2026 बलेनो फेसलिफ्ट के बाद मारुति सुज़ुकी की इन 3 कारें में मिल रहा है 1.2-लीटर 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन
मारुति ने इस इंजन वाली दस लाख से ज़्यादा कारें बनाई हैं!
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हाल ही में मारुति ने 2026 बलेनो फेसलिफ्ट लॉन्च की है, जिसमें कई छोटे-मोटे बदलाव किए गए हैं और एक बड़ा बदलाव इसके इंजन में हुआ है। इसमें पुराने इंजन की जगह नया Z-सीरीज़ इंजन (कोडनेम Z12E) दिया गया है। इससे यह पता चलता है कि मारुति ने अपने मशहूर और भरोसेमंद 1.2-लीटर 4-सिलेंडर K-सीरीज (कोडनेम K12) इंजन को धीरे-धीरे हटाना शुरू कर दिया है। यह इंजन पिछले एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय कारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इंजन में से एक रहा है। हालांकि, अभी भी 3 ऐसी कारें हैं जिन्हें आप इस इंजन के साथ खरीद सकते हैं जैसे कि Fronx, Eeco, और Wagon R। उम्मीद है कि इन कारों से भी जल्द ही इस इंजन को हटा दिया जाएगा, इसलिए हमारी सलाह है कि अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो जल्दी करें।
मारुति K12 इंजन: कब हुई थी शुरुआत?

मारुति का K-सीरीज़ (K12) इंजन भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर रहा है। इस इंजन ने सबसे पहले Maruti Ritz और पहली जनरेशन की Swift में अपनी जगह बनाई थी। इसे पुराने G13 (1.3-लीटर) इंजन को रिप्लेस करने के लिए लाया गया था। उस समय भारत में BSIV उत्सर्जन नॉर्म्स और सब-4 मीटर टैक्स स्लैब के नियम लागू हो रहे थे, और K12 इंजन इन दोनों ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक परफेक्ट सॉल्यूशन था। भारत के लिए इसका खास वर्जन K12M लाया गया, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका एल्युमिनियम इंजन ब्लॉक था। इस डिजाइन की वजह से इंजन का वजन काफी कम हो गया, जिससे ना सिर्फ कारों की हैंडलिंग बेहतर हुई, बल्कि शानदार माइलेज भी मिला। अपनी स्मूथ परफॉर्मेंस और बेहतरीन फ्यूल एफिशिएंसी के चलते यह इंजन जल्द ही अपने सेगमेंट में एक बेंचमार्क बन गया और ग्राहकों के बीच बेहद पॉपुलर हुआ।
कितना बदलता गया?
लॉन्च के बाद से K12 इंजन में समय-समय पर कई जरूरी अपडेट दिए गए। साल 2012 में इसमें VVT (वैरिएबल वाल्व टाइमिंग) टेक्नोलॉजी जोड़ी गई, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी में और सुधार हुआ। इसकी सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह इंजन मारुति की कई बेस्ट-सेलिंग कारों जैसे Swift Dzire, Baleno, Ignis में इस्तेमाल किया गया। यहां तक कि जब टोयोटा ने पहली जनरेशन Glanza लॉन्च की, तो उसमें भी इसी इंजन पर भरोसा जताया गया।

2020 में जब BSVI नॉर्म्स लागू हुए, तो मारुति ने इस इंजन को एक बड़ा अपग्रेड दिया। इसमें डुअल इंजेक्टर, डुअल VVT और माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी जैसी नई तकनीकें शामिल की गईं। यह अपडेटेड इंजन तीसरी पीढ़ी की स्विफ्ट, पुरानी (प्री-फेसलिफ्ट) बलेनो, मौजूदा वैगनआर और फ्रॉन्क्स में भी मिलता है। इसकी मजबूती और भरोसे का प्रमाण यह भी है कि यह इंजन मारुति के Super Carry कमर्शियल व्हीकल में भी अपनी सेवाएं दे रहा है।
पिछले इंजन से बेहतर

K12 इंजन की जगह अब नया Z-सीरीज 1.2-लीटर इंजन (कोडनेम Z12E) ले रहा है, जिसे सबसे पहले चौथी जनरेशन Swift और अब 2026 बलेनो फेसलिफ्ट में दिया गया है। इन दोनों इंजन में सबसे बड़ा फर्क इनकी बनावट में है। जहां K12 एक 4-सिलेंडर इंजन था, वहीं नया Z12E 3-सिलेंडर यूनिट है। नए इंजन की पावर थोड़ी कम है, लेकिन इसका एक बड़ा फायदा है। यह बेहतर लो-एंड टॉर्क जनरेट करता है, जिसका मतलब है कि शहर के ट्रैफिक में इसे चलाना ज्यादा आसान रहेगा। मारुति का यह कदम सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है। Z12E इंजन को कंपनी की अपकमिंग सीरीज़-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य में ज्यादा एफिशिएंट और एडवांस्ड हाइब्रिड पावरट्रेन की तरफ बढ़ रही है, और Z-सीरीज इंजन उस रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
इसे खरीदने का आखिरी मौका!
नए Z-सीरीज इंजन के आने के साथ ही यह तय हो गया है कि K12 इंजन का दौर अब खत्म हो रहा है। 4-सिलेंडर यूनिट होने की वजह से K12 इंजन अपनी रिफाइनमेंट और स्मूद ऑपरेशन के लिए जाना जाता था। फिलहाल, मारुति के लाइनअप में सिर्फ़ तीन कारें बची हैं जिनमें यह K12 इंजन मिलता है, इनमें फ्रॉन्क्स, वैगनआर और ईको शामिल है। उम्मीद है कि आने वाले समय में इन मॉडल्स को भी नए इंजन के साथ अपडेट कर दिया जाएगा। इसलिए, जो लोग एक भरोसेमंद, रिफाइंड फोर-सिलेंडर इंजन वाली नई मारुति कार खरीदना चाहते हैं, उनके पास अब शायद यह आखिरी मौका है।















