नई रेनो डस्टर: एक ऐसी एसयूवी जो दिखने में अच्छी है और चलाने में भी अच्छी है!
जैसे ही यह आती है, लोग इसे देखने लगते हैं। फिर आप इसे चलाते हैं, और आपको अहसास होता है कि यह तो बस शुरुआत थी।
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आज के दौर में लगभग हर कार कंपनी एसयूवी बना रही है, और नतीजा यह है कि ज्यादातर गाड़ियां एक जैसी दिखने लगी हैं। तस्वीरों में कई एसयूवी रफ-एंड-टफ दिखती हैं, लेकिन जब आप उन्हें चलाते हैं तो असलियत सामने आ जाती है और वे सिर्फ ऊंची की गईं हैचबैक होती हैं। नई 2025 रेनो डस्टर इस भीड़ से अलग खड़ी होती है। यह एक ऐसी एसयूवी है जो हर एंगल से शानदार दिखती है। यह सिर्फ दिखने में दमदार नहीं है, बल्कि चलाने में भी उतनी ही अच्छी है, फिर चाहे वो टूटी-फूटी सड़कें हों या घुमावदार घाट।
ऐसा डिजाइन जिसे आप भूल नहीं पाएंगे
पहला इंप्रेशन मायने रखता है, और डस्टर इस मामले में काफी बेहतर है।

जहां कई एसयूवी आपका ध्यान खींचने के लिए एक बड़े लोगो और ढेर सारे क्रोम का इस्तेमाल करती है, वहीं नई डस्टर में आगे कोई बड़ा लोगो नहीं है। इसकी जगह, चौड़ी हॉरिजॉन्टल ग्रिल पर बोल्ड अक्षरों में ‘DUSTER’ नाम लिखा हुआ है, जो इसे एक अलग और दमदार पहचान देता है। इस ग्रिल के दोनों ओर फुल-एलईडी हेडलैम्प्स और सिग्नेचर वाय-शेप्ड एलईडी डीआरएल दिए गए हैं, जो इसे एक मॉडर्न और शार्प लुक देते हैं। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट में ‘डस्टर’ ब्रांडिंग रोशन होती है, जिससे रात के समय इसकी मौजूदगी और भी खास हो जाती है। नीचे की तरफ एक मोटा बंपर और कंट्रास्टिंग स्किड प्लेट इसके रग्ड कैरेक्टर को और पुख्ता करते हैं। बोनट पर दिए गए उभरे हुए पावर डोम्स न सिर्फ इसे मस्कुलर बनाते हैं, बल्कि पुरानी डस्टर के मजबूत डीएनए की भी याद दिलाते हैं।

स्टांस जो सिर्फ स्टाइल नहीं, मजबूती भी दिखाता है

साइड से देखने पर डस्टर का एसयूवी कैरेक्टर और भी निखर कर आता है। इसके चौड़े और फ्लेयर्ड व्हील आर्च, जिन पर मोटी प्रोटेक्टिव क्लैडिंग लगी है, इसे एक मस्कुलर और ऑफ-रोड रेडी स्टांस देते हैं। इसमें 18-इंच तक के अलॉय व्हील्स का ऑप्शन मिलता है, जिसमें आउटबैक डायमंड-कट डिजाइन से लेकर आइकॉनिक लॉन्च एडिशन में मिलने वाले ग्लॉस-ब्लैक एडवेंचर अलॉय शामिल हैं। इसका बड़ा ग्लास एरिया और सीधी रूफलाइन एक क्लासिक एसयूवी प्रोफाइल बनाते हैं, जो आजकल की कूपे-स्टाइल एसयूवी से बिल्कुल अलग है। छत पर फंक्शनल रूफ बार दिए गए हैं, जो 50 किलोग्राम तक का वजन उठा सकते हैं। आप इन पर साइकिल, रूफ बॉक्स या कैम्पिंग का सामान आसानी से ले जा सकते हैं। पीछे की तरफ, पूरी चौड़ाई में फैली एलईडी हॉरिजॉन्टल लाइट बार और एक मजबूत स्किड प्लेट इसके चौड़े और मजबूत स्टांस को पूरा करती है। सिर्फ लुक्स ही नहीं, इसके नंबर भी इसकी काबिलियत को बयां करते हैं:
| ग्राउंड क्लीयरेंस |
212 मिलीमीटर |
| अप्रोच एंगल |
26.9° |
| डिपार्चर एंगल |
34.7° |

इन आंकड़ों का मतलब है कि बेसमेंट की तेज ढलान, ऊंचे स्पीड ब्रेकर्स, गांव की ऊबड़-खाबड़ सड़कें या मानसून में भरा पानी, डस्टर इन सबसे आसानी से निपट सकती है। इसके अलावा, डस्टर को पर्सनलाइज करने के लिए कई ऑप्शन हैं। आइकॉनिक लॉन्च एडिशन में हिमालय से प्रेरित साइड एम्बेलिशर, पीले डोर स्टीकर और ग्रिल, टेलगेट व रूफ बार पर पीले एक्सेंट्स मिलते हैं। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल में एक अलग ई-टेक बैज और ग्रीस आइनॉक्स साइड एम्बेलिशर दिया गया है। यह छह रंग: माउंटेन जेड ग्रीन, पर्ल व्हाइट, मूनलाइट सिल्वर, स्टील्थ ब्लैक, सनसेट रेड और रिवर ब्लू में उपलब्ध है, साथ ही स्टील्थ ब्लैक रूफ के साथ डुअल-टोन का विकल्प भी है।
अंदर से भी दमदार

नई डस्टर कार का केबिन बाहर की तरह ही प्रभावशाली और मॉडर्न है। डैशबोर्ड का डिजाइन ड्राइवर-केंद्रित है, जिसका सेंट्रल डिस्प्ले पैनल ड्राइवर की तरफ थोड़ा झुका हुआ है। इसमें डुअल ओपनआर स्क्रीन सेटअप मिलता है, जिसमें एक 10.1-इंच ओपनआर लिंक टचस्क्रीन और टॉप वेरिएंट्स में 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले शामिल है। यह डिजिटल डिस्प्ले फुल-स्क्रीन मैप नेविगेशन दिखा सकता है, जो ड्राइविंग को और आसान बनाता है। इसका ओपनआर लिंक सिस्टम गूगल बिल्ट-इन के साथ आता है, जिसका मतलब है कि गूगल मैप्स, गूगल असिस्टेंट और प्ले स्टोर के ऐप्स सीधे कार के सिस्टम में चलते हैं। आपको अपना फोन कनेक्ट करने की जरूरत नहीं है। ऊंचा सेंटर कंसोल केबिन को एक प्रीमियम फील देता है, और ऑटोमैटिक वेरिएंट्स में एक स्लीक ई-शिफ्टर दिया गया है। डैशबोर्ड और डोर इंसर्ट्स पर कार्बन-फिनिश डिटेलिंग इसके स्पोर्टी कैरेक्टर को बढ़ाती है। माहौल को और बेहतर बनाने के लिए इसमें 48-रंगों वाली एंबिएंट लाइटिंग दी गई है, जो चुने गए ड्राइव मोड के हिसाब से अपना रंग बदलती है। आइकॉनिक वेरिएंट में माउंटेन जेड लेदरेट अपहोल्स्ट्री है, जिसमें सीटों, स्टीयरिंग व्हील और आर्मरेस्ट पर पीले एक्सेंट्स दिए गए हैं। वहीं, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के टॉप इमोशन वेरिएंट में हल्के इंटीरियर टोन के साथ वार्म ड्यून ब्राउन लेदरेट का इस्तेमाल किया गया है। मिड और टॉप वेरिएंट्स में मिलने वाला इलेक्ट्रिक पैनोरमिक सनरूफ केबिन को और भी हवादार और खुला-खुला महसूस कराता है।

लुक्स से मेल खाती दमदार परफॉर्मेंस: टर्बो टीसीई 160

नई डस्टर का टर्बो-पेट्रोल इंजन इसके दमदार लुक्स के साथ मेल खाता है। रेनो का दावा है कि यह अपने सेगमेंट का सबसे पावरफुल इंजन है, और इसके स्पेसिफिकेशन इस दावे को मजबूती देते हैं।
| इंजन |
1.3-लीटर, 4-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल (माइल्ड-हाइब्रिड के साथ) |
| पावर |
163 पीएस @ 5250 आरपीएम |
| टॉर्क |
280 एनएम |
| ट्रांसमिशन |
6-स्पीड एमटी / 6-स्पीड डीसीटी |
| एआरएआई माइलेज |
17.75 किलोमीटर प्रति लीटर (एमटी) / 18.45 किलोमीटर प्रति लीटर (डीसीटी) |

यह ई20 फ्यूल कम्पैटिबल इंजन सिर्फ आंकड़ों में ही दमदार नहीं है, बल्कि असल दुनिया की ड्राइविंग में भी इसका परफॉर्मेंस शानदार है। इसका पूरा 280 एनएम का टॉर्क सिर्फ 2,000 आरपीएम से मिलना शुरू हो जाता है और 3,500 आरपीएम तक बना रहता है। इसका सीधा मतलब है कि आपको पावर के लिए इंजन को ज्यादा रेव करने की जरूरत नहीं पड़ती। चाहे दो-लेन हाईवे पर ओवरटेक करना हो, एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक में मर्ज करना हो, या फिर पांच लोगों और भरे हुए बूट के साथ घाट पर चढ़ाई करनी हो, डस्टर यह सब बिना किसी मशक्कत के कर लेती है। इसमें रेनो का मल्टी-सेंस ड्राइव मोड सिस्टम भी है, जो इको, कंफर्ट और पर्सो मोड ऑफर करता है। पर्सो मोड में आप इंजन रिस्पॉन्स और स्टीयरिंग फील को अपनी पसंद के मुताबिक सेट कर सकते हैं, जिससे आपको एक पर्सनलाइज्ड ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलता है।
अपना गियरबॉक्स चुनें: मैनुअल या वेट-क्लच डीसीटी
रेनो ने डस्टर में पावरफुल टर्बो इंजन के साथ दो गियरबॉक्स का विकल्प दिया है, जो अलग-अलग तरह के ड्राइवरों की जरूरतों को पूरा करते हैं।
| 6-स्पीड मैनुअल |
6-स्पीड वेट-क्लच डीसीटी |
|
| किसके लिए है? |
ड्राइविंग के शौकीन, जिन्हें पूरा कंट्रोल पसंद है। |
शहर और हाईवे पर आरामदायक और तेज ड्राइव चाहने वाले। |
| अनुभव |
छह अच्छी तरह से स्पेस किए गए गियर, जो टर्बो इंजन का पूरा मजा लेने देते हैं। |
बेहद तेज और स्मूद गियर शिफ्ट्स, बिना क्लच की झंझट के टर्बो का पंच। |
| क्यों है खास? |
ऐसे समय में जब ज्यादातर कंपनियां अपने पावरफुल इंजन से मैनुअल का ऑप्शन हटा रही हैं, डस्टर ने इसे बरकरार रखा है। |
यह एक वेट-क्लच यूनिट है, जो ड्राई-क्लच डीसीटी के मुकाबले गर्मी को बेहतर ढंग से मैनेज करता है। यह भारतीय ट्रैफिक और गर्मी के लिए ज्यादा भरोसेमंद है। |
| अतिरिक्त फीचर्स |
एक आकर्षक और जुड़ाव महसूस कराने वाला ड्राइव। |
स्लीक ई-शिफ्टर और टॉप आइकॉनिक वेरिएंट में हिल डिसेंट कंट्रोल। |

ड्राइविंग के शौकीनों के लिए मैनुअल गियरबॉक्स एक बेहतरीन विकल्प है, जबकि डीसीटी उन लोगों के लिए एक परफेक्ट "स्वीट स्पॉट" है जो परफॉर्मेंस और सुविधा के बीच एक अच्छा संतुलन चाहते हैं।
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ई-टेक 160: डीजल को भूल जाइए!

जो लोग बेहतरीन माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं, उनके लिए डस्टर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन एक अच्छा विकल्प है। यह रेनो की मोटरस्पोर्ट से प्रेरित ई-टेक टेक्नोलॉजी पर आधारित है और डीजल इंजन की कमी को पूरा करने से कहीं बढ़कर है।
| इंजन |
1.8-लीटर पेट्रोल (110 पीएस) + 2 इलेक्ट्रिक मोटर |
| बैटरी |
1.4 केडब्ल्यूएच लिथियम-आयन |
| कुल पावर |
160 पीएस (कम्बाइंड) |
| टॉर्क |
208 एनएम (इलेक्ट्रिक मोटर से) |
| गियरबॉक्स |
मल्टी-मोड ऑटोमैटिक |
| एआरएआई माइलेज |
29 किलोमीटर प्रति लीटर |

यह एक सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड सिस्टम है, जिसे प्लग-इन करने की जरूरत नहीं है। यह चलते समय और ब्रेकिंग के दौरान अपनी 1.4 केडब्ल्यूएच बैटरी को खुद चार्ज करती है। रेनो के इंटरनल टेस्ट के अनुसार, शहर में 80% तक की ड्राइविंग पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोड पर हो सकती है। इसका मतलब है ट्रैफिक में शांत और स्मूद ड्राइव, और सिग्नल पर रुकने पर कोई फ्यूल की खपत नहीं। इस टेक्नोलॉजी के फायदे साफ हैं: 29 किलोमीटर प्रति लीटर का एआरएआई-सर्टिफाइड माइलेज, जो रेनो के अनुसार सेगमेंट में बेस्ट है। 50-लीटर फ्यूल टैंक के साथ, यह एक बार में 1,400 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज दे सकती है। रेनो का दावा है कि यह डीजल की तुलना में 29% तक फ्यूल बचाती है और 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 9.61 सेकंड में पकड़ लेती है। साथ ही, बैटरी पर 8 साल / 1,60,000 किलोमीटर की वारंटी भी मिलती है।
राइड और हैंडलिंग: डस्टर का सीक्रेट वेपन

ज्यादातर एसयूवी में आपको आराम और हैंडलिंग के बीच समझौता करना पड़ता है। या तो सस्पेंशन नरम होता है, जो आराम तो देता है लेकिन कोनों पर गाड़ी बहुत झुकती है, या फिर सस्पेंशन सख्त होता है, जो हैंडलिंग तो अच्छी देता है लेकिन खराब सड़कों पर बहुत झटके लगते हैं। नई डस्टर यहां कोई समझौता नहीं करती। इसके सस्पेंशन सेटअप में आगे मैकफर्सन स्ट्रट्स के साथ एंटी-रोल बार और पीछे ट्विस्ट-बीम का इस्तेमाल किया गया है। यह सेटअप खराब सड़कों, गड्ढों, और स्पीड ब्रेकर्स को बड़ी शांति और कंट्रोल के साथ सोख लेता है। केबिन स्थिर रहता है और गाड़ी कभी भी अस्थिर या ढीली महसूस नहीं होती। वहीं, जब आप इसे घुमावदार सड़कों पर चलाते हैं, तो यह फुर्ती से मुड़ती है, कोनों में अपनी पकड़ बनाए रखती है और बॉडी रोल भी काफी कम है। इसकी स्टीयरिंग सटीक है और आपको एक ऐसा आत्मविश्वास देती है जो आमतौर पर फैमिली एसयूवी में नहीं मिलता।
हाईवे पर बेमिसाल

हाईवे पर नई डस्टर अपना कमाल दिखाती है। तीन अंकों की स्पीड पर भी यह सड़क पर जमी हुई और स्थिर महसूस होती है। लेन बदलना हो या तेज हवाओं का सामना करना हो, यह बिना किसी ड्रामा के अपना संतुलन बनाए रखती है। भारतीय हाईवे पर ट्रकों को ओवरटेक करना अक्सर तनावपूर्ण हो सकता है, लेकिन डस्टर के टर्बो इंजन का मिड-रेंज पंच और हाइब्रिड में तुरंत मिलने वाला इलेक्ट्रिक टॉर्क इसे बेहद आसान बना देता है। लंबी यात्राओं को आरामदायक बनाने के लिए इसमें क्रूज कंट्रोल, एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल (स्टॉप और गो के साथ), लेन कीप असिस्ट, इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, और ऑटोमैटिक डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे कई फीचर्स दिए गए हैं। 518 लीटर का बड़ा बूट स्पेस (छत तक 700 लीटर) पूरे परिवार का एक हफ्ते का सामान रखने के लिए काफी है। 5-स्टार भारत एनकैप सेफ्टी रेटिंग और स्टैंडर्ड 6 एयरबैग के साथ, आप हर किलोमीटर का पूरा आराम से मजा ले सकते हैं।
सब मिलाकर, डस्टर छह घंटे के हाईवे रन को कुछ ऐसा बना देती है जिसका आप सच में इंतजार करते हैं।














