रेनो डस्टर हाइब्रिड Vs 1.3 लीटर टर्बो पेट्रोल रनिंग कॉस्ट कंपेरिजन: हाइब्रिड इस्तेमाल करने में कितनी ज्यादा सस्ती है?
रेनो का कहना है कि डस्टर 29 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, लेकिन क्या रनिंग कॉस्ट से आपके दिए गए अतिरिक्त प्रीमियम की भरपाई हो जाएगी?
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रेनो ने हाल ही में नई डस्टर को एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 16.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह हाइब्रिड सिस्टम न केवल बेहतरीन परफॉर्मेंस का दावा करता है, बल्कि माइलेज के मामले में भी अपने सेगमेंट में सबसे आगे है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसके 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन की तुलना में ज्यादा कीमत, कम रनिंग कॉस्ट से वसूल हो पाएगी? इस सवाल का जवाब जानने के लिए, हमने नई डस्टर के स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड और 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल डीसीटी वेरिएंट की कीमत, स्पेसिफिकेशन और रनिंग कॉस्ट के आधार पर तुलना की है।
कीमत का अंतर
कीमत की बात करें तो डस्टर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड और टर्बो-पेट्रोल डीसीटी वेरिएंट्स के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है। हाइब्रिड वेरिएंट्स अपने टर्बो-पेट्रोल वर्जन की तुलना में लगभग 1 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये तक महंगे हैं।
| वेरिएंट |
रेनो डस्टर हाइब्रिड (एक्स-शोरूम) |
डस्टर 1.3लीटर टर्बो-पेट्रोल डीसीटी (एक्स-शोरूम) |
| कीमत रेंज |
16.99 लाख रुपये - 19.49 लाख रुपये |
14.49 लाख रुपये - 18.49 लाख रुपये |
इस तुलना के लिए, हमने दोनों के टॉप वेरिएंट्स को चुना है: हाइब्रिड का इमोशन वेरिएंट (19.49 लाख रुपये) और टर्बो-पेट्रोल का आइकॉनिक वेरिएंट (18.49 लाख रुपये)। इन दोनों के बीच एक्स-शोरूम कीमत में ठीक 1 लाख रुपये का अंतर है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कीमत ज्यादा होने के बावजूद, हाइब्रिड वेरिएंट में कुछ ऐसे फीचर्स नहीं मिलते जो टॉप टर्बो-पेट्रोल डीसीटी में दिए गए हैं। इनमें 360-डिग्री कैमरा, लेवल-2 एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) और ऑटो-डिमिंग आईआरवीएम (इनसाइड रियर-व्यू मिरर) शामिल हैं। तो आपको ज्यादा कीमत के बदले बेहतर माइलेज मिलता है, लेकिन कुछ मॉडर्न फीचर्स से समझौता करना पड़ता है।
इंजन और परफॉर्मेंस
कागजों में दोनों पावरट्रेन के आंकड़े काफी दिलचस्प हैं। टर्बो-पेट्रोल इंजन थोड़ा ज्यादा पावरफुल है, लेकिन हाइब्रिड सिस्टम का असली फायदा उसके इलेक्ट्रिक मोटर्स से मिलने वाले इंस्टेंट टॉर्क और स्मूदनेस में है।
| स्पेसिफिकेशन |
डस्टर हाइब्रिड |
डस्टर 1.3 लीटर टर्बो-पेट्रोल डीसीटी |
| इंजन |
1.8-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड |
1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल, माइल्ड-हाइब्रिड |
| इलेक्ट्रिक मोटर |
2 |
- |
| बैटरी पैक |
1.4 केडब्ल्यूएच |
- |
| पावर |
160 पीएस (कुल) |
163 पीएस |
| टॉर्क |
208 एनएम (सिर्फ मोटर) |
280 एनएम |
| गियरबॉक्स |
8-स्पीड डीएचटी (ऑटोमैटिक) |
6-स्पीड डीसीटी (ऑटोमैटिक) |
| एआरएआई सर्टिफाइड माइलेज |
29 किलोमीटर प्रति लीटर |
18.45 किलोमीटर प्रति लीटर |
टर्बो-पेट्रोल डीसीटी वेरिएंट 3 पीएस ज्यादा पावर देता है, लेकिन हाइब्रिड सिस्टम में दो इलेक्ट्रिक मोटर होने की वजह से इसे शहर में चलाने का अनुभव ज्यादा रिस्पॉन्सिव हो सकता है। इलेक्ट्रिक मोटर शुरुआती पिकअप में मदद करते हैं, जिससे टर्बो-लैग का एहसास नहीं होता। रेनो का दावा है कि शहरी ड्राइविंग कंडीशंस में डस्टर हाइब्रिड 80 प्रतिशत समय तक सिर्फ इलेक्ट्रिक पावर पर चल सकती है। कंपनी यह भी दावा करती है कि एक फुल टैंक पर इसकी कुल रेंज 1,400 किलोमीटर से भी ज्यादा है, जो इसे लंबी यात्राओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है। वहीं, 29 किलोमीटर प्रति लीटर का सर्टिफाइड माइलेज इसे अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा माइलेज वाली एसयूवी कार में से एक बनाता है।
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रनिंग कॉस्ट: असली बचत कहां?
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर: क्या हाइब्रिड के लिए दिए गए अतिरिक्त पैसे रनिंग कॉस्ट में बचत करके वसूले जा सकते हैं? इसे समझने के लिए, हमने दोनों वेरिएंट्स की रनिंग कॉस्ट का एक अनुमान लगाया है। यह गणना महाराष्ट्र में पेट्रोल की मौजूदा कीमत (लगभग 111.78 रुपये प्रति लीटर) और एआरएआई सर्टिफाइड माइलेज पर बेस्ड है।
| पैरामीटर |
डस्टर हाइब्रिड (इमोशन) |
डस्टर टर्बो डीसीटी (आइकॉनिक) |
अंतर |
| एक्स-शोरूम कीमत |
19.49 लाख रुपये |
18.49 लाख रुपये |
+1 लाख रुपये |
| सर्टिफाइड माइलेज |
29 किलोमीटर प्रति लीटर |
18.45 किलोमीटर प्रति लीटर |
+10.55 किलोमीटर प्रति लीटर |
| 1,000 किलोमीटर के लिए फ्यूल की खपत |
34.48 लीटर |
54.20 लीटर |
-19.72 लीटर |
| 1,000 किलोमीटर चलाने का खर्च |
3,854 रुपये |
6,058 रुपये |
-2,204 रुपये |
| प्रति किलोमीटर खर्च |
3.85 रुपये |
6.06 रुपये |
-2.21 रुपये |
इस गणना से साफ है कि डस्टर हाइब्रिड चलाने का खर्च टर्बो-पेट्रोल मॉडल की तुलना में काफी कम है। प्रति किलोमीटर लगभग 2.21 रुपये की बचत होती है। अगर आप महीने में 1,000 किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं, तो आप हर महीने लगभग 2,200 रुपये से ज्यादा की बचत कर सकते हैं।

दोनों कारों की एक्स-शोरूम कीमत में 1 लाख रुपये का अंतर है। इस हिसाब से, हाइब्रिड पर खर्च किया गया अतिरिक्त पैसा वसूलने के लिए आपको लगभग 45,250 किलोमीटर गाड़ी चलानी होगी। अगर आपका औसत मासिक रनिंग 1,000 किलोमीटर है, तो आप यह लागत लगभग 45 महीनों, यानी चार साल से भी कम समय में वसूल कर लेंगे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह गणना केवल एक अनुमान है और वास्तविक माइलेज, ड्राइविंग स्टाइल और फ्यूल की कीमत के आधार पर इसमें बदलाव हो सकता है।
कारदेखो का क्या है कहना
रेनो ने डस्टर हाइब्रिड की कीमत काफी प्रतिस्पर्धी रखी है और इसके परफॉर्मेंस और माइलेज के आंकड़े इसे सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। उन ग्राहकों के लिए जिनका रोज का रनिंग ज्यादा है या जो अपनी कार को लंबे समय (5 साल या उससे ज्यादा) तक रखने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए डस्टर हाइब्रिड एक बहुत ही समझदारी भरा विकल्प है। इसकी कम रनिंग कॉस्ट न केवल शुरुआती ज्यादा कीमत को सही ठहराती है, बल्कि लंबे समय में यह आपकी जेब पर भी हल्की पड़ेगी। साथ ही, हाइब्रिड पावरट्रेन की स्मूदनेस और रिफाइनमेंट शहर के ट्रैफिक में एक आरामदायक ड्राइविंग अनुभव देती है।

दूसरी ओर, अगर आपका इस्तेमाल बहुत ज्यादा नहीं है, या आप 3-4 साल में कार बदलने की सोचते हैं, तो 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल डीसीटी वेरिएंट आपके लिए बेहतर हो सकता है। यह न केवल 1 लाख रुपये सस्ता है, बल्कि इसमें लेवल-2 एडीएएस और 360-डिग्री कैमरा जैसे कुछ अतिरिक्त एडवांस फीचर्स भी मिलते हैं, जो कुछ खरीदारों के लिए ज्यादा मायने रख सकते हैं। कुल मिलाकर, रेनो के बड़े दावों को परखने के लिए डस्टर हाइब्रिड का एक रियल-वर्ल्ड टेस्ट जरूरी होगा, लेकिन शुरुआती आंकड़ों के आधार पर यह एक प्रभावशाली पैकेज लगती है।
आप इन दोनों में से कौनसा पावरट्रेन चुनना पसंद करेंगे? हमें नीचे कमेंट्स में बताएं।














