दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 हुई घोषित: कारों के लिए इसमें क्या कुछ है खास, जानिए यहां
दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दिया जाएगा इसलिए इस पॉलिसी में स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड को शामि नहीं दिया गया है।
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सालों से दिल्ली एनसीआर गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। जहां पुरानी कारों के लिए नियम कड़े हैं और उनकी उम्र की सीमा तय है (डीज़ल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल), वहीं इन नियमों को और सख्त करने की कोशिशें भी की जा रही हैं।
इसी दिशा में कदम उठाते हुए, दिल्ली सरकार ने अपनी 'दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' की घोषणा की है। इसमें ईवी (इलेक्ट्रिक गाड़ियों) को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के इंसेंटिव, फ़ायदे और सब्सिडी देने की बात कही गई है। लेकिन कार मालिकों पर इसका क्या असर होगा? आइए जानते हैं:
रोड टैक्स में छूट
शायद इस पॉलिसी का सबसे बड़ा और सबसे बढ़िया फ़ायदा यह है कि 31 मार्च 2030 तक 30 लाख रुपये या उससे कम एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी ईवी पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ़ीस नहीं लगेगी। अकेले इसी फ़ायदे से खरीदारों को तुरंत लाखों रुपये की बचत हो सकती है और ईवी को आईसीई-पावर्ड गाड़ियों के बराबर कीमत पर लाने में काफ़ी मदद मिल सकती है।

हालांकि, ध्यान दें कि स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड कारें इस छूट के दायरे में नहीं आती हैं। इन पर लागू होने वाली सामान्य दर से रोड टैक्स देना होगा और साथ ही 15 साल की उम्र सीमा भी लागू होगी (जबकि ईवी को इससे छूट मिली हुई है)।
स्क्रैपिंग इंसेंटिव
इसके अलावा, राज्य सरकार ने स्क्रैपिंग इंसेंटिव की घोषणा की है। इसके तहत, जो खरीदार अपनी पुरानी दिल्ली-रजिस्टर्ड बीएस4 या उससे पुरानी कारों को स्क्रैप करवाएंगे और 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से कम कीमत वाली नई ईवी खरीदेंगे, उन्हें 1 लाख रुपये का फ़ायदा मिलेगा।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, खरीदार को अपनी पुरानी गाड़ी किसी सरकारी मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग एजेंसी में स्क्रैप करवानी होगी, जो 'सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट' (सीओडी) जारी करेगी। इसके बाद, खरीदार सीओडी जारी होने की तारीख से छह महीने के भीतर नई ईवी खरीद सकता है और इंसेंटिव का लाभ उठा सकता है। इस इंसेंटिव का क्लेम दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से अलग से करना होगा।
हालांकि, यह योजना केवल पहले 1 लाख आवेदकों के लिए लागू होगी।
पब्लिक ईवी चार्जिंग नेटवर्क को प्रोत्साहन
इसके अलावा, पॉलिसी में पब्लिक ईवी चार्जरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है और विभिन्न अधिकारियों को इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कार बनाने वाली कंपनियों को प्रत्येक डीलरशिप पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें प्रत्येक डीलरशिप पर कम से कम दो चार्जिंग पॉइंट होने चाहिए।

साथ ही, रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), रेजिडेंशियल कम्यूनिटीज और बड़े निजी संस्थानों को आवासीय परिसरों और निजी स्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि सुविधाजनक और सुलभ पब्लिक ईवी चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके।
क्या आपको लगता है कि ये इंसेटिव्स इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने के लिए पर्याप्त हैं? नीचे कमेंट करें!














