क्या ऑफ रोडिंग करने में सक्षम है नई टाटा सिएरा? जानिए यहां
सिएरा फिलहाल अभी एक फ्रंट-व्हील ड्राइव कार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इस प्लेटफ़ॉर्म पर ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप भी लगाया जा सकता है।
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काफी इंतज़ार के बाद, टाटा सिएरा आखिरकार भारत में 11.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हो गई है। पूरी कीमतें दिसंबर के पहले सप्ताह में सामने आ जाएंगी, और अगर आप इसके बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं, तो हमारी ये फोटो स्टोरी देख सकते हैं, जिसमें सिएरा के डिज़ाइन से लेकर उसके फीचर्स और पावरट्रेन विकल्पों तक, सब कुछ शामिल है। लेकिन इस स्टोरी के लिए, हम आगे एक आसान सवाल का जवाब देने जा रहे हैं:
ऑफ रोडिंग के लिए कितनी सक्षम है नई टाटा सिएरा?
इसका जवाब ढूंढने के लिए आदर्श स्थिति यही होगी कि कार ली जाए और उसे ऑफ-रोड चलाया जाए, लेकिन नई सिएरा को चलाने में अभी कुछ समय बाकी है। तो जब तक हम ऐसा नहीं करते, आइए इसकी ऑन पेपर पर दिखाई गई ऑफ रोडिंग केपेबिलिटी पर बात करते हैं और देखते हैं कि क्या यह सिर्फ़ डिफेंडर जैसी दिखती है या ऑफ-रोडिंग में भी इसकी बराबरी कर सकती है?
प्लेटफॉर्म
टाटा सिएरा नए ए.आर.जी.ओ.एस प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है , जिसका मतलब है ऑल-टेरेन रेडी, ओमनी-एनर्जी और जियोमेट्रिक स्केलेबल आर्किटेक्चर। नाम में 'ऑल-टेरेन रेडी' शब्द के अनुसार, इसका पूरा नाम यह दर्शाता है कि यह शुरू से ही काफी सक्षम होना चाहिए, लेकिन 'स्केलेबल आर्किटेक्चर' शब्द हमें वास्तविकता के करीब लाता है।

हालांकि इसके अलावा, ओरिजनल मॉडल से अलग, नई सिएरा बॉडी-ऑन-फ्रेम चेसिस के बजाय मोनोकॉक चेसिस पर बेस्ड है। इसलिए यह स्वाभाविक रूप से ऑफ-रोड केपेबिलिटी की तुलना में कंफर्ट और कंफर्टेबल राइड क्वालिटी को प्राथमिकता देती है।
कुल मिलाकर टाटा ने न सिर्फ़ सिएरा की प्रतिद्वंदियों, बल्कि खुद से कई गुना ज्यादा महंगी लग्ज़री कारों से भी तुलना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आइए आंकड़ों पर एक नज़र डालते हैं।
टाटा सिएरा ऑफ रोड स्पेसिफिकेशन
| पैरामीटर |
डेटा |
| अप्रोच एंगल |
26.5 डिग्री |
| डिपार्चर एंगल |
31.6 डिग्री |
| रैंपओवर एंगल |
23.1 डिग्री |
| ग्राउंंड क्लीयरेंस |
205 मिलीमीटर |
| टर्निंग सर्किल डायमीटर |
10.6 मीटर |
| वॉटर वेडिंग कैपेसिटी |
450 मिलीमीटर |
ये आंकड़े अलग-अलग देखने पर शायद ज़्यादा मायने न रखते हो, लेकिन जब आप दूसरी कारों के आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो चीजें समझ आने लगेंगी। अगर हमें कारों के सही नाम पता होते, तो चीज़ों को संदर्भ में रखना और भी आसान होता।

जैसा कि पहले बताया गया है, इसके अप्रोच और डिपार्चर एंगल कुछ बाधाओं से निपटने के लिए पर्याप्त हैं। दरअसल, रैंप ओवर एंगल मारुति जिम्नी (24 डिग्री) के काफी करीब है, जो एक हार्डकोर ऑफ-रोडर है। इससे ड्राइवर को उन बेहद ऊंचे और तीखे स्पीडब्रेकर्स से आराम से निपटने का आत्मविश्वास मिलेगा।
450 मिलीमीटर पानी में उतरने की क्षमता उन कारों के आसपास भी नहीं है जो आमतौर पर अपने ब्रोशर पर इस आंकड़े का दावा करती हैं, लेकिन यह बारिश के दौरान हमारी सड़कों पर पानी भर जाने पर बिना किसी बड़ी चिंता के गाड़ी चलाने के लिए पर्याप्त है।
तो, जहां तक कागजों पर दिए गए आंकड़ों की बात है, सिएरा एक ऐसी एसयूवी के लिए काफी अच्छा काम करती है जिसे एक कंफर्टेबल फैमिली फ्रेंडली मोबिलिटी टूल माना जाता है। इसमें तीन टेरेन मोड (नॉर्मल, वेट और रफ) भी दिए गए हैं जो इसे विभिन्न परिस्थितियों में पकड़ बनाए रखने में मदद करते हैं। लेकिन कुल मिलाकर, इसमें ऑल-व्हील ड्राइव या कोई लॉकिंग मैकेनिज्म नहीं दिया गया है जो इसे वास्तव में मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने में मदद कर सके।
इससे पहले कि हम किसी नतीजे पर पहुंचें, इसके पावरट्रेन स्पेसिफिकेशन पर डालते हैं एक नजर:
| इंजन |
1.5-लीटर टी-जीडीआई (डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल) |
1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन |
1.5-लीटर डीजल इंजन |
| गियरबॉक्स |
6-स्पीड एमटी, 6-स्पीड एटी* |
6-स्पीड एमटी, 7-स्पीड डीसीटी |
6-स्पीड एमटी, 6-स्पीड एटी |
| पावर |
160 पीएस |
118 पीएस |
118 पीएस |
| टॉर्क |
255 एनएम |
260 एनएम |
260 एनएम |
डीसीटी - डुअल क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
*एटी - टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
टाटा ने आखिरकार सिएरा के साथ 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन पेश कर दिया है। यह 1.5-लीटर नेेेेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन और 1.5-लीटर डीजल इंजन के साथ उपलब्ध है, दोनों ही मैनुअल या ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध हैं। टर्बो-पेट्रोल इंजन केवल एआईएसआईएन-सोर्स्ड 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ ही उपलब्ध है।
फ़िलहाल ऑल-व्हील ड्राइव उपलब्ध नहीं है, सिर्फ़ फ्रंट-व्हील ड्राइव उपलब्ध है। लेकिन टाटा ने कहा है कि ऑल-व्हील ड्राइव पर विचार किया जा रहा है, और भले ही यह आईसीई-पावर्ड सिएरा में शामिल हो भी या न हो, हमें पूरा विश्वास है कि इलेक्ट्रिक वर्जन के साथ ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप हासिल करना काफी हद तक संभव होगा।
यहां देखिए इसके वेरिएंट अनुसार इंजन एवं ट्रांसमिशन कॉम्बिनेशन।
निष्कर्ष
हालांकि कई लोगों ने लैंड रोवर डिफेंडर से इसकी तुलना की होगी, लेकिन हकीकत में सिएरा की क्षमताएं इसके आसपास भी नहीं होंगी। और सच कहें तो कोई भी इसे डिफेंडर की तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

सिएरा का यह नया मॉडल फंक्शनल या युटिलिटेरियन होने से ज़्यादा लाइफस्टाइल पर आधारित है। लेकिन लद्दाख की उस दुर्लभ यात्रा के लिए, किसी दूरदराज के इलाके में किसी फार्महाउस तक पहुंचने के लिए की जाने वाली हल्की-फुल्की ऑफ-रोडिंग के लिए, हमारे अर्बन सेंटर्स (व्यंग्य पढ़ें) की उन खूबसूरत पक्की सड़कों से निपटने के लिए या टियर-1 शहरों के कभी-कभार बाढ़ग्रस्त इलाकों से निपटने के लिए, सिएरा उस चुनौती से कहीं ज़्यादा बेहतर है।
लेकिन, टाटा मोटर्स ने सिएरा में ऑल-व्हील ड्राइव की संभावना को कम रखा है। यह आईसीई या ईवी के साथ आ सकता है। जो भी हो, हमें जल्द ही पता चल जाएगा!
क्या आप नई टाटा सिएरा को एक अलग रास्ते पर ले जाना चाहेंगे? हमें कमेंट में बताएं!














