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    क्या आपकी कार इंश्योरेंस पॉलिसी मानसून में बाढ़ से इंजन को हुए नुकसान को कवर करती है?

    अपनी इंश्योरेंस में ये सावधानियां बरतें!

    cardekho
    cardekho
    Published On जुलाई 30, 2026 13:44 ist
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    published onJul 30, 2026 13:44 IST
    last updated onJul 30, 2026 13:44 IST
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    What to do in engine flood damage claim?

    मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कार मालिकों के लिए एक बड़ी चिंता भी लेकर आता है, खासकर शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या। बाढ़ या भारी बारिश में कार का खराब होना एक आम बात है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आपकी कार इंश्योरेंस पॉलिसी इससे होने वाले नुकसान, खासकर इंजन डैमेज को कवर करती है? इसका सीधा जवाब है — आमतौर पर नहीं। एक स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी बाढ़ से हुए इंजन डैमेज को कवर नहीं करती, जब तक कि आपके पास ‘इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन’ कवर न हो। आइए इसे विस्तार से समझते हैं कि कौनसी पॉलिसी क्या कवर करती है और बाढ़ के बाद क्लेम करने का सही तरीका क्या है।

    कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस बाढ़ के किन नुकसानों को कवर करती है?

    एक स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और तूफान से होने वाले नुकसान के खिलाफ कवरेज देती है। अगर आपकी कार बाढ़ के पानी में डूब जाती है, तो यह पॉलिसी कार की बॉडी, पेंटवर्क, वायरिंग और इंटीरियर जैसे सीट कवर और अपहोल्स्ट्री को हुए नुकसान की मरम्मत का खर्च उठाएगी। यदि पॉलिसी के साथ ज़ीरो-डेप्रिसिएशन ऐड-ऑन भी लिया गया है, तो मरम्मत के लिए किसी भी पार्ट की कीमत में कटौती नहीं की जाएगी और पूरा क्लेम मिलेगा। हालांकि, इस कवरेज में एक बड़ी शर्त है: यह इंजन को हुए नुकसान को कवर नहीं करती है, अगर वह पानी घुसने के कारण खराब हुआ हो।

    कार इंश्योरेंस में इंजन डैमेज को 'कंसीक्वेंशियल लॉस' क्यों माना जाता है?

    इंश्योरेंस की भाषा में, इंजन डैमेज को अक्सर "कंसीक्वेंशियल लॉस" या परिणामी क्षति माना जाता है। इसका मतलब है कि बाढ़ का पानी सीधे इंजन को नहीं तोड़ता, असल नुकसान तब होता है जब पानी में डूबी कार को स्टार्ट करने की कोशिश की जाती है। जब ड्राइवर चाबी घुमाता है, तो इंजन पानी को अंदर खींच लेता है, जिससे उसके आंतरिक पार्ट्स, जैसे पिस्टन और कनेक्टिंग रॉड्स को नुकसान पहुंचता है और इंजन सीज़ हो जाता है। चूंकि यह नुकसान बाढ़ का सीधा परिणाम नहीं, बल्कि उसके बाद की गई एक कार्रवाई का नतीजा है, इसलिए इंश्योरेंस कंपनियां इसे बेस पॉलिसी के तहत कवर नहीं करती हैं। यह एक "नॉक-ऑन इफेक्ट" माना जाता है, जिसका जोखिम मालिक का होता है।

    कार इंश्योरेंस में इंजन प्रोटेक्शन क्या है?

    कार इंश्योरेंस में 'इंजन प्रोटेक्शन' एक ऐड-ऑन कवर है जो पानी से खराब हुए इंजन की मरम्मत का खर्च उठाता है। इस तरह का ऐड-ऑन कवर, इंजन को पानी से हुए नुकसान के मामले में मुख्य पॉलिसी की कमियों को पूरा करता है। बाढ़-संभावित इलाकों में यह सबसे अच्छा ऐड-ऑन कवर है।

    इंजन की मरम्मत महंगी हो सकती है, जबकि इसके प्रोटेक्शन के लिए अतिरिक्त खर्च बहुत कम होता है। जो लोग अपनी कार बारिश में पार्क करते हैं या पानी भरे रास्तों पर गाड़ी चलाते हैं, उनके लिए यह खर्च कई गुना वसूल हो जाता है।

    थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस बाढ़ में क्या कवर करती है?

    थर्ड-पार्टी कार इंश्योरेंस, जो कानूनन अनिवार्य है, बाढ़ की स्थिति में आपकी अपनी कार को हुए किसी भी नुकसान के लिए कोई कवरेज नहीं देती है। इस पॉलिसी का एकमात्र उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में किसी तीसरे पक्ष (यानी दूसरे व्यक्ति) की गाड़ी, संपत्ति या व्यक्ति को हुए नुकसान की भरपाई करना है। इसलिए, अगर आपकी कार बाढ़ में खराब हो जाती है और आपके पास सिर्फ थर्ड-पार्टी कवर है, तो मरम्मत का पूरा खर्च आपको अपनी जेब से देना होगा। अपनी कार को सुरक्षित रखने के लिए कम से कम एक कॉम्प्रिहेंसिव कार पॉलिसी लेना बेहद ज़रूरी है।

    बाढ़ के बाद कार इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें?

    अगर आपकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई है, तो क्लेम प्रोसेस को सही तरीके से फॉलो करना जरूरी है ताकि आपका क्लेम रिजेक्ट न हो। नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करना चाहिए:

    • कार को स्टार्ट न करें: यह सबसे ज़रूरी नियम है। पानी में फंसी कार को स्टार्ट करने की कोशिश करने से इंजन में पानी चला जाता है, जिससे क्लेम अमान्य हो सकता है।

    • इंश्योरर को सूचित करें: जितनी जल्दी हो सके अपनी इंश्योरेंस कंपनी को फोन करके घटना की जानकारी दें और क्लेम प्रक्रिया शुरू करें।

    • सबूत इकट्ठा करें: कार के चारों ओर पानी के लेवल और कार के इंटीरियर और एक्सटीरियर को हुए नुकसान की तस्वीरें और वीडियो लें।

    • कार को टो करवाएं: कार को चलाने के बजाय उसे टो करवाकर नज़दीकी नेटवर्क गैराज तक ले जाएं।

    • दस्तावेज़ संभाल कर रखें: टोइंग की रसीद और खींची गई तस्वीरों को संभाल कर रखें। ये दस्तावेज़ इस बात का सबूत होते हैं कि कार को बाढ़ वाली सड़कों पर चलाया नहीं गया था।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. क्या कार इंश्योरेंस में बाढ़ से इंजन को हुए नुकसान का कवर मिलता है?

    स्टैंडर्ड पॉलिसी में ऐसा नहीं होता है। कॉम्प्रिहेंसिव कवर में कार की बॉडी और इंटीरियर को बाढ़ से हुए नुकसान का खर्च तो मिलता है, लेकिन पानी से इंजन को हुआ नुकसान एक 'कॉन्सिक्वेंशियल लॉस' (नतीजतन हुआ नुकसान) माना जाता है। इंजन के कवर के लिए आपको 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' की ज़रूरत होती है।

    2. जब इंजन में पानी चला जाता है तो क्या होता है?

    अगर इंजन में पानी चला जाए तो वह बंद हो सकता है या सीज़ (जाम) भी हो सकता है, खासकर भारी बारिश के दौरान जब गाड़ी गहरे पानी में फंस जाती है या पानी भरे होने पर उसे स्टार्ट किया जाता है। एक साधारण कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी इसे कवर नहीं करती है। 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' इसे कवर करता है, बशर्ते आपने पानी में फंसी कार को दोबारा स्टार्ट न किया हो।

    3. क्या कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस में बाढ़ से होने वाला नुकसान कवर होता है?

    हां, कार को खुद होने वाले नुकसान के लिए: जैसे बॉडी, वायरिंग, सीटें और पेंट। यह अपने आप पानी से इंजन सीज़ होने को कवर नहीं करती है। मॉनसून के लिए 'इंजन प्रोटेक्शन' जोड़ने से यह कमी पूरी हो जाती है।

    4. क्या बाढ़ से हुए नुकसान में थर्ड-पार्टी कार इंश्योरेंस मदद करेगी?

    नहीं। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस सिर्फ़ दूसरे लोगों या उनके सामान को हुए नुकसान के लिए होती है। यह आपकी अपनी कार को बाढ़ से कोई सुरक्षा नहीं देती है। इसके लिए आपको कॉम्प्रिहेंसिव कवर की ज़रूरत होती है।

    5. बाढ़ में फंसी कार के साथ क्या नहीं करना चाहिए?

    इसे चालू करने की कोशिश न करें। इंजन स्टार्ट करने से पानी इंजन के अंदर खिंच जाएगा, जिससे ठीक हो सकने वाला इंजन भी खराब हो सकता है और आमतौर पर इंजन पर क्लेम भी अमान्य हो जाता है। इसके बजाय, इसे जांच के लिए गैराज में टो करवाकर ले जाएं।

    मुख्य बातें

    • एक कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी इंजन को छोड़कर बाढ़ से होने वाले बाकी सभी नुकसान (बॉडी, इंटीरियर, वायरिंग) को कवर करती है।

    • इंजन में पानी घुसने से होने वाले नुकसान की भरपाई केवल तभी होती है जब आपके पास एक अलग इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन कवर हो।

    • थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस में आपकी अपनी बाढ़ग्रस्त कार के लिए कोई कवरेज नहीं मिलता है।

    • बाढ़ में फंसी कार को कभी भी स्टार्ट करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे इंजन डैमेज क्लेम अमान्य हो जाता है।

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