2026 रेनो डस्टर के भारतीय और अतरराष्ट्रीय मॉडल में क्या है अंतर, जानिए यहां
अतरराष्ट्रीय मॉडल को पूरा कॉपी करने के बजाय, भारतीय रेनो डस्टर के अंदर और बाहर कई मार्केट स्पेसिफिक बदलाव किए गए हैं
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रेनो इंडिया ने नई डस्टर एसयूवी कार से पर्दा उठा दिया है, और उस आइकॉनिक नेमप्लेट की फिर से वापसी हो गई है जिसने इस ब्रांड को भारतीय कार बाजार में पहचान दिलाई। नई डस्टर कार अंतरराष्ट्रीय बाजार में डासिया ब्रांड के तहत बेचे जोने वाले नए ग्लोबल मॉडल पर तैयार की गई है, लेकिन भारतीय मॉडल इसकी पूरी कॉपी नहीं है। इसके बजाए, रेनो ने एसयूवी कार में कई मार्केट स्पेसिफिक बदलाव किए गए हैं ताकि यह भारतीय ग्राहकों को पसंद आ सके।
2026 रेनो डस्टर भारतीय ग्राहकों के लिए एक बड़ा जनरेशन बदलाव है। स्टाइल और केबिन लेआउट से लेकर फीचर और पावरट्रेन चॉइस तक, यहां रेनो डस्टर 2026 मॉडल के भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वर्जन का पूरा कंपेरिजन है, जिस पर आप भी एक नजर डालिए:
डिजाइन
आगे का डिजाइन
सबसे बड़े अंतर में एक ब्रांडिंग है। अंतरराष्ट्रीय मॉडल में ग्रिल पर बोल्ड ‘रेनो’ ब्रांडिंग दी गई है, वहीं भारतीय वर्जन में ‘डस्टर’ नाम लिखा है, जो इस बात पर फोकस करता है कि ये नाम भारत में कितना पॉपुलर है।


हेडलैंप्स का आकार नहीं बदला है, लेकिन लाइटिंग सिग्नेचर अलग है। अंतरराष्ट्रीय मॉडल में वाई-शेप एलईडी डेटाइम रनिंग लाइटें दी गई है, जबकि भारतीय डस्टर में पतली एलईडी डीआरएल दी गई है। नई लाइटिंग लेआउट के लिए हेडलैंप्स के अंदर की तरफ भी कुछ बदलाव किया गया है।
अन्य बड़ा बदलाव बंपर डिजाइन में देखा जा सकता है। हालांकि दोनों वर्जन में आगे वाले बंपर पर एक जैसे सिल्वर फिनिश ओवरहैंग हैं, लेकिन भारतीय डस्टर में नया लेआउट है जिसमें ऊपर की तरफ ट्रिपल एयर इनटेक पोजिशन किए गए हैं। फॉग लैंप्स को कॉर्नर की तरफ खिसकाया गया है और नीचे वाली ग्रिल में अब ब्लैक प्लास्टिक हाउसिंग के साथ वर्टिकल ओरिएंटेड एयर इनटेक दिए गए हैं। भारतीय मॉडल आगे से ज्यादा प्रीमियम दिखता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मॉडल ज्यादा रग्ड नजर आता है।
साइड
साइड से देखने पर भारतीय डस्टर के कुछ वेरिएंट्स में हिमालय से प्रेरित फेंडर बैज मिलते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मॉडल में दिखने वाली सिंपल प्लास्टिक ट्रिम की जगह लेते हैं। इसमें नीचे डोर लाइन के साथ एक पिली ‘आइकॉनिक’ एसेंट स्ट्रिप भी है, साथ ही रूफ रेल्स पर पिली ‘डस्टर’ ब्रांडिंग भी है, ये दोनों चीजें अंतरराष्ट्रीय मॉडल में नहीं है। ये सभी छोटे-मोटे बदलाव भारतीय डस्टर के डिजाइन में जान डाल देते हैं।


दोनों मॉडल में व्हील साइज 18-इंच ही है। हालांकि, भारतीय एसयूवी कार में ब्लैक-फिनिश अलॉय व्हील मिलते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मॉडल में ड्यूल-टोन या सिल्वर फिनिश है। ब्लैक अलॉय व्हील साइड से स्पोर्टी टच देते हैं और डस्टर की डिजाइन को कॉम्प्लिमेंट देते हैं।
| छोटी-छोटी बातें: गौर से देखने पर पता चलेगा कि डस्टर के पीछे वाले डोर हैंडल सी-पिलर पर पोजिशन किए गए हैं। यह चीज पुरानी डस्टर में नहीं थी। |
पीछे का डिजाइन
पीछे से ओवरऑल डिजाइन एक समान है, लेकिन भारतीय डस्टर में कुछ खास बदलाव किए गए हैं। भारतीय मॉडल में एक कनेक्टेड एलईडी लाइट स्ट्रिप दी गई है जो टेलगेट की पूरी चौड़ाई तक फैली है, जबकि अंतरराष्ट्रीय वर्जन में अलग-अलग टेल लैंप्स हैं।

भारतीय डस्टर कार के ट्राएंगुलर टेल लैंप्स में भी एक स्लीकर एलईडी लेआउट है। इसके अलावा, टेलगेट में ग्लॉसी और मैट ब्लैक ट्रिम का मिक्स है, और पीछे वाले बंपर को ड्यूल-टोन फिनिश और सिल्वर सराउंड इफेक्ट के साथ रीडिजाइन किया गया है। वहीं अंतराष्ट्रीय मॉडल के पीछे वाले बंपर का डिजाइन सिंपल है।
रेनो डस्टर न्यू मॉडल को पुराने वर्जन की तुलना में एक बड़ा अपग्रेड मिला है। आप यहां नई और पुरानी रेनो डस्टर का कंपेरिजन देख सकते हैं।
| ट्रेंड को फॉलो: ज्यादातर कंपनियां अपनी एसयूवी कार में कनेक्टेड टेल लैंप्स दे रही हैं, और ऐसा लगता है कि रेनो ने अच्छी रिसर्च की है और मार्केट ट्रेंड को फॉल किया है। |
केबिन: क्या भारतीय मॉडल का केबिन ज्यादा प्रीमियम है?
जब आप केबिन में कदम रखते हैं तो आपको डस्टर के भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल के बीच अंतर साफ नजर आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मॉडल में आपको एक सिंपल कंट्रास्ट के साथ ग्रे केबिन थीम मिलती है। वहीं भारतीय मॉडल में स्टीयरिंग व्हील, सीट, आर्मरेस्ट, डैशबोर्ड और डोर पेड पर पीली कंट्रास्ट स्टिचिंग मिलती है। डैशबोर्ड पर पीली ‘डस्टर’ ब्राडिंग भारतीय वर्जन को अलग दिखाती है।


रेनो ने भारतीय एसयूवी में फॉक्स कार्बन फाइबर इनसर्ट, साटिन सिल्वर इनसर्ट और ड्यूल-टोन लेदरेट अपहोल्स्ट्री भी दी है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मॉडल से ज्यादा प्रीमियम लुक और फील देती है।
दूसरा बड़ा अंतर डैशबोर्ड लेआउट का है। भारतीय मॉडल में ड्राइवर फोकस डैशबोर्ड और सेंटर कंसोल दिया गया है। यहां तक कि भारतीय डस्टर के एसी वेंट्स का डिजाइन भी अलग है। हालांकि रेनो ने सेंटर कंसोल के नीचे वाले हिस्से के लेआउट में बदलाव नहीं किया है।
कुल मिलाकर, भारतीय मॉडल ज्यादा प्रीमियम और स्पोर्टी लगता है।
| ध्यान देने वाली बात: हम रेनो की तारीफ करते हैं कि उसने एसी कंट्रोल्स और दूसरे जरूरी फंक्शन के लिए अच्छे फिजिकल कंट्रोल्स बटन दिए हैं। |
फीचर और सेफ्टी
रेनो ने डस्टर के भारतीय वर्जन में कुछ अतिरक्त फीचर जोड़े हैं, जिससे यह सेगमेंट की दूसरी एसयूवी कार को टक्कर दे सके।


दोनों मॉडल में 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है जो वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है। हालांकि भारतीय डस्टर में रेनो का लेटेस्ट सिस्टम है जो बिल्ट-इन गूगल एप्स भी सपोर्ट करता है।
भारत में ऊपर वाले वेरिएंट्स में बड़ा 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मॉडल और भारत में नीचे वाले वेरिएंट्स में छोटी 7-इंच यूनिट दी गई है।
अन्य फीचर के तौर पर आपको भारतीय डस्टर में एक पैनोरमिक सनरूफ, आगे पावर्ड और वेंटिलेटेड सीटें, एयर फिल्टर के साथ ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, और मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइटिंग मिलती है।
दोनों वर्जन में शानदार सेफ्टी फीचर मिलते हैं, जिनमें छह एयरबैग, ईएससी, आईएसओफिक्स माउंट, और 360 डिग्री कैमरा शामिल है। हालांकि भारतीय डस्टर को एडीएएस फीचर देकर अलग बनाया गया है।
इंजन
रेनो ने डस्टर के इंजन लाइनअप में मार्केट स्पेसिफिक अप्रोच अपनाई है।
ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1.2-लीटर थ्री-सिलेंडर हाइब्रिड सेटअप मिलता है। विदेशी मॉडल में आपको 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल, एक 1-लीटर एलपीजी ऑप्शन और एक 1.6-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड यूनिट भी मिलती है। इन इंजन के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यह स्टोरी पढ़ें।
भारत में हमें तीन इंजन विकल्प मिलते हैं, जिनमें एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्जन भी शामिल है। यहां देखिए इसके स्पेसिफिकेशन:
| इंजन |
1-लीटर टर्बो-पेट्रोल |
1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल+माइल्ड-हाइब्रिड |
1.8-लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड |
| पावर |
100 पीएस |
163 पीएस |
घोषणा होनी बाकी |
| टॉर्क |
160 एनएम |
280 एनएम |
घोषणा होनी बाकी |
| गियरबॉक्स |
6-स्पीड मैनुअल |
6-स्पीड मैनुअल, 6-स्पीड डीसीटी |
8-स्पीड डीएचटी |
एक बड़ा अंतर ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डस्टर गाड़ी में ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी मिलता है, जबकि भारतीय मॉडल में इसका अभाव है।
प्राइस और कंपेरिजन
भारत आने वाली रेनो डस्टर की कीमत करीब 10 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू हो सकती है। इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, होंडा एलिवेट, स्कोडा कुशाक, मारुति विक्टोरिस और टाटा सिएरा से रहेगा।
भारतीय मॉडल के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए डस्टर की शोकेस स्टोरी पढ़ें।














