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    कार स्क्रैपेज पॉलिसी से जुड़े वो सभी सवाल जिनके जवाब आपको मिलेंगे यहां

    इस पॉलिसी का मकसद ऐसे व्हीकल्स को चलन से बाहर करने से है जो वातावरण में ज्यादा पॉल्युशन फैलाते हैं। इस पॉलिसी के तहत 20 साल से ज्यादा पुराने वाहन अगर फिट नहीं पाए गए तो उन्हें स्क्रैप यानी कबाड़ में तब्दील कर दिया जाएगा।

    भानु
    भानु
    Published On अगस्त 23, 2021 18:05 ist
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    published onAug 23, 2021 18:05 IST
    last updated onAug 23, 2021 18:05 IST
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    क्या है कार स्क्रैपेज पॉलिसी?

    ये तो हम सब जानते हैं कि सरकार व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लाने वाली है। इसके बाद सरकार की ओर से लोगों को नई कार खरीदने के लिए इंसेटिव भी दिया जाएगा। 

    मगर एक कार ओनर होने के नाते इन सबका आप पर कितना असर पड़ेगा ये जानने के लिए आप इस पूरी पॉलिसी के बारे में जानें आगे:

    किन कंडीशन में मेरी कार को कबाड़ में तब्दील कर दिया जाएगा?

    • आप की कार को स्क्रैप करने के पीछे की वजह हो सकती है:
    • उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का एक्सपायर हो जाना
    • उसका फिटनैस टेस्ट में इंस्पेक्शन के दौरान फेल हो जाना
    • किसी सड़क दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के दौरान उसका डैमेज हो जाना
    • या फिर आपकी कार जब्त हो जाने पर

    इन सब परिस्थितियों के अलावा डीकमिशंड किए गए सरकारी व्हीकल्स को भी स्क्रैप किया जाएगा। इंस्पेक्शन के दौरान फिटनैस में फेल होने वाली कारों को सड़क पर ड्राइव करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। 

    मेरी कार को कहां स्क्रैप या टेस्ट कराया जा सकेगा?

    एक बार आपकी कार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एक्सपायरी डेट नजदीक आने लगेगी तो उस दौरान आपको रजिस्टर्ड ऑटोमेटेड व्हीकल इंस्पेक्शन सेंटर जाना होगा। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार पहले चरण में करीब 75 इंस्पेक्शन सेंटर्स खोलेगी जिनमें से 26 सेंटर्स पहले से ही खोल दिए गए हैं। इसके बाद पूरे भारत में ऐसे करीब 400 से 500 सेेंटर्स हो जाएंगे। 

    आपको अपनी कार को स्क्रैप कराने के लिए अपने नजदीक रजिस्टर्ड स्क्रैप सेंटर खुलने का इंतजार करना होगा। सरकार की आने वाले 4 से 5 सालों में 50 से 70 स्क्रैपिंग प्लांट्स खोलने की योजना है। इन सभी स्क्रैपिंग और इंस्पेक्शन सेंटर का पूरा ब्यौरा VAHAN के डेटाबेस से कनेक्टेड होगा। आप अपनी कार को सरकार के CERO MSTC और मारुति सुजुकी और टोयोटा के नोए​डा स्थित मौजूदा रजिस्टर्ड प्लांट्स में भी स्क्रैप करा सकेंगे। टाटा गुजरात में व्हीकल स्क्रैप प्लांट शुरू करेगी । 

    इंस्पेक्शन के दौरान किन आधार पर किया जाएगा व्हीकल का टेस्ट?

    टेस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को लेकर अभी तक कोई ठोस रोडमैप तो तैयार नहीं किया गया है। मगर माना जा रहा है कि ये सेफ्टी और एमिशन टेस्टिंग की प्रक्रिया की तरह हो सकती है। ऐसे में कारों में सीट बेल्ट,एयरबैग्स जैसे सेफ्टी किट्स चैक किए जाएंगे और बीएस4 और बीएस6 नॉर्म्स के ​अनुसार पॉल्युशन टेस्ट भी किया जाएगा। इसके अलावा हेडलाइट्स अलाइनमेंट जैसी चीजें भी देखी जाएगी। साथ ही में आपकी कार के ब्रेक्स और इंजन कंपोनेंट्स को भी चैक किया जा सकता है कि कहीं उनमें कोई डैमेज या जंग तो नहीं लगी है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की भी जांच की जा सकती है। 

    15 साल पुरानी कार का इंस्पेक्शन कराने में कितना खर्च आएगा?

    Maruti And Toyota To Set Up Vehicle Scrappage Plant

    फिटनेस इवेल्यूएशन और रजिस्ट्रेशन रिन्युअल में होने वाले संभावित खर्चे का पूरा ब्यौरा इस प्रकार से है:

    2 व्हीलर्स: फिटनैस टेस्टिंग के 500 रुपये + आरसी रिन्युअल के 1,000 रुपये (कुल 1,500 रुपये)

    4 व्हीलर्स: 1500 रुपये फिटनेस टेस्टिंग + 7000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये आरसी रिन्युअल  (कुल 8,500 रुपये से लेकर 13,500 रुपये)

    यदि आपके पास कोई इंपोर्टेड मोटरबाइक है तो आपको आरसी रिन्युअल के लिए 10,000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं इंपोर्टेड कारों से इस काम के लिए 40,000 रुपये तक लिए जा सकते हैं। इसके अलावा आपको 5 साल का रोड टैक्स भी भरना होगा। 50 साल से ज्यादा पुरानी विंटेज कारों के लिए रजिस्ट्रेशन रिन्युअल नियम आप दिए गए लिंक पर क्लिक कर जान सकते हैं। 

    यदि मेरी कार इंस्पेक्शन में पास हुई तो कितने सालों तक मैं उसे ड्राइव कर सकता हूं?

    Here’s How Much You Can Save By Scrapping Your Old Car And Buying A New One

    यदि आपकी 15 साल पुरानी कार इंस्पेक्शन में पास हो गई तो आपको नई आरसी मिल जाएगी जो कि अगले 5 सालों के लिए मान्य रहेगी। इसके बाद फिर आपको रजिस्ट्रेशन रिन्युअल के लिए अपनी कार को इंस्पेक्ट कराना होगा जिसके बाद अगले पांच साल के लिए आपको फीस और रोड टैक्स भी भरने होंगे। 

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    यदि मेरी कार इंस्पेक्शन में फेल हो गई तो मेरे पास दूसरा विकल्प क्या होगा?

    हर कार को जरूरी रिपेयरिंग के बाद एक बार फिर से टेस्ट कराने का मौका मिलेगा। री टेस्ट में फेल होने के बाद कार को री रजिस्टर नहीं किया जाएगा और उसे एंड ऑफ लाइफ व्हीकल करार दे दिया जाएगा जिसे सार्वजनिक जगहों पर ड्राइव नहीं किया जा सकेगा। 

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    कार को स्क्रैप करने की पूरी प्रक्रिया क्या होगी?

    आपके शहर के आसपास कई सारे व्हीकल स्क्रैप यार्ड मौजूद हैं। मगर आपको व्हीकल स्क्रैप कराने पर सरकार की ओर से दिए जाने वाली इंसेटिव स्क्रीन का फायदा उठाना है तो आपको रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग स्टेशन से ही व्हीकल को स्क्रैप कराना होगा। यहां से आपकी गाड़ी का डेटा सरकार की वाहन वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा जहां आपकी पहचान भी सुनिश्चित की जाएगी। आप यहां क्लिक कर फॉर्म्स और डॉक्यूमेंटेशन के बारे में अधिक जान सकते हैं। एक बार वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा हो जाने के बाद आपको एक स्क्रैप सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्टर्ड स्क्रैप प्लांट से आपकी कार की स्क्रैप वेल्यु निकाली जाएगी जिसका पूरा अमाउंट आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा। आप चाहे तो चैक भी ले सकते हैं। 

    मेरी पुरानी कार स्क्रैप हो जाने के बाद कितने समय में मेरे अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा?

    स्क्रैप सर्टिफिकेट लेने के बाद जब आप नई कार खरीदने जाएंगे तो आपको राज्य सरकार की ओर से रोड टैक्स में पहले 15 सालों के लिए 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार की ओर से रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ की जा सकती है वहीं कार मैन्युफैक्चरर्स को 15 प्रतिशत का डिस्काउंट देने के लिए भी कहा गया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि कौनसी कंपनियां ​व्हीकल स्क्रैप करा चुके कस्टमर्स को डिस्काउंट देती है। 

    व्हीकल स्क्रैप सेंटर पर मेरी कार के साथ क्या किया जाएगा?

    Vehicle scrappage policy

    व्हीकल स्क्रैप सेंटर पर आपकी कार को पूरी तरह से नष्ट किया जाएगा और उसमें से पार्ट्स और कंपोनेंट्स निकाले जाएंगे। इंजन ऑइल,ब्रेक फ्लूइड और फ्यूल को भी पूरी तरह से सुखा दिया जाएगा। कारों की बैट्री,टायर और वहील्स भी निकाल लिए जाएंगे। गाड़ियों के इंजन,ट्रांसमिशन,इंफोटेनमेंट सिस्टम,अल्टर्नेटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल पार्ट्स को बेचा जाएगा। इस चीज से स्क्रैपिंग सेंटर्स को काफी फायदा पहुंचेगा। 

    एक बार कार को पूरी तरह से कबाड़ में तैयार करने के बाद इन्हे एक ऑफ साइट प्लांट पर ले जाया जाएगा। यहां एसी यूनिट,पाइप और हीटर कोर जैसे दोबारा से इस्तेमाल किए जा सकने वाले पार्ट्स को भी अलग कर लिया जाएगा। प्लास्कि और कांच के पार्ट्स हटा दिए जाएंगे। इसके बाद बाकी बची कार से नया मैटल तैयार किया जाएगा। 

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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