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    जनरल मोटर्स का 21 साल पुराना हलोल प्लांट हुआ बंद

    अब कंपनी पुणे स्थित तालेगांव प्लांट से कारों का प्रोडक्शन करेगी

    cardekho
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    Published On मई 01, 2017 12:45 ist
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    published onMay 01, 2017 12:45 IST
    last updated onMay 01, 2017 12:45 IST
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    भारत में अपने खराब दौर से गुज़र रही जनरल मोटर्स ने आखिरकार गुजरात स्थित दो दशक से ज्यादा पुराने हलोल प्लांट को बंद कर दिया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान पुणे स्थित तालेगांव प्लांट पर रहेगा और यहीं सभी कारें बनाई जाएंगी।

    कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह हलोल प्लांट को बेचने की दिशा में काम कर रही है, जीएम की चीनी साझेदार कंपनी शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (एसएआईसी) इस प्लांट को लेने में रूचि दिखा रही है, शंघाई ऑटोमोटिव की योजना ब्रिटिश कार कंपनी एमजी को भारत लाने की है।

    हलोल प्लांट का इतिहास और जनरल मोटर्स की वर्तमान स्थिति

    जनरल मोटर्स ने साल 1990 में ओपेल एस्ट्रा कार के साथ भारत में एंट्री की थी, साल 1996 हलोल प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हुआ, इस प्लांट में बनने वाली पहली कार एस्ट्रा सेडान थी। साल 2003 में जनरल मोटर्स ने शेवरले ब्रांड को यहां उतारा, इसकी पहली कार फॉरेस्टर और ऑप्ट्रा थी, इन्हें जनरल मोटर्स द्वारा अधिग्रहित की गई कंपनी देवू मोटर्स ने तैयार किया था। इसके बाद साल 2004 में कंपनी ने इसुज़ु द्वारा तैयार की गई शेवरले टवेरा को उतारा, यही इकलौती कार है जो कंपनी को अभी तक बिक्री के आंकड़े दे रही है।  

    इसके बाद जनरल मोटर्स ने कमर्शियल व्हीकल्स के लिए शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन और इलेक्ट्रिक कारों के लिए रेवा से करार कर भारत लाने की घोषणा की, लेकिन इस दिशा में आगे कुछ हुआ नहीं।

    साल 2015 में जनरल मोटर्स ने फैसला किया कि पुणे स्थित तालेगांव प्लांट से सारी गतिविधियां चलाई जाएंगी। तालेगांव प्लांट के अलावा जनरल मोटर्स के पास बेंगलुरू में रिसर्च एंड डवलपमेंट और इंजिनियरिंग एंड डिजायन सेंटर भी है।

    हलोल प्लांट में आखिरी कार के तौर पर टवेरा तैयार की गई, यहां क्रूज़ सेडान का प्रोडक्शन भी होता था लेकिन कुछ वक्त पहले यहां से क्रूज़ का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया।

    बात करें तालेगांव प्लांट की तो इस प्लांट की क्षमता एक साल में 1.30 लाख कारें तैयार करने की है, साल 2025 तक कंपनी इस प्रोडक्शन क्षमता को 2.20 लाख तक ले जाना चाहती है। जनरल मोटर्स का कहना है कि इस प्लांट में से कारों को एक्सपोर्ट भी किया जाएगा।

    भविष्य की कारें

    जनरल मोटर्स की क्रूज़ और बीट के आने से पहले तक ऑप्ट्रा, स्पार्क और टवेरा एमपीवी काफी लोकप्रिय थीं, टवेरा अभी भी बिक्री के आंकड़े जुटा रही है, इनके अलावा कंपनी की दूसरी कारें बाज़ार में कोई करिश्मा नहीं कर पाईं।  

    बात करें जनरल मोटर्स की नई पेशकश के बारे में तो कंपनी यहां आने वाले महीनों में नई बीट को लाएगी, इसके बाद इसी पर बनी कॉम्पैक्ट सेडान इंशेंसिया और क्रॉसओवर-हैचबैक बीट एक्टिव को लाएगी।

    प्रीमियम सेगमेंट को लेकर शेवरले ने पिछले साल जानकारी दी थी कि वह साल 2018 में दूसरी जनरेशन की क्रूज़ और फेसलिफ्ट ट्रेलब्लेज़र एसयूवी को लेकर आएगी। संभावना है कि इंडियन ऑटो एक्सपो-2018 में इन्हें उतारा जाएगा।

    यह भी पढें : Exclusive : कैमरे में कैद हुई नई शेवरले बीट

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