दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए नए विंटर प्लान का किया एलान: पीयूसी के बिना पेट्रोल नहीं, बीएस6 से पहले की गाड़ियों पर प्रतिबंध
1 नवंबर से दिल्ली के एनसीटी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में बीएस6 से पहले के वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी
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हर साल दिल्ली-एनसीआर को सर्दियों के दिनों में बहुत ज़्यादा वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। इसके कई कारण हैं जैसे वाहनों से होने वाला प्रदूषण, खेती से जुड़ी गतिविधियां और निर्माण कार्य आदि। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अपने नए विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक सोशल मीडिया वीडियो के जरिए इन नए नियमों की जानकारी दी है, जिनमें पुरानी बीएस6 गाड़ियों पर प्रतिबंध और 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।
बीएस6 नॉर्म्स से पहले वाली गाड़ियों को दिल्ली-एनसीआर में नवंबर से नहीं मिलेगी एंट्री
नए विंटर एक्शन प्लान के तहत सबसे बड़े कदम में से एक यह है कि 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बीएस6 एमिशन नॉर्म्स को पूरा ना करने वाली गाड़ियों के दिल्ली में प्रवेश करने या चलने पर रोक रहेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह प्रतिबंध सभी मोटर व्हीकल्स पर लागू रहेगा जिनमें दोपहिया वाहन, कारें, कमर्शियल ट्रक और बसें शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि 1 अप्रैल 2020 से पहले बेची गई कोई भी कार दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर नहीं चल पाएगी। इसके अलावा, 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल व्हीकल्स पर एनजीटी का प्रतिबंध पहले की तरह ही लागू रहेगा।
‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऑफिशियल वीडियो में यह भी स्पष्ट किया है 'जिन गाड़ियों का पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) एक्सपायर हो चुका है, उन्हें पेट्रोल पंप पर फ्यूल भी नहीं दिया जाएगा।"

हालांकि, सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि इस नियम को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाएगा। इस घोषणा के बाद, सभी व्हीकल ओनर्स के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह अपने वाहन के दस्तावेजों की जांच कर लें और अगर पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो उसे तुरंत रिन्यू करा लें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
उठाए जाने वाले अन्य कदम
हालांकि, पुराने व्हीकल ओनर्स को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा, लेकिन प्रदूषण कम करने के लिए कुछ और कदम भी उठाए जा रहे हैं :-
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सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो की सेवाएं बढ़ाई गई हैं।
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निर्माण कार्यों, तोड़फोड़ और निर्माण सामग्री के परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिसे लागू करने के लिए एआई-आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
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सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत 'वर्क-फ्रॉम-होम' नीति लागू की गई है।
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भीड़-भाड़ से बचने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है।
| ऑफिशियल नोटिफिकेशन का अभी इंतजार है :- दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए इन उपायों की घोषणा की थी, लेकिन दिल्ली सरकार (एनसीटी) की ओर से इन उपायों पर अभी भी ऑफिशियल नोटिफिकेशन का इंतजार है। |
कारदेखो का क्या है कहना…
दिल्ली सरकार का यह विंटर एक्शन प्लान प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। खासकर 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' जैसे नियम प्रदूषण मानक को सख्ती से लागू करने में मदद कर सकते हैं। इसी तरह, बीएस6 से पुरानी गाड़ियों पर अस्थायी प्रतिबंध से भी एयर क्वालिटी में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, इन सभी घोषणाओं की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। फिलहाल, यह सिर्फ एक घोषणा है और इसका ऑफिशियल नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है।














