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    भारत-चीन विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने ग्रेट वॉल मोटर्स के निवेश पर लगाई रोक

    महाराष्ट्र के उद्योग एवं खान मंत्री सुभाष देसाई के अनुसार "राज्य सरकार ने ये फैसला केंद्र सरकार से सलाह मशविरा करने के बाद ही लिया है।

    भानु
    भानु
    Published On जून 22, 2020 14:18 ist
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    published onJun 22, 2020 14:18 IST
    last updated onJun 22, 2020 14:18 IST
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    • सीमा विवाद से पहले महाराष्ट्र सरकार ने चीन की ग्रेट वॉल मोटर्स के साथ तलेगांव में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने को लेकर साइन किया था एमओयू 
    • अब महाराष्ट्र सरकार ने अनिश्चितकाल तक इस निवेश पर लगाई रोक 
    • भारत और चीन के बीच हाल ही में उपजे विवाद के मद्देनजर केंद्र सरकार की सलाह लेकर लिया गया है निर्णय
    • 2021 तक ग्रेट वॉल मोटर्स के बैनर तले हवल ब्रांड की एसयूवी होनी है लॉन्च, मगर अब इसमें हो सकता है विलंब

    चीन की ग्रेट वॉल मोटर्स (Great Wall Motors) ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें तलेगांव में 3,770 करोड़ की लागत से मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने को लेकर सहमति बनी थी। मगर अब, भारत और चीन के बीच उपजे सीमा विवाद के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने तमात एग्रीमेंट्स पर अनिश्चितकाल तक रोक लगा दी है। 

    हमने भारत-चीन विवाद से पहले इस कंपनी के साथ करार किया था। ऐसे में अब विदेश मंत्रालय ने हमें आगे से चीन कंपनियों के साथ कोई भी एग्रीमेंट साइन करने से मना किया है।"

    जिस तलेगांव प्लांट के लिए चीन की ग्रेट वॉल मोटर्स ने एमओयू साइन किया है, वहां इस ब्रांड की बेंगलुरु स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्लांट समेत 3,000 लोगों को रोजगार मिलने जा रहा था। कंपनी ने 2021 तक भारतीय बाजार में हुंडई क्रेटा और किया सेल्टोस के मुकाबले में हवल एफ5 (Haval F5) और जीप कंपास एवं टाटा हैरियर की टक्कर में हवल एफ7 (Haval F7) उतारने की योजना तैयार कर रखी थी। 

    यह भी पढ़ें: पिछले सप्ताह क्या कुछ रहा ऑटो सेक्टर में खास, पढ़िए टॉप-5 कार न्यूज

    इस चीनी कार कंपनी ने इसी साल आयोजित हुए ऑटो एक्सपो 2020 में शिरकत की थी और ये कंपनी अपने बैनर तले हवल ब्रांड की एसयूवी और अपनी ओर से इलेक्ट्रिक कारें पेश करने की तैयारी कर रही थी। हालांकि, अब अस्थाई तौर पर लगी रोक के कारण इस ब्रांड को भारतीय बाजार में उतरने में काफी विलंब हो सकता है। भारतीय बाजार में ये ब्रांड 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने का इच्छुक है। यदि भारत-चीन के बीच गहराते विवाद का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है तो इस ब्रांड के लिए भारत में दरवाजे खुलने से पहले ही बंद हो सकते हैं। 

    न्यूज सोर्स

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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