
इसका इंटीरियर कंपनी की ही ट्रैक्स और तूफान टैक्सी जैसा लगता है और इसमें थोड़े एक्सट्रा एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसका इंटीरियर काफी आउटडेटेड नजर आता है। हालांकि इसमें दिए गए इंटीरियर एलिमेंट्स को रग्ड और ऑफ रोड फोकस्ड कहा जा सकता है। इसमें दिया गया स्टीयरिंग व्हील किसी पैसेंजर कार के स्टीयरिंग जैसा ना लगकर किसी ट्रक/ट्रैवलर के स्टीयरिंग जैसा लगता है। गुरखा स्पेशियस कार नजर आ सकती है, मगर इसमें सीटिंग पोजिशन काफी चैलेंजिंग लगती है। एसी वेंट्स और आर्मरेस्ट को एडजस्ट करने के लिए दिए गए लिवर भी काफी बेसिक से नजर आते हैं। कुल मिलाकर इसका इंटीरियर भारत में मौजूद कारों के मुकाबले काफी आउटडेटेड लगता है।

फोर्स गुरखा में आपको ऊंची सीटिंग पोजिशन मिलती है जिससे आपको ये महसूस होता है कि आप सड़क के राजा हैं और आपको आसपास के पूरे नजारे मिलते हैं। इसमें फुल एडजस्टेबल आर्मरेस्ट दिया गया है, जिससे अच्छा सीट कंफर्ट मिलता है और इसकी सीटों की कुशनिंग भी अच्छी है। लंबे सफर के दौरान आप ज्यादा अच्छे कंफर्ट की उम्मीद ना करें, क्योंकि इसमें ड्राइवर को बड़े अजीब ढंग से बैठना पड़ता है और वो स्टीयरिंग को भी ज्यादा एडजस्ट नहीं कर सकता है।

केबिन को ज्यादा प्रीमियम बनाने की कोशिश करते हुए फोर्स ने इसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और नया 9 इंच टचस्क्रीन दिया है। इसमें दिया गया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर इसका हाइलाइट फीचर है। इसमें इंफॉर्मेशन अच्छे से दिखाई देती है और टायर प्रेशर भी डोर अजार डायग्राम में दिखाई देता है। इसमें कस्टमाइजेबिलिटी नहीं दी गई है और आप केवल ट्रिप और ड्राइव मोड बदलते वक्त कलर चेंज कर सकते हैं।

दूसरी तरफ इसमें दी गई टचस्क्रीन एक आफ्टरमार्केट टेबलेट है जो एंड्रायॅड के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। ये एंड्रॉयड ऑटो, एपल कारप्ले और थर्ड पार्टी एप के जरिए फोन मिररिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 2 स्पीकर साउंड सिस्टम दिया गया है जो थर्ड रो पर लगा है जिसका ओवरऑल एक्सपीरियंस काफी निराश करता है। इसकी स्क्रीन पर ग्रेडिएंट्स, ड्राइव मोड या पिच एवं यॉ एंग्लस जैसी कोई ऑफ रोडिंग इंफॉर्मेशन दिखाई नहीं देती है।
चूंकि अब गुरखा को एक अर्बन एसयूवी के तौर पर पेश किया गया है, इसलिए इसमें बेहतर फीचर्स देने चाहिए थे। इसमें आपको मैनुअल एसी, मैनुअल डे/नाइट आईआरवीएम, इलेक्ट्रॉनिकली एडजस्टेबल ओआरवीएम, ऑल 4 पावर विंडो और ड्राइवर के लिए वन-टच अप/डाउन विंडो जैसे फीचर्स मिल जाएंगे।

इसमें केबिन प्रैक्टिकैलिटी के मोर्चे पर काफी अच्छा काम किया गया है। इसके बड़े सेंटर कंसोल मेंं चाबी रखने के लिए छोटा सा स्टोरेज एरिया, वॉलेट और दूसरे आइटम्स रखने के लिए बड़ा स्टोरेज बॉक्स, डेडिकेटेड सेलफोन स्लिट और 2 कप/बॉटल होल्डर्स दिए गए हैं। इसके ग्लवबॉक्स का शेप काफी अच्छा है और डोर पैकेट्स में क्लीनिंग का कपड़ा और पेपर्स रखे जा सकते हैं। इस एसयूवी में 2 यूएसबी चार्जर और फ्रंंट में 12 वोल्ट का सॉकेट और रियर सीट पैसेंजर के लिए सेंटर कंसोल के आखिर में 2 यूएसबी चार्जर दिए गए हैं।
रियर सीट्स

गुरखा 5-डोर का सबसे बड़ा हाइलाइट इसकी मिडिल रो की सीट्स है। इनके कारण ही गुरखा एक फैमिली के हिसाब से अब ज्यादा प्रैक्टिकल हो गई है। मगर इसकी सीट आपको काफी निराश करेगी। आपको यहां अच्छा हेडरूम स्पेस मिलेगा, मगर इसमें (5’8”) की हाइट वाले लोगों को घुटने ऊपर करके बैठने पड़ते हैं। चूंकि फोर्स गुरखा में थर्ड रो भी दी गई है, ऐसे में मिडिल रो में नीरूम और बैकरेस्ट के रिक्लाइन एंगल से समझौता किया गया है। नतीजतन इसकी सीटें ज्यादा कंफर्टेबल नहीं है। शहर में छोटे सफर में इनसे काम चल जाता है, मगर 5-डोर कार में इनका मकसद पूरा होता नहीं दिखाई देता है।

यहां मिडिल आर्मरेस्ट के साथ कपहोल्डर दिया गया है जिससे कंफर्ट बढ़ जाता है और साथ ही यहां पावर विंडो स्विच भी दिया गया है। इसके अंदर से बाहर के नजारे साफ दिखाई देते हैं और केबिन में एक खुलेपन का अहसास भी होता है। इसके अलावा फोर्स ने इसकी रूफ पर रीसर्कुलेशन वेंट्स भी दिए हैं, जिससे सेकंड और थर्ड रो में कूलिंग बेहतर हो जाती है। हालांकि इनकी क्वालिटी निराश करती है जो कि शोर करते हैं और इनका कलर हाउसिंग से मिस मैच करता है।
थर्ड रो

गुरखा 5-डोर की थर्ड रो सीट काफी कंफर्टेबल है जिनकी कुशनिंग भी काफी अच्छी है और यहां सेकंड रो से ज्यादा बेहतर स्पेस दिया गया है। हालांकि यदि आपके पास लगेज है तो थर्ड रो की सीट्स से बाहर निकलने या अंदर बैठने के लिए आपको लगेज पर पैर रखकर आना जाना पड़ेगा।
गुरखा में ट्रेडिशनल बूट स्पेस दिया गया है। इसमें सामान रखने के लिए आपको या तो थर्ड रो सीटों को फोल्ड डाउन करना होगा या फिर कैरियर पर रखना होगा।