निसान टेक्टॉन फर्स्ट ड्राइव: कुछ अहम बातें जो आपको जाननी चाहिए
निसान का कहना है कि उसने पेट्रोल एसयूवी से इंस्पायर्ड है, लेकिन क्या टेक्टॉन वैसी ही लगती है?
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निसान ने बिल्कुल नई टेक्टॉन एसयूवी के साथ भारत के सबसे कॉम्पिटिटिव 10-20 लाख रुपये वाले कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में कदम रखा है। रेनो डस्टर वाले प्लेटफॉर्म पर बनी यह कार सीधे तौर पर हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, और टाटा सिएरा जैसी गाड़ियों को टक्कर देती है। निसान का दावा है कि इसका डिजाइन कंपनी की फ्लैगशिप पेट्रोल एसयूवी से प्रेरित है। कारदेखो के कॉरेस्पॉन्डेंट वेद कुलकर्णी ने 23 जुलाई 2026 को इस कार को चलाया और इसके आधार पर हम आपके लिए 5 अहम बातें लेकर आए हैं जो आपको इस एसयूवी को समझने में मदद करेंगी।
पेट्रोल से प्रेरित डिजाइन और प्रीमियम फीचर्स
निसान टेक्टॉन का डिजाइन पहली नजर में ही ध्यान खींचता है। यह अपनी बड़ी और महंगी बहन, निसान पेट्रोल से प्रेरणा लेता है, लेकिन इसका लुक ज्यादा सधा हुआ और क्लासी है। इसमें पेट्रोल जैसी भारी-भरकम अपील तो है, लेकिन शहरी माहौल के हिसाब से इसे सोफिस्टिकेटेड बनाया गया है। इसके फ्रंट में बड़े सी-शेप वाले स्किड प्लेट्स, एलईडी हेडलैंप्स और ऊंचे रूफ रेल्स इसे एक दमदार एसयूवी का स्टांस देते हैं। यह डिजाइन इसे क्रेटा के मॉडर्न लुक और सेल्टोस के स्पोर्टी डिजाइन से अलग खड़ा करता है, और उन ग्राहकों को पसंद आएगा जिन्हें एक मस्क्यूलर लेकिन एलिगेंट एसयूवी चाहिए।


अंदर की तरफ, टेक्टॉन निसान की पुरानी गाड़ियों की तरह बेसिक महसूस नहीं होती। केबिन फीचर्स से भरा हुआ है, जो इस सेगमेंट के स्टैंडर्ड्स को न सिर्फ मैच करता है, बल्कि कुछ मामलों में आगे भी निकलता है। इसका सेंटरपीस 10.1-इंच का गूगल-बेस्ड टचस्क्रीन सिस्टम है, जो स्मूथ और इस्तेमाल में आसान है। इसके साथ ही 10.25-इंच का फुली डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले भी मिलता है जो जरूरी जानकारी साफ-साफ दिखाता है। कंफर्ट के लिए, इसमें पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एक बड़ा पैनोरमिक सनरूफ और ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। ये सभी फीचर्स मिलकर टेक्टॉन को एक प्रीमियम और अपमार्केट प्रोडक्ट बनाते हैं।
ड्राइवर के लिए बेहतर, परिवार के लिए नहीं
जहां टेक्टॉन का केबिन फीचर्स और डिजाइन के मामले में आगे है, वहीं पिछली सीटों का अनुभव उतना शानदार नहीं है। यह एसयूवी ड्राइवर-फोकस्ड ज्यादा लगती है। पीछे की सीटें इस्तेमाल करने लायक तो हैं, लेकिन लंबे सफर में शायद उतनी आरामदायक न हों। सबसे बड़ी कमी इसके बैकरेस्ट का एंगल है, जो थोड़ा ज्यादा सीधा है। इससे पैसेंजर्स को आरामदेह पोजीशन ढूंढने में मुश्किल हो सकती है।
स्पेस के मामले में भी यह औसत ही है। जबकि लेगरूम और हेडरूम ठीक-ठाक है, लेकिन इसके प्रतिद्वंदी जैसे टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस और हुंडई क्रेटा इससे बेहतर और ज्यादा हवादार केबिन का अनुभव देते हैं। अगर आप अक्सर परिवार के साथ सफर करते हैं या फिर चौफर-ड्रिवन कार की तलाश में हैं, तो आपको टेक्टॉन की पिछली सीट थोड़ी तंग महसूस हो सकती है। हालांकि, इसका बूट स्पेस काफी बड़ा है, जो वीकेंड ट्रिप्स या एयरपोर्ट रन के लिए पर्याप्त सामान रखने की जगह देता है।
सेफ्टी पर पूरा फोकस
निसान ने टेक्टॉन की सेफ्टी के साथ कोई समझौता नहीं किया है। यह इस सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक बनकर उभरती है। इसे भारत एनकैप क्रैश टेस्ट में पूरी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो भारतीय सड़कों पर आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), और चारों पहियों में डिस्क ब्रेक्स शामिल हैं।

इसके अलावा, टॉप वेरिएंट्स में लेवल 2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (एडीएएस) का पूरा सूट मिलता है। इसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, और ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो हाईवे पर ड्राइविंग को न सिर्फ आसान बनाते हैं बल्कि ज्यादा सुरक्षित भी करते हैं। पार्किंग के लिए, इसमें 360-डिग्री कैमरा और फ्रंट व रियर पार्किंग सेंसर्स भी दिए गए हैं। ये सभी फीचर्स मिलकर टेक्टॉन को उन खरीदारों के लिए एक बहुत मजबूत विकल्प बनाते हैं जो सेफ्टी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।

कुछ छोटी-मोटी कमियां
कुल मिलाकर निसान टेक्टॉन एक प्रभावशाली पैकेज है, लेकिन इसमें कुछ छोटी-मोटी कमियां भी हैं जो इसके प्रीमियम अनुभव को थोड़ा कम करती हैं। दमदार पावरट्रेन, प्रीमियम इंटीरियर और बड़े बूट स्पेस के बावजूद, कुछ जगहों पर कॉस्ट-कटिंग नजर आती है। उदाहरण के लिए, 360-डिग्री कैमरा का वीडियो फीड काफी ग्रेनी (कम क्वालिटी का) है, खासकर रात के समय। इस प्राइस पॉइंट पर, जहां प्रतिद्वंदी क्रिस्टल-क्लियर कैमरा डिस्प्ले दे रहे हैं, यह एक बड़ी कमी लगती है।

दूसरी कमी केबिन में इस्तेमाल हुए प्लास्टिक की क्वालिटी है। डैशबोर्ड और दरवाजों के ऊपरी हिस्सों में सॉफ्ट-टच मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन निचले हिस्सों में कुछ प्लास्टिक स्क्रैची और हार्ड महसूस होते हैं। यह छोटी-छोटी बातें हैं, लेकिन जब आप 18.59 लाख रुपये रुपये (एक्स-शोरूम) तक खर्च कर रहे हों, तो ऐसी उम्मीदें बढ़ जाती हैं। हालांकि, ये कमियां डील-ब्रेकर नहीं हैं, लेकिन ये उस परफेक्ट प्रीमियम फील को थोड़ा फीका जरूर कर देती हैं जिसकी उम्मीद की जा रही थी। निसान टेक्टॉन की कीमतें 10.49 लाख रुपये से शुरू होकर 18.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तक जाती हैं।














