श्रेयश सिंह द्वारा की गई लेटेस्ट पोस्ट-संशोधित Oct 15, 2025

जेनेसिस भारत में ही कारें बनाएगी, यानी इन्हें सीकेडी (कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन) यूनिट्स के रूप में यहां लाया जाएगा।

इस लिस्ट में ना केवल नए फेसलिफ्ट मॉडल शामिल हैं, बल्कि इसमें टाटा, महिंद्रा और किआ की कई मास-मार्किट इलेक्ट्रिक कारों को भी शामिल किया गया है

इस कार में 11 लोग आराम से बैठ सकते हैं जिसमें 4 रो सीटिंग कॉन्फिग्रेशन दिया गया है।

कर्व और बेसाल्ट देश की पहली मास मार्केट एसयूवी कूपे होगी।

इंस्टर हुंडई की अब तक की सबसे छोटी इलेक्ट्रिक कार है जो कि इंटरनेशनल मार्केट में उपलब्ध कैस्पर माइक्रो एसयूवी का ही एक ऑल इलेक्ट्रिक वर्जन है।

नाइट ईगल एडिशन में ग्लॉसी ब्लैक स्टाइल एलिमेंट्स, और 18-इंच ब्लैक अलॉय व्हील दिए जा सकते हैं

किया ईवी9 का डिजाइन काफी फ्यूचरिस्टिक और फीचर काफी प्रीमियम है, इसकी सर्टिफाइड रेंज 650 किलोमीटर बताई गई है

भारतीय ग्राहक इन दिनों नई कार खरीदते वक्त क्रैश टेस्ट सेफ्टी रेटिंग को अहमियत देने लगे हैं। कार कंपनियां अपने व्हीकल को क्रैश टेस्ट एजेंसी को देने से पहले इंडस्ट्री रेगुलेशन के हिसाब से कुछ इंटरनल टेस

वीडियो से यह समझ आता है कि अगर आपको ऑफ रोडिंग पर जाना है तो 5-डोर थार का 4-व्हील-ड्राइव वेरिएंट लेना चाहिए

टाटा ने नई सफारी में स्पेयर व्हील को पुरानी स्कूल बसों वाली जगह पर फिट किया है

पुरानी कार को स्क्रैप कराने पर आपको एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिससे आप नई कार खरदीने पर बेनेफिट प्राप्त कर सकते हैं

सीएनजी ऑटोमेटिक वेरिएंट्स की कीमत मैनुअल वेरिएंट से करीब 50,000 रुपये ज्यादा हो सकती है
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