एक्सटीरियर की तरह महिंद्रा बोलेरो का इंटीरियर भी युटिलिटेरियन ज्यादा लगता है। इसका डिजाइन ओल्ड स्कूल है जिसमें पतला सा डैशबोर्ड दिया गया है जो तीन सेक्शन में बंटा है जिसमें एक पैसेंजर,एक सेंट्रल डैशबोर्ड और एक ड्राइवर के लिए है। इसमें जो एक चीज मॉर्डन लगती है वो है दमदार सा 3 स्पोक स्टीयरिंग व्हील जो थार जैसा है। इसके केबिन में ड्युअल टोन लाइट कलर्स का इस्तेमाल हुआ है और डैशबोर्ड को डार्क फिनिशिंग दी गई है जो लगभग ब्राउन शेड है वहीं सीटों को बैज फिनिशिंग दी गई है।

इसमें इस्तेमाल हुए मैटेरियल की बात करें तो सेंट्रल एसी कंसोल और एसी वेंट्स के चारों ओर दिए गए प्लास्टिक को वुड टाइप फिनिशिंग दी गई है जो पर्याप्त महसूस होती है। बाकी के हिस्सों में प्लेन प्लास्टिक का ही इस्तेमाल हुआ है जो निम्न स्तर का लगता है। इनकी क्वालिटी की गुणवत्ता कम लगती है, और वे अक्सर चरमराते और खड़खड़ाते भी हैं।

पूरे केबिन में फिट और फिनिशिंग के मोर्चे पर सुधार की गुंजाइश नजर आती है। केबिन के कम से कम मुख्य टचपॉइंट्स के लिए थोड़े बेहतर फ़िनिश वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल करके यह आसानी से हासिल किया जा सकता था। यह बात ख़ास तौर पर तब ध्यान देने योग्य हो जाती है जब आप बोलेरो की तुलना इसी की कीमत पर आने वाली दूसरी कारों से करते हैं जिनमें बोलेरो नियो कार भी शामिल है।
आगे की सीटें
साइड स्टेप की मदद से बोलेरो के अंदर जाना और उससे बाहर निकलना आसान है। ड्राइविंग पोजिशन की बात करें तो महिंद्रा बोलेरो में एक कमांडिंग ड्राइविंग पोजिशन तो मिल जाती है मगर इसमें एडजस्टेबिलिटी काफी सीमित है।

इसमें ड्राइवर की सीट के लिए कोई हाइट एडजस्टमेंट नहीं दिया गया है और यहां तक कि स्टीयरिंग भी फिक्स्ड है। आप केवल अपनी सीटों को स्लाइड और रिक्लाइन ही कर सकते हैं जिससे आपको एक बेहतर या कंफर्टेबल ड्राइविंग पोजिशन नहीं मिल पाती है।
सीट कंफर्ट की बात करें तो ये चौड़ी और फ्लैट है। इसमें आपकी जांघो को मुश्किल से ही सपोर्ट मिल पाता है और अंडरथाई सपोर्ट में भी कमी महसूस होती है। मगर फिर भी आपको इसमें साइड सपोर्ट मिल जाता है जो अच्छी कद काठी के लोगों के लिए पर्याप्त है। इसमें एडजस्टेबल हेडरेस्ट दिए गए हैं मगर फ्रंट सेंट्रल आर्मरेस्ट नहीं दिया गया है।

आपको इसमें सीधा होकर बैठना पड़ता है और साथ ही बड़ी विंडोज और ए पिलर पतला होने से आपको अच्छी विजिबिलिटी मिल जाती है और और नए ड्राइवरों को भी एक आत्मविश्वास मिलता है।
पीछे की सीट
महिंद्रा बोलेरो की पीछे की सीटें काफी कंफर्टेबल है। इनकी कुशनिंग अच्छी है और आप ऊंचा होकर बैठते हैं,वहीं सीट बेस से आपकी जांघो के निचले हिस्से को अच्छा सपोर्ट मिल जाता है। इसमें लंबे कद के लोगों तक को अच्छा हेडरूम मिलता है मगर फ्रंट सीट पर लगे ब्रेकेट्स के कारण सीमित ही फुटरूम मिलता है।

यहां तीन लोग बैठ सकते हैं मगर बीच में बैठने वाले पैसेंजर को डेडिकेटेड हेडरेस्ट नहीं मिलता है। बाकी के दो हेडरेस्ट एडजस्टेबल हैं और यहां एक नकली सा सेंटर आर्मरेस्ट भी दिया गया है जिससे भी कंफर्ट मिल जाता है। इसकी पीछे की सीटों से आपको बाहर का अच्छा नजारा देखने को मिलता है। फंक्शनल फीचर्स की बात करें तो आपको पावर विंडो के अलावा कुछ नहीं मिलता है। यहां तक कि इसमें रियर एसी वेंट भी नहीं है, जो मुझे लगता है कि तीन रो वाली कार में एक ज़रूरी सुविधा होनी चाहिए।

इसकी आखिरी रो में जंप सीटें दी गई हैं, यानी यात्री एक-दूसरे के आमने सामने बैठते हैं। आसानी से अंदर आने-जाने के लिए, ऊपर एक ग्रैब हैंडल दिया गया है, जिससे आप बिना ज़्यादा मेहनत किए अंदर जा सकते हैं।

एकबार यहां दाखिल होने के बाद आपको नजर आएगा कि यहां बच्चे आराम से बैठ सकते हैं। उंचे कद के लोगों को यहां पर्याप्त हेडरूम स्पेस नहीं मिलता है। वहीं रेगुलर साइज वाले वयस्कों के भी एकदूसरे से घुटने टकराते हैं। दूसरी रो की तरह यहां भी एसी वेंट्स नहीं दिए गए हैं और ना ही कोई सीटबेल्ट दी गई है।
प्रैक्टिकैलिटी
बोलेरो के केबिन की प्रैक्टिकैलिटी भी आश्चर्यजनक रूप से सीमित ही है। इसके डोर पॉकेट में बोतल रखने की कोई जगह नहीं है। सेंट्रल कंसोल में एक खुला स्टोरेज है जिसके पीछे दो कप होल्डर हैं। ग्लव बॉक्स गहरा है, लेकिन उसकी ओपनिंग ज़्यादा चौड़ी नहीं है और ड्राइवर के दरवाज़े में एक पॉकेट ज़रूर है, लेकिन उसमें बस कुछ कागज़ या छोटी-मोटी चीज़ें ही रखी जा सकती हैं।

इसमें पीछे बैठने वालों के लिए केवल सीटबैक पॉकेट्स ही दिए गए हैं।

चार्जिंग विकल्प
महिंद्रा ने बोलेरो में आगे की सीट के लिए 12 वोल्ट का सॉकेट दिया है। इसमें यूएसबी टाइप-ए या टाइप-सी पोर्ट उपलब्ध नहीं हैं।

कुल मिलाकर,बोलेरो का केबिन एक बेसिक अनुभव ही देता है। आप इसमें स्टाइल और फील को तो आप भूल ही जाईये और इसमें को सीमित एडजस्टेबिलिटी,प्रैक्टिकैलिटी और बेसिक फीचर्स से भी समझौता करना पड़ेगा।
फीचर्स
2025 महिंद्रा बोलेरो में 10 लाख रुपये के आसपास की दूसरी कारों जैसे फ़ीचर्स नहीं मिलते। इसमें बेसिक फीचर्स ही दिए गए हैं और इसकी फ़ीचर लिस्ट में और कुछ नहीं है। इन फीचर्स में मैनुअल एसी, पावर्ड विंडो, फ्रंट मैप लाइटिंग, सेंट्रल लॉकिंग और मैनुअल इनसाइड रियर व्यू मिरर शामिल हैं।

इसमें कोई इंफोटेनमेंट सिस्टम नहीं है, बल्कि एक सिंगल डीआईएन ऑडियो सिस्टम दिया गया है जो यूएसबी और ऑक्स कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है, और वायरलेस अनुभव के लिए ब्लूटूथ कनेक्शन भी मिलता है। आप इस सिस्टम के ज़रिए कॉल भी कर सकते हैं। साउंड सिस्टम की बात करें तो यह बिल्कुल बेसिक है।

ड्राइवर के लिए एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जो डैशबोर्ड के बीचों-बीच फैला हुआ है। यह एक एमआईडी डिस्प्ले है जिसमें टैकोमीटर और डिजिटल स्पीड रीडआउट है, जबकि माइलेज, ट्रिप डिटेल्स और क्लॉक (टाइम डिस्प्ले) जैसी जानकारी बीच में लगे डिस्प्ले पर दिखाई देती है।

तो बोलेरो में बस बुनियादी चीज़ें ही शामिल हैं, उससे ज़्यादा कुछ नहीं। 2025 के लिए, भले ही हम इस बात पर गौर करें कि बोलेरो सिर्फ़ ख़ास तौर पर बनाई गई है, न कि सिर्फ़ आरामदायक सुविधाओं के लिए, फिर भी इसकी फीचर लिस्ट काफ़ी बुनियादी है। रियर एसी वेंट, इलेक्ट्रिकली पावर्ड ओआरवीएम और रियर पार्किंग कैमरा जैसे बुनियादी उपकरण इन दिनों ना सिर्फ कंफर्ट फीचर्स के तौर पर देखे जाते हैं, बल्कि ये बुनियादी आवश्यकताएं हैं, और इनके जुड़ने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है।