डिजाइन और क्वालिटी
थार का केबिन इसके रफ-टफ नेचर से मेल खाता है, लेकिन अंदर से यह पुरानी लगने लगी है। थार रॉक्स और यहां तक कि जिम्नी जैसी कार में भी रफ-टफ केबिन दिया गया है, लेकिन इनमें कार की प्रीमियमनेस को बढ़ाने के लिए कई आधुनिक एलिमेंट्स भी दिए गए हैं। थार के मामले में ऐसा नहीं है, लेकिन जल्द ही इसका फेसलिफ्ट वर्जन आने वाला है, जिसमें निश्चित तौर पर ज्यादा प्रीमियम केबिन मिल सकता है।

इसमें ब्लैक केबिन थीम के साथ अधिकांश ऑफ रोडिंग कार की तरह फ्लैट और छोटा डैशबोर्ड और को-ड्राइवर के लिए ग्रैब हैंडल दिया गया है। इसका पूरा डैशबोर्ड सख्त प्लास्टिक से बना है जिसमें बहुत कम या बिलकुल भी कॉन्ट्रास्टिंग एलिमेंट्स नहीं है, जिससे यह थोड़ी डल लगती है।

महिंद्रा ने डैशबोर्ड और दरवाजों पर काफी सख्त प्लास्टिक का इस्तेमाल किया है, लेकिन यह थार के रफ-टफ नेचर के अनुकुल है। साथ ही, प्लास्टिक स्क्रैची फील भी नहीं देता है, और कीमत के हिसाब से ठीक-ठाक है। लेकिन थार रॉक्स में रग्ड स्टाइल के साथ प्रीमियम सॉफ्ट टच मैटेरियल दिए गए हैं, जिन्हें स्टैंडर्ड थार में जल्द मिलने वाले अपडेट के साथ दिया जा सकता है।

सीटों की बात करें तो आपको काले रंग की फैब्रिक अपहोल्स्ट्री मिलती है, जिसके किनारों पर विनायल रैप किया गया है। ये सेमी-लेदरेट जैसी दिखती है, लेकिन विनायल सस्ता लगता है और इसे अपग्रेड की जरूरत है। इसके अलावा, क्वालिटी के मामले में कोई बड़ी शिकायत नहीं है। हालांकि, बेहतर मैटेरियल का इस्तेमाल ज्यादा अच्छा लगता, लेकिन यह कार 5 साल पुरानी है, और अपडेट के साथ इसका केबिन ज्यादा प्रीमियम हो सकता है।
आगे वाली सीटें
आगे की सीटों के बारे में बात करने से पहले, हमें केबिन में प्रवेश करने और बाहर निकलने की प्रोसेस के बारे में जान लेना चाहिए। एक ऊंची ऑफ रोडर होने के कारण, थार के केबिन में प्रवेश करना आसान नहीं है। लगभग सभी मामलों में अंदर जाने और बाहर निकलने के लिए साइड स्टेप और ग्रैब हैंडल का इस्तेमाल करना होता है। इससे आपको एक बड़ी और पावरफुल कार में बैठने का अहसास होता है, लेकिन परिवार के बुजुर्ग लोगों के लिए थार के केबिन में प्रवेश करना और बाहर निकलना एक बड़ा टास्क हो सकता है, और इसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ेगी।

एक बार केबिन में प्रवेश करते ही, आपको एहसास होगा कि इसमें काफी जगह है। कार की ऊंचाई और बॉक्सी डिजाइन की वजह से आपको इसमें अच्छा हेडरूम और अच्छा अंडरथाई सपोर्ट मिलता है। ऑफ रोडिंग के दौरान मोटे ब्लॉस्टर आपको अपनी जगह पर बनाए रखते हैं। हालांकि खासकर बड़े पैरों वालों के लिए फुटवेल थोड़ा तंग लगता है।

सीटों की कुशनिंग संतुलित है, ये ना ज्यादा सख्त है और ना ही ज्यादा सॉफ्ट, जिसका मतलब ये है कि आप लंबे और छोटे दोनों सफर में आराम से बैठ सकते हैं। आपको आगे एडजस्टेबल हेडरेस्ट भी मिलते हैं, जो हाईवे पर लंबे सफर में अच्छा सपोर्ट देते हैं।

एडजस्टेबिलिटी की बात करें तो, आपको बेस वेरिएंट से ही ड्राइवर सीट के लिए हाइट एडजस्टमेंट मिलता है और स्टीयरिंग व्हील ऊपर-नीचे की तरफ एडजस्ट होता है। अगर महिंद्रा स्टीयरिंग में आगे-पीछे एडजस्ट करने का विकल्प देती, तो आपको अपनी हाइट के हिसाब से सही ड्राइविंग पोजिशन सेट करना आसान हो जाता।
ड्राइवर सीट पर बैठने पर आपको ऊंची सीटिंग पोजिशन के कारण ‘सड़क का बादशाह’ वाला अहसास होता है। साथ ही, यह एक बड़ी कार है, ऐसे में आपको बड़ी विंडो, फ्लैट विंडशिल्ड और बड़े ओआरवीएम के कारण बाहर का साफ दिखाई देता है।
पीछे वाली सीटें

थार की पीछे वाली सीटों का अनुभव आगे वाली सीटों से एकदम अलग है। सबसे पहले, पीछे दरवाजे नहीं होने के कारण आपको केबिन में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। पिछली सीट पर पहुंचने के लिए आपको आगे वाली पैसेंजर सीट को खिसकाना और उसे पीछे की तरफ झुकाना होता है, और फिर थोड़ी सी जगह से आपको पीछे वाली सीट पर जाना होता है। अगर ऐसा रोजाना करना पड़े तो यह न केवल बुजुर्गों, बल्कि युवाओं के लिए भी मुश्किल है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि थार एक लाइफस्टाइल व्हीकल है, ना कि रोजमर्रा वाली गाड़ी।

केबिन में स्पेस की बात करें तो इसमें जगह सीमित है। इसमें केवल दो लोगों के लिए सही जगह है, हालांकि कंपनी इसे पांच नहीं बल्कि 4 सीटर कार के रूप में बेच रही है। इसमें हेडरूम स्पेस अच्छा है, लेकिन लेगरूम और नी रूम स्पेस सीमित है, साथ ही अंडरथाई और बैक सपोर्ट भी कम है। वहीं जिम्नी इससे छोटी है, लेकिन पीछे वाली सीट पर 2 लोगों को बेहतर एक्सपीरियंस मिलता है।
इसमें सेंट्रल आर्मरेस्ट नहीं दिया गया है। हालांकि पैसेंजर विंडो के नीचे अलग-अलग आर्मरेस्ट मिलते हैं। बेहतर कंफर्ट के लिए पीछे के यात्रियों को एडजस्टेबल हेडरेस्ट भी मिलते हैं। पीछे वाली सीट से बाहर का साफ व्यू मिलता है। इसके लिए इसमें बड़ी खिड़की दी गई है, लेकिन इन्हें खोला नहीं जा सकता है। आगे बड़े हेडरेस्ट और केबिन की डार्क थीम के चलते आगे का व्यू देखने में थोड़ी समस्या आती है।
स्टोरेज ऑप्शन
ऑफ रोडिंग कार आमतौर पर स्टोरेज स्पेस के मामले में ज्यादा अच्छी नहीं होती है और थार भी इस मामले में अलग नहीं है। इसमें एक छोटा ग्लवबॉक्स, दोनों दरवाजों पर छोटा बॉटल होल्डर, सेंटर कंसोल में एक ट्रे, आगे दो कपहोल्डर और सेंटर आर्मरेस्ट में स्टोरेज दिया गया है।

पीछे बैठे यात्रियों को दोनों आउटबोर्ड आर्मरेस्ट में दो कपहोल्डर मिलते हैं।

चार्जिंग ऑप्शन
स्टोरेज ऑप्शन की तरह चार्जिंग विकल्प भी सीमित है। आगे वाली सीट पर बैठे पैसेंजर के लिए एक 12वॉट सॉकेट और 2 यूएसबी पार्ट दिए गए हैं, लेकिन ये टाइप-सी पोर्ट नहीं है, और पीछे बैठे पैसेंजर के लिए कोई चार्जिंग पोर्ट नहीं दिया गया है।

कुल मिलाकर कहें तो थार का केबिन ऑफ रोडिंग वाइब देता है, लेकिन स्पेस और प्रैक्टिकैलिटी के मामले में इसमें समझौता किया गया है, जो हर किसी के लिए एक बुनियादी जरूरत है और अब यह इस मामले में पुरानी लगने लगी है।
फीचर
इंफोटेनमेंट पैकेज के बारे में जानने से पहले, थार के रोजाना इस्तेमाल होने वाले फंक्शन पर एक नजर डालते हैं।
| फंक्शनल फीचर |
| पावर विंडो |
मैनुअल एसी |
| स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल |
क्रूज कंट्रोल |
| इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल ओआरवीएम |
कलर एमआईडी |

इन बेसिक फीचर के अलावा, थार में एक 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम भी दिया गया है। हालांकि यूजर इंटरफेस और बेसिक ग्राफिक्स पुराना सा अनुभव देते हैं। यह स्क्रीन वायर्ड एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी सपोर्ट करती है, लेकिन यह थोड़ी धीमी है और इसमें बेहतर इंफाटेनमेंट सिस्टम दिया जाना चाहिए था।
ये फीचर आपके रोजाना इस्तेमाल के लिए काफी हैं, लेकिन मुकाबले में मौजूद कारों में बेहतर इंफोटेनमेंट पैकेज और कुछ अतिरिक्त फीचर भी मिलते हैं।