फोक्सवैगन टाइगन फेसलिफ्ट हाईलाइन Vs हाईलाइन प्लस: क्या प्लस वेरिएंट में अपग्रेड करना होगा एक स्मार्ट फैसला? जानिए यहां
टाइगन लाइन-अप में यह देखने के लिए एक मुकाबला चल रहा है कि कौन सा मिड-स्पेक वेरिएंट पैसे के हिसाब से ज़्यादा बेहतर विकल्प है।
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फोक्सवैगन ने हाल ही में टाइगन का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च किया है, जिसमें नया एक्सटीरियर डिज़ाइन और अपग्रेडेड फीचर्स दिए गए हैं। इसके साथ ही, पुराने इंजन ऑप्शन्स के अलावा एक नया गियरबॉक्स भी दिया गया है। इस अपडेट के साथ, फोक्सवैगन अब टाइगन को सात वेरिएंट्स: कंफर्टलाइन,हाईलाइन,हाईलाइन प्लस,जीटी लाइन,टॉपलाइन,जीटी प्लस क्रोम और जीटी प्लस स्पोर्ट में पेश किया गया है। हाईलाइन वेरिएंट बेस कम्फर्टलाइन से सिर्फ एक वेरिएंट ऊपर है और इसमें वे सभी बेसिक इक्विपमेंट्स और फीचर्स मौजूद हैं जिनकी आपको आवश्यकता होगी। मिड-स्पेक हाईलाइन प्लस वेरिएंट में और भी ज्यादा कंफर्टेबल और प्रीमियम फीचर्स जोड़े गए हैं। तो, क्या आपको अच्छी तरह से लोडेड हाईलाइन वेरिएंट ही लेना चाहिए, या हाईलाइन प्लस के लिए अपना बजट बढ़ाना चाहिए? आइए विस्तार से जानते हैं:
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: कीमत
| वेरिएंट |
मैनुअल |
ऑटोमैटिक |
| फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन |
12.70 लाख रुपये |
13.80 लाख रुपये |
| फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन प्लस |
14.30 लाख रुपये |
15.45 लाख रुपये |
कीमत एक्सशोरूम पैन इंडिया के अनुसार
जैसा कि ऊपर देखा गया है, दोनों वेरिएंट मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्प के साथ उपलब्ध हैं, और दोनों में 1-लीटर टीएसआई इंजन दिया गया है। मैनुअल वेरिएंट और ऑटोमैटिक वेरिएंट के बीच कीमत में लगभग 1.60 लाख रुपये का अंतर है। आइए देखते हैं कि अतिरिक्त कीमत में क्या-क्या मिलता है:
टाइगन के सभी वेरिएंट की कीमत जानने के लिए यह आर्टिकल देखें।
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: एक्सटीरियर डिज़ाइन
बाहर से फोक्सवैगन टाइगन के दोनों वेरिएंट लगभग एक जैसे दिखते हैं, डिज़ाइन के ज्यादातर एलिमेंट्स समान हैं। इनमें कुछ मामूली अंतर हैं जो इन्हें अलग करते हैं।
फ्रंट से शुरू करें तो, दोनों वेरिएंट अपने मस्कुलर बोनट डिज़ाइन के साथ दमदार और प्रभावशाली लुक देते हैं। इसके अलावा इसमें ऑल-वेदर फुल एलईडी हेडलाइट्स और एलईडी डीआरएल्स भी दिए गए हैं, जिनमें कॉर्नरिंग लाइट और ऑटो-लेवलिंग फंक्शन शामिल हैं। ग्रिल में एलईडी लाइट स्ट्रिप नहीं दी गई है; इसके बजाय, क्रोम स्ट्रिप दी गई है। नीचे की ओर देखें तो, बंपर में क्रोम इंसर्ट के साथ सिल्वर कलर का फ्रंट डिफ्यूज़र दिया गया है।


साइड की बात करें तो दोनों वेरिएंट में 16 इंच के सिल्वर अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, और इनमें बॉडी क्लैडिंग और शार्क फिन एंटीना भी मिलते हैं। हाईलाइन वेरिएंट में रूफ रेल ब्लैक कलर में आते है, जबकि हाईलाइन प्लस में यह सिल्वर कलर में मिलते हैं। हाईलाइन प्लस ट्रिम में डोर हैंडल्स पर क्रोम एप्लिक भी मिलता है।


पीछे की ओर देखें तो, दोनों वेरिएंट में कनेक्टेड एलईडी टेललाइट्स के साथ सीक्वेंशियल टर्न इंडिकेटर्स, वॉशर और डिफॉगर वाला रियर वाइपर और टेलगेट पर क्रोम में 'टाइगन' लिखा हुआ मिलता है। रियर बंपर में क्रोम स्ट्रिप के साथ सिल्वर स्किड प्लेट लगी है। हाईलाइन वेरिएंट में टेललाइट्स में वेलकम और गुडबाय एनिमेशन भी मिलते हैं।


इन चीजों के लिए टॉप वेरिएंट्स पर अपग्रेड करें:
टॉपलाइन वेरिएंट में कुछ आकर्षक एक्सटीरियर फीचर्स जोड़े गए हैं जिनमें इल्युमिनेटेड फ्रंट और रियर लोगो, फ्रंट में कनेक्टेड एलईडी लाइट स्ट्रिप और शानदार 17-इंच अलॉय व्हील्स। स्पोर्टी लुक के लिए आप जीटी लाइन ट्रिम का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसमें हाईलाइन प्लस के समान ही फीचर्स मौजूद हैं।
कुल मिलाकर, हाईलाइन और हाईलाइन प्लस दोनों वेरिएंट दिखने में एक जैसे हैं और बाहर से इन्हें पहचानना मुश्किल होगा।
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: इंटीरियर
अंदर से, दोनों ट्रिम्स के केबिन का लेआउट एक जैसा है और इनमें सिल्वर ग्रे स्टिचिंग वाली एंथ्रासाइट फैब्रिक सीटों के साथ ग्रे और बेज कलर की थीम दी गई है; हालांकि, हाईलाइन प्लस अपने आप को अलग दिखाने के लिए केबिन के अंदर कुछ छोटे-मोटे अपडेट्स किए गए हैं।


दोनों वेरिएंट में डैशबोर्ड का लेआउट एक जैसा है। बीच में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन लगी है, जिसके नीचे एसी वेंट हैं और उनके चारों ओर क्रोम इंसर्ट दिए गए हैं। एयर कंडीशनिंग के टच कंट्रोल और कुछ फिजिकल बटन नीचे दिए गए हैं। डैशबोर्ड पर व्हाइट एम्बिएंट लाइट की एक पट्टी भी दी गई है जो डोर हैंडल एरिया को इल्युमिनेट करती है। स्टीयरिंग व्हील तीन स्पोक वाला है, जो पिछले मॉडल से लिया गया है। पीछे की सीट में 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग फंक्शन और एक रियर सेंटर आर्मरेस्ट दिया गया है।


हाईलाइन प्लस वेरिएंट कंफर्ट और सुविधा के मामले में सबसे आगे है। ऊपर बताए गए फीचर्स के अलावा, हाईलाइन प्लस में सिंगल-पैनल सनरूफ, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, डोर हैंडल पर क्रोम इंसर्ट, रियर पार्सल शेल्फ और कूल्ड ग्लव बॉक्स जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जो इसके इंटीरियर को और भी प्रीमियम लुक देते हैं।
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: फीचर्स
दोनों वेरिएंट पहले से ही बेहतरीन फीचर्स से लैस हैं, लेकिन हाईलाइन प्लस वेरिएंट में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण फीचर्स जोड़े गए हैं जिन्हें कुछ लोग नजरअंदाज नहीं करना चाहेंगे।
टाइगन के हाईलाइन वेरिएंट में 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन है जिसमें 15 बिल्ट-इन ऐप्स, 'हेलो फोक्सवैगन' वॉइस कमांड, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, 6-स्पीकर साउंड सिस्टम, डैशबोर्ड में व्हाइट एम्बिएंट लाइटिंग, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ओआरवीएम्स और वायरलेस फोन चार्जर शामिल हैं।


हाईलाइन प्लस, हाईलाइन की खूबियों को और भी बेहतर बनाती है, जिसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ, 8-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पुश-बटन स्टार्ट, इलेक्ट्रिकली फोल्डेबल ओआरवीएम्स और कूल्ड ग्लव बॉक्स शामिल हैं। कार खरीदते समय ये फीचर्स ग्राहकों के लिए बहुत मायने रखती हैं, और इसी वजह से हाईलाइन प्लस इस मामले में बेहतर विकल्प है।
हर वेरिएंट के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए, आप यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं।
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: सेफ्टी
कुछ मामूली अंतरों के साथ दोनों वेरिएंट में सेफ्टी फीचर्स लगभग समान हैं।
हाईलाइन और हाईलाइन प्लस दोनों वेरिएंट में 6 एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, मल्टी-कोलिजन ब्रेकिंग, हिल होल्ड असिस्ट (केवल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन), क्रूज़ कंट्रोल (केवल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन), फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, रियर पार्किंग कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस), इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट और रियर डिफॉगर दिए गए हैं।


हाईलाइन प्लस वेरिएंट में ऑटोमैटिक हेडलाइट्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स और ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम जैसी एक्सट्रा फीचर्स मिलते हैं। ये फीचर्स भले ही छोटे लगें, लेकिन कार की कुल कीमत बढ़ाते हैं और बेहद उपयोगी भी हैं।
फोक्सवैगन टाइगन हाईलाइन बनाम हाईलाइन प्लस: इंजन
टाइगन फेसलिफ्ट के हाईलाइन और हाईलाइन प्लस वेरिएंट केवल 1-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध हैं। यह इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों गियरबॉक्स विकल्पों के साथ आता है। आइए स्पेसिफिकेशन्स पर एक नज़र डालते हैं:
| इंजन |
1-लीटर टर्बो पेट्रोल |
| पावर |
115 पीएस |
| टॉर्क |
178 एनएम |
| ट्रांसमिशन |
6-स्पीड एमटी/ 8-स्पीड एटी (नया) |
एटी- टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
नोट:
टाइगन 1.5 लीटर टीएसआई टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ भी उपलब्ध है, जो केवल टॉप-एंड जीटी प्लस क्रोम और जीटी प्लस स्पोर्ट वेरिएंट के लिए रिजर्वड है। इसकी डीटेल्स और वेरिएंट-अनुसार इंजन विकल्पों की जानकारी के लिए, इस रिपोर्ट को देखें।
कारदेखो ओपिनियन…
फोक्सवैगन टाइगन का हाईलाइन वेरिएंट बेसिक फीचर्स से लैस एक मिड साइज की एसयूवी की लगभग सभी जरूरतों को पूरा करता है। इसमें आवश्यक कंफर्ट, फीचर्स और मजबूत सेफ्टी मौजूद हैं, जो इसे उन ग्राहकों के लिए एक आकर्षक और किफायती विकल्प बनाते हैं जो अपने बजट को ज्यादा बढ़ाना नहीं चाहते।

हालांकि, लगभग 1.6 लाख रुपये अधिक खर्च करके आप हाईलाइन प्लस वेरिएंट ले सकते हैं, जिसमें सनरूफ, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, पुश-बटन स्टार्ट, ऑटोमैटिक हेडलाइट्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स और ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम जैसे कुछ महत्वपूर्ण अपग्रेड शामिल हैं। ये अतिरिक्त फीचर्स केबिन के अनुभव को बेहतर बनाते हैं और प्रीमियम अहसास देती हैं, लेकिन ये मुख्य रूप से कंफर्ट को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, न कि आवश्यकता को।

अगर आप लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए कार की तलाश में हैं और आपकी प्राथमिकताएं अतिरिक्त कंफर्ट और केबिन के अंदर का अधिक प्रीमियम अनुभव चाहिए , तो हाईलाइन प्लस अपनी अतिरिक्त कीमत को जायज़ ठहराती है। हालांकि, अगर आप कीमत और फीचर्स के बीच सबसे अच्छा संतुलन चाहते हैं, तो हाईलाइन अभी भी किफायती विकल्प है क्योंकि इसमें किसी भी महत्वपूर्ण उपकरण की कमी नहीं है।
अगर आप टाइगन फेसलिफ्ट के बेस और टॉप-स्पेक वेरिएंट के बीच अंतर जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल देखें। हमने इन आर्टिकल में वेरिएंट्स की डीटेल्स भी दी है:














