• English
    • लॉगिन / रजिस्टर

    यूनियन बजट 2022: बैट्री स्वेपिंग पॉलिसी लाएगी सरकार, इससे आपको क्या होगा फायदा?

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ईवी सेगमेंट पर पूरा फोकस रखा जाएगा और सरकार इस क्षेत्र में सुधार के लिए और अधिक प्रयास कर रही है।

    भानु
    भानु
    Published On फरवरी 01, 2022 16:42 ist
    info icon
    published onFeb 01, 2022 16:42 IST
    last updated onFeb 01, 2022 16:42 IST
    1.4K Views
    • Write a कमेंट

    यूनियन बजट 2022 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं।

    हालांकि इस बजट में तो सरकार ने ऑटो इंडस्ट्री को कोई बड़ी राहत नहीं दी है, मगर इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के लिए बैट्री स्वेपिंग पॉलिसी लाने का ऐलान जरूर किया गया है। 

    क्या है बैट्री स्वेपिंग पॉलिसी?

    बैटरी स्वैपिंग एक ऐसी सर्विस है जहां आप अपनी डिस्चार्ज हुई बैटरी को पूरी तरह चार्ज किए गए बैटरी से रिप्लेस कर सकते हैं, इससे समय की ज्यादा बचत होती है। इसके लिए कोई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और ये सरकार के लिए भी काफी फायदेमंद होगा।

    सरकार इस साल 4 व्हीलर और 2 व्हीलर्स के लिए अपनी बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी पेश करेगी। इसके लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स को अपने व्हीकल्स में रिमूवेबल बै​ट्री का फीचर देना अनिवार्य होगा जिससे आसानी से हटाकर दूसरी बैट्री लगाई जा सके।

    इसके लिए मैन्युफैक्चरर्स को अपने बैट्री पैकेजिंग में कुछ बदलाव करने होंगे। हालांकि ये पूरा प्रोसेस काफी एफिशिएंट साबित होगा और ये नए कस्टमर्स को भी आकर्षित कर सकता है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की कीमत भी कम हो जाएगी, क्योंकि बैट्री को पर्चेज कॉस्ट में शामिल ना करते हुए ऑपरेशनल कॉस्ट में काउंट किया जाएगा। 

    यह भी पढ़ें: अमेरिकन कंपनी फिस्कर इंक भारत में इलेक्ट्रिक कारें उतारने की बना रही है योजना, लोकल प्रोडक्शन भी करेगी शुरू

    जीरो एमिशन जोन भी किए जाएंगे पेश

    इस बजट में सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी जीरो एमिशन यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल करने का ऐलान किया है। ऐसे व्हीकल्स पूरे देश में लाए जाएंगे। इससे प्राइवेट के साथ साथ पब्लिक इलेक्ट्रिक व्हीकल पर डिपेंडेंसी बढ़ेगी। इन जोन में सरकार कुछ इंसेटिव पैकेज भी दे सकती है। 

    अन्य पॉइन्ट्स

    इस बजट में 2022-23 में नेशनल हाईवे का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर तक एक्सपेंड करने का ऐलान भी किया गया है। 

    इसके अलावा ग्लोबल सेमी कंडक्टर और चिप शॉर्टेज की समस्या हल करने की बात कही गई है, जहां इंडिया में ही इनकी मैन्युफैक्चरिंग शुरू की जाएगी। इससे व्हीकल की प्राइस तो कम होगी ही, साथ ही कारों पर लंबे लंबे वेटिंग पीरियड भी नहीं मिलेंगे। 

    यह भी पढ़ें: अब बीएस6 कारों को भी रेट्रो-फिटेड सीएनजी किट से कराया जा सकेगा लैस

    was this article helpful ?

    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

    Write your कमेंट

    कार न्यूज़

    • ताजा खबरें

    ट्रेंडिंग कारें

    • अपकमिंग
    • पॉपुलर
    *नई दिल्ली में एक्स-शोरूम प्राइस
    ×
    हमें आपके अनुभव को कस्टमाइज करने के लिए आपके शहर की आवश्यकता है