछे वाली सीट पर दो लोग आराम से बैठ सकते हैं। यह गाड़ी खराब रास्तों के झटकों को भी आसानी से झेल लेती है। लेकिन, इसमें 360 कैमरा और एडीएएस जैसे फीचर्स की कमी है और इसमें छोटा बूट मिलता है। इसमें स्पेयर व्हील की भी कमी रखी गई है और इसकी प्लास्टिक क्वालिटी ठीकठाक है। इन सभी फैक्टर्स को देखते हुए रेगुलर टर्बो-पेट्रोल वर्जन के मुकाबले हाइब्रिड वर्जन की 1 लाख रुपये ज़्यादा कीमत को सही ठहराना थोड़ा मुश्किल लगता है।














