जीएसटी का असर: महंगी हो सकती हैं एसयूवी और लग्ज़री कारें
जीएसटी काउंसिल ने एसयूवी और लग्ज़री कारों पर 10 फीसदी सेस बढ़ाने की सिफारिश की है
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लग्ज़री कार या फिर एसयूवी खरीदने का विचार बना रहे लोगों के लिए ये खबर काम की साबित हो सकती है। दरअसल जीएसटी काउंसिल ने लग्ज़री कारों और एसयूवी पर सेस बढ़ाने की सिफारिश की है। ऐसे में अगर आप इन्हें खरीदने में थोड़ी सी देरी करते हैं तो यह फैसला आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। आइए जानते हैं कितनी महंगी हो सकती हैं लग्ज़री कारें और एसयूवी...
मौजूदा समय में एसयूवी और लग्ज़री कारों पर 15 फीसदी सेस लगता है, जीएसटी काउंसिल ने सेस को 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने की सिफारिश की है। यदि अगले महीने हैदराबाद में होने वाली काउंसिल मीटिंग में इस पर सहमति मिल जाती है तो इसके बाद इसे पार्लियामेंट में पास किया जाएगा। यहां देखिए मौजूदा टैक्स और प्रस्ताविक टैक्स का अंतर...
| व्हीकल टायप | मौजूदा जीएसटी | प्रस्तावित | ||
| बेस + सेस | कुल | बेस + सेस | कुल | |
| एसयूवी | 28 फीसदी + 15 फीसदी | 43 फीसदी | 28 फीसदी + 25 फीसदी | 53 फीसदी |
| लग्ज़री कारें | ||||

अगर नया प्रस्ताव पास हो जाता है तो एसयूवी और लग्ज़री कारों के दाम कुछ इस प्रकार बढ़ेंगे...
उदाहरण 1: टोयोटा फॉर्च्यूनर 2.8 लीटर 4x4 एटी
- मौजूदा कीमत (एक्स-शोरूम, दिल्ली): 29,17,700 रूपए
- नई कीमत: 31,21,735 रूपए
- कीमत में अंतर: करीब 7 फीसदी बढ़ोतरी

उदाहरण 2: बीएमडब्ल्यू 520डी स्पोर्ट लाइन
- मौजूदा कीमत (एक्स-शोरूम, दिल्ली): 49,90,000 रूपए
- नई कीमत: 53,38,951 रूपए
- कीमत में अंतर: करीब 7 फीसदी बढ़ोतरी

ऊपर दिए गए उदाहरणों से हम देख सकते हैं कि अगर नया प्रस्ताव पास हो जाता है तो इसी कार के कुछ लाख रूपए अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं। माना जा रहा है कि हाइब्रिड कारों और प्रीमियम कारों के बीच टैक्स का अंतर दर्शाने के लिए यह सिफारिश की गई है, फिलहाल हाइब्रिड कारें, लग्ज़री कारें और एसयूवी तीनों पर ही एक समान टैक्स लगता है।














