2025 मारुति विक्टोरिस एसयूवी कार को चलाने के बाद पता चली ये पांच खास बातें, आप भी डालिए एक नजर
मारुति विक्टोरिस को छह वेरिएंट: एलक्सआई, वीएक्सआई, जेडएक्सआई, जेडएक्सआई (ओ), जेडएक्सआई प्लस और जेडएक्सआई प्लस (ओ) में पेश किया जा रहा है और इसकी कीमत 10.50 लाख रुपये से 19.99 लाख रुपये (इंट्रोडक्ट्री एक्स-शोरूम) के बीच है
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मारुति विक्टोरिस भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध सबसे नई कॉम्पैक्ट एसयूवी कार है, जिसकी कीमत 10.50 लाख रुपये से 19.99 लाख रुपये (इंट्रोडक्ट्री एक्स-शोरूम, पैन-इंडिया) के बीच है। इस प्राइस रेंज में इसने अपनी कई खासियतों के साथ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हाल ही में हमें विक्टोरिस को चलाने का मौका मिला, जिससे हमें इसे बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली। मारुति सुजुकी विक्टोरिस को चलाने के बाद हमें इसकी पांच खास बातें पता चली, जिनके बारे में जानेंगे आगे:
कई सारे इंजन विकल्प

मारुति विक्टोरिस में कई इंजन विकल्प दिए गए हैं, जिनकी जानकारी इस प्रकार है:
| इंजन |
1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड पेट्रोल |
1.5-लीटर पेट्रोल+सीएनजी |
1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल |
| पावर |
103 पीएस |
88 पीएस |
116 पीएस (संयुक्त) |
| टॉर्क |
137 एनएम |
121.5 एनएम |
141 एनएम (हाइब्रिड) |
| गियरबॉक्स* |
5-स्पीड एमटी/ 6-स्पीड एटी |
5-स्पीड एमटी |
ई-सीवीटी |
| ड्राइव |
फ्रंट-व्हील-ड्राव/ ऑल-व्हील-ड्राव (केवल एटी के साथ) |
फ्रंट-व्हील-ड्राव |
फ्रंट-व्हील-ड्राव |
| माइलेज |
21.18 किलोमीटर प्रति लीटर (फ्रंट-व्हील-ड्राव एमटी) / 21.06 किलोमीटर प्रति लीटर (फ्रंट-व्हील-ड्राव एटी) / 19.07 किलोमीटर प्रति लीटर (ऑल-व्हील-ड्राव एटी) |
27.02 किलोमीटर प्रति किलोग्राम |
28.65 किलोमीटर प्रति लीटर |
*एटी - टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, ई-सीवीटी - इलेक्ट्रॉनिक कंटिन्युअसली वेरिएबल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
जैसा कि तालिका में देखा जा सकता है, मारुति विक्टोरिस में एक माइल्ड-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन, एक सीएनजी विकल्प, और एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन विकल्प दिया गया है, जिससे ग्राहकों को चुनने के लिए कई विकल्प मिलते हैं।
माइल्ड-हाइब्रिड इंजन के साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है। ऑटोमैटिक के साथ ऑल-व्हील-ड्राइव सेटअप का विकल्प भी मिलता है, जिससे विक्टोरिस हर तरह के रास्तों पर चलने में सक्षम होगी।

माइल्ड-हाइब्रिड इंजन के साथ एक सीएनजी किट का विकल्प भी उपलब्ध है, जिसकी रनिंग कॉस्ट कम है। लेकिन दूसरी मारुति कार के विपरीत इसमें सीएनजी टैंक को एसयूवी की बॉडी के नीचे रखा गया है, जिससे सामान रखने के लिए ज्यादा जगह मिलती है।
मारुति विक्टोरिस के साथ एक स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन का विकल्प भी दे रही है, जो सभी इंजन में सबसे ज्यादा माइलेज देता है। इसी के साथ विक्टोरिस, मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा हाइराइडर के साथ सेगमेंट में इस इंजन वाली तीन एसयूवी कार में से एक बन गई है।
विक्टोरिस की परफॉर्मेंस ठीक ठाक है, लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि जो लोग रोमाचंक ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं उनके लिए इनमें से कोई भी वैसा इंजन नहीं है। हाईवे पर तेज स्पीड पर इसकी परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है।
हालांकि माइलेज के मामले में विक्टोरिस इस इंजन के साथ ग्रैंड विटारा और हाइराइडर दोनों से थोड़ी बेहतर है, जिसके बारे में जानकारी आप नीचे विस्तृत कंपेरिजन में देख सकते हैं:
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मारुति विक्टोरिस vs टोयोटा हाइराइडर: दोनों में से कौनसी कॉम्पैक्ट एसयूवी है ज्यादा बेहतर? जानिए यहां
विक्टोरिस में केवल डीजल इंजन की कमी खलती है, जो इसके मुकाबले में मौजूद हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस में दिया गया है। हालांकि नई मारुति कॉम्पैक्ट एसयूवी कार के काफी सारे इंजन विकल्प कई तरह के ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है।
शानदार राइड क्वालिटी

विक्टोरिस में न केवल कई इंजन विकल्प दिए गए हैं, बल्कि इसमें कंपनी की दूसरी कार की तरह शानदार राइड भी मिलती है। सड़क के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव पर यह फ्लैट राइड एक्सपीरियंस देती है। यह गड्ढों और खराब रास्तों को भी अच्छी तरह से पार कर लेती है।
हाईवे पर भी विक्टोरिस संतुलित महसूस होती है। इसमें केवल एक समस्या ये है कि केबिन में बहुत शोर सुनाई देता है जो लंबे सफर में परेशान करने वाला हो सकता है। मारुति को इसमें आरामदायक और शांतिपूर्ण ड्राइविंग अनुभव के लिए बेहतर केबिन इंसुलेशन देना चाहिए था।
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प्रीमियम केबिन और ढेरों फीचर

हालांकि इंसुलेशन की कमी है, लेकिन मारुति ने प्रीमियम केबिन अनुभव देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसमें नए स्टीयरिंग व्हील, एक बड़ा 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले के साथ नया डैशबोर्ड डिजाइन दिया गया है।
इतना ही नहीं, प्रीमियम लुक को बढ़ाने के लिए मारुति ने विक्टोरिस के डैशबोर्ड पर सॉफ्ट-टच लेदरेट मैटेरियल का इस्तेमाल किया है और 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग जोड़ी है।

कंपनी इसमें एक हेड्स-अप डस्प्ले, आगे वेंटिलेटेड सीटें, एक पावर ड्राइवर सीट, एक पैनोरमिक सनरूफ, और कूलिंग फंक्शन के साथ एक वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर भी दिए गए हैं, जो सभी युवा ग्राहकों को पसंद आएंगे। टचस्क्रीन और ड्राइवर डिस्प्ले का यूजर इंटरफेस (यूआई) अच्छा है, जिसमें अच्छे ग्राफिक्स हैं और रिस्पॉन्स टाइम भी अच्छा है।
हालांकि कुछ चीजें बेहतर हो सकती थी। सीट वेंटिलेशन प्रभावी है, लेकिन काफी शोर करता है, जिससे मारुति द्वारा विक्टोरिस में दिए गए प्रीमियम लुक में कुछ कमी आती है। केबिन में पावर विंडो स्विच और क्लाइमेट कंट्रोल पेनल जैसी चीजों पर मैटेरियल क्वालिटी बेहतर हो सकती थी।
केबिन में काफी सारी जगह
मारुति विक्टोरिस में न केवल आधुनिक केबिन डिजाइन और आधुनिक फीचर दिए गए हैं, बल्कि इसमें काफी जगह भी है, जो 5 लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त है।

आगे की सीटें चौड़ी हैं जिस पर हर आकार और साइज के लोग बैठ सकते हैं, और लंबी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए पर्याप्त फुटरूम भी है। मारुति इसमें बेस मॉडल से टिल्ट और टेलिस्कॉपिक एडजस्टेल स्टीयरिंग व्हील दे रही है, जो 8 तरह से इलेक्ट्रिक एडजस्ट होने वाली अगली सीटों के साथ मिलकर सही ड्राइविंग पोजिशन को आसान बनाता है। इसमें अतिरिक्त सुविधा के लिए आगे एक स्लाइडिंग सेंटर आर्मरेस्ट भी दिया गया है।

पीछे वाली सीटों की बात करें तो घुटनों और पैरों के लिए जगह में कोई समस्या नहीं है, और औसत साइज के पैसेंजर के लिए अंडर-थाई सपोर्ट भी पर्याप्त है। हालांकि एक समस्या ये है कि पैनोरमिक सनरूफ वाले वेरिएंट में खासकर लंबे पैसेंजर के लिए हेडरूम स्पेस थोड़ा कम है।

मारुति ने अंदर काफी सारे स्टोरेस स्पेस भी दिए हैं। विक्टोरिस में चारों दरवाजों पर 1-लीटर बॉटल होल्डर के साथ मैगजीन और छोटा छाता रखने के लिए कुछ जगह दी है। आगे वाले पैसेंजर के लिए इसमें एक बड़ा ग्लवबॉक्स, सेंटर कंसोल में दो कपहोल्डर, सेटर आर्मरेस्ट के नीचे स्टोरेज स्पेस और एक सनग्लास होल्डर दिया गया है। पीछे वाले पैसेंजर के लिए सेंटर आर्मरेस्ट में दो कपहोल्डर, सीट बैक पॉकेट और पीछे एसी वेंट्स के नीचे फोन रखने के लिए छोटा स्पेस दिया गया है।

बूट स्पेस भी ठीक ठाक है, और इसमें सूटकेस का पूरा सेट और कुछ छोटे बैग रखे जा सकते हैं। इसका फ्लोर फ्लैट है, जिससे सामान चढ़ाना और उतारना आसान हो जाता है, लेकिन चूंकि बूट स्पेस गहरा नहीं है, इसलिए आप एक सूटकेस को दूसरे के ऊपर नहीं रख पाएंगे। अगर आप सीएनजी वेरिएंट चुनते हैं तो खरीददारों को यह जानकार खुशी होगी कि टैंक फर्श के नीचे होने के कारण बूट स्पेस से कोई समझौता नहीं करना पड़ेगा। हालांकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट में बैटरी पैक बूट फ्लोर के नीचे होने के कारण कम बूट स्पेस मिलता है।
5 स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कार

डिजायर के बाद विक्टोरिस मारुति की दूसरी कार है जिसे भारत एनकैप और ग्लोबल एनकैप दोनों क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यहां देखिए भारत एनकैप और ग्लोबल एनकैप दोनों क्रैश टेस्ट में कॉम्पैक्ट एसयूवी कार ने कैसा प्रदर्शन किया:
| पैरामीटर |
ग्लोबल एनकैप |
भारत एनकैप |
| वयस्क पैसेंजर सेफ्टी रेटिंग |
⭐⭐⭐⭐⭐ |
⭐⭐⭐⭐⭐ |
| वयस्क पैसेंजर प्रोटेक्शन स्कोर |
33.72 / 34 पॉइंट |
31.66 / 32 पॉइंट |
| चाइल्ड सेफ्टी रेटिंग |
⭐⭐⭐⭐⭐ |
⭐⭐⭐⭐⭐ |
| चाइल्ड पैसेंजर प्रोटेक्शन स्कोर |
41 / 49 पॉइंट |
43 / 49 पॉइंट |

पैसेंजर की सुरक्षा के लिए विक्टोरिस कार में 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड), 360 डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, एक टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस), और लेवल 2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) जैसे सेफ्टी फीचर दिए गए हैं।

विक्टोरिस में शानदार सुरक्षा पैकेज एक अच्छा कदम है, क्योंकि यह पूरे पैकेज को पूरा करता है जिसमें ज्यादा माइलेज वाले इंजन विकल्प, भरपूर फीचर और स्पेशियस केबिन, और शानदार राइड क्वालिटी शामिल है।
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