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    मारुति और टोयोटा मिलकर तैयार करेंगी स्क्रैप प्लांट

    कारों को स्क्रैप में भेजने से पहले उनके उपयोगी कॉम्पोनेन्ट/पार्ट्स को अलग कर लिया जाता है, ताकि उन्हें दुबारा काम में लिया जा सकें। इनमें मुख्य घटक स्टील होता है जिसका उपयोग वाहनों की फ्रेम और बॉडी बनाने में किया जाता है। 

    निखिल
    निखिल
    Published On सितंबर 13, 2019 16:05 ist
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    published onSep 13, 2019 16:05 IST
    last updated onSep 13, 2019 16:05 IST
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    पुराने वाहनों को हटाने के लिए भारत सरकार जल्द ही नई स्क्रैपेज़ नीति पेश करेगी। हालांकि, सरकार ने अब तक इससे जुड़े कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए हैं। लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ते हुए मारुति सुजुकी और टोयोटा की एक सहायक कंपनी 'टोयोटा सुशो' ने अपनी पुरानी कारों के लिए एक स्क्रैप प्लांट स्थापित करने का फैसला किया है। बता दें, टोयोटा सुशो भारत में भी एक सक्रीय कंपनी है। यह टोयोटा के स्पेयर पार्ट्स और कॉम्पोनेन्ट की मैन्युफैक्चरिंग, इनका इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट और लॉजिस्टिक सर्विस का प्रबंधन करती है। 

    स्क्रेपिंग एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह रोड से पुरानी और असुरक्षित कारों का हटाने की प्रक्रिया है। हालांकि, कारों को स्क्रैप में भेजने से पहले उनके उपयोगी कॉम्पोनेन्ट/पार्ट्स को कार से निकल लिया जाता है, ताकि उन्हें दुबारा काम में लाया जा सकें। इनमें मुख्य घटक स्टील होता है। मारुति और टोयोटा ने अब तक साफ़ नहीं किया है कि इस स्क्रैपेज प्लांट को कहां स्थापित किया जाएगा।

    जैसा कि हमने पहले भी बताया सरकार पिछले कुछ समय से वाहनों के स्क्रैपिंग के संबंध में एक योजना शुरू करने वाली है। प्राप्त सुचना के अनुसार सरकार वर्तमान में इस नीति को अंतिम रूप देने में जुटी है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। 

    यह पहली बार नहीं है जब भारत में किसी ऑटोमोबाइल कंपनी ने ऐसा कदम उठाया हो। इससे पहले महिंद्रा, एमएसटीसी लिमिटेड (पब्लिक सेक्टर कंपनी) के साथ मिलकर ग्रेटर नोएडा में स्क्रैपेज प्लांट खोल चुकी है।

    स्क्रैपेज़ प्लांट तैयार करना मारुति और टोयोटा के बीच हुई पार्टनरशिप का एक हिस्सा है। इसके अलावा, दोनों कंपनियां कुछ चुनिंदा देशों में अपनी तकनीकें और वाहनों को साझा कर रही है। इसी पहल के चलते टोयोटा ने भारत में ग्लैंजा कार को लॉन्च किया था जो मारुति सुजुकी बलेनो का रि-बैज वर्ज़न है। 

    दोनों कंपनियां एक दूसरे की बाजार में पकड़/खूबियों का इस्तमाल करते हुए विभिन्न सेगमेंट में नए प्रोडक्ट लॉन्च और पॉवरट्रेन डिवलपमेंट पर भी काम कर रही हैं। दोनों कार कंपनियों ने इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में एक-दूसरे की कंपनी ने निवेश करते हुए कैपिटल एलायंस भी बनाया है। 

    साथ ही पढ़ें:  बीएस6 लागू होने पर 5 लाख तक बढ़ सकती है टोयोटा इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर के डीजल वेरिएंट्स की कीमतें

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    निखिल
    <p><span>Nikhil has a special love for cars since childhood and his love for motors can also be seen in his education, passion and profession. He is an automobile engineer and from scale models to real life models anything on four wheels fascinate him.&nbsp;</span></p>और देखें

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