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    कार बेचने के लिए किन डॉक्यूमेंट्स की पड़ती है जरूरत? एक क्लिक में जानिए

    कार बेचना कोई आसान बात नहीं है। आपको इसके लिए काफी तरह के कागज जुटाने पड़ते हैं जिनमें पर्सनल डॉक्यूमेंट्स, कार के डॉक्यूमेंट्स और कई तरह के आरटीओ फॉर्म्स शामिल होते हैं।

    भानु
    भानु
    Published On दिसंबर 15, 2020 13:06 ist
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    published onDec 15, 2020 12:57 IST
    last updated onDec 15, 2020 13:06 IST
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    जैसे ही आप कागज जुटा लेते हैं तो इसके बाद कार की ओनरशिप किसी दूसरे को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में आपको कई चक्कर भी लगाने पड़ते हैं। आप चाहे तो ये कठिन राह चुन सकते हैं और लेकिन यदि आप आसान तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। सबसे पहले हम बात करेंगे कि किस तरह आप अपने बलबूते पर अपनी कार बेच सकते हैं और इसके लिए आपको कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

    1. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी): ट्रांसफर प्रक्रिया में गाड़ी की आरसी या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट काफी जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। आरसी पर गाड़ी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बात लिखी होती है, ऐसे में आप ये भी सुनिश्चित कर लें कि उसमें दी गई जानकारी पढ़ने में आ पा रही है या नहीं और आरसी कहीं से फटी या मुड़ी तो नहीं है। साथ ही ये भी सुनिश्चित कर लें कि उसमें आपकी गाड़ी से जुड़ी किसी बात में कोई बदलाव कराने की जरूरत तो नहीं है। उदाहरण के तौर पर यदि आपने बाजार से कोई सीएनजी किट लगवाया है या कोई अलग कलर करवाया है तो इन बातों की जानकारी आपकी आरसी पर अपडेट होना जरूरी है। यदि आपकी कार की आरसी कहीं खो गई है तो आप लोकल पुलिस स्टेशन पर एफआईआर दर्ज करवाकर और उसके बाद आरटीओ जाकर फॉर्म 26 भरकर उसे जमा कराने के बाद डुप्लिकेट आरसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि फॉर्म 26 को Vahan website - www.vahan.nic.in के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। 

    2. इंश्योरेंस: भारत में कोई भी अपनी कार बिना वैलिड इंश्योरेंस के किसी दूसरे को नहीं बेच सकता है। ऐसे में ये काफी जरूरी है कि आप कार बेचते समय गाड़ी का इंश्योरेंस करा लें। ​यदि आपकी कार का इंश्योरेंस खत्म हो गया है तो इसे रिन्यू कराने के दो तरीके हैं। आप चाहें तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस करा लें जिससे आपको अपनी कार की अच्छी री-सेल वैल्यू मिल सकती है। या फिर आप कोई सस्ता थर्ड पार्टी इंश्योरेंस खरीद लें जिससे आपको आपकी कार के अच्छे दाम तो नहीं मिलेंगे, मगर ये आरटीओ में कागजी कार्रवाई के दौरान आपके काफी काम आएगा। 

    3. पीयूसी सर्टिफिकेट: कार ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान पीयूसी यानी पॉल्यूशन अंडर चैक सर्टिफिकेट भी काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। ये कई फ्यूल स्टेशन पर आपको मिल सकता है। इसे प्राप्त करने के लिए आपको बामुश्किल 50 से 100 रुपये खर्च करने होते हैं जो कि आपके व्हीकल रजिस्ट्रेशन के हिसाब से तीन महीने तक के लिए वैध होता है। 

    ध्यान रहे: ऊपर हमने जिन दस्तावेजों का जिक्र किया है वो ना केवल सिर्फ कार ट्रांसफर की प्रक्रिया में ही काम आते हैं बल्कि, गाड़ी चलाते समय भी ये डॉक्यूमेंट्स या इनकी कॉपी आपके पास होनी चाहिए अन्यथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा आपका भारी चालान किया जा सकता है। 

    4. सेल्फ अटेस्टेड पैन कार्ड: कार ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान आरटीओ इंस्पेक्शन के लिए आपके पास सेल्फ अटेस्टेड पैन कार्ड की कॉपी होना आवश्यक है। यदि आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आपके पास फॉर्म 60 होना आवश्यक है जो आप आरटीओ से ही प्राप्त कर सकते हैं या फिर उसकी वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।  

    5. सेल्फ अटेस्टेड एड्रेस प्रूफ: भारत के कई राज्यों में कार बेचते समय एड्रेस प्रूफ पेश करना काफी आवश्यक होता है। आरटीओ में ओरिजनल एड्रेस प्रूफ इंस्पेक्शन के दौरान दिखाना जरूरी होता है, वहीं इसकी सेल्फ अटेस्टेड कॉपी पेपरवर्क के दौरान काम आती है। एड्रेस प्रूफ के लिए आप चाहे तो निम्न डॉक्यूमेंट्स पेश कर सकते हैं:

    • आधार कार्ड

    • पासपोर्ट

    • राशन कार्ड

    • वोटर आईडी कार्ड

    • भारत सरकार द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज

    कुछ राज्यों में इलेक्ट्रिसिटी बिल, रेंट एग्रीमेंट जैसे डॉक्यूमेंट्स को एड्रेस प्रूफ के तौर पर वैध मानते हुए स्वीकार किया जाता है। आपको अपने लोकल आरटीओ से ये पता करना होगा कि वो इन दस्तावेजों को स्वीकार करते हैं कि नहीं। इसके अलावा कुछ राज्यों में तो कार बेचने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत ही नहीं पड़ती है। उदाहरण के तौर पर मुंबई आरटीओ में एड्रेस प्रूफ पेश करने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। 

    यह भी पढ़ें: अपनी कार तुरंत कैसे बेचें?

    6. सेल्फ अटेस्टेड फोटो: आरटीओ पेपरवर्क में कार बेचने वाले व्यक्ति की दो पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक होती है। इन्हें कार ट्रांसफर के दौरान कुछ फॉर्म पर चिपकाया जाता है। जैसे ही इन फोटोज़ को फॉर्म पर चिपका दिया जाता है तो उसपर क्रॉस सिग्नेचर किया जाता है। इस तरह फोटोग्राफ्स सेल्फ अटेस्टेड हो जाती हैं। 

    7. फॉर्म 28: कार बेचने के लिए आरटीओ आपकी कार पर चल रही कुछ लायबिलिटीज को क्लीयरेंस देती है। इसमें आपके द्वारा कार खरीदने के लिए लिया गया लोन या कोई ट्रैफिक चालान शामिल होता है। इसके लिए आपको फॉर्म 28 की तीन कॉपी भरने के साथ अपने कागजों समेत आरटीओ में उन्हें जमा कराना होता है। फॉर्म 28 में आपकी गाड़ी का पेंसिल से लिखा हुआ चेसिस नंबर होता है और आरटीओ परिसर में आपकी कार उपस्थित होना भी जरूरी है। 

    8. फॉर्म 29: ऊपर बताई गई सभी कागजी कार्रवाई खत्म कर लेने के बाद आपको आरटीओ को ये बताना होता है कि आपने थर्ड पार्टी को अपनी कार बेच दी है। यहां से फॉर्म 29 काम में आता है जहां आपको इसकी दो कॉपी भरनी होती है। फॉर्म 29 की कॉपी के साथ आपको कार बेचने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक फीस भी भरनी होती है जिसकी कॉस्ट अलग अलग आरटीओ के अनुसार भिन्न हो सकती है। यदि आप सोच रहे हैं कि ये कार बेचने का आखिरी स्टेप है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। अभी आपको एक फॉर्म और भरके जमा कराना होगा। 

    9. फॉर्म 30: आपको फॉर्म 30 की दो कॉपियां भरकर आरटीओ को जमा कराना होता है। फॉर्म 30 एक रिक्वेस्ट फॉर्म है जिसमें आप आरटीओ को ये बताते हैं कि आपने आपका व्हीकल खरीदने वाले को कार ओनरशिप ट्रांसफर कर दिया है। दरअसल फॉर्म 30 में आप ये बताते हैं कि आपका व्हीकल और उससे जुड़ी सभी जिम्मेदारियां अब थर्ड पार्टी के जिम्मे है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में 14 दिन का समय लगता है। इसके लिए भी आपको कुछ फीस देनी होती है। 

    10. सेल्स एफिडेविट: सेल्स एफिडेविट बेचने वाले के नाम पर तैयार किया जाता है। इसमें खरीददार को कार बेचने की कीमत का उल्लेखन किया जाता है। इसमें ये भी बताया जाता है कि कार पर बची लायबिलिटीज अब इसे खरीदने वाले के जिम्मे होगी। इस डॉक्यूमेंट को आरसी ट्रांसफर होने के बाद नोटरी पब्लिक द्वारा नोटराइज्ड किया जाता है। 

    CarDekho
    जैसा कि हमने पहले भी आपको बताया कि आप चाहे तो ऊपर बताई गई इस लंबी प्रक्रिया से होकर अपनी कार बेच सकते है। अब बात आसान तरीके की तो कारदेखो गाड़ी स्टोर के जरिए अपनी कार बेचना एक बेहतर और आसान तरीका साबित हो सकता है। इसके फायदे ये हैं कि आरसी ट्रांसफर समेत पूरी कागजी कार्रवाई के लिए आपको किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा यहां आपको आपकी कार की सबसे बेस्ट प्राइस भी ऑफर की जाती है और आपके बैंक अकाउंट में तुरंत पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता है। ऐसे में हमारी राय ये है कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कार बेचने की लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए आपको कारदेखो गाड़ी स्टोर जैसे ऑप्शंस को अपनाना चाहिए।

    यह भी पढ़ें: कैसे पता करें कि अपनी कार बेचने का सही समय आ गया है?

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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