2026 टोयोटा ग्लैंजा Vs मारुति बलेनो: क्या टोयोटा बैजिंग के लिए 89,000 रुपये ज्यादा देना सही है?
टोयोटा ग्लैंजा और मारुति बलेनो में क्या समानताएं और क्या अंतर है, आइए जानते हैं
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मारुति बलेनो के हालिया अपडेट के तुरंत बाद, टोयोटा ने भी अपनी ग्लैंजा हैचबैक का 2026 फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। टोयोटा ग्लैंजा और मारुति बलेनो एक ही कार हैं, जो एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत बनाई गई हैं। इस नए अपडेट में भी यह रिश्ता कायम है, जहां दोनों हैचबैक को एक जैसे पावरट्रेन और फीचर अपग्रेड मिले हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कीमत का है। ग्लैंजा अपने मारुति वर्जन से लगभग 89,000 रुपये तक महंगी है। तो क्या टोयोटा का बैज और थोड़ा अलग डिजाइन इस अतिरिक्त कीमत को सही ठहराता है? आइए, इन दोनों कारों की तुलना करके इस सवाल का जवाब ढूंढते हैं।
कीमत
कीमत का अंतर ही इन दोनों कारों के बीच सबसे बड़ा फ़ैसला लेने वाला फैक्टर है। नई 2026 टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट की कीमत 6.99 लाख रुपये से शुरू होकर 10.98 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। वहीं, मारुति बलेनो की प्राइस 6.10 लाख रुपये से 9.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है। इसका मतलब है कि शुरुआती वेरिएंट पर ही बलेनो, ग्लैंजा से 89,000 रुपये सस्ती है। दिल्ली में तो बलेनो की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत और भी कम, सिर्फ 5.99 लाख रुपये है। यह एक बहुत बड़ा अंतर है, खासकर इस प्राइस-सेंसिटिव सेगमेंट में। अब देखना यह है कि ग्लैंजा इस बढ़ी हुई कीमत के बदले आपको क्या अतिरिक्त वैल्यू देती है।
डिजाइन


दोनों कारों में सबसे ज्यादा बदलाव सामने से ही देखने को मिलता है, और यहीं पर दोनों की अपनी अलग पहचान बनती है। मारुति बलेनो में एक बड़ी क्रोम-स्लैट ग्रिल है जो पूरे फ्रंट फेस पर हावी है, और मारुति का लोगो अब नई जगह पर है। यह डिजाइन इसे एक बोल्ड और मैसी लुक देता है। दूसरी तरफ, टोयोटा ग्लैंजा का फ्रंट डिजाइन लेक्सस कार से प्रेरित लगता है। इसमें एक बड़ी "वी-आकार" की ग्रिल है जो इसे ज्यादा प्रीमियम और दबंग लुक देती है। टोयोटा का लोगो बोनट पर लगा है। ग्लैंजा का बंपर भी नया है, जिसमें आयताकार एलईडी फॉग लैंप दिए गए हैं। साथ ही, फ्रंट बंपर पर एक छोटा सा लिप स्पॉइलर भी है जो इसमें एक स्पोर्टी टच जोड़ता है। हालांकि, दोनों ही कारों ने अपने पुराने प्रोजेक्टर एलईडी हेडलैंप और सिग्नेचर डीआरएल को बरकरार रखा है। कुल मिलाकर, दोनों ही कारें अब पहले से ज्यादा शार्प और एग्रेसिव दिखती हैं।


साइड से देखने पर दोनों कारों के बीच अंतर खोजना लगभग नामुमकिन है। दोनों का सिल्हूट एक जैसा है और 2,520 मिलीमीटर का व्हीलबेस है। दोनों में 16-इंच के डुअल-टोन अलॉय व्हील्स मिलते हैं, हालांकि ग्लैंजा ने अपना पुराना अलॉय व्हील डिजाइन बरकरार रखा है। दोनों ही मॉडल्स में खिड़कियों के चारों ओर क्रोम लाइनिंग और फ्रंट फेंडर पर क्रोम गार्निश देखने को मिलती है। ग्लैंजा में एक छोटा सा, लेकिन ध्यान देने लायक अंतर ग्लॉसी ब्लैक साइड स्कर्ट का है। यह उसे साइड से थोड़ा ज्यादा स्पोर्टी लुक देता है। इसके अलावा, ग्लैंजा में क्रोम डोर हैंडल भी दिए गए हैं।


पीछे से, दोनों कारों में कोई भी अंतर नहीं है। बैजिंग को छोड़कर, आप शायद ही बता पाएंगे कि कौनसी बलेनो है और कौनसी ग्लैंजा। दोनों में वही सी-आकार के एलईडी टेल लैंप्स, टेलगेट के बीच में एक क्रोम एक्सेंट, रूफ पर लगा हुआ स्पॉइलर और वॉशर के साथ रियर वाइपर मिलता है। यहां तक कि रियर बंपर का डिजाइन भी हूबहू एक जैसा है। यह वह एरिया है जहां दोनों ब्रांड्स ने अपनी कारों को अलग दिखाने की कोई कोशिश नहीं की है।
यहां पुरानी और नई टोयोटा ग्लैंजा का कंपेरिजन देखें।
कलर ऑप्शंस
कलर ऑप्शंस के मामले में भी दोनों कारें एक जैसी हैं, बस उनके नाम अलग-अलग रखे गए हैं। दोनों ही फेसलिफ्ट मॉडल्स में एक नया 'टील ग्रीन' शेड पेश किया गया है। यहाँ दोनों के कलर पैलेट की लिस्ट दी गई है:
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टोयोटा ग्लैंजा: कैफे व्हाइट, गेमिंग ग्रे, एनटाइसिंग सिल्वर, स्पोर्टिन रेड, ब्लूइश ब्लैक, इंस्टा ब्लू, डिजिटल टील ग्रीन
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मारुति बलेनो: आर्कटिक व्हाइट, ग्रैंडियर ग्रे, स्प्लेंडिड सिल्वर, ऑपुलेंट रेड, ब्लूइश ब्लैक, नेक्सा ब्लू, एनिग्मैटिक टील ग्रीन
इंटीरियर


अंदर से, डैशबोर्ड का लेआउट और डिजाइन दोनों कारों में एक जैसा है, लेकिन कलर स्कीम और मटेरियल का इस्तेमाल इन्हें अलग फील देता है। मारुति बलेनो में ब्लैक और ब्लू कलर की थीम है, जिसमें सिल्वर एक्सेंट का इस्तेमाल किया गया है। यह केबिन को एक स्पोर्टी और मॉडर्न फील देता है। वहीं, टोयोटा ग्लैंजा में ब्लैक और बेज डुअल-टोन डैशबोर्ड है, जिसमें ग्लॉस ब्लैक एक्सेंट का इस्तेमाल हुआ है। यह कॉम्बिनेशन केबिन को ज्यादा हवादार और प्रीमियम महसूस कराता है। दोनों में डैशबोर्ड के ऊपर एक फ्लोटिंग टचस्क्रीन और ड्राइवर के लिए एनालॉग डायल दिए गए हैं। सेंटर कंसोल को अपडेट किया गया है ताकि वायरलेस फोन चार्जर और वेंटिलेटेड सीटों के नए कंट्रोल्स को जगह मिल सके। अच्छी बात यह है कि एसी के लिए फिजिकल कंट्रोल्स और स्टीयरिंग व्हील पर कई फिजिकल बटन दिए गए हैं, जो इस्तेमाल में आसान होते हैं। स्पेस और कंफर्ट के मामले में दोनों कारें बराबर हैं। इसलिए, चुनाव आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है: क्या आपको बलेनो का डार्क, स्पोर्टी केबिन पसंद है या ग्लैंजा का लाइट और प्रीमियम दिखने वाला केबिन।


एक बात जो खटकती है, वह है सनरूफ की कमी। इस फेसलिफ्ट में दोनों कारों को कम से कम एक सिंगल-पैन सनरूफ दी जा सकती थी, जिससे केबिन और भी प्रीमियम लगता। इनके मुकाबले में मौजूद टाटा अल्ट्रोज और हुंडई आई20 जैसे मॉडल में यह फीचर मौजूद है।
फीचर्स और सेफ्टी

फीचर्स के मामले में दोनों कारों के बीच कोई अंतर नहीं है। दोनों में इस सेगमेंट के हिसाब से एक लंबी लिस्ट मिलती है। नए अपडेट में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, 6-स्पीकर क्लैरियन साउंड सिस्टम और एक वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। अन्य फीचर्स जो पहले से मौजूद थे उनमें शामिल हैं:
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वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले के साथ 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
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मल्टी-इंफो डिस्प्ले के साथ एनालॉग डायल
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ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल
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कीलेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप
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हेड्स-अप डिस्प्ले (एचयूडी)
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क्रूज कंट्रोल
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इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल और फोल्डेबल ओआरवीएम
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कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी

सेफ्टी के मामले में भी दोनों एक समान हैं। सबसे बड़ा अपग्रेड लेवल-2 एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स) का है, जिसमें एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, लेन डिपार्चर वॉर्निंग, फॉरवर्ड कोलिजन वॉर्निंग और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों कारों में 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा, एबीएस के साथ ईबीडी, हिल-होल्ड कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड मिलते हैं।
पावरट्रेन


दोनों हैचबैक में अब मारुति का नया जेड-सीरीज, 1.2-लीटर, 3-सिलिंडर, नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है। यही इंजन नई स्विफ्ट और डिजायर में भी इस्तेमाल होता है। यह इंजन पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्पों में उपलब्ध है, और दोनों के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलता है।
| इंजन |
1.2-लीटर, 3-सिलेंडर, नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल |
1.2-लीटर, 3-सिलेंडर, नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल + सीएनजी |
| पावर |
83 पीएस |
70 पीएस |
| टॉर्क |
112 एनएम |
102 एनएम |
| गियरबॉक्स |
5-स्पीड एमटी/5-स्पीड एएमटी |
5-स्पीड एमटी/ 5-स्पीड एएमटी |
| सर्टिफाइड माइलेज |
23.80 किलोमीटर प्रति लीटर (एमटी)/24.77 किलोमीटर प्रति लीटर (एएमटी) |
33.61 किलोमीटर प्रति किलोग्राम (सीएनजी)/34.47 किलोमीटर प्रति किलोग्राम (सीएनजी) |
एमटी- मैनुअल ट्रांसमिशन, एएमटी- ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन
कारदेखो का क्या है कहना
चूंकि बलेनो और ग्लैंजा असल में एक ही कार हैं, बस बैज अलग हैं, इसलिए फ़ैसला लेना काफी सीधा है। यह पूरी तरह से आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। अगर आपके लिए हर एक रुपया मायने रखता है और आप सबसे पैसा वसूल डील चाहते हैं, तो मारुति बलेनो सही है। यह ग्लैंजा की तुलना में काफी सस्ती है और आपको वही फीचर्स, वही परफॉर्मेंस और वही स्पेस देती है। लेकिन, अगर आप टोयोटा ब्रांड की विश्वसनीयता, उसके बेहतर माने जाने वाले सर्विस नेटवर्क और डीलरशिप पर मिलने वाले प्रीमियम अनुभव को ज्यादा महत्व देते हैं, तो ग्लैंजा चुनना समझ में आता है। ग्लैंजा का डिजाइन और इंटीरियर कलर स्कीम भी इसे थोड़ा ज्यादा बेहतर दिखाते हैं। हालांकि, इनके लिए आपको ज्यादा खासी कीमत चुकानी पड़ती है। संक्षेप में, बलेनो उन खरीदारों के लिए है जो एक प्रैक्टिकल और किफायती पैकेज चाहते हैं। ग्लैंजा उन लोगों के लिए है जो टोयोटा बैज और उससे जुड़े ओनरशिप अनुभव के लिए ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं।
अन्य विकल्प जिन पर आप विचार कर सकते हैं
अगर आप इस सेगमेंट में और विकल्प तलाश रहे हैं, तो दो कारें और हैं जो आपका ध्यान खींच सकती हैं:
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हुंडई आई20: यह एक अच्छी प्रीमियम हैचबैक है जो फीचर से भरपूर केबिन और एक रिफाइंड पेट्रोल इंजन के साथ आती है। यह सेगमेंट की उन कुछ कारों में से एक है जिसमें अभी भी 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो स्मूथ परफॉर्मेंस देता है।
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टाटा अल्ट्रोज: 5-स्टार ग्लोबल एनकैप रेटिंग वाली है, जिसमें अच्छी सेफ्टी और ज्यादा प्रीमियम फील है। यह डीजल इंजन के साथ भी उपलब्ध है।














