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    ऑल्टो 800 के साथ 40 साल बाद खत्म हुआ मारुति 800 का भारत में सफर, इसके इतिहास पर डालिए एक नजर

    मारुति 800 देश के लगभग हर मध्यमवर्गीय घर की पहली कार थी और इस छोटी हैचबैक में अधिकांश भारतीय सफर कर चुके हैं। इसमें 800सीसी इंजन दिया गया था जिसके चलते इसका नाम ‘800’ रखा गया था। मेरी तरह कई लोगों की इस कार से खास यादें जुड़ी हैं। लॉन्च से लेकर बंद होने तक कैसा रहा भारत के कार बाजार में मारुति 800 का सफर, जानेंगे यहांः

    सोनू
    सोनू
    published on अप्रैल 14, 2023 13:31 ist
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    published onApr 14, 2023 13:31 IST
    last updated onApr 14, 2023 13:31 IST
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    Maruti 800

    लकी ड्रॉ

    Maruti 800

    80 के दशक की शुरुआत में सरकार ने जापानी कंपनी सुजुकी मोटर्स के साथ पार्ट्नरशिप की और इसके बाद 1983 में मारुति 800 या ‘एसएस80’ भारत में पेश कर दी गई। यह छोटी 4-डोर हैचबैक यहां इतनी पॉपुलर हुई कि लॉन्च के महज तीन महीने में इसने एक लाख बुकिंग का आंकड़ा पार कर लिया था और लकी ड्रॉ के जरिए पहले दस ग्राहकों को उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने हाथों से कार की चाबी सौंपी थी। दिल्ली के रहने वाले हरपाल सिंह एसएस80 के पहले मालिक थे जिन्होंने कार के लिए 47,500 रुपये (ऑन रोड) भुगतान किए थे। पहली मारुति 800 आज भी ड्राइव करने की स्थिति में है और ये अपनी ऑरिजनल कंडिशन है, जिसे मारुति के गुरुग्राम हेडक्वाटर में डिस्प्ले के लिए रखा गया है। यह भारतीय ग्राहकों की सबसे पहली पसंद रही है और 25 लाख से ज्यादा घरों में पहुंच चुकी है।

    90 का दशक

    Maruti 800

    मारुति 800 की बिक्री शुरू होने के चार साल बाद इसे पहला नया जनरेशन अपडेट दिया गया। यह एसएस80 से ज्यादा लंबी और अलग लुक में पेश की गई। यह दो वेरिएंट स्टैंडर्ड और डीएक्स में आई। अगर किसी ने इसका डीएक्स वेरिएंट लिया था तो उसमें एनालॉग क्वार्टज क्लॉक, कैसेट प्लेयर के साथ रेडियो, सिगरेट लाइटर और एक एसी मिली थी।

    आठ साल के लंबे पीरियड के बाद 1994 में सेकंड जनरेशन 800 को पहला फेसलिफ्ट अपडेट मिला। इस बार इसकी कीमत बढ़कर करीब 2 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई थी। इसके एक्सटीरियर और इंटीरियर में कुछ ही अपडेट किए गए थे लेकिन इसमें कई जरूरी फीचर शामिल किए गए थे। इसमें पहले की तरह 796सीसी कार्बोरेटेड इंजन दिया गया था जो 37पीएस की पावर जनरेट करता था। इंजन के साथ इसमें 4-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया था।

    साल 1997 में इस हैचबैक कार को एक बड़ा अपग्रेड मिला। उस समय इसके साइज में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन देखने में यह पहले से ज्यादा बड़ी नजर आने लगी थी। इसे सुरक्षित बनाने के लिए कंपनी ने इसके साइड इंपेक्ट बीम और मेटल शीट में बदलाव किया था।

    डिजाइन में नया फील लाने के लिए इसमें नए रैपअराउंड हेडलैंप्स, अलग डिजाइन के अलॉय व्हील, नया बूट शेप और नए टेललैंप्स दिए गए थे। इसके केबिन में भी नई फिनिश, जेन का स्टीयरिंग व्हील, और डीएक्स वेरिएंट में एक्सक्लूसिव फीचर के तौर पर ग्रीन टिंटेड ग्लास दिए गए थे। इस बार भी इसमें 0.8-लीटर इंजन मिलना जारी रहा, लेकिन इसके सस्पेंशन सेटअप को ज्यादा कंफर्टेबल राइड के हिसाब से बदल दिया गया था। फिर थोड़े समय बाद मारुति 800 वाकई काफी पुरानी हो गई थी और इसे अपग्रेड करने की जरूर महसूस होने लगी थी।

    2000 में

    Maruti 800

    अब मारुति ने इसके कार्बोरेट इंजन को बंद कर दिया और मारुति 800 में एमपीएफआई (मल्टी पोर्ट फ्यूल इंजेक्शन) इंजन दिया गया। इस अपडेट के बाद यह हैचबैक 6पीएस और 10एनएम ज्यादा पावरफुल हो गई थी और एमिशन नॉर्म्स के मापदंडों को भी पूरा कर रही थी। इस बार इसमें 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स शामिल किया गया जिससे इसे ज्यादा स्पीड में ड्राइव करना आसान हो गया था।

    अपडेट 800 के कुछ महीनों बाद ज्यादा प्रीमियम ऑल्टो आई। इसके आने के बाद अगले पांच-छह सालों में मारुति 800 की बिक्री कम हो गई। फिर 2005 में इसे एक और फेसलिफ्ट अपडेट दिया गया, यह पहले वाले मॉडल से ज्यादा अलग नहीं थी। इस बार भी इसमें पावर विंडो और फॉग लैंप्स जैसे फीचर नहीं दिए गए थे।

    Maruti 800

    2000 के आखिर तक इसके कई लिमिटड एडिशन उतारे गए और इसमें फैक्ट्री फिटेड एलपीपी किट का ऑप्शन भी दिया गया। हालांकि तब तक इसके मुकाबले में कई मॉडर्न हैचबैक कारें आ गई थी जिससे इसकी बिक्री लगातार कम होने लगी थी। फिर मारुति की ऑल्टो ने 800 को पछाड़ सबसे ज्यादा बिकने वाली कार का खिताब अपने नाम कर लिया। लॉन्च के करीब 30 साल बाद यानी 2014 में मारुति ने 800 को बंद करने की घोषणा की।

    मारुति ऑल्टो 800

    Maruti Alto 800

    2000 में आई मारुति ऑल्टो उन लोगों के लिए थी जो वैगनआर आर और ए-स्टार या जेन एस्टिलो से कम बजट में 800 से ज्यादा स्टाइलिश और ज्यादा अच्छी कार चाहते थे। इसमें भी मारुति 800 वाला 800सीसी इंजन दिया गया था। 2008 तक मारुति ने इस हैचबैक कार की करीब 10 लाख यूनिट बेची थी।

    2010 तक इसे मुश्किल से छोटे-मोटे अपडेट दिए गए थे। इसके बाद के10 की एंट्री होती है जिसमें वैगनआर वाला 1-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया था। यह ज्यादा मॉडर्न और ज्यादा स्टाइल तो थी ही, इसमें कई अतिरिक्त फीचर भी जोड़े गए थे। इसके साथ 800सीसी ऑल्टो की बिक्री भी जारी रही, लेकिन अब इसे भी अपग्रेड करने की जरूरत महसूस हो रही थी।

    दो साल बाद नई जनरेशन की ऑल्टो को लॉन्च किया और इस बार इसे ऑल्टो 800 नाम दिया गया। यह पहली बार था जब 800सीसी इंजन को अलग मॉडल के रूप में बेचना शुरू किया। इसके एक्सटीरियर और इंटीरियर को पूरी तरह से अपडेट किया गया था और इसमें कई जरूरी फीचर भी शामिल किए गए थे। साल 2014 में नई जनरेशन की ऑल्टो के10 आई जिसका डिजाइन पहले जैसा ही था, लेकिन अब यह ज्यादा प्रीमियम हो गई थी।

    फिर 2023 में बंद हो गई ये कार

    Maruti Alto 800

    करीब नौ साल तक बिक्री में रहने के बाद ऑल्टो 800 अब काफी पुरानी हो चली थी। मुकाबले में नए मॉडल आने से इसकी बिक्री लगातार घट रही थी और 2022 में ऑल्टो के10 का नया जनरेशन मॉडल आया जिसने ऑल्टो 800 को पीछे छोड़ दिया।

    अप्रैल 2023 में भारत में बीएस6 फेज2 इमिशन नॉर्म्स लागू हो गए और ऐसे में मारुति ने 800सीसी इंजन वाली ऑल्टो 800 को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला किया। बीएस6 फेज 2 नॉर्म्स लागू होने से पहले हुंडई इयॉन, रेनो क्विड और डैटसन रेडी-गो भी 800सीसी इंजन वाली कारों की लिस्ट में शामिल थी लेकिन अब ये भी बंद हो चुकी हैं। वर्तमान में भारत में एक भी 800सीसी इंजन वाली कार बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।

    तो अब 40 साल बाद आखिरकार 800सीसी इंजन के साथ मारुति की ‘800’ बैजिंग वाली कार पूरी तरह से बंद हो चुकी है। अब ऑल्टो के10 मारुति की सबसे सस्ती कार बन चुकी है।

    यह भी देखेंः मारुति ऑल्टो 800 ऑन रोड प्राइस

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