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    ग्लोबल एनकैप 2023 के आखिर से भारत में ही करेगी कारों का क्रैश टेस्ट

    ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (जीएनकैप) 2023 के आखिर से भारत में ही कारों का क्रैश शुरू कर सकता है। हालांकि, यह टेस्ट उन कारों पर मान्य नहीं होंगे जिनका ग्लोबल लेवल पर क्रैश टेस्ट किया जाता है, बल्कि यह टेस्ट केवल भारत में बेची जाने वाली कारों पर ही लागू होगा। 

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    Published On फरवरी 17, 2022 17:01 ist
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    published onFeb 17, 2022 17:00 IST
    last updated onFeb 17, 2022 17:01 IST
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    • ग्लोबल एनकैप का मानना है कि भारत के पास अब अच्छा टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है।
    • इससे भारत में कारों की ज्यादा टेस्टिंग को बढ़ावा मिलेगा।
    • भारत में वर्तमान में बेची जाने वाली 15 से अधिक कारों को 4-स्टार और 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है।
    • इंडिया-स्पेसिफिक एनकैप क्रैश टेस्ट रेटिंग की प्लानिंग भी की जा रही है।

    ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (जीएनकैप) 2023 के आखिर से भारत में ही कारों का क्रैश शुरू कर सकता है। हालांकि, यह टेस्ट उन कारों पर मान्य नहीं होंगे जिनका ग्लोबल लेवल पर क्रैश टेस्ट किया जाता है, बल्कि यह टेस्ट केवल भारत में बेची जाने वाली कारों पर ही लागू होगा।

    वर्तमान में भारत में बेचे जाने वाले मॉडल्स का टेस्ट 'सेफर कार फॉर इंडिया' प्रोग्राम के तहत किया जाता है। जीएनकैप का मानना है कि भारत के पास टेस्टिंग के लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर है जो 2014 में कार्यक्रम शुरू होने के दौरान उपलब्ध नहीं था।

    फिलहाल भारतीय मॉडल्स का क्रैश टेस्ट जर्मनी के एडीएसी टेक्नीकल सेंटर पर किया जाता है। एडीएसी एक जर्मन कंपनी है जो यह क्रैश टेस्ट करती है। इसमें तमाम कार मैन्युफैक्चरर अपनी कारों को टेस्टिंग के लिए भेजते हैं, वहीं कुछ कारों को यहां से खरीदकर हवाई जहाज से जर्मनी ले जाया जाता है जहां इस सेंटर पर इनकी टेस्टिंग की जाती है। जब कार वहां पहुंच जाती है तो उसके बाद उसके कई सारे टेस्ट होते हैं और फिर हर टेस्ट के पॉइंट के आधार पर कारों को सेफ्टी रेटिंग मिलती है।

    भारत में इन टेस्ट के शुरू हो जाने से पूरी प्रक्रिया ज्यादा अफोर्डेबल हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया स्पेसिफिक एनकैप की शुरुआत होने से भारत में ही तैयार होने वाले सेफ्टी कॉम्पोनेंट्स का कारों में इस्तेमाल होगा।

    रिपोर्ट बताती है कि ग्लोबल एनकैप के पास 2025 तक भारतीय कारों के क्रैश टेस्ट के लिए पर्याप्त फंड है।

    यह जानकारी होंडा जैज़, सिटी, रेनो काइगर और निसान मैग्नाइट जैसी कारों के हाल ही में हुए क्रैश टेस्ट के बाद सामने आई है। इन सभी कारों को क्रैश टेस्ट में 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है।  अब तक भारतीय बाजार में 15 से ज्यादा ऐसी कारें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं जिन्हें सेफ्टी लिए 4 और 5-स्टार रेटिंग मिल चुकी है। ग्लोबल एनकैप 'सेफर्स कार फॉर इंडिया प्रोग्राम' के तहत 50 कारों का टेस्ट कर चुकी है।

    हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियन मिनिस्टर नितिन गडकरी ने भारत एनकैप सेफ्टी रेटिंग सिस्टम के डेवेलपमेंट का प्लान भी कन्फर्म किया था। इंडिया-स्पेसिफिक क्रैश टेस्ट पर फिलहाल प्लानिंग चल रही है जो ग्लोबल और यूरो एनकैप टेस्ट पर बेस्ड होंगे। सरकार की योजना सभी कारों में छह एयरबैग्स और फ्रंट फेसिंग सीटों पर थ्री-पॉइंट सीटबेल्ट को स्टैंडर्ड देने की भी है।

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    <p><span id="docs-internal-guid-42688267-7fff-c39d-4c72-fec384069871"><span>मैंने अपनी करियर की शुरुआत एक जाने-माने मीडिया हाउस से शुरू की थी। रिपोर्टिंग करने से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज मुझे चार साल पूरे हो चुके हैं। मेरा कारदेखो में एक साल का सफर काफी दिलचस्प रहा है। मुझे शुरुआत से ही राइटिंग का काफी शौक है। हमेशा से ही मेरी रूचि ऑटो, मनोरंजन, लाइफस्टाइल&nbsp; या फिर टेक्नोलॉजी से संबंधित कंटेंट को लिखने में काफी रही है। इसी लिए मैंने अपना बैचलर्स भी जर्नलिस्म व मास कम्युनिकेशन में ही किया है जिससे कि मुझे तरह-तरह के कंटेंट को लिखने के लिए अच्छा-ख़ासा प्लेटफार्म मिल सके। कंटेंट लिखने के अलावा मुझे रिपोर्टिंग, फोटोग्राफी, म्युज़िक, डांस और ट्रेवलिंग का भी काफी शौक है। ट्रेवलिंग के जरिये नए लोगों से मिलने, नए कल्चर को अपनाने और नई जगहों को एक्सप्लोर करने में काफी रूचि है।</span></span></p>और देखें

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