पॉपुलर भारतीय कारों के दुनिया भर में बिकने वाले 5 खास और दुर्लभ वर्जन: चौंका देगी पूरी लिस्ट
भारत की पसंदीदा हैचबैक के हॉट वर्जन से लेकर एक अनोखी पार्टनरशिप से बनी दिलचस्प क्रॉसओवर तक, इस लिस्ट में सब कुछ है!
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भारतीय कार बाज़ार में कई लोकप्रिय मॉडल्स हैं जिन्हें हम रोज़ सड़कों पर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कुछ कारों के विदेशों में ऐसे वर्ज़न्स भी बिकते हैं जो ज़्यादा पावरफुल, स्पोर्टी या फिर पूरी तरह से अलग बॉडी स्टाइल (जैसे पिकअप ट्रक) के साथ आते हैं? यहां उन पांच कारों पर एक नज़र डालते हैं जिनके ग्लोबल अवतार भारतीय ग्राहकों को कभी नहीं मिले।
भारत में मारुति स्विफ्ट हमेशा से एक मज़ेदार और फुर्तीली हैचबैक रही है, लेकिन इसके शौकीनों को हमेशा इसके ज़्यादा पावरफुल 'स्पोर्ट' वर्ज़न का इंतज़ार रहा। पहली जनरेशन की स्विफ्ट स्पोर्ट में 1.6-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता था, जो 125 पीएस की पावर जेनरेट करता था। यह उस समय की भारतीय स्विफ्ट के 1.2-लीटर/1.3-लीटर पेट्रोल या 1.3-लीटर डीज़ल इंजन के मुकाबले बहुत ज़्यादा था। स्पोर्टी सस्पेंशन सेटअप, बेहतर हैंडलिंग और अग्रेसिव बॉडी किट के साथ, स्विफ्ट स्पोर्ट एक सच्ची हॉट-हैच थी जिसे भारत में कभी लॉन्च नहीं किया गया। बाद की जेनरेशन्स में टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ यह और भी पावरफुल हो गई, लेकिन भारतीय बाज़ार इससे अछूता ही रहा।
सुजुकी ऑल्टो वर्क्स
मारुति ऑल्टो 800 को भारत में एक एंट्री-लेवल, किफायती कार के रूप में जाना जाता है। लेकिन इसके जापानी वर्ज़न, सुजुकी ऑल्टो वर्क्स, का कैरेक्टर बिल्कुल अलग था। यह एक परफॉर्मेंस-फोकस्ड छोटी कार थी। इसमें वही 1-लीटर, 3-सिलेंडर इंजन था, लेकिन इसे लगभग 60 पीएस की पावर के लिए ट्यून किया गया था, जो भारतीय ऑल्टो 800 के 47 पीएस से काफी ज़्यादा है। सबसे बड़ा आकर्षण इसका ऑल-व्हील ड्राइव (एडब्ल्यूडी) सिस्टम था, जो इसे छोटी और तेज़तर्रार मशीन बनाता था। स्पोर्टी स्टाइलिंग और बेहतर परफॉर्मेंस के साथ यह ऑल्टो का एक ऐसा रूप था जिसकी भारत में कल्पना करना भी मुश्किल है। यह दिखाता है कि कैसे एक ही प्लेटफॉर्म पर दो बिल्कुल अलग सोच वाली कारें बन सकती हैं।

रेनो डस्टर ओरोक
रेनो डस्टरने भारत में कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट को लोकप्रिय बनाया। लेकिन कुछ ग्लोबल मार्केट्स, खासकर लैटिन अमेरिका में, रेनो ने इसी प्लेटफॉर्म पर डस्टर ओरोक नाम का एक पिकअप ट्रक भी लॉन्च किया। यह एक लाइफस्टाइल पिकअप था जिसमें चार दरवाज़े और एक छोटा लोडिंग बेड था। इसकी पेलोड कैपेसिटी 650 किलोग्राम तक थी। डस्टर ओरोक में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल से लेकर 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन तक के ऑप्शन मिलते थे, साथ ही इसमें ऑप्शनल 4 व्हील ड्राइव सिस्टम भी दिया गया था। यह डस्टर की मजबूती का एक अलग ही इस्तेमाल था जो भारत में कभी नहीं आया, जहां पिकअप ट्रक का बाज़ार मुख्य रूप से कमर्शियल सेगमेंट तक ही सीमित है।

हुंडई सांता क्रूज

हुंडई सांता क्रूज एक और उदाहरण है कि कैसे एक लोकप्रिय एसयूवी को एक पिकअप ट्रक में बदला जा सकता है। यह पिछली जनरेशन की हुंडई ट्यूसॉन पर आधारित है और इसे कुछ चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स, जैसे उत्तरी अमेरिका में बेचा जाता है। यह एक स्टाइलिश और शहरी पिकअप ट्रक है जिसका फोकस एडवेंचर और लाइफस्टाइल पर है, न कि भारी-भरकम कमर्शियल इस्तेमाल पर। इसमें 2.5-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ आता है। भारत में जहां हुंडई क्रेटा और ट्यूसॉन जैसी एसयूवीs बेहद सफल हैं, वहीं सांता क्रूज जैसा प्रोडक्ट एक बिल्कुल नया सेगमेंट बना सकता था।
फिएट सेडिसी

मारुति एसएक्स4 को भारत में एक सेडान के रूप में जाना जाता था, लेकिन फिएट और सुजुकी के ग्लोबल गठजोड़ के तहत इसी कार पर आधारित एक क्रॉसओवर बनाई गई थी, जिसका नाम फिएट सेडिसी था। यह दिखने में एसएक्स4 से ज़्यादा रफ एंड टफ थी, जिसमें मज़बूत बॉडी क्लैडिंग और बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस था। इसका सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका बेहतर 4डब्ल्यूडी सिस्टम था, जो इसे हल्की ऑफ-रोडिंग के लिए भी सक्षम बनाता था। इसमें वही 1.6-लीटर पेट्रोल इंजन था जो एसएक्स4 में भी मिलता था, लेकिन इसके अलावा 1.9-लीटर और 2.0-लीटर डीज़ल इंजन के विकल्प भी थे। सेडिसी ने दिखाया कि एसएक्स4 प्लेटफॉर्म कितना वर्सेटाइल था और यह एक सक्षम क्रॉसओवर का आधार बन सकता था।
सुजुकी स्विफ्ट स्पोर्ट
भारत में मारुति स्विफ्ट एक जाना-माना नाम है। 2005 में लॉन्च होने के बाद से ही यह उन यंग कस्टमर्स की पसंद रही है जो एक स्पोर्टी और प्रैक्टिकल हैचबैक चाहते हैं, और दो दशक से ज़्यादा समय बाद भी यह बात सच है। हालांकि, स्विफ्ट का परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड वर्जन, जिसे कार के शौकीन बहुत पसंद करते हैं, अफ़सोस की बात है कि कभी भारत नहीं आया।

ग्लोबल मार्केट में 3-डोर और 5-डोर लेआउट के साथ सुजुकी स्विफ्ट स्पोर्ट के तौर पर बेची जाने वाली इस हैचबैक की पहली जनरेशन में 1.6-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन था, जो 125 पीएस तक की पावर देता था; यह आंकड़ा आज भी भारतीय बाज़ार की ज़्यादातर हॉट हैचबैक से बेहतर है। इसकी तुलना में, भारतीय वर्जन में 1.2-लीटर/1.3-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल और 1.3-लीटर डीज़ल इंजन ही मिल पाए, जो चलाने में मज़ेदार तो थे, लेकिन स्विफ्ट स्पोर्ट के मुक़ाबले कहीं नहीं ठहरते थे।

