जीएसटी 2.0: टोयोटा फॉर्च्यूनर,मर्सिडीज बेंज जीएलएस जैसी बड़ी एसयूवी और लग्जरी कारें भी होंगी सस्ती
पहले, 4 मीटर से ज़्यादा लंबी सभी कारों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था और जीएसटी के ऊपर 15 से 22 प्रतिशत तक का सेस भी लगता था।
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प्रीमियम सेडान, बड़ी मस्कुलर एसयूवी और बेहतरीन लग्ज़री कारें हमेशा से कई लोगों की ख्वाहिश रही हैं, और इस ख्वाहिश के लिए ये काफी बड़ी रकम मांगती हैं। इनकी कीमतें इतनी ज़्यादा होने की एक वजह सरकार द्वारा लगाया गया जीएसटी और सेस है। हालांकि, यह बदलने वाला है क्योंकि इन गाड़ियों पर नया जीएसटी स्लैब 22 सितंबर से लागू होगा, जिससे ये गाड़ियां थोड़ी सस्ती हो जाएंगी।
क्या कुछ बदला?
अब, जबकि जीएसटी बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है, सेस पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे कुल कर की दर कम हो गई है।

चूंकि सभी बड़ी एसयूवी और लग्जरी कारें 4 मीटर से ज्यादा लंबी होती हैं, इसलिए उन सभी को 40 प्रतिशत के एकल जीएसटी स्लैब के अंतर्गत रखा जाएगा।
| 4-मीटर से लंबे हाइब्रिड पैसेंजर व्हीकल्स |
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जीएसटी |
सेस |
कुल टैक्स |
| पुराना |
28% |
15% |
43% |
| नया |
40% |
0 |
40% |
| अंतर |
+12% |
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3% |
टोयोटा वेलफायर, लेक्सस एलएम और बीएमडब्ल्यू एक्सएम जैसे मजबूत हाइब्रिड पैसेंजर व्हीकल पर, जिन पर पहले 43 प्रतिशत कुल टैक्स लगता था, अब 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
| एसूयवी के नाम से पॉपुलर पैसेंजर व्हीकल्स (4-मीटर से ज्यादा लंबी, 1500 सीसी से ज्यादा कैपेसिटी वाला इंजन और 170 मिलीमीटर से ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस) |
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जीएसटी |
सेस |
कुल टैक्स |
| पुराना |
28% |
22% |
50% |
| नया |
40% |
0 |
40% |
| अंतर |
+12% |
|
10% |
लंबाई, इंजन साइज़ और ग्राउंड क्लीयरेंस के मानदंडों को पूरा करने वाली सभी बड़ी एसयूवी पर कुल 50 प्रतिशत टैक्स लगता था। इसमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, मर्सिडीज-बेंज जीएलएस, जीप रैंगलर, बीएमडब्ल्यू एक्स5 जैसी कारें शामिल थीं।
नए टैक्स स्लैब के तहत इन कारों पर कुल कर 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप 10 प्रतिशत की कमी आएगी, जिसका लाभ ग्राहकों को मिलने की उम्मीद है
| 1500 सीसी से ज्यादा क्षमता वाले वाहन |
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जीएसटी |
सेस |
कुल टैक्स |
| पुराना |
28% |
20% |
48% |
| नया |
40% |
0 |
40% |
| अंतर |
+12% |
|
8%
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मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, ऑडी ए6, बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज जैसी लग्जरी सेडान और यहां तक कि देश में बनी परफॉर्मेंस कारों पर जीएसटी में 8 प्रतिशत की कटौती होगी।
नोट: सभी इंपोर्टेड कारों पर, चाहे वे सीबीयू (पूरी तरह से इंपोर्टेड यूनिट्स) हों या सीकेडी (भारत में असेंबल होने वाली यूनिट्स),पर पहले की तरह ही टैक्स लगेगा जिसमें इंपोर्टेड कारों पर 100 प्रतिशत और असेंबल होने वाली इंपोर्टेड कारों पर 50 प्रतिशत है।
अन्य फायदे
वाहन की एक्स-शोरूम कीमत में फ़ैक्टरी प्राइस, जीएसटी और सेस शामिल होता है। चूंकि कुल टैक्स कम होगा और एक्स-शोरूम कीमत भी कम होगी, इसलिए आपको आरटीओ टैक्स भी कम देना होगा। इससे आपकी कार की ऑन-रोड कीमत ज़्यादा किफ़ायती हो जाएगी।

नए जीएसटी सुधारों के साथ, पार्ट्स और कंपोनेंट्स की लागत पहले के 12 प्रतिशत के बजाय 5 प्रतिशत के स्लैब में आ जाएगी, जिससे वाहन की प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो सकती है, जिससे फ़ैक्टरी प्राइस और भी कम हो जाएगी। हालांकि, ऐसा होने पर भी, मैन्यूफैक्चरर्स इस बचत का लाभ ग्राहक को दे भी सकते हैं और नहीं भी।
किसी भी स्थिति में, नए जीएसटी नॉर्म्स के कारण वाहनों की लागत कम हो जाएगी।
नई कीमतों का करें इंतजार
जैसा कि पहले बताया गया है, ये जीएसटी कटौती 22 सितंबर से लागू होंगी और हमें उम्मीद है कि मैन्यूफैक्चरर्स उसी तारीख के आसपास अपने वाहनों की अपडेटेड कीमतों की घोषणा करेंगे। अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो हमारा सुझाव है कि आप नई कीमतें सामने आने तक का इंतज़ार करें।

कीमतों की घोषणा कब की जाएगी और कीमतें कितनी कम होंगी, इसका खुलासा अभी होना बाकी है, लेकिन नए जीएसटी स्लैब निश्चित रूप से बड़ी एसयूवी और लग्जरी कारों को अधिक किफायती बना देंगे।














